IAS अनुराग तिवारी के मौत मामले में तीन पुलिसकर्मियों को कर दिया गया है सस्पेंड

आईएएस अधिकारी अनुराग तिवारी के शव पड़े होने की सूचना मिलने के आधे घंटे बाद पुलिस मौके पर पहुंची थी। जांच में पुलिस की यह लापरवाही सामने आने के बाद एसएसपी ने सोमवार शाम हेड कांस्टेबल हरिशंकर, कांस्टेबल अश्विन कुमार शुक्ला और लालमन को सस्पेंड कर दिया।IAS अनुराग तिवारी के मौत मामले में तीन पुलिसकर्मियों को कर दिया गया है सस्पेंड

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तीनों यूपी 100 सेवा की पब्लिक रिस्पांस व्हीकल (पीआरवी) 467 में तैनात थे और हजरतगंज पुलिस के मौके पर पहुंचे के एक घंटे बाद घटनास्थल आए थे। ‘अमर उजाला’ ने पुलिस की इस लापरवाही का खुलासा सबसे पहले किया था।

एसएसपी दीपक कुमार ने बताया कि 17 मई की सुबह 5.33 बजे एक युवक ने पुलिस कंट्रोल रूम को सड़क पर किसी व्यक्ति के शव पड़े होने की सूचना दी थी। कंट्रोल रूम से महज एक मिनट के भीतर ही यह सूचना हजरतगंज पुलिस के साथ ही मीराबाई मार्ग स्थित घटनास्थल के सबसे नजदीक तैनात पीआरवी 467 को दी गई।

नरही चौकी का सिपाही हरवीर सुबह करीब 5.50 बजे मौके पर पहुंच गया, लेकिन यूपी 100 सेवा की पीआरवी 467 करीब एक घंटे बाद सुबह 6.36 मिनट पर घटनास्थल पहुंची थी।

पुलिस के घटनास्‍थल पर पहुंचने को लेकर उठ रहे हैं सवाल

एसएसपी ने बताया कि पुलिस के घटनास्थल पर पहुंचने को लेकर शुरू से ही सवाल उठ रहे थे। लिहाजा कंट्रोल रूम को आई कॉल और पुलिस का रिस्पांस टाइम चेक किया गया।

इसमें पुलिस की लापरवाही सामने आने के बाद रेडियो मुख्यालय की इंस्पेक्टर शिवा शुक्ला को जांच सौंपी गई। जांच में पीआरवी 467 में तैनात हेड कांस्टेबल हरिशंकर, कांस्टेबल अश्विन कुमार शुक्ला और लालमन को दोषी पाया गया। इसके बाद एसएसपी ने तीनों को सस्पेंड कर दिया।

शहरी क्षेत्र में यूपी 100 सेवा का रिस्पांस टाइम महज 13 मिनट

एसएसपी ने बताया कि शहरी क्षेत्र में यूपी 100 सेवा का रिस्पांस टाइम 13 मिनट है। यानि सूचना मिलने के 13 मिनट के भीतर पीआरवी को घटनास्थल पर पहुंचना होता है।

पीआरवी में तैनात पुलिसकर्मी मौके पर पहुंचने के बाद संबंधित थाना की पुलिस को मामले की जानकारी देते हैं। मगर, इस मामले में पीआरवी के पुलिसकर्मी सूचना मिलने के बावजूद मौके पर तत्काल नहीं पहुंचे।

सूचना देने वाले ने युवक ने सोचा था, नशे में गिरा पड़ा है कोई

आईएएस का शव पड़े होने की सबसे पहली सूचना घटनास्थल के पास स्थित एक कॉल सेंटर में काम करने वाले इंदिरानगर निवासी युवक ने दी थी। पुलिस सूत्रों ने बताया कि युवक सुबह करीब पांच बजे ड्यूटी खत्म करके बाइक से घर जाने को निकला था।

उस वक्त सड़क पर आईएएस अनुराग तिवारी पेट के बल पड़े हुए थे। युवक ने उन्हें देखा तो उसे लगा था कि नशे में धुत कोई व्यक्ति गिर गया है। उसने पुलिस को सूचना देने की जरूरत नहीं समझी और चला गया। इसके बाद वह वाईएमसीए बिल्डिंग के पास चाय पी।

उस वक्त उसे लगा कि वह जिसे शराब के नशे में समझ रहा है, कहीं वह किसी हादसे का शिकार न हो गया हो। यह सोचकर वह फिर से मीराबाई मार्ग स्थित घटनास्थल पर आया। उसने करीब जाकर देखा तो पाया कि उस व्यक्ति के मुंह से खून निकल रहा है।

फिर बिना छुए उसने परीक्षण किया तो पता चला कि उक्त व्यक्ति की मौत हो चुकी है। इसके बाद उसने पुलिस कंट्रोल रूम को फोन कर शव पड़े होने की सूचना दी। इसके साथ ही वह अपने घर चला गया। नरही चौकी का सिपाही हरवीर मौके पर पहुंचा तो सूचना देने वाला युवक वहां नहीं था।

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