GST: 1205 सामानों के रेट तय है, जानिए क्या हुआ सस्ता और कहां देना होगा ज्यादा पैसा

देश में वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) लागू होने के बाद खाने-पीने और दैनिक आवश्यकता की आवश्यक वस्तुएं तो सस्ती होंगी ही, बिजली और लोहा-इस्पात के भी सस्ते होने के आसार हैं। ऐसा इसलिए, क्योंकि जीएसटी परिषद ने इनसे जुड़ी वस्तुओं पर जीएसटी की दर वर्तमान दर से भी कम तय की है। इसका फैसला केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली की अध्यक्षता में श्रीनगर में हुई जीएसटी परिषद की 14वीं बैठक में हुआGST: 1205 सामानों के रेट तय है, जानिए क्या हुआ सस्ता और कहां देना होगा ज्यादा पैसायह भी पढ़े: अभी-अभी: मोदी-मोदी चिल्लाने वाले तमाम लोग, मोदी के इस फैसले के बाद मुर्दाबाद के नारे लगाने लगे…

पहले दिन की बैठक के बाद संवाददाताओं को संबोधित करते हुए जेटली ने बताया कि बृहस्पतिवार की बैठक में अधिकतर वस्तुओं पर कर की दर तय हो गई। इसके साथ यह भी तय हो गया कि किन वस्तुओं को जीएसटी से छूट (एक्जंप्ट) दी जाएगी। कुल 1211 वस्तुओं में से छह को छोड़ कर अन्य वस्तुओं के लिए जीएसटी की दर निर्धारित हो गई है।

शुक्रवार की बैठक में सेवाओं की दरों पर चर्चा होगी। साथ ही छूट वाली वस्तुओं के साथ-साथ सोना, जूता-चप्पल, ब्रांडेड सामान और बीड़ी पर भी चर्चा होगी। डिब्बाबंद खाद्य पदार्थ पर भी दर तय किया जाना बाकी है। यदि इस बैठक में सभी वस्तुओं पर सहमति नहीं बनती है तो इस पर एक और बैठक हो सकती है।

जरूरी सामान हुए सस्ते

केंद्रीय राजस्व सचिव हसमुख अढिया के मुताबिक दूध-दही, गुड़ जैसे पदार्थों पर जीएसटी से छूट रहेगी। मतलब ये सामान एक्जंप्ट की श्रेणी में रहेंगे। इसके साथ ही सभी किस्म के अनाजों पर भी शून्य कर लगेगा। इस समय कुछ राज्यों में चुनिंदा अनाज पर पांच फीसदी वैट लगता है। इसी तरह चाय, कॉफी, खाद्य तेल जैसे आवश्यक पदार्थों पर पांच फीसदी की दर से जीएसटी लगेगा, जबकि अभी इस पर चार से छह फीसदी के बीच वैट लग रहा है। तेल, साबुन, टुथ पेस्ट जैसे रोज उपयोग होने वाले सामानों पर भी 18 फीसदी की दर से जीएसटी लगाया जाएगा, जबकि इस समय इस पर 28 फीसदी का कर लग रहा है।

बिजली, लोहा-इस्पात भी होंगे सस्ते
जीएसटी में कोयले पर भी पांच फीसदी का कर देय होगा, जबकि इस समय इस पर 11.69 फीसदी का कर लग रहा है। कोयले का सबसे ज्यादा उपयोग बिजली बनाने और लोहा-इस्पात उद्योग में होता है। मतलब जीएसटी लागू होने के बाद बिजली और लोहा-इस्पात के भी सस्ते होने के आसार हैं।

महज 19 फीसदी सामान ही 28 फीसदी के स्लैब में

जीएसटी में आने वाली सभी वस्तुओं में से सात फीसदी सामान एक्जंप्ट सूची में रहेगी, जबकि 14 फीसदी सामानों पर जीएसटी की सबसे कम दर पांच फीसदी लगेगी। 17 फीसदी सामान 12 फीसदी के टैक्स स्लैब में, जबकि 43 फीसदी सामान 18 फीसदी के स्लैब में रहेंगे। सिर्फ 19 फीसदी सामानों पर ही जीएसटी की अधिकतम दर, यानी, 28 फीसदी कर लिया जाएगा। एयरेटेड ड्रिंक और कार इसी स्लैब में हैं।

शीतल पेय और कारें होंगी महंगी

शीतल पेय (एयरेटेड ड्रिंक) और कारों को 28 फीसदी के सर्वोपरि स्लैब में रखा गया है। इस दर के ऊपर छोटी कारों पर एक फीसदी उपकर, मध्य श्रेणी की कारों पर तीन फीसदी और महंगी कारों पर 15 फीसदी उपकर लगेगा। सोने पर राज्यों ने चार फीसदी कर की मांग की है, यद्यपि यह 5, 12, 18 और 28 फीसदी के मंजूर कर बैंड में शामिल नहीं है।

एयर कंडीशनर और रेफ्रीजरेटर 28 फीसदी के कर स्लैब में आएंगे, जबकि जीवन रक्षक दवाओं को पांच फीसदी कर स्लैब में रखा गया है। जेटली ने कहा कि इससे महंगाई नहीं बढ़ेगी, क्योंकि जिन वस्तुओं पर 31 फीसदी कर लग रहा है, उनमें से अधिकतर को घटाकर 28 फीसदी पर लाया गया है।

जीएसटी दरों पर जो तय हुआ 

वस्तु                        मौजूदा टैक्स           जीएसटी
चाय                        3.9 प्रतिशत           5 प्रतिशत
कॉफी                       3.9 प्रतिशत           5 प्रतिशत
मसाले                     3.9 प्रतिशत           5 प्रतिशत
प्रोसेस्ड फूड              15 प्रतिशत             5 प्रतिशत
एंटरटेनमेंट              22 प्रतिशत            18 प्रतिशत
होटल रेस्टोरेंट          22 प्रतिशत            18 प्रतिशत
साबुन                     28 प्रतिशत             18 प्रतिशत
टूथपेस्ट                  22.24 प्रतिशत        18 प्रतिशत
हेयर ऑयल             8 प्रतिशत               8 प्रतिशत

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