INDvSA: रिकॉर्ड बनाने वाले युजवेंद्र चहल ने कहा- इस बल्लेबाज का विकेट रहा ‘स्पेशल’

युजवेंद्र चहल ने आईपीएल मैच खेलने के दौरान चिन्नास्वामी स्टेडियम जैसे गेंदबाजों की कब्रगाह माने जाने वाली पिच पर विकेट निकालने की आदत विकसित की है, जिसका फायदा टीम इंडिया को दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ मौजूदा वन-डे सीरीज में मिल रहा है। INDvSA: रिकॉर्ड बनाने वाले युजवेंद्र चहल ने कहा- इस बल्लेबाज का विकेट रहा 'स्पेशल'चहल ने छह मैचों की सीरीज के पहले दो मुकाबलों में 7 विकेट चटकाए हैं, जिसमें से एक पांच विकेट भी शामिल है। चहल ने बताया कि दूसरे वन-डे में दक्षिण अफ्रीका के किस बल्लेबाज का विकेट उनके लिए सबसे खास रहा।

बहरहाल, हरियाणा के लेग स्पिनर ने कहा कि कप्तान और टीम प्रबंधन ने बीच के ओवरों में मुझे विकेट निकालने के लिए सपोर्ट किया और उन्हें इससे परेशानी नहीं कि इसके चलते थोड़े रन अधिक खर्च हो जाएं।

प्रोटियाज के खिलाफ दूसरे वन-डे में मैन ऑफ द मैच बने चहल ने कहा, ‘मैं विकेट निकालने जाता हूं और गेंद को फ्लाइट कराता हूं। मुझे पता है कि ऐसी गेंदों पर छक्के भी पड़ सकते हैं, लेकिन जब आपके कप्तान और टीम प्रबंधन सपोर्ट करे तो आपको इससे विश्वास मिलता है। मैंने बैंगलोर की सपाट पिच पर आरसीबी के लिए खेला है, इसलिए आपको अपने मजबूत पक्ष के बारे में पता होता है।’

कुलदीप के साथ हिट है जोड़ी, यही काम है इन स्पिनरों का

27 वर्षीय लेग स्पिनर ने आगे कहा, ‘अगर आप बल्लेबाज के स्तर की चिंता करो तो अपनी मजबूती पर खेल नहीं सकते। यह मेरे लिए रूटीन है। आईपीएल में भी मेरे 4 ओवर में 40 रन लगे हैं। मगर तब भी मुझे भरोसा होता है कि अच्छी जगह गेंद डालूं। मैंने कभी कम इकॉनमी को ध्यान में रखकर गेंदबाजी करने के बारे में नहीं सोचा। मेरी मजबूती है विकेट निकालना है और इसी वजह से टीम में मेरी जगह बनी है।’

चहल ने सेंचुरियन में खेले गए दूसरे वन-डे में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ 22 रन देकर 5 विकेट झटके। उन्होंने कुलदीप यादव के साथ मिलकर प्रोटियाज के 8 विकेट झटके और मेजबान टीम को 118 रन के मामूली स्कोर पर ऑलआउट किया। यह दक्षिण अफ्रीका का अपनी घरेलू जमीन पर सबसे कम स्कोर है।

चहल ने अपने जोड़ीदार स्पिनर यादव की तारीफ करते हुए कहा, ‘जब भी कुलदीप या मैं गेंदबाजी करने आते हैं तो सिर्फ विकेट निकालने की कोशिश करते हैं। हमारी जिम्मेदारी बीच के ओवरों में विकेट निकालने की होती है। हम 65-70 रन खर्च करने में नहीं हिचकिचाते। मगर इस बीच हम दो या तीन विकेट निकालने की जरूर सोचते हैं, जो हमारे नजरिये से ज्यादा महत्वपूर्ण है। अगर हम बीच के ओवरों में विकेट निकालते हैं तो इससे विरोधी टीम दबाव में आ जाती है।’

इस बल्लेबाज का विकेट निकालने की हुई सबसे ज्यादा खुशी

चहल पहले इंडिया-ए के साथ दक्षिण अफ्रीका का दौरा कर चुके हैं, लेकिन उन्होंने कहा कि यहां की परिस्थितियों से परेशान नहीं हैं। उन्होंने कहा, ‘पिछले साल इंडिया-ए के साथ मैंने दक्षिण अफ्रीका का दौरा किया था। तब यहां ठंड थी, लेकिन तब हमें कम ज्ञान था कि यहां कैसे मैदान होंगे और विकेट का मिजाज कैसा होगा। यह भी सही है कि आज की तारिख में परिस्थिति को समझने के लिए आप वीडियो और पहले के मैच देखते हैं।’

‘मैंने बेंगलुरु में गेंदबाजी की है और वहां व दक्षिण अफ्रीका का तापमान बहुत कुछ एक जैसा है। मगर मैं और कुलदीप सिर्फ इतना ध्यान रखते हैं कि गेंद पर अपना नियंत्रण रखें। हम पिच या परिस्थिति को लेकर चिंतित नहीं होते।’

चहल ने यह भी बताया कि दूसरे वन-डे में लिए पांच विकेट में सबसे स्पेशल विकेट उन्हें किसका लगा। चहल ने कहा, ‘मेरे ख्याल से डुमिनी का विकेट पांचों में से सबसे बेहतर रहा क्योंकि वह बाएं हाथ के बल्लेबाज हैं। मैंने उनके साथ आईपीएल में खेला है और वह अंतिम ओवरों में अपना खेल बदल लेते हैं। इसलिए हमारी योजना थी कि डुमिनी को धीमी गेंदे डालेंगे, यह कारगर साबित हुई।’

विराट और धोनी भाई है न, चिंता की कोई बात नहीं

चहल ने कप्तान विराट कोहली और विकेटकीपर एमएस धोनी की भी जमकर तारीफ की और कहा कि दोनों की सलाह उनके काफी काम आती है। लेग स्पिनर ने कहा, ‘विराट भाई कहते हैं कि अगर छक्का पड़े तो चिंता नहीं, लेकिन हमें अपने मजबूत पक्ष पर गेंदबाजी करते रहना चाहिए।’

‘अगर आप अपने मजबूत पक्ष को ध्यान में रखते हुए ऊपर की लेंथ पर गेंदबाजी करेंगे तो करते रहिए। जब आपका कपान ऐसा करने को कहे तो दो या तीन छक्के खाने पर चिंता नहीं होती, आपको इससे विश्वास मिलता है।’

उन्होंने आगे कहा, ‘विकेट के पीछे से एमएस धोनी आपको हमेशा सलाह देते रहते हैं। उन्हें पता होता कि बल्लेबाज अब क्या प्रयास करने जाएगा। इससे हमें काफी आसानी मिल जाती है।’

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