GST: लागू होने के रूप में 70 साल बाद संसद में फिर सजेगी सितारों की महफिल..

गुड्स एंड सर्विसेस टैक्स (GST) पर देशभर में 1 जुलाई से लागू हो रहा है। इसके लिए शुक्रवार आधी रात को पार्लियामेंट का ज्वाइंट सेशन बुलाया जा रहा है।GST: लागू होने के रूप में 70 साल बाद संसद में फिर सजेगी सितारों की महफिल..नीतीश कुमार ने दिया कांग्रेस को बड़ा झटका, और किया ये…

जानकारी के अनुसार आजाद भारत के इतिहास में यह चौथा मौका होगा जब पार्लियामेंट के सेंट्रल हॉल में मिडनाइट सेशन लगेगा। इससे पहले तीनों मौकों पर आजादी के जश्न के लिए आधी रात को संसद बुलाई गई थी। हालांकि, 70 साल में ऐसा पहली बार हो रहा है जब किसी टैक्स रिफॉर्म के लिए आधी रात को संसद चलेगी। उधर, GST के खिलाफ भारतीय उद्योग और बाजार मंडल ने शुक्रवार को देशभर में दुकानें बंद रखने का एलान किया है।

1991 में जब देश में इकोनॉमिक रिफॉर्म्स हुए थे, उसके बाद यह पहला मौका है जब देशभर में गुड्स एंड सर्विसेस टैक्स लागू होने के रूप में ऐसा दूसरा रिफॉर्म होने जा रहा है। इस मौके को खास बनाने के लिए मोदी सरकार ने पार्लियामेंट के ऐतिहासिक सेंट्रल हॉल में स्पेशल सेशन बुलाने का फैसला लिया।  इस प्रोग्राम के लिए सभी सांसद, सभी राज्य सरकारों के वित्त मंत्री और शुरू से लेकर अब तक एम्पावर्ड मीटिंग के मेंबर्स रहे लोगों को न्योता दिया गया है।

इस दौरान क्या होगा?

रात 11.00 बजे से शुरुआत होगी। पहले प्रणब मुखर्जी और फिर नरेंद्र मोदी की स्पीच होगी। रात ठीक 12 बजे घंटी बजने के साथ ही GST लागू करने का एलान होगा। GST लागू करने के लिए हुई अब तक की सरकारों की कोशिशों को बताती दो शॉर्ट फिल्में दिखाई जाएंगी। इस दौरान उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी, लोकसभा स्पीकर सुमित्रा महाजन और पूर्व पीएम एचडी देवगौड़ा भी मौजूद रहेंगे।

इतनी बार रात में लगी संसद : 

– 14 अगस्त 1947: तब सेंट्रल हॉल को कॉन्स्टिट्यूशन हॉल कहा जाता था। देश को आजादी मिलने वाली थी। आधी रात को स्पेशल सेशन बुलाया गया। पहले राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद चेयर पर बैठे। सबसे पहले वंदे मातरम गाया गया। इसके बाद राष्ट्रपति और फिर पहले प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू ने स्पीच दी। 

– 14 अगस्त 1972:आजादी मिले 25 साल पूरे हुए। इस मौके पर भी संसद का मिडनाइट सेशन बुलाया गया। तब वीवी गिरी राष्ट्रपति थे। इंदिरा गांधी प्रधानमंत्री थीं। 

– 14 अगस्त 1997: आजादी की 50वीं सालगिरह (गोल्डन जुबली) के मौके पर मिडनाइट सेशन बुलाया गया। इंद्र कुमार गुजराल पीएम थे। केआर नारायणन राष्ट्रपति थे।

 

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