INDvSL: इन 5 बेहतरीन लोगो के प्रदर्शन ने पहले टेस्ट को बना दिया स्पेशल

टीम इंडिया और श्रीलंका के बीच कोलकाता में खेला गया पहला टेस्ट रोमांच की हदें पार कर गया। हालांकि, इस मैच का नतीजा नहीं निकल सका और खराब रोशनी की वजह से ‘विराट सेना’ जीत का स्वाद चखने से चूक गई। बता दें कि टीम इंडिया ने पहली पारी में 172 रन जबकि दूसरी पारी 352/8 के स्कोर पर घोषित की। वहीं श्रीलंका ने पहली पारी में 294 रन बनाकर 122 रन की बढ़त हासिल की। फिर लक्ष्य का पीछा करते हुए अंतिम दिन जब 26.3 ओवर में 7 विकेट पर 75 रन बनाए थे, तभी खराब रोशनी के कारण मैच खत्म हो गया और श्रीलंका हार से बच गया। चलिए जानते हैं, इस मैच को बेहद रोमांचक बनाने में किन 5 खिलाड़ियों ने अहम भूमिका निभाई: 

 

39 वर्षीय रंगना हेराथ ने दिखाया कि उम्र महज नंबर है। श्रीलंका के प्रमुख स्पिनर को मैच में कोई विकेट नहीं मिला, लेकिन बल्ले से उन्होंने इसकी भरपाई की। बाएं हाथ के बल्लेबाज ने पहली पारी में 9वें क्रम पर उतरकर 105 गेंदों में 9 चौको की मदद से 67 रन की पारी खेली और टीम को 122 रन की महत्वपूर्ण बढ़त दिलाई। दूसरी पारी में वो बिना खाता खोले क्रीज पर जमे रहे, तभी खराब रोशनी के कारण मैच खत्म हो गया। हेराथ चूकि स्पिनर है, लेकिन अपनी शैली से विपरीत उन्होंने बल्ले से प्रदर्शन किया। इसलिए वो 5 हीरोज की स्पेशल लिस्ट में शामिल होने के हकदार हैं।

 

पहली पारी में महज 8 रन बनाकर आउट हुए थे धवन। मगर दूसरी पारी में टीम इंडिया का ‘गब्बर’ फॉर्म में लौटा और कोलकाता के ईडन गार्डन्स पर 94 रन की धमाकेदार पारी खेली। शिखर धवन ने राहुल के साथ 166 रन की साझेदारी की, जो मैच के आकर्षण का केंद्र भी रही। बाएं हाथ के बल्लेबाज ने 116 गेंदों में 11 चौको और दो छक्को की मदद से 94 रन बनाए। धवन पूरी तरह श्रीलंकाई बल्लेबाजों पर हावी रहे और मैदान के चारों कोनों में शॉट्स घुमाए। हालांकि, वो शतक बनाने से चूक गए और शनाका की गेंद पर विकेटकीपर डिकवेला को कैच थमाकर पवेलियन लौट गए।

 

कप्तान विराट कोहली और रिकॉर्ड्स अब एक-दूसरे के पर्याय बन चुके हैं। विराट क्रीज पर आए तो रिकॉर्ड, शतक बनाए तो रिकॉर्ड, शून्य पर आउट हो तो रिकॉर्ड, मतलब कोहली अगर क्रीज पर हैं तो रिकॉर्ड बनना तय है। कोलकाता टेस्ट इससे अछूता नहीं है। कोहली ने कई रिकॉर्ड्स एकसाथ अपने नाम किए। वो एक टेस्ट में शून्य पर आउट होने और शतक बनाने वाले विश्व के पहले कप्तान बने। इसके अलावा अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में 50 या उससे अधिक शतक लगाने के मामले में वह भारत के दूसरे त‌था दुनिया के आठवें बल्लेबाज बने। बतौर भारतीय कप्तान टेस्ट में अब 11‌ शतक लगा दिए हैं। ऐसा करते हुए उन्होंने सुनील गावस्कर के 11 शतकों की बराबरी कर ली है। हालांकि, पारियों के मामले में विराट कोहली की जीत हुई है।

 

इस गेंदबाज के बारे में कप्तान विराट ने कहा था कि जब भी मौका मिलता है तो भुवी अपनी उपयोगिता साबित करने में पीछे नहीं रहते। यह बात भुवनेश्वर ने बखूबी साबित की और मैच में सिर्फ 96 रन देकर 8 विकेट लिए। उन्होंने पहली पारी में 88 रन देकर चार जबकि दूसरी पारी में सिर्फ 8 रन देकर चार श्रीलंकाई बल्लेबाजों का शिकार किया। इस प्रदर्शन के लिए भुवनेश्वर को मैन ऑफ द मैच के खिताब से नवाजा गया। एक बात तो साफ है कि जल्द ही भुवी इंटरनेशनल क्रिकेट के तीनों प्रारूपों में टीम इंडिया के प्रमुख तेज गेंदबाज बनने के बेहद करीब हैं।
 INDvSL मैच को इन 5 'हीरोज' के बेहतरीन प्रदर्शन ने पहले टेस्ट को बना दिया स्पेशल

You May Also Like

English News