Loot: लखनऊ में इस साल की सबसे बड़ी लूट, सर्राफ से लूटे गये 17 लाख के जेवरात!

लखनऊ: एक तरफ जहां राजधानी की लखनऊ पुलिस सघन चेकिंग का दावा करती हैए वहीं बाइक सवार लुटेरे पुलिस की इसी चेकिंग का मजाक उठाते दिखते हैं। बाइक सवार लुटेरों का आतंक शहर से खत्म होने का नाम ही नहीं ले रहा है। अब मलिहाबाद इलाके में बाइक सवार तीन असलहाधारी बदमाशों ने एक बड़ी लूट की वारदात को अंजाम दिया। बदमाशों ने बाइक सवार सर्राफ पिता.पुत्र से असलहे के बल पर 14 किलो चांदी और 300 ग्राम सोने के जेवरात लूट ले गये। सूचना के बाद पहुंची पुलिस बदमाशों को इधर.उधर तलाशती रही पर कुछ हाथ नहीं लगा।


माल के अटेर गांव में सर्राफ उमाशंकर अपने परिवार के साथ रहते हैं। उनकी माल के ही ससपन गांव में सर्राफ की दुकान है। बताया जाता है कि शुक्रवार की रात रोज की तरह उमाशंकर अपने बेटे सचिन के साथ दुकान बंद कर बाइक से घर के लिए निकले। वह लोग जैसे ही मलिहाबाद के रहीमाबाद अम्बरखेड़ा स्थित नहर के पास पहुंचेए वैसे ही उनको एक पल्सर बाइक सवार तीन नकाबपोश बदमाशों ने रोक लिया।

बाइक सवार दो बदमाश नीचे उतरे और पिता.पुत्र पर असलहा तान दिया। वहीं एक बदमाश बाइक पर बैठा रहाए पर उसके हाथ मेें भी असलहा मौजूद था। इसके बाद बदमाशों ने सचिन से जेवरात से भरे दो बैग छीनने की कोशिश की। इस पर सचिन और उसके पिता ने विरोध कर दिया। सचिन ने बताया कि इसके बाद बदमाशों ने कई राउंड फायरिंग कर दी।

अचानक फायरिंग से वह लोग सहम गये। इसके बाद बदमाशों ने सचिन के हाथ से दोनों बैग छीने और बाइक पर बैठकर फरार हो गये। लूटे गये बैग में 14 किलो चांदी और 300 ग्राम सोने के जेवरात मौजूद थे। बदमाशोंं के भागने के बाद दोनों पिता.पुत्र ने मदद के लिए शोर मचाया। शोर सुन आसपास के लोग मदद के लिए जमा हो गये।

सूचना मिलते ही मौके पर मलिहाबाद पुलिस भी पहुंच गयी। पुलिस ने जब पीडि़त से बातचीत की तो इतनी बड़ी लूट का पता चला। लाखों की इस लूट की बात सुन पुलिस के हाथ.पैर फूल गये। मलिहाबाद पुलिस ने फौरन जानकारी अधिकारियों को दी। इसके बाद अधिकारियों ने संदिग्धों की तलाश में चेकिंग अभियान चलाया पर कुछ हाथ नहीं लगा।

पास में ही खड़ा डाला चालक देखता रहा
सर्राफ सचिन ने बताया कि जिस जगह पर उन लोगों के साथ लूट की वारदात हुईए वहीं पास में ही एक डाला चालक लकड़ी लाद रहा था। बदमाशों की बाइक उसके डाले के बगले में खड़ी थी। असलहाधारी बदमाश जिस वक्त घटना को अंजाम दे रहे थेए उस वक्त डाला चालक वहीं खड़ा सब कुछ देख रहा था। पीडि़त का कहना है कि डाला चालक ने एक बार भी कुछ बोलने की जहमत नहीं उठायी। उन लोगों का कहना है कि अगर डाला चालक ने शोर मचाया होता तो शायद बदमाश वारदात को अंजाम न देते पाते।

पहले से ही घात लगाये बैठे थे बदमाश
पीडि़त सर्राफ सचिन ने बताया कि वह लोग जब घटनास्थल के पास पहुंचेए वहां पर पहले से ही बाइक सवार लुटेरे मौजूद थे। ऐसा लग रहा है कि बदमाश उन लोगों के आने का इतजार कर रहे थे। घटना के वक्त सचिन के पिता उमाशंकर बाइक चला रहे थे। नहर के पास सड़क खराब होने से जैसे ही उमाशंकर ने बाइक को धीरा कियाए वैसे ही दो असलहाधारी बदमाश सामने आ गये। खुद पुलिस भी इस बात का मान रही है कि बदमाशों ने जिस तरह वारदात को अंजाम दियाए उससे ऐसा लग रहा है कि वारदात को रेकी करने के बाद किया गया है। हो सकता है कि इस घटना के पीछे आसपास के लुटेरों या फिर सीमावर्ती जनपद के लुटेरों का हाथ हो।

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