कारोबार – TOS News https://tosnews.com Latest Hindi Breaking News and Features Mon, 06 Aug 2018 05:39:17 +0000 en-US hourly 1 https://wordpress.org/?v=4.9.8 https://tosnews.com/wp-content/uploads/2017/03/tosnews-favicon-45x45.png कारोबार – TOS News https://tosnews.com 32 32 …तो क्या चौकसी को बिना पुलिस वेरिफिकेशन के ही मिल गया था पासपोर्ट https://tosnews.com/%e0%a4%a4%e0%a5%8b-%e0%a4%95%e0%a5%8d%e0%a4%af%e0%a4%be-%e0%a4%9a%e0%a5%8c%e0%a4%95%e0%a4%b8%e0%a5%80-%e0%a4%95%e0%a5%8b-%e0%a4%ac%e0%a4%bf%e0%a4%a8%e0%a4%be-%e0%a4%aa%e0%a5%81%e0%a4%b2%e0%a4%bf/140433 Sun, 05 Aug 2018 11:05:58 +0000 https://tosnews.com/?p=140433 मुंबई: पीएनबी महाघोटाले में आरोपित मेहुल चौकसी के बारे में एक और खुलासा हुआ है. मुंबई पुलिस का दावा है कि उसका पासपोर्ट बिना वेरिफिकेशन के

The post …तो क्या चौकसी को बिना पुलिस वेरिफिकेशन के ही मिल गया था पासपोर्ट appeared first on TOS News.

]]>

मुंबई: पीएनबी महाघोटाले में आरोपित मेहुल चौकसी के बारे में एक और खुलासा हुआ है. मुंबई पुलिस का दावा है कि उसका पासपोर्ट बिना वेरिफिकेशन के जारी हुआ. समाचार एजेंसी एएनआई ने मुंबई पुलिस के हवाले से कहा कि क्षेत्रीय पासपोर्ट कार्यालय ने भगोड़े मेहुल चौकसी का पासपोर्ट नो ‘पुलिस वेरिफिकेशन रिक्‍वायर्ड’ (PVR) स्‍टेटस के तहत जारी किया. मुंबई पुलिस के मुताबिक पासपोर्ट के लिए नो पीवीआर जनरेट हुआ था. उसे 10 सितंबर, 2015 को तत्‍काल कटैगरी में पासपोर्ट दिया गया. उसका पासपोर्ट 10 साल तक वैध है.

विदेश मंत्रालय बोला-मानकों का पालन हुआ
मुंबई पुलिस के आधिकारिक बयान एक्‍स्‍टर्नल अफेयर्स मंत्रालय की सफाई के बाद आया है. विदेश मंत्रालय के प्रवक्‍ता रवीश कुमार ने कहा था कि चौकसी के पासपोर्ट पर क्‍लीयर पीवीआर के आधार पर ही पुलिस क्‍लीयरेंस सर्टिफिकेट (PCC) जारी किया गया. हालांकि मुंबई पुलिस का कहना है कि चौकसी ने पीसीसी के लिए 23 फरवरी 2017 को एप्‍लाई किया था. 24 फरवरी 2017 को मालाबार हिल पुलिस ने पीसीसी देने से पहले पर्सनल पर्टिकुलर फॉर्म डाउनलोड किया था ताकि पुलिस वेरिफिकेशन हो सके. 10 मार्च 2017 को पासपोर्ट कार्यालय ने चौकसी के खिलाफ कोई आपराधिक रिकॉर्ड न मिलने पर पीसीसी रिपोर्ट दाखिल कर दी थी. यह पीसीसी रिपोर्ट गहन सत्‍यापन के बाद तैयार की गई थी. पीसीसी रिपोर्ट मुंबई पुलिस के क्रिमिनल एंटीसीडेंट्स एंड इंफॉर्मेशन सिस्‍टम (CAIS) के आधार पर दिया गया. यह सिस्‍टम यह बताता है कि आवेदक कभी गिरफ्तार हुआ या नहीं.

2017 में एंटीगुआ गया था चौकसी

4 दिन बाद 14 मार्च, 2017 को एसबीआई-द्वितीय की पासपोर्ट शाखा, सीआईडी ने भी अपनी पीसीसी आरपीओ को जारी कर दिया. विदेश मंत्रालय के प्रवक्‍ता कुमार ने कहा था कि सभी पासपोर्ट इशुइंग अथॉरिटी पीसीसी जारी कर सकती हैं अगर पीवीआर क्‍लीयर है और अगर नो पीवीआर होता है तो पीसीसी देने से पहले ताजा पीवीआर लेना पड़ता है. लेकिन मेहुल चौकसी के मामले में पीसीसी देते वक्‍त पीवीआर क्‍लीयर था. इसके बाद बाकी प्रक्रिया हुई. उस समय मेहुल चौकसी ने एंटीगुआ और बरबूडा जाने के लिए पीसीसी मांगा था. चौकसी 4 जनवरी 2018 को मुंबई एयरपोर्ट से भागा था.

मुंबई पुलिस शुरू करेगी जांच
सीबीआई ने 31 जनवरी 2018 को चौकसी के खिलाफ एफआईआर दर्ज की थी. इसके बाद 23 फरवरी 2018 को चौकसी का पासपोर्ट रिवोक कर दिया गया. एंटीगुआ की नागरिकता पर मुंबई पुलिस ने पीवीआर जारी होने की प्रक्रिया की जांच शुरू कर दी है. वह इसकी आतंरिक जांच भी करेगी.

The post …तो क्या चौकसी को बिना पुलिस वेरिफिकेशन के ही मिल गया था पासपोर्ट appeared first on TOS News.

]]>
फ्लिपकार्ट छोड़ने के बाद वेंचर कैपिटल फंड शुरू करने की तैयारी में सचिन बंसल https://tosnews.com/%e0%a4%ab%e0%a5%8d%e0%a4%b2%e0%a4%bf%e0%a4%aa%e0%a4%95%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%9f-%e0%a4%9b%e0%a5%8b%e0%a4%a1%e0%a4%bc%e0%a4%a8%e0%a5%87-%e0%a4%95%e0%a5%87-%e0%a4%ac%e0%a4%be%e0%a4%a6/140430 Sun, 05 Aug 2018 10:56:34 +0000 https://tosnews.com/?p=140430 फ्लिपकार्ट के को-फाउंडर सचिन बंसल एक बड़ी योजना बना रहे हैं। वह जल्द ही 70 से 100 करोड़ डॉलर यानी करीब 4800 से 6860

The post फ्लिपकार्ट छोड़ने के बाद वेंचर कैपिटल फंड शुरू करने की तैयारी में सचिन बंसल appeared first on TOS News.

]]>
फ्लिपकार्ट के को-फाउंडर सचिन बंसल एक बड़ी योजना बना रहे हैं। वह जल्द ही 70 से 100 करोड़ डॉलर यानी करीब 4800 से 6860 करोड़ रुपए तक का वेंचर कैपिटल फंड शुरू करने की योजना कर रहे हैं।

यह फंड स्टार्टअप कंपनियों में निवेश करेगा। इस साल 9 मई को दिग्गज अमेरिकी रिटेल कंपनी वॉलमार्ट ने फ्लिपकार्ट में 77 फिसदी हिस्सेदारी 1600 करोड़ डॉलर यानी करीब 1.07 लाख करोड़ रुपए में खरीदने की घोषणा की थी।   

डील के तहत कंपनी छोड़ने पर एक अरब डॉलर यानी करीब 6860 करोड़ रुपये नकद मिलने वाले हैं। वे वेंचर कैपिटल फंड में 40फीसदी तक योगदान कर सकते हैं। खबर के मुताबिक सचिन बंसल अपने अगले वेंचर के बारे में फैसला इस साल के अंत तक ले सकते हैं। बता दें कि वॉलमार्ट के अधिग्रहण के बाद कंपनी में सचिन की कंपनी में क्या भूमिका होगी, इसे लेकर कंपनी के तत्कालीन बोर्ड के साथ मतभेद उभरने के बाद उन्हें मजबूरी में फ्लिपकार्ट से बाहर निकलने का फैसला करना पड़ा था। 

The post फ्लिपकार्ट छोड़ने के बाद वेंचर कैपिटल फंड शुरू करने की तैयारी में सचिन बंसल appeared first on TOS News.

]]>
जियो ने बदली टेलीकॉम सेक्टर की तस्वीर, एक्सपर्ट से समझें कैसे हैं कंपनियों के हालात https://tosnews.com/%e0%a4%9c%e0%a4%bf%e0%a4%af%e0%a5%8b-%e0%a4%a8%e0%a5%87-%e0%a4%ac%e0%a4%a6%e0%a4%b2%e0%a5%80-%e0%a4%9f%e0%a5%87%e0%a4%b2%e0%a5%80%e0%a4%95%e0%a5%89%e0%a4%ae-%e0%a4%b8%e0%a5%87%e0%a4%95%e0%a5%8d/140177 Sat, 04 Aug 2018 07:22:40 +0000 https://tosnews.com/?p=140177 5 सितंबर 2016, इंडियन टेलीकॉम सेक्टर के इतिहास की अहम तारीख है। इसने पूरे सेक्टर की तस्वीर को बदलकर रख दिया। सिम लॉन्चिंग से

The post जियो ने बदली टेलीकॉम सेक्टर की तस्वीर, एक्सपर्ट से समझें कैसे हैं कंपनियों के हालात appeared first on TOS News.

]]>
5 सितंबर 2016, इंडियन टेलीकॉम सेक्टर के इतिहास की अहम तारीख है। इसने पूरे सेक्टर की तस्वीर को बदलकर रख दिया। सिम लॉन्चिंग से शुरू हुए जियो के खेल ने फोन लॉन्चिंग तक आते-आते कंपनियों को मर्जर और सेक्टर से एग्जिट होने को मजबूर कर दिया। बीते दो सालों में सेक्टर के हालात हम सभी ने देखे हैं, जिसका असर अब तक जारी है। वोडाफोन और आइडिया मर्जर करने की तैयारी में हैं, आरकॉम अपना मोबाइल बिजनेस बंद कर चुका है और एयरसेल की स्थिति भी किसी से छिपी नहीं है। वह दिवालिया होने के करीब पहुंच चुकी है और वो इंट्रा सर्कल रोमिंग समझौतों के लिए भारती एयरटेल और रिलायंस जियो इन्फोकॉम के साथ बातचीत कर रही है।5 सितंबर 2016, इंडियन टेलीकॉम सेक्टर के इतिहास की अहम तारीख है। इसने पूरे सेक्टर की तस्वीर को बदलकर रख दिया। सिम लॉन्चिंग से शुरू हुए जियो के खेल ने फोन लॉन्चिंग तक आते-आते कंपनियों को मर्जर और सेक्टर से एग्जिट होने को मजबूर कर दिया। बीते दो सालों में सेक्टर के हालात हम सभी ने देखे हैं, जिसका असर अब तक जारी है। वोडाफोन और आइडिया मर्जर करने की तैयारी में हैं, आरकॉम अपना मोबाइल बिजनेस बंद कर चुका है और एयरसेल की स्थिति भी किसी से छिपी नहीं है। वह दिवालिया होने के करीब पहुंच चुकी है और वो इंट्रा सर्कल रोमिंग समझौतों के लिए भारती एयरटेल और रिलायंस जियो इन्फोकॉम के साथ बातचीत कर रही है।   ऐसे में देश के टेलिकॉम सेक्टर की स्थिति अगले कुछ सालों में कैसी रहेगी इस पर दैनिक जागरण के जागरण डॉट कॉम ने केपीएमजी के पार्टनर जॉयदीप घोष  के साथ विस्तार से बात की।  टेलीकॉम सेक्टर के लिए कैसा रहेगा साल 2018 और कितना दबाव में है सेक्टर?   देश में नेट न्यूट्रलिटी लागू करने के लिए नियम बना रही है सरकार यह भी पढ़ें देखिए सेक्टर दबाव में तो है। साल 2018 और 2019 में भी सेक्टर में यह दबाव की स्थिति देखने मिल सकती है। सितंबर 2016 में टेलीकॉम सेक्टर के भीतर जियो की एंट्री हुई थी और उसी के बाद से सभी टेलीकॉम कंपनियां दबाव में हैं। वहीं देश की प्रमुख टेलिकॉम कंपनी एयरटेल भी इसके कारण दबाव में है और उसके पास इतनी क्षमता नहीं है कि वो जियो से टक्कर ले सके। हालांकि आइडिया-वोडाफोन के मर्जर से बनने वाली कंपनी की स्थिति थोड़ी बेहतर हो सकती है। इस बीच टेलीकॉम सेक्टर की इस दबावपूर्ण स्थिति से यूजर्स को जरूर फायदा हो रहा है।  क्या देश में सिर्फ तीन ही कंपनियां रह जाएंगी?   कॉल ड्रॉप पूरे टेलीकॉम सेक्टर की नहीं, कंपनियों की समस्या यह भी पढ़ें हां, अगर निजी कंपनियों की बात की जाए तो सिर्फ तीन ही कंपनियां वोडाफोन आइडिया लिमिटेड , एयरटेल और जियो ही अस्तित्व में रह जाएंगी। लेकिन सरकारी कंपनी बीएसएनएल जरूर इस जंग में अपनी उपस्थिति को दर्ज कराती रहेगी। घोष ने कहा कि मैं पहले भी कई बार यह कह चुका हूं कि देश में सिर्फ तीन से चार मजबूत टेलीकॉम कंपनियां ही होनी चाहिए। साल 2008-09 के आस पास देश में 10 से 11 टेलीकॉम कंपनियां अपनी सेवाएं दे रही थीं, जबकि हमारे पड़ोसी देश चीन में सिर्फ 3 से 4 मजबूत टेलीकॉम कंपनियां भी अस्तित्व में हैं और ऐसा भारत में भी होना चाहिए। साल 2012 में सुप्रीम कोर्ट ने एक फैसला सुनाया था जिसके तहत साल 2008 में पूर्व टेलिकॉम मंत्री ए राजा की ओर से दिए गए 2 जी के सभी 122 लाइसेंस को तत्काल प्रभाव से रद्द कर दिया गया था। जिसके बाद कई कंपनियों ने विलय एवं सेक्टर से बाहर जाने का फैसला किया। हालांकि देश में एमटीएनएल भी एक सर्विस प्रोवाइडर है, लेकिन यह सिर्फ दिल्ली और मुंबई तक ही सीमित है।

ऐसे में देश के टेलिकॉम सेक्टर की स्थिति अगले कुछ सालों में कैसी रहेगी इस पर दैनिक जागरण के जागरण डॉट कॉम ने केपीएमजी के पार्टनर जॉयदीप घोष  के साथ विस्तार से बात की।

टेलीकॉम सेक्टर के लिए कैसा रहेगा साल 2018 और कितना दबाव में है सेक्टर?

देखिए सेक्टर दबाव में तो है। साल 2018 और 2019 में भी सेक्टर में यह दबाव की स्थिति देखने मिल सकती है। सितंबर 2016 में टेलीकॉम सेक्टर के भीतर जियो की एंट्री हुई थी और उसी के बाद से सभी टेलीकॉम कंपनियां दबाव में हैं। वहीं देश की प्रमुख टेलिकॉम कंपनी एयरटेल भी इसके कारण दबाव में है और उसके पास इतनी क्षमता नहीं है कि वो जियो से टक्कर ले सके। हालांकि आइडिया-वोडाफोन के मर्जर से बनने वाली कंपनी की स्थिति थोड़ी बेहतर हो सकती है। इस बीच टेलीकॉम सेक्टर की इस दबावपूर्ण स्थिति से यूजर्स को जरूर फायदा हो रहा है।

क्या देश में सिर्फ तीन ही कंपनियां रह जाएंगी?

हां, अगर निजी कंपनियों की बात की जाए तो सिर्फ तीन ही कंपनियां वोडाफोन आइडिया लिमिटेड , एयरटेल और जियो ही अस्तित्व में रह जाएंगी। लेकिन सरकारी कंपनी बीएसएनएल जरूर इस जंग में अपनी उपस्थिति को दर्ज कराती रहेगी। घोष ने कहा कि मैं पहले भी कई बार यह कह चुका हूं कि देश में सिर्फ तीन से चार मजबूत टेलीकॉम कंपनियां ही होनी चाहिए। साल 2008-09 के आस पास देश में 10 से 11 टेलीकॉम कंपनियां अपनी सेवाएं दे रही थीं, जबकि हमारे पड़ोसी देश चीन में सिर्फ 3 से 4 मजबूत टेलीकॉम कंपनियां भी अस्तित्व में हैं और ऐसा भारत में भी होना चाहिए। साल 2012 में सुप्रीम कोर्ट ने एक फैसला सुनाया था जिसके तहत साल 2008 में पूर्व टेलिकॉम मंत्री ए राजा की ओर से दिए गए 2 जी के सभी 122 लाइसेंस को तत्काल प्रभाव से रद्द कर दिया गया था। जिसके बाद कई कंपनियों ने विलय एवं सेक्टर से बाहर जाने का फैसला किया। हालांकि देश में एमटीएनएल भी एक सर्विस प्रोवाइडर है, लेकिन यह सिर्फ दिल्ली और मुंबई तक ही सीमित है।

The post जियो ने बदली टेलीकॉम सेक्टर की तस्वीर, एक्सपर्ट से समझें कैसे हैं कंपनियों के हालात appeared first on TOS News.

]]>
नाबालिग बच्चे 18 वर्ष के होने के बाद, इन शर्तों को पूरा कर ही चला सकते हैं बैंक खाता https://tosnews.com/%e0%a4%a8%e0%a4%be%e0%a4%ac%e0%a4%be%e0%a4%b2%e0%a4%bf%e0%a4%97-%e0%a4%ac%e0%a4%9a%e0%a5%8d%e0%a4%9a%e0%a5%87-18-%e0%a4%b5%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%b7-%e0%a4%95%e0%a5%87-%e0%a4%b9%e0%a5%8b%e0%a4%a8/140173 Sat, 04 Aug 2018 07:19:44 +0000 https://tosnews.com/?p=140173 सिर्फ वयस्क लोगों के लिए ही नहीं बल्कि नाबालिग लोगों के लिए भी बैंक खाता खुलवाने की सुविधा देते हैं। हालांकि बच्चे जब तक

The post नाबालिग बच्चे 18 वर्ष के होने के बाद, इन शर्तों को पूरा कर ही चला सकते हैं बैंक खाता appeared first on TOS News.

]]>
सिर्फ वयस्क लोगों के लिए ही नहीं बल्कि नाबालिग लोगों के लिए भी बैंक खाता खुलवाने की सुविधा देते हैं। हालांकि बच्चे जब तक नाबालिग रहते हैं उनका खाता उनके अभिभावक ही संचालित करते हैं। यानी बच्चे की उम्र 18 साल होने तक ही अभिभावक उस अकाउंट को ऑपरेट कर सकते हैं, इसके बाद बालिग हो चुके बच्चे को इस अकाउंट को ऑपरेट करने का अधिकार मिल जाता है। हालांकि इसके लिए उन्हें कुछ प्रक्रियाओं से गुजरना होता है, जिसके बाद ही वह अपने अकाउंट को ऑपरेट कर सकते हैं।नाबालिग बच्चे 18 वर्ष के होने के बाद, इन शर्तों को पूरा कर ही चला सकते हैं बैंक खाता

क्या है कानून?

नाबालिग दस्तावेजों पर साइन, कॉन्ट्रैक्ट और थर्ड पार्टी चेक जारी नहीं कर सकते। 18 साल की उम्र होने के बाद बैंक द्वारा उनके साइन अटेस्ट करने के बाद ही वो ऐसी ट्रांजैक्शन कर सकते हैं।

फॉर्म:

18 साल की उम्र होने के बाद खाताधारक को बैंक में अपना रिकॉर्ड अपडेट करवाने के लिए फॉर्म भरना पड़ता है। इस पर खाताधारक के साइन होने के साथ-साथ अभिभावकों को भी साइन करने होते हैं।

डॉक्यूमेंट

बैंक अकाउंट के लिए एक नया अकाउंट ओपनिंग फॉर्म भरना होता है। इसके साथ केवाईसी डॉक्यूमेंट को अटैच करना जरुरी होता है। डेट ऑफ बर्थ के प्रूफ से उम्र को वेरिफाई किया जाता है।

इन-पर्सन वेरिफिकेशन

बैंक कई बार बालिग हुए खाताधारक की पर्सनल वेरिफिकेशन के लिए भी पूछ सकते हैं। इसके लिए उन्हें औपचारिकताओं के लिए बैंक की ब्रांच में जाना पड़ सकता है।

अधिकार में बदलाव

खाताधारक के बालिग होने पर खाते का मोड ऑफ ऑपरेशन भी बदलना पड़ता है। इसके लिए एक फॉर्म जमा करवाना होता है।

नॉमिनेशन डिटेल्स

बालिग हुए खाताधारक अपने खाते के नॉमिनी बदल या जारी रख सकते हैं। अगर वो ऐसा करते हैं तो उन्हें एक फॉर्म भरना होता है।

दूसरे रिकॉर्ड्स में बदलाव

बैंक रिकॉर्ड्स में बदलाव के बाद खाताधारक पोस्ट ऑफिस या दूसरी जगहों पर भी अपने डॉक्यूमेंट सबमिट कर सकते हैं, जहां पर उनके नाम से निवेश किया गया है। डीमैट अकाउंट में नाम बदलने की सुविधा नहीं होती। इसलिए डीमैट अकाउंट के लिए पूरी प्रक्रिया दोबारा करनी होती है।

The post नाबालिग बच्चे 18 वर्ष के होने के बाद, इन शर्तों को पूरा कर ही चला सकते हैं बैंक खाता appeared first on TOS News.

]]>
पेट्रोल-डीजल भरवाने के लिए अब कैश रखने की जरूरत नहीं, सिर्फ आपके अंगूठे से हो जाएगा पेमेंट https://tosnews.com/%e0%a4%aa%e0%a5%87%e0%a4%9f%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a5%8b%e0%a4%b2-%e0%a4%a1%e0%a5%80%e0%a4%9c%e0%a4%b2-%e0%a4%ad%e0%a4%b0%e0%a4%b5%e0%a4%be%e0%a4%a8%e0%a5%87-%e0%a4%95%e0%a5%87-%e0%a4%b2%e0%a4%bf/140170 Sat, 04 Aug 2018 07:13:22 +0000 https://tosnews.com/?p=140170 जल्द ही देशभर के पेट्रोल पंप पर पेट्रोल-डीजल भरवाने के लिए नकदी, डेबिट या क्रेडिट कार्ड ले जाने की जरूरत नहीं रहेगी। पेट्रोल पंप

The post पेट्रोल-डीजल भरवाने के लिए अब कैश रखने की जरूरत नहीं, सिर्फ आपके अंगूठे से हो जाएगा पेमेंट appeared first on TOS News.

]]>
जल्द ही देशभर के पेट्रोल पंप पर पेट्रोल-डीजल भरवाने के लिए नकदी, डेबिट या क्रेडिट कार्ड ले जाने की जरूरत नहीं रहेगी। पेट्रोल पंप पर अंगूठा लगाते ही भुगतान हो जाएगा। अगले दो माह में यह शुरू हो जाएगी। यह सब संभव होगा माइक्रो एटीएम ऑक्सीजन मशीनों के जरिये।पेट्रोल-डीजल भरवाने के लिए अब कैश रखने की जरूरत नहीं, सिर्फ आपके अंगूठे से हो जाएगा पेमेंट

इंडियन ऑयल कॉपरेरेशन (आइओसीएल) ने इसके लिए ऑक्सीजन माइक्रो एजेंसी और आइडीएफसी बैंक के साथ करार किया है। मप्र के भोपाल के दो पेट्रोल पंपों में तो मशीनें इंस्टॉल भी हो गई हैं। बता दें कि डिजिटल इंडिया प्रोजेक्ट के तहत भोपाल को कैशलेस में नंबर वन बनाने के लिए बुधवार को स्मार्ट सिटी कॉरपोरेशन लिमिटेड ने सभी पेट्रोल पंपों सहित अन्य एजेंसियों के अधिकारियों के साथ बैठक की थी। इसमें आइओसीएल के वरिष्ठ प्रबंधक आजम मतीन ने बताया था कि भोपाल के पेट्रोल पंपों को आगामी दो माह में इस तरह की सर्विस के लिए तैयार कर लिया जाएगा।

क्या है माइक्रो एटीएम ऑक्सीजन मशीन

माइक्रो एटीएम ऑक्सीजन मशीन एक तरह की प्वाइंट ऑफ सेल (पीओएस) मशीन है, जो रिटेल नेटवर्क के जरिये पैसे ट्रांसफर करती है। यह मशीन डेबिट, क्रेडिट, क्यूआर कोड, भीम, आधार-पे और यूनीफाइड पेमेंट इंटरफेस (यूपीआइ) की सेवा एक साथ उपलब्ध कराती है। इसके लिए मशीन में एक बार केवाईसी की प्रक्रिया पूरी करनी पड़ेगी।

The post पेट्रोल-डीजल भरवाने के लिए अब कैश रखने की जरूरत नहीं, सिर्फ आपके अंगूठे से हो जाएगा पेमेंट appeared first on TOS News.

]]>
IRCTC ने पेश किया पोरबंदर तक के लिए टूर पैकेज, 19990 रुपये में मिलेगी टिकट https://tosnews.com/irctc-%e0%a4%a8%e0%a5%87-%e0%a4%aa%e0%a5%87%e0%a4%b6-%e0%a4%95%e0%a4%bf%e0%a4%af%e0%a4%be-%e0%a4%aa%e0%a5%8b%e0%a4%b0%e0%a4%ac%e0%a4%82%e0%a4%a6%e0%a4%b0-%e0%a4%a4%e0%a4%95-%e0%a4%95%e0%a5%87/140167 Sat, 04 Aug 2018 07:07:54 +0000 https://tosnews.com/?p=140167 भारतीय रेलवे ने एक स्पेशल टूर पैकेज पेश किया है। इसके तहत इंडियन रेलवे कैटरिंग एंड टूरिज्म कोरपोरेशन (आइआरसीटीसी) गुजरात के पोरबंदर तक का

The post IRCTC ने पेश किया पोरबंदर तक के लिए टूर पैकेज, 19990 रुपये में मिलेगी टिकट appeared first on TOS News.

]]>
भारतीय रेलवे ने एक स्पेशल टूर पैकेज पेश किया है। इसके तहत इंडियन रेलवे कैटरिंग एंड टूरिज्म कोरपोरेशन (आइआरसीटीसी) गुजरात के पोरबंदर तक का पैकेज दे रहा है। इसमें महात्मा गांधी की जन्मस्थली पोरबंदर तक के स्थानों की सैर कराई जाएगी। इससे पहले इंडियन रेलवे महाकाव्य रामायण से जुड़े धार्मिक स्थानों की सैर कराने के लिए रामायणा एक्सप्रेस नामक ट्रेन की घोषणा की थी। आइआरसीटीसी ने एक बयान में कहा है कि ‘खुशबू गुजरात की’ टूर में एसी थ्री टायर ट्रैवल पैकेज शामिल होगा।IRCTC ने पेश किया पोरबंदर तक के लिए टूर पैकेज, 19990 रुपये में मिलेगी टिकट

जानें टूर पैकेज में क्या कुछ होगा शामिल:

  • इस टूर की खासियत पोरबंदर के कीर्ति मंदिर के दर्शन करायें जाएंगे जिसे अब म्युजियम में तब्दील किया जा चुका है। इसमें महात्मा गांधी की पुरानी तस्वीरें और उनकी निजी चीजें दिखाई जाएंगी।
  • इस पैकेज में सोमनाथ मंदिर, दियू, द्वारका और नागेश्वर जैसी जगहें भी शामिल है। यह छह रात और सात दिन का पैकेज है। ट्विन शेयरिंग पर प्रति व्यक्ति 19,990 रुपये की टिकट होगी। इसमें ट्रेन से यात्रा और सोमनाथ व द्वारका में तीन सितारा होटल में ठहरना शामिल है।
  • साथ ही इस पैकेज में एसी बसों से भ्रमण और आना जाना, ऑन बोर्ड मील, होटल में ब्रेकफास्ट और डिनर और बीमा भी सम्मिलित है।
  • बयान में बताया गया है कि एक समर्पित टूपर मैनेजर यात्रियों के साथ रहेगा। फिक्स्ड ग्रुप डिपार्चर प्रोग्राम में कुल 60 सीटें है।
  • इस टूर के तहत उतरांचल एक्सप्रेस नई दिल्ली रेलवे स्टेशन से 16 सितंबर को दिन के 1.25 बजे चलगी। यात्री इस ट्रेन को दिल्ली कैंट, गुरुग्राम, रेवाड़ी, अलवर, जयपुर और अजमेर जंक्शन रेलवे स्टेशन से भी बोर्ड कर सकते हैं।
  • यात्री इस टूर के लिए आइआरसीटी की वेबसाइट या देश भर के किसी भी ऑफिस से टिकट बुक कर सकते हैं।

The post IRCTC ने पेश किया पोरबंदर तक के लिए टूर पैकेज, 19990 रुपये में मिलेगी टिकट appeared first on TOS News.

]]>
GST काउंसिल की आज अहम बैठक, पेट्रोल और डीजल पर चर्चा संभव https://tosnews.com/gst-%e0%a4%95%e0%a4%be%e0%a4%89%e0%a4%82%e0%a4%b8%e0%a4%bf%e0%a4%b2-%e0%a4%95%e0%a5%80-%e0%a4%86%e0%a4%9c-%e0%a4%85%e0%a4%b9%e0%a4%ae-%e0%a4%ac%e0%a5%88%e0%a4%a0%e0%a4%95-%e0%a4%aa%e0%a5%87%e0%a4%9f/140164 Sat, 04 Aug 2018 07:03:22 +0000 https://tosnews.com/?p=140164 केंद्रीय वित्त मंत्री पीयूष गोयल की अध्यक्षता में आज जीएसटी काउंसिल की 29वीं बैठक होगी. इस बैठक में छोटे कारोबारियों के हित में कई

The post GST काउंसिल की आज अहम बैठक, पेट्रोल और डीजल पर चर्चा संभव appeared first on TOS News.

]]>
केंद्रीय वित्त मंत्री पीयूष गोयल की अध्यक्षता में आज जीएसटी काउंसिल की 29वीं बैठक होगी. इस बैठक में छोटे कारोबारियों के हित में कई बड़े फैसले हो सकते हैं. इसके अलावा डिजिटल पेमेंट पर कैशबैक को लेकर भी फैसला संभव है.GST काउंसिल की आज अहम बैठक, पेट्रोल और डीजल पर चर्चा संभव

वहीं बैठक के दौरान पेट्रोल और डीजल को जीएसटी के दायरे में लाने को लेकर चर्चा संभव है.  हालांकि बिहार के उपमुख्यमंत्री और जीएसटी परिषद के सदस्य सुशील मोदी ने इस पर कहा है कि सरकार पेट्रोलियम उत्पादों को जीएसटी के तहत लाने पर तभी विचार करेगी, जब रेवेन्यू का मासिक लक्ष्य 1 लाख करोड़ रुपये से अधिक हो जाएगा. लेकिन जुलाई में जीएसटी कलेक्शन में बढ़ोतरी के बाद चर्चा की उम्मीद बढ़ गई है.

जुलाई में जीएसटी कलेक्शन बढ़ा

बता दें कि जुलाई महीने में जीएसटी कलेक्शन जून के मुकाबले बढ़ा है. हाल ही में सरकार की ओर से जारी आंकड़ों के मुताबिक जुलाई में 96,483 करोड़ रुपये का टैक्स जीएसटी के तहत आया है. पिछले महीने यह 95,610 करोड़ रुपये रहा था. जीएसटी कलेक्शन में केंद्रीय जीएसटी की हिस्सेदारी 15,877 करोड़ है. वहीं, राज्य जीएसटी की बात करें तो यह कुल 22,293 करोड़ रुपये इस महीने रहा है.

इंटीग्रेटेड जीएसटी 49,951 करोड़ रुपये रहा और सेस से सरकार को 8,362 करोड़ रुपये मिले. इसमें 794 करोड़ आयात से हासिल सेस शामिल है. इस तरह जीएसटी रेवेन्यू टारगेट एक लाख करोड़ के करीब पहुंच रहा है. वित्त वर्ष 2018-19 के बजट में सरकार ने हर महीने जीएसटी कलेक्शन के 1.15 लाख करोड़ रुपये का लक्ष्य रखा था.

इन मुद्दों पर भी चर्चा संभव

इन मुद्दों के अलावा अडवांस पेमेंट पर जीएसटी की दरें लगाने पर विचार संभव है. वहीं सर्विसेज को कंपोजिशन स्कीम के तहत लाया जा सकता है. जबकि जॉबवर्क पर सबसे कम 5 फीसदी का टैक्स स्लैब लगाने पर विचार भी होने की संभावना है. इसके अलावा बिस्किट, चावल, बर्तन, भुना चना, दलिया पर जीएसटी की दर कम करने पर भी फैसला आ सकता है. बता दें कि वित्त मंत्री पीयूष गोयल की अध्यक्षता में जीएसटी काउंसिल की यह दूसरी बैठक है.

इससे पहले जीएसटी काउंसिल की 28वीं बैठक में कई मुद्दों पर फैसले लिए गए थे. बैठक में सबसे बड़ा फैसला सैनेटरी नैपकिन को लेकर लिया गया था. 12 फीसदी के जीएसटी स्‍लैब में रखे गए सैनेटरी नैपकिन को टैक्‍स फ्री कर दिया गया. वहीं घरेलू उपयोग के 17 आइटम्‍स को 28 फीसदी जीएसटी स्‍लैब से हटा दिया गया था. इनमें वॉशिंग मशीन, फ्रिज, टीवी (सिर्फ 25 इंच तक), वीडियो गेम, वैक्‍यूम क्‍लीनर, ट्रेलर, जूस मिक्‍सर, ग्राइंडर, शावर एंड हेयर ड्रायर, वॉटर कूलर, लीथियन आयन बैट्री, इले‍क्‍ट्रॉनिक आयरन (प्रेस) जैसे आइटम्‍स शामिल हैं.

इस बैठक में जीएसटी काउंसिल ने कारोबारियों के लिए भी बड़ा फैसला लिया था. इसके मुताबिक अब 5 करोड़ रुपए तक टर्नओवर वाले ट्रेडर्स को हर महीने रिटर्न भरने की जरूरत नहीं होगी. काउंसिल ने उनके लिए तिमाही रिटर्न भरने को मंजूरी दे दी है. हालांकि टैक्‍स पेमेंट मंथली होगी.  इससे करीब 93 फीसदी कारोबारियों को राहत होगी. वहीं काउंसिल ने कारोबारियों के लिए रिटर्न फाइलिंग के प्रोसेस को और सरल कर दिया. हालांकि पहले भी रिटर्न फाइलिंग की प्रोसेस में सुधार किया गया था लेकिन इसके बावजूद कारोबारियों की शिकायतें आ रही थीं.

The post GST काउंसिल की आज अहम बैठक, पेट्रोल और डीजल पर चर्चा संभव appeared first on TOS News.

]]>
बढ़त के साथ खुला शेयर बाजार, सेंसेक्स में 286 अंक की बढ़त दर्ज https://tosnews.com/%e0%a4%ac%e0%a5%9d%e0%a4%a4-%e0%a4%95%e0%a5%87-%e0%a4%b8%e0%a4%be%e0%a4%a5-%e0%a4%96%e0%a5%81%e0%a4%b2%e0%a4%be-%e0%a4%b6%e0%a5%87%e0%a4%af%e0%a4%b0-%e0%a4%ac%e0%a4%be%e0%a4%9c%e0%a4%be%e0%a4%b0/140069 Fri, 03 Aug 2018 10:11:24 +0000 https://tosnews.com/?p=140069 मुंबई। घरेलू शेयर बाजार में जहां कल कारोबार गिरावट के साथ बंद हुआ, वहीं आज सुबह कारोबार में अच्छी बढ़त देखने को मिल रही है।

The post बढ़त के साथ खुला शेयर बाजार, सेंसेक्स में 286 अंक की बढ़त दर्ज appeared first on TOS News.

]]>
मुंबई। घरेलू शेयर बाजार में जहां कल कारोबार गिरावट के साथ बंद हुआ, वहीं आज सुबह कारोबार में अच्छी बढ़त देखने को मिल रही है। कारोबार शुरू होते ही प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स और निफ्टी हरे निशान पर आ गए हैं। बढ़त के इस माहौल में फिलहाल बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) का तीस शेयरों वाला प्रमुख इंडेक्स सेंसेक्स 286.17 अंक यानि 0.77 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 37,451.33 के स्तर पर कारोबार कर रहा है। वहीं नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का पचास शेयरों वाला प्रमुख इंडेक्स निफ्टी 88.25 अंक यानि 0.78 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 11,332.95 के स्तर पर पहुंच गया है। 

गौरतलब है कि कल के कारोबार के दौरान जब सुबह शेयर बाजार खुला तो उसमें  गिरावट देखने को मिली , सेंसेक्स और निफ्टी दोनों ने ही लाल निशान पर कारोबार की शुरुआत की और कारोबार की समाप्ति पर भी घरेलू शेयर बाजार गिरावट के साथ लाल निशान पर ही बंद हुआ । काराबोर की शुरुआत में बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज ( बीएसई ) का तीस शेयरों वाला प्रमुख इंडेक्स सेंसेक्स 119.00 अंक यानि 0.32 प्रतिशत की गिरावट के साथ 37,402.62 के स्तर पर खुला और काराबोर की समाप्ति पर ये 356.46 अंक यानि 0.95 प्रतिशत की गिरावट के साथ 37,165.16 के स्तर पर बंद हुआ।

वहीं नेशनल स्टॉक एक्सचेंज ( एनएसई ) का पचास शेयरों वाला प्रमुख इंडेक्स निफ्टी भी काराबोर की शुरुआत में 32.25 अंक यानि 0.28 प्रतिशत की गिरावट के साथ 11,313.95 के स्तर पर खुला। सेंसेक्स की तरह निफ्टी पर भी कारोबार की समाप्ति पर गिरावट हावी रही और ये लाल निशान पर पहुंचकर 101.50 अंक यानि 0.89 प्रतिशत की गिरावट के साथ 11,244.70 के स्तर पर बंद हुआ।

The post बढ़त के साथ खुला शेयर बाजार, सेंसेक्स में 286 अंक की बढ़त दर्ज appeared first on TOS News.

]]>
आम्रपाली के ग्राहकों को राहत, अटके प्रोजेक्‍ट्स पूरा करने के लिए NBCC तैयार https://tosnews.com/%e0%a4%86%e0%a4%ae%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%aa%e0%a4%be%e0%a4%b2%e0%a5%80-%e0%a4%95%e0%a5%87-%e0%a4%97%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%b9%e0%a4%95%e0%a5%8b%e0%a4%82-%e0%a4%95%e0%a5%8b-%e0%a4%b0/140053 Fri, 03 Aug 2018 10:01:39 +0000 https://tosnews.com/?p=140053 नेशनल बिल्डिंग्स कंशट्रक्शन कार्पोरेशन (एनबीसीसी) ने आज उच्चतम न्यायालय से कहा कि वह आम्रपाली समूह की कंपनियों की परियोजनाओं को अपने हाथ में लेने

The post आम्रपाली के ग्राहकों को राहत, अटके प्रोजेक्‍ट्स पूरा करने के लिए NBCC तैयार appeared first on TOS News.

]]>
नेशनल बिल्डिंग्स कंशट्रक्शन कार्पोरेशन (एनबीसीसी) ने आज उच्चतम न्यायालय से कहा कि वह आम्रपाली समूह की कंपनियों की परियोजनाओं को अपने हाथ में लेने के लिये तैयार है। न्यायमूर्ति अरूण मिश्रा और न्यायमूर्ति उदय यू ललित की पीठ ने एनबीसीसी से कहा कि इस संबंध में 30 दिन के भीतर ठोस प्रस्ताव पेश करके बताया जाये कि वह आम्रपाली समूह की परियोजनाओं को किस तरह पूरा करेगी।  आम्रपाली के ग्राहकों को राहत, अटके प्रोजेक्‍ट्स पूरा करने के लिए NBCC तैयार
न्यायालय ने आम्रपाली समूह को 250 करोड़ रूपए जमा कराने संबंधी अपना पहले का निर्देश वापस ले लिया क्योंकि इस पर अभी अमल होना बाकी था। पीठ ने समूह को एक आवेदन वापस लेने की अनुमति देते हुये कहा कि उसका आचरण ‘‘पूरी तरह अनुचित’’ और ‘‘पूरी तरह गलत’’ है। न्यायालय ने आम्रपाली समूह द्वारा कथित रूप से 2,765 करोड़ रूपए का अन्यत्र इस्तेमाल करने का भी संज्ञान लिया और आडिटर से कहा कि वह इस बारे में रिपोर्ट पेश करे। शीर्ष अदालत ने आम्रपाली समूह की कंपनियों के सभी बैंक खाते जब्त करने संबंधी उसके आदेश के बारे में बैंकों को भी अवगत कराने का निर्देश अपनी रजिस्ट्री को दिया।   

शीर्ष अदालत ने कल ही आम्रपाली समूह को 2008 से अब तक के उसके सारे बैंक खातों का विवरण पेश करने का निर्देश देने के साथ ही इन 40 फर्मो के सारे निदेशकों के बैंक खाते और उनकी निजी संपत्तियां जब्त करने का भी आदेश दिया था। आम्रपाली समूह को अभी भी करीब 42,000 मकान खरीदारों को उनके फ्लैट का कब्जा देना है। पीठ ने उसकी अनुमति के बगैर ही नेशनल बिल्डिंग्स कंशट्रक्शन कार्पोरेशन लि द्वारा आम्रपाली समूह से संबंधित कार्य करने के लिये को-डिवलपर्स आमंत्रित करने हेतु विज्ञापन जारी करने पर भी नाराजगी व्यक्त की थी। 
न्यायालय को पहले बताया गया था कि मकान खरीदारों के मुद्दों और नोएडा, ग्रेटर नोएडा तथा यमुना एक्सप्रेसव पर अधूरी अथवा अधर में अटक गयी आवासी परियोजनाओं से प्रभावित पक्षों की समस्याओं को सुनने के लिए उत्तर प्रदेश सरकार ने आवास एवं शहरी मामलों के मंत्रालय के सचिव की अध्यक्षता में एक उच्च स्तरीय समिति गठित की है। समूह ने कहा था कि उसकी अधूरी और अभी तक बिक्री नहीं हुयी अथवा भावी परियोजनाओं को एनबीसीसी द्वारा पूरा कराने के लिये केन्द्र के साथ बातचीत चल रही है। 

The post आम्रपाली के ग्राहकों को राहत, अटके प्रोजेक्‍ट्स पूरा करने के लिए NBCC तैयार appeared first on TOS News.

]]>
जेट एयरवेज की खस्ता हालत, सिर्फ 60 दिनों के लिए ही बचे पैसे https://tosnews.com/%e0%a4%9c%e0%a5%87%e0%a4%9f-%e0%a4%8f%e0%a4%af%e0%a4%b0%e0%a4%b5%e0%a5%87%e0%a4%9c-%e0%a4%95%e0%a5%80-%e0%a4%96%e0%a4%b8%e0%a5%8d%e0%a4%a4%e0%a4%be-%e0%a4%b9%e0%a4%be%e0%a4%b2%e0%a4%a4-%e0%a4%b8/140050 Fri, 03 Aug 2018 09:59:54 +0000 https://tosnews.com/?p=140050 बिजनेस डेस्कः किंगफिशर एयरलाइंस के बाद जेट एयरवेज की वित्तीय हालत काफी खराब हो गई है। खबरों के अनुसार कंपनी की माली हालत इतनी

The post जेट एयरवेज की खस्ता हालत, सिर्फ 60 दिनों के लिए ही बचे पैसे appeared first on TOS News.

]]>
बिजनेस डेस्कः किंगफिशर एयरलाइंस के बाद जेट एयरवेज की वित्तीय हालत काफी खराब हो गई है। खबरों के अनुसार कंपनी की माली हालत इतनी खराब हो चुकी है कि अगर जल्द वित्तीय मदद न मिली तो 60 दिन बाद इसका संचालन ठप हो जाएगा। लागत कम करने के उपायों में एंप्लॉयीज की सैलरी 25 फीसदी तक घटाने की बात भी शामिल है।जेट एयरवेज की खस्ता हालत, सिर्फ 60 दिनों के लिए ही बचे पैसे

सिर्फ 60 दिन के लिए ही बचे पैसे
कंपनी के दो अधिकारियों के अनुसार चेयरमैन नरेश गोयल सहित कंपनी की मैनेजमेंट टीम ने एंप्लॉयीज को सूचना दी है कि एयरलाइन की वित्तीय हालत ठीक नहीं है और लागत कम करने के उपाय तुरंत करने होंगे। जेट के एक अधिकारी ने बताया, ‘हमें बताया गया है कि कंपनी को दो महीने के बाद चलाना असंभव है और मैनेजमेंट को सैलरी कट और दूसरे उपायों से खर्चे घटाने की जरूरत है। हम इस बात से चिंतित हैं कि कंपनी ने इतने वर्षों के दौरान हमें कभी भी इसकी जानकारी नहीं दी और अब जाकर उसने यह बात कही है। इससे मैनेजमेंट पर एंप्लॉयीज का भरोसा कम हुआ है।’

घाटे में चल रही कंपनी
गौरतलब है कि जेट एयरवेज को बीते दो सालों से लगातार घाटा हाे रहा है। यह घाटा 767 करोड़ के आसपास है। जानकारों का मानना है कि वित्त वर्ष 2018-19 के पहली तिमाही (अप्रैल से जून) में कंपनी का घाटा बढ़कर 1,000 करोड़ रुपए तक जा सकता है।

The post जेट एयरवेज की खस्ता हालत, सिर्फ 60 दिनों के लिए ही बचे पैसे appeared first on TOS News.

]]>