Iraq में पहला संसदीय चुनाव, शिया नेता मुक्तदा अल-सद्र की जीत

दिसंबर में इस्लामिक स्टेट को पराजित करने के बाद इराक में पहला संसदीय चुनाव सम्पन्न हो गया। चुनाव आयोग ने शनिवार को अंतिम नतीजों की घोषणा कर दी।दिसंबर में इस्लामिक स्टेट को पराजित करने के बाद इराक में पहला संसदीय चुनाव सम्पन्न हो गया। चुनाव आयोग ने शनिवार को अंतिम नतीजों की घोषणा कर दी।  इसमें प्रभावशाली शिया मौलवी मुक्तदा अल-सद्र के नेतृत्व वाले गठबंधन ने सबसे ज्यादा सीटें जीती हैं। सद्र के गठबंधन को 54 सीटें मिलीं हैं।  इसमें उनकी पार्टी इस्तिकामा और कम्युनिस्ट पार्टी के साथ छह अन्य समूह शामिल हैं। वर्तमान प्रधानमंत्री हैदर अल-अबादी 42 सीटों के साथ तीसरे नंबर पर हैं। जबकि 47 सीटों के साथ अल फातिह गुट दूसरे नंबर पर है।  सद्र नहीं बन सकेंगे प्रधानमंत्री अमरीका विरोधी सद्र प्रधानमंत्री नहीं बन सकते हैं। वह चुनाव में खड़े ही नहीं हुए थे। इतना ही नहीं ज्यादा सीटें जीतने के बाद भी यह आवश्यक नहीं है कि जिसे सद्र चाहें वही प्रधानमंत्री बनेगा।  हालांकि कुछ लोगों का मानना है कि सरकार गठन में उनकी भूमिका महत्वपूर्ण होगी। अंतिम परिणाम आने के बाद सद्र ने ट्वीट कर जनता को धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा है कि हम आपको निराश नहीं करेंगे।  अमेरिकी हमलों के दौरान बनी पहचान इराक में 2003 में अमरीकी हमलों के दौरान सद्र की पहचान एक निजी सेना के प्रमुख के तौर पर अमेरिका को चुनौती देने वाले के रूप में बनी थी।  इसके बाद उन्होंने खुद को भ्रष्टाचार विरोधी प्रबल नेता के रूप में स्थापित किया।  ईरान से अच्छे संबंध अल फातिह के नेता हादी अल अमीरी के ईरान के साथ बहुत अच्छे संबंध हैं। इसके अलावा इस्लामिक स्टेट को हराने में भी इनकी महत्वपूर्ण भूमिका थी।दिसंबर में इस्लामिक स्टेट को पराजित करने के बाद इराक में पहला संसदीय चुनाव सम्पन्न हो गया। चुनाव आयोग ने शनिवार को अंतिम नतीजों की घोषणा कर दी।  इसमें प्रभावशाली शिया मौलवी मुक्तदा अल-सद्र के नेतृत्व वाले गठबंधन ने सबसे ज्यादा सीटें जीती हैं। सद्र के गठबंधन को 54 सीटें मिलीं हैं।  इसमें उनकी पार्टी इस्तिकामा और कम्युनिस्ट पार्टी के साथ छह अन्य समूह शामिल हैं। वर्तमान प्रधानमंत्री हैदर अल-अबादी 42 सीटों के साथ तीसरे नंबर पर हैं। जबकि 47 सीटों के साथ अल फातिह गुट दूसरे नंबर पर है।  सद्र नहीं बन सकेंगे प्रधानमंत्री अमरीका विरोधी सद्र प्रधानमंत्री नहीं बन सकते हैं। वह चुनाव में खड़े ही नहीं हुए थे। इतना ही नहीं ज्यादा सीटें जीतने के बाद भी यह आवश्यक नहीं है कि जिसे सद्र चाहें वही प्रधानमंत्री बनेगा।  हालांकि कुछ लोगों का मानना है कि सरकार गठन में उनकी भूमिका महत्वपूर्ण होगी। अंतिम परिणाम आने के बाद सद्र ने ट्वीट कर जनता को धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा है कि हम आपको निराश नहीं करेंगे।  अमेरिकी हमलों के दौरान बनी पहचान इराक में 2003 में अमरीकी हमलों के दौरान सद्र की पहचान एक निजी सेना के प्रमुख के तौर पर अमेरिका को चुनौती देने वाले के रूप में बनी थी।  इसके बाद उन्होंने खुद को भ्रष्टाचार विरोधी प्रबल नेता के रूप में स्थापित किया।  ईरान से अच्छे संबंध अल फातिह के नेता हादी अल अमीरी के ईरान के साथ बहुत अच्छे संबंध हैं। इसके अलावा इस्लामिक स्टेट को हराने में भी इनकी महत्वपूर्ण भूमिका थी।

इसमें प्रभावशाली शिया मौलवी मुक्तदा अल-सद्र के नेतृत्व वाले गठबंधन ने सबसे ज्यादा सीटें जीती हैं। सद्र के गठबंधन को 54 सीटें मिलीं हैं।

इसमें उनकी पार्टी इस्तिकामा और कम्युनिस्ट पार्टी के साथ छह अन्य समूह शामिल हैं। वर्तमान प्रधानमंत्री हैदर अल-अबादी 42 सीटों के साथ तीसरे नंबर पर हैं। जबकि 47 सीटों के साथ अल फातिह गुट दूसरे नंबर पर है।

सद्र नहीं बन सकेंगे प्रधानमंत्री अमरीका विरोधी सद्र प्रधानमंत्री नहीं बन सकते हैं। वह चुनाव में खड़े ही नहीं हुए थे। इतना ही नहीं ज्यादा सीटें जीतने के बाद भी यह आवश्यक नहीं है कि जिसे सद्र चाहें वही प्रधानमंत्री बनेगा।

हालांकि कुछ लोगों का मानना है कि सरकार गठन में उनकी भूमिका महत्वपूर्ण होगी। अंतिम परिणाम आने के बाद सद्र ने ट्वीट कर जनता को धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा है कि हम आपको निराश नहीं करेंगे।

अमेरिकी हमलों के दौरान बनी पहचान इराक में 2003 में अमरीकी हमलों के दौरान सद्र की पहचान एक निजी सेना के प्रमुख के तौर पर अमेरिका को चुनौती देने वाले के रूप में बनी थी।

इसके बाद उन्होंने खुद को भ्रष्टाचार विरोधी प्रबल नेता के रूप में स्थापित किया।

ईरान से अच्छे संबंध अल फातिह के नेता हादी अल अमीरी के ईरान के साथ बहुत अच्छे संबंध हैं। इसके अलावा इस्लामिक स्टेट को हराने में भी इनकी महत्वपूर्ण भूमिका थी।

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