Letter: एसएसपी मुजफ्फरनगर ने लोगों के नाम लिखा पत्र, खूब हो रही है तारीफ!

मुजफ्फरनगर: समाजवादी पार्टी सरकार के शासनकाल में साल 2013 में हुए सांप्रदायिक दंगों के बाद मुजफ्फरनगर किसी तरह शांत तो हो गया पर पुलिस से लेकर प्रशासन के अधिकारी हमेशा यहां पर चौकन्ने ही रहते हैं। डर इस बात का होता है कि न जाने कब माहौल बिगड़ जाये। चंद रोज मेें होली का त्योहार है, ऐसे में मुजफ्फरनगर के एसएसपी अनंत देव ने शहर में शांति-व्यवस्था बनाये रखने के लिए लोगों को खुला पत्र लिखा है।


एसएसपी की यह पहल जहां लोगों का दिल जीत रही है, वहीं सोशल मीडिया पर भी इसकी खूब चर्चा हो रही है। एसएसपी अनंत देव ने यह पर्चा पूरे जनपद में बटवाया गया है जिसमें पैगंबर मोहम्मद की एक कहानी की व्याख्या की गई है और लोगों से कहा गया है कि उनके किरदार को अपनाएं और अपने आसपास शांति और भाईचारा कायम करें।

मुजफ्फरनगर जिले के एसएसपी अनन्त देव ने लोगों के नाम इस खत में लिखा कि दोस्तों आप उस रसूले पाक की उम्मत के फर्द हैं जिसका रसूले पाक जिस रास्ते से गुजरते थे उस रास्ते में एक यहूदी औरत का घर पढ़ता था। यहूदान अपने घर का सहारा गर्द गुबार लेकर छत पर इंतजार करती थी कि जब रसूले पाक घर के सामने से गुजरे तो उनके ऊपर गंदगी फेंक दूँ।

अब रसूल का किरदार देखिये बदन से सारा गर्द गुबार झाड़ कर चले जाते। एक रोज उनके ऊपर गंदगी नहीं फेंकी गईए जब रसूले पाक लौटे तो मोहल्ले वालों से पूछा कि यहूदान औरत कहां चली गई हैए मोहल्ले वालों ने बताया कि वह बहुत ज्यादा बीमार है। रसूले पाक इजाजत लेकर घर में दाखिल हुए और और पूछा तुम्हारे घर में कोई और नहीं है। आपके लिए दवा ला दूं ् यहूदान ने देखा कि यह तो वही रसूल है जिसके ऊपर मैं रोज गंदगी फेंक दी थी। इस मधुर स्वभाव को देखकर औरत रो पड़ी और पैरों पर सर रख दिया और ईमान ले आयी।

अपने इस पत्र के माध्यम से एसएसपी ने शहर के लोगों को अमन-चेन बनाये रखने की अपील की है। उन्होंंने लिखा है कि आग बुझाने के लिए आग की नहीं बल्कि पानी की जरूरत पड़ती है। उन्होंने अपील की है कि अगर किसी से कोई नासमझी हो जाये तो सब्र से काम लें।

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