#MeenaKumari: बालीवुड की ट्रेजडी क्वीन का है आज जन्मदिन, गूगल में भी डूडल बनाकर किया याद

मुम्बई: बालीवुड में ट्रेजडी क्वीन के नाम से मशहूर एक्ट्रेस मीना कुमारी का आज जन्मदिवस है। अपनी खूबसूरती और अदाकारी से उन्होंने सभी को अपना कायल बनाया था। मीना कुमारी की याद में गूगल ने शानदार डूडल बना कर उनको याद किया है।


तीन दशकों तक बॉलीवुड पर राज करने वाली मीना कुमारी ने कई फिल्मों में ऐसा अभिनय किया कि उन्हें साहब बीवी और गुलाम के गीत न जाओ सैयां छुड़ाके बैयां के लिए आज भी याद किया जाता है। मीना कुमारी का जन्म मुंबई में 1 अगस्त 1932 को हुआ था। उनका असली नाम महजबीं बानो था। मीना के पिता अली बख्स पारसी रंगमंच के कलाकार थे और उनकी मां थियेटर कलाकार थीं।

मायानगरी के जानकार बताते हैं कि मीना कुमारी का बचपन बहुत ही तंगहाली में गुजरा था। उन्होंने जीवन के दर्द को जीया इसलिए उनकी फिल्मों में कोई भी दुख का दृश्य उनके अभिनय से जीवंत हो उठता था। मीना कुमारी ने ज्यादातर दुख भरी कहानियों पर आधारित फिल्मों में काम किया। इसलिए उन्हें हिंदी फिल्मों की ट्रेजिडी क्वीन कहा जाने लगा था। मीना कुमार पहली बार 1939 में फिल्म निर्देशक विजय भट्ट की फिल्म लैदरफेस में बेबी महज़बीं के रूप में नजऱ आईं।

1940 की फिल्म एक ही भूल में विजय भट्ट ने इनका नाम बेबी महजबीं से बदल कर बेबी मीना कर दिया। 1946 में आई फिल्म बच्चों का खेल से बेबी मीना 13 वर्ष की आयु में मीना कुमारी बनीं। बचपन में झेले इस दुख ने उनका ताउम्र पीछा नहीं छोड़ा। फिल्मों में उन्होंने काफी दौलत और शौहरत कमाई। अपनी खूबसूरती, अदाओं और बेहतरीन अभिनय से सभी को अपना दीवाना बना चुकीं मीना कुमारी की जिंदगी में दर्द आखिरी सांस तक रहा।

वह जिंदगी भर अपने अकेलेपन से लड़ती रहीं। मीना कुमारी को मशहूर फिल्मकार कमाल अमरोही में अपने प्रति प्यार की भावना नजर आई। उन्होंने कमाल से ही निकाह कर लिया लेकिन उन्हें कमाल की दूसरी पत्नी का दर्जा मिला। न इसके बावजूद कमाल के साथ उन्होंने 10 साल बिताए। मगर धीरे.धीरे मीना कुमारी और कमाल के बीच दूरियां बढऩे लगीं और फिर 1964 में मीना कुमारी कमाल से अलग हो गईं।

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