JIO का नया धमाका, सिम लगाते ही चार्ज होगा स्मार्टफोन

रिलायंस जियो ने नया वित्त वर्ष शुरू होते ही नया धमाका किया है. 1 अप्रैल से जियो यूजर्स को JioJuice की नई सुविधा मिलेगा. जियो ने अपने ऑफिशियल ट्विटर अकाउंट पर इसका एक वीडियो भी शेयर किया है. दरअसल, स्मार्टफोन चार्जिंग से परेशान लोगों के लिए जियो की नई तकनीक वरदान साबित होगी. जियो ने जो जानकारी साझा की है, उससे पता चलता है कि जियो का एक ऐसा सिम कार्ड लाया है जिसे फोन में लगाते ही आप अपना फोन चार्ज कर सकेंगे. जियो ने इसको समझाने के लिए वीडियो शेयर किया है. JIO का नया धमाका, सिम लगाते ही चार्ज होगा स्मार्टफोन

चार्जर की नहीं होगी जरूरत
जियो ने बैट्री डिस्चार्ज की समस्या का समाधान ढूंढ लिया है. जियो एक ऐसा सिम लेकर आ रहा है, जिसे स्मार्टफोन में डालिए और आपका फोन चार्ज होना शुरू. इसके लिए आपको अलग से कोई चार्जिंग प्वाइंट या फिर किसी चार्जर की जरूरत नहीं होगी. इस सिम की बदौलत यूजर्स को किसी पावर बैंक की भी जरूरत नहीं पड़ेगा.

जियो जूस दिया सर्विस को नाम
जियो ने 1 अप्रैल से इस नई सर्विस की शुरुआत की है. कंपनी ने अपनी इस अनोखी तकनीक को जियो जूस का नाम दिया है. हालांकि, इसे यूजर्स के लिए कब लॉन्च किया जाएगा इसकी कोई जानकारी वीडियो में नहीं दी गई है. ट्विटर यूजर्स इसे अप्रैल फूल बता रहे हैं. क्योंकि ऐसी कोई सेवा का पहले से पता नहीं था. 1 अप्रैल को ही कंपनी ने यह वीडियो शेयर किया है. 

रिलायंस जियो ने अपने ऑफिशियल ट्विटर अकाउंट से एक वीडियो जारी किया है. इसमें जियो ने सिम से फोन चार्जिंग की पूरी प्रक्रिया को समझाया है. इस वीडियो को लेकर लोग तरह-तरह के कयास लगा रहे हैं. किसी का कहना है कि यह कोई पावर सेविंग ऐप हो सकती है, तो कोई इसे नई तकनीक बता रहा है, वहीं, कुछ यूजर्स ने इसे निश्चित तौर पर अप्रैल फूल बताया है.

कैसे होती है चार्जिंग
जियो ने इस वीडियो में दिखाया है कि यूजर स्मार्टफोन में जैसे ही जियो सिम लगाता है, फोन अपने आप चार्ज होने लगता है. इस प्रक्रिया को समझाया गया है कि ऐसा कैसे हो सकता है. वीडियो में दावा किया गया है कि जियो जूस वायरलेस जियो नेटवर्क की मदद से ट्रांसमीटर और रिसीवर के बीच इलेक्ट्रोमैग्नेटिक फील्ड बनाती है. इससे इलेक्ट्रोमैग्नेटिक इंडक्शन के जरिए एनर्जी ट्रांसफर होती है और बैट्री चार्ज होने लगती है. 

लॉन्चिंग का नहीं है खुलासा
वीडियो में कहा गया है कि जैसे इंसानों की पूंछ नहीं होती है, उसी तरह से मोबाइल की भी पूंछ नहीं होनी चाहिए. जियो की इस तकनीक पर फिलहाल विश्वास करना मुश्किल हो रहा है, लेकिन मॉर्डन तकनीक में ऐसा संभव है. अब सारे यूजर्स ये जानना चाहते हैं कि इस डिवाइस का इस्तेमाल कैसे किया जा सकता है और इसकी कितनी कीमत होगी. फिलहाल लोगों की निगाहें रिलायंस जियो के अगले ट्वीट पर टिकी हैं.

You May Also Like

English News