KAIRANA BYPOLL LIVE: कड़ी सुरक्षा के बीच 10.20% मतदान

देश में एक बार चुनावों का दौर शुरू हो चूका है, देश के लगभग 10 राज्यों में आज विधानसभा और लोकसभा के चुनाव होने है, इस बीच सबसे अहम चुनाव जो सत्ता पक्ष और विपक्ष के लिए माना जा रहा है वो है कैराना का उपचुनाव. कैराना में शुरू हुई वोटिंग में कैराना के मतदाता कोई खास दिलचस्पी लेते दिखाई नहीं दे रहे है. सुभह शुरू हुई वोटिंग खबर लिखे जाने तक 10.20% हो चुकी है.देश में एक बार चुनावों का दौर शुरू हो चूका है, देश के लगभग 10 राज्यों में आज विधानसभा और लोकसभा के चुनाव होने है, इस बीच सबसे अहम चुनाव जो सत्ता पक्ष और विपक्ष के लिए माना जा रहा है वो है कैराना का उपचुनाव. कैराना में शुरू हुई वोटिंग में कैराना के मतदाता कोई खास दिलचस्पी लेते दिखाई नहीं दे रहे है. सुभह शुरू हुई वोटिंग खबर लिखे जाने तक 10.20% हो चुकी है.  कैराना में 16,09,628 वोटर्स और नूरपुर में 3,06,226 वोटर्स आज इन दो सीटों पर उम्मीदवारों और देश का भविष्य तय करेंगे. कैराना में सीधा मुकाबला स्वर्गीय हुकुम सिंह की बेटी मृगांका सिंह जो की बीजेपी की सीट से यहाँ मैदान में है वहीं इनके सामने महागठबंधन की ओर आरएलडी की उम्मीदवार और पूर्व बसपा सांसद तबस्सुम हसन के बीच होने वाला है.   बता दें, यहाँ पर आरएलडी को कांग्रेस, बसपा, सपा, और आम आदमी पार्टी का समर्थन इन, पार्टियों ने विपक्ष में अपने उम्मीदवार नहीं उतारे है. आज होने वाले इन चुनावों का परिणाम 3 जून को आएगा. कैराना का चुनाव विपक्ष के साथ बीजेपी के लिए काफी अहम है. राजनैतिक विशेषज्ञों के अनुसार आगामी लोकसभा के लिए सेमीफाइनल मुकाबला है. अब मतदाताओं का मन ही बताएगा कि इस चुनाव में कौन सी पार्टी एक साल के लिए लोकसभा में अपना उम्मीदवार भेज पाती है.

कैराना में 16,09,628 वोटर्स और नूरपुर में 3,06,226 वोटर्स आज इन दो सीटों पर उम्मीदवारों और देश का भविष्य तय करेंगे. कैराना में सीधा मुकाबला स्वर्गीय हुकुम सिंह की बेटी मृगांका सिंह जो की बीजेपी की सीट से यहाँ मैदान में है वहीं इनके सामने महागठबंधन की ओर आरएलडी की उम्मीदवार और पूर्व बसपा सांसद तबस्सुम हसन के बीच होने वाला है. 

बता दें, यहाँ पर आरएलडी को कांग्रेस, बसपा, सपा, और आम आदमी पार्टी का समर्थन इन, पार्टियों ने विपक्ष में अपने उम्मीदवार नहीं उतारे है. आज होने वाले इन चुनावों का परिणाम 3 जून को आएगा. कैराना का चुनाव विपक्ष के साथ बीजेपी के लिए काफी अहम है. राजनैतिक विशेषज्ञों के अनुसार आगामी लोकसभा के लिए सेमीफाइनल मुकाबला है. अब मतदाताओं का मन ही बताएगा कि इस चुनाव में कौन सी पार्टी एक साल के लिए लोकसभा में अपना उम्मीदवार भेज पाती है. 

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