LIVE: जम्मू-कश्मीर में राज्यपाल शासन, 12.30 बजे बैठक करेंगे एनएन वोहरा

जम्मू-कश्मीर में बीजेपी और पीडीपी की तीन साल तक चली सरकार गिर चुकी है. राज्य में अब राज्यपाल शासन लालू हो गया है. बीजेपी ने कहा है कि राज्य में बढ़ते कट्टरपंथ और आतंकवाद के चलते सरकार में बने रहना मुश्किल हो गया था. राज्य में 1977 के बाद से आठवीं बार राज्यपाल शासन लगा है. कल मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने राज्यपाल को इस्तीफा सौंप दिया था. जम्मू-कश्मीर से जुड़ी पल-पल की अपडेट के लिए बने रहिए एबीपी न्यूज़ के साथ.नेशनल कॉन्फ्रेंस के नेता और जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने कविंद्र गुप्ता के बयान पर ट्वीट किया है. उन्होंने कहा है, ”हम कुछ कर रहे हैं, से क्या मतलब है आपका? अगर कुछ हो सकता है तो वो है दूसरी पार्टियों को तोड़ कर बीजेपी की सरकार बनाना. क्या पूर्व डिप्टी सीएम ने कोई राज खोला है?” उमर अब्दुल्ला ने राज्य में जल्द से जल्द चुनाव कराने की मांग की है.बीजेपी के एक वरिष्ठ नेता ने कहा कि जम्मू कश्मीर में अमरनाथ यात्रा के बाद केंद्र नया राज्यपाल नियुक्त कर सकती है.  बीजेपी सांसद शत्रुघ्न सिन्हा ने कहा है कि ये गठबंधन होना ही नहीं चाहिए था, क्योंकि पीडीपी और बीजेपी दोनों की विचारधारा अलग है. लेकिन अगर गठबंधन हो गया तो इसे बहुत पहले ही अलग हो जाना चाहिए था.  केजरीवाल ने कहा है कि बर्बाद करने के बाद बीजेपी कश्मीर में गठबंधन से बाहर हो गई. क्या बीजेपी ने हमसे यह नहीं कहा था कि नोटबंदी से कश्मीर में आतंकवाद की कमर टूट गयी ? तब क्या हुआ ?  जम्मू कश्मीर में सरकार गिरने पर असदुद्दीन ओवैसी ने कहा कि पीडीपी ने खुद अपने लिए यह राजनीतिक आपदा खड़ी की है. मुझे लगता है कि पीडीपी के लिए अभी कोई स्थान नहीं है, यह पीडीपी के लिए एक सबक है और नेशनल कॉन्फ्रेंस के लिए भी.   राज्य में कोई पार्टी सरकार बनाने के लिए तैयार नहीं   जम्मू कश्मीर विधानसभा में कांग्रेस की 12 सीटें हैं. पार्टी ने कहा है कि पीडीपी के साथ गठबंधन करने का सवाल ही नहीं है. राज्य में एक अन्य प्रमुख दल नेशनल कांफ्रेंस के 15 विधायक हैं. उमर अब्दुल्ला ने भी राज्यपाल शासन लगाए जाने की बात कही है. उमर ने राज्यपाल से मुलाकात की और कहा कि उन्होंने राज्यपाल से मुलाकात कर कहा कि हमें 2014 में मैंडेट मिला और न ही हमारे पास मैंडेट है. न तो किसी ने हमें अप्रोच किया और न ही हमने किसी को अप्रोच किया है. ऐसे में अब ब कोई सरकार बनाने को तैयार नहीं है.   साल 2015 के चुनाव में बीजेपी को मिली थीं 25 सीटें   राज्य में 87 सदस्यीय विधानसभा के लिए 2015 में हुए चुनाव में बीजेपी को 25, पीडीपी को 28, नेशनल कांफ्रेंस को 15, कांग्रेस को 12 और अन्य को सात सीटें मिली थीं. गठबंधन के एजेंडा के साथ बीजेपी और पीडीपी ने सरकार बनाने के लिए एक दूसरे से हाथ मिलाया था.

बीजेपी के वरिष्ठ नेता कविंद्र गुप्ता ने कहा है कि हम जम्मू-कश्मीर में कुछ कर रहे हैं. आगे परिस्थितियों को देखते हुए निर्णय लिया जाएगा. जल्द ही बादल छट जाएंगे और सबको  पता चल जाएगा. हम कुछ कर रहे हैं.”

  • राष्ट्रपति रामनाथ कोविंग ने जम्मू-कश्मीर में राज्यपाल शासन की मांग को मंजूरी दे दी है. राज्यपाल एनएन वोहरा ने राष्ट्रपति से कल जम्मू कश्मीर के संविधान के सेक्शन 92 के तहत राज्यपाल शासन लगाने की सिफारिश की थी.
      • बीजेपी के एक वरिष्ठ नेता ने कहा कि जम्मू कश्मीर में अमरनाथ यात्रा के बाद केंद्र नया राज्यपाल नियुक्त कर सकती है.
      • बीजेपी सांसद शत्रुघ्न सिन्हा ने कहा है कि ये गठबंधन होना ही नहीं चाहिए था, क्योंकि पीडीपी और बीजेपी दोनों की विचारधारा अलग है. लेकिन अगर गठबंधन हो गया तो इसे बहुत पहले ही अलग हो जाना चाहिए था.
      • केजरीवाल ने कहा है कि बर्बाद करने के बाद बीजेपी कश्मीर में गठबंधन से बाहर हो गई. क्या बीजेपी ने हमसे यह नहीं कहा था कि नोटबंदी से कश्मीर में आतंकवाद की कमर टूट गयी ? तब क्या हुआ ?
      • जम्मू कश्मीर में सरकार गिरने पर असदुद्दीन ओवैसी ने कहा कि पीडीपी ने खुद अपने लिए यह राजनीतिक आपदा खड़ी की है. मुझे लगता है कि पीडीपी के लिए अभी कोई स्थान नहीं है, यह पीडीपी के लिए एक सबक है और नेशनल कॉन्फ्रेंस के लिए भी.

    राज्य में कोई पार्टी सरकार बनाने के लिए तैयार नहीं

    जम्मू कश्मीर विधानसभा में कांग्रेस की 12 सीटें हैं. पार्टी ने कहा है कि पीडीपी के साथ गठबंधन करने का सवाल ही नहीं है. राज्य में एक अन्य प्रमुख दल नेशनल कांफ्रेंस के 15 विधायक हैं. उमर अब्दुल्ला ने भी राज्यपाल शासन लगाए जाने की बात कही है. उमर ने राज्यपाल से मुलाकात की और कहा कि उन्होंने राज्यपाल से मुलाकात कर कहा कि हमें 2014 में मैंडेट मिला और न ही हमारे पास मैंडेट है. न तो किसी ने हमें अप्रोच किया और न ही हमने किसी को अप्रोच किया है. ऐसे में अब ब कोई सरकार बनाने को तैयार नहीं है.

    राज्य में 87 सदस्यीय विधानसभा के लिए 2015 में हुए चुनाव में बीजेपी को 25, पीडीपी को 28, नेशनल कांफ्रेंस को 15, कांग्रेस को 12 और अन्य को सात सीटें मिली थीं. गठबंधन के एजेंडा के साथ बीजेपी और पीडीपी ने सरकार बनाने के लिए एक दूसरे से हाथ मिलाया था.

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