कानपुर – TOS News https://tosnews.com Latest Hindi Breaking News and Features Mon, 27 Aug 2018 13:33:38 +0000 en-US hourly 1 https://wordpress.org/?v=4.9.8 https://tosnews.com/wp-content/uploads/2017/03/tosnews-favicon-45x45.png कानपुर – TOS News https://tosnews.com 32 32 दो साल से लापता युवती की हत्या में डीएवी का छात्र नेता और साथी गिरफ्तार https://tosnews.com/%e0%a4%a6%e0%a5%8b-%e0%a4%b8%e0%a4%be%e0%a4%b2-%e0%a4%b8%e0%a5%87-%e0%a4%b2%e0%a4%be%e0%a4%aa%e0%a4%a4%e0%a4%be-%e0%a4%af%e0%a5%81%e0%a4%b5%e0%a4%a4%e0%a5%80-%e0%a4%95%e0%a5%80-%e0%a4%b9%e0%a4%a4/144519 Mon, 27 Aug 2018 10:23:06 +0000 https://tosnews.com/?p=144519 दो साल पहले लापता हुई युवती की हत्या कर शव हमीरपुर में यमुना नदी में फेंकने के मामले में पुलिस ने आरोपित डीएवी के

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दो साल पहले लापता हुई युवती की हत्या कर शव हमीरपुर में यमुना नदी में फेंकने के मामले में पुलिस ने आरोपित डीएवी के छात्र नेता रितेंद्र उर्फ बउवा ठाकुर और अनुज सिंह को गिरफ्तार कर लिया है। बाबूपुरवा थाना व चकेरी के तत्कालीन पुलिसकर्मियों की लापरवाही सामने आने के बाद उच्चाधिकारियों ने संज्ञान लेकर जांच शुरू कराई है।दो साल से लापता युवती की हत्या में डीएवी का छात्र नेता और साथी गिरफ्तार

चकेरी के कृष्णानगर में नेता कालोनी की युवती की डीएवी के पूर्व छात्रनेता से दोस्ती थी। झगड़ा होने पर उसने बाबूपुरवा थाने में पूर्व छात्रनेता समेत दो पर छेड़छाड़ का मुकदमा लिखाया था। 27 सितंबर 2016 को छात्रा लापता हो गई थी, जब वह बयान देने कचहरी जा रही थी। पिछले दिनों कॉल डिटेल के आधार पर पुलिस ने पूर्व छात्रनेता के एक साथी को हिरासत में लिया तो पता लगा कि छात्रा की घटना वाली रात ही हत्या कर दी गई थी। समझौते के बहाने छात्रनेता ने पीएसी मोड़ के पास युवती को बुलाकर कार में बैठा लिया था। अंधेरा होने पर नौबस्ता ले गए थे, जहां छात्रनेता ने गर्दन पर पैर रखकर छात्रा की हत्या कर दी थी। पुलिस की लापरवाही के चलते अबतक मामला दबा हुआ था। घटना की सच्चाई और तत्कालीन पुलिस कर्मियों की लापरवाही सामने आने के बाद उच्चाधिकारियों ने मामला संज्ञान में लिया। उच्चाधिकारियों के निर्देश के बाद पुलिस ने आरोपित डीएवी के छात्र नेता रितेंद्र उर्फ बउवा ठाकुर और अनुज सिंह को गिरफ्तार किया है। इसके साथ ही पुलिस ने घटना के समय प्रयुक्त की गई अर्टिगा कार भी बरामद की है। बउवा ठाकुर जमीन की खरीद-फरोख्त का काम करता है और ब्याज में पैसा देता था। वह सपा का भी कार्यकर्ता रहा है।

छेड़छाड़ के मुकदमे में लगी एफआर

छेड़छाड़ के जिस मुकदमे में बयान देने के लिए छात्रा घर से निकली थी, उसमें कुछ माह बाद पुलिस ने फाइनल रिपोर्ट लगा दी थी। अगर पुलिस लापरवाही न करती तो छात्रा के कत्ल का खुलासा दो साल पहले हो जाता। पुलिस गुमशुदगी दर्ज कर दो महीने शांत बैठी रही। इसके बाद मां की गुहार पर अपहरण का मुकदमा दर्ज किया। छात्रा के मोबाइल की कॉल डिटेल में आरोपित छात्रनेता के नंबर समेत कई नंबर संदिग्ध थे, लेकिन पुलिस ने पूछताछ भी नहीं की। 

बेटी के इंतजार में पथरा गईं आंखें

छात्रा के पिता चकेरी में अंडे का ठेला लगाते हैं। बड़ी बहन व मां कई बार अफसरों की चौखट पर गई, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। दो साल से परिवार बेटी के लौटने का इंतजार करता रहा। 

रिश्तेदारों से की भी पूछताछ

छात्र नेता को पकड़ने के लिए पुलिस ने उसके भांजे समेत तीन रिश्तेदारों से पूछताछ की। एक टीम आरोपित की फतेहपुर स्थित ननिहाल और एक टीम रायबरेली स्थित ससुराल भी गई। 

छात्रा के शव की भी तलाश की जा रही

छात्रनेता के दोस्त ट्रैवल्स एजेंसी संचालक की निशानदेही पर पुलिस युवती का शव का पता लगाने का भी प्रयास कर रही है। हमीरपुर में पिछले दो साल में मिले लावारिस शवों की सूचना भी जुटाना शुरू की है। 

हत्या से पहले बनाया था वीडियो

युवती की मां ने बताया कि बेटी के न लौटने पर छात्रनेता से पूछताछ की तो उसने कार में बनाया गया बेटी का वीडियो दिखाकर कहा था कि समझौता हो गया है, वह रकम लेकर वैष्णोदेवी चली गई है।

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7 अप्रैल 2010, जब सुलग उठी थी कचहरी https://tosnews.com/7-%e0%a4%85%e0%a4%aa%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a5%88%e0%a4%b2-2010-%e0%a4%9c%e0%a4%ac-%e0%a4%b8%e0%a5%81%e0%a4%b2%e0%a4%97-%e0%a4%89%e0%a4%a0%e0%a5%80-%e0%a4%a5%e0%a5%80-%e0%a4%95%e0%a4%9a%e0%a4%b9/144330 Sat, 25 Aug 2018 08:30:00 +0000 https://tosnews.com/?p=144330 आइए आपको दहशत के उन हालात से रूबरू कराते हैं जब आठ वर्ष पहले कचहरी सुलग उठी थी। जगह-जगह जलते टूटे वाहनों के बीच

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आइए आपको दहशत के उन हालात से रूबरू कराते हैं जब आठ वर्ष पहले कचहरी सुलग उठी थी। जगह-जगह जलते टूटे वाहनों के बीच लाठियां-बंदूकें लेकर दौड़ती पुलिस और लहूलुहान भागते वकीलों की चीख-पुकार से दंगे जैसे हालात हो गए थे। मामला महज एक वकील और दारोगा के बीच वाद विवाद का था लेकिन उसने ऐसा रौद्र रूप लिया कि पुलिस की बर्बरता से वकीलों की जान पर बन आई थी। दो दिनों तक वकील जान बचाते छिपते फिर रहे थे। मामले में मुकदमा दर्ज होने के बाद वकीलों को जख्मों पर मरहम की आस जगी है।आइए आपको दहशत के उन हालात से रूबरू कराते हैं जब आठ वर्ष पहले कचहरी सुलग उठी थी। जगह-जगह जलते टूटे वाहनों के बीच लाठियां-बंदूकें लेकर दौड़ती पुलिस और लहूलुहान भागते वकीलों की चीख-पुकार से दंगे जैसे हालात हो गए थे। मामला महज एक वकील और दारोगा के बीच वाद विवाद का था लेकिन उसने ऐसा रौद्र रूप लिया कि पुलिस की बर्बरता से वकीलों की जान पर बन आई थी। दो दिनों तक वकील जान बचाते छिपते फिर रहे थे। मामले में मुकदमा दर्ज होने के बाद वकीलों को जख्मों पर मरहम की आस जगी है।  एक मामले में कार्रवाई को लेकर दारोगा राघवेंद्र सिंह से अधिवक्ता आशीष सचान का विवाद चल रहा था। 7 अप्रैल 2010 दोपहर करीब 12.30 बजे दारोगा एक मामले में पेशी पर कोर्ट पहुंचा। प्रथम तल पर वह जीने से नीचे उतर रहा था तभी उसका वकील से आमना-सामना हो गया था। दरोगा को देखते ही आशीष भड़क गया और दोनों के बीच गाली-गलौज होने लगी थी। आसपास वकील जुटे तो बात धक्का मुक्की से मारपीट तक पहुंच गई थी। इससे पहले वकील उग्र होते दारोगा ने उन पर रिवाल्वर तान दी थी। वकील जान बचाने को भागे तो दारोगा भी जान बचाने के लिए भागकर एडीजे प्रथम कोर्ट में चला गया था। दारोगा ने आलाधिकारियों को फोन पर सूचना दी तो तत्कालीन एडीएम सिटी शकुंतला गौतम, एसपी रवि कुमार छवि और भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे थे। दारोगा वकील विवाद की सूचना कचहरी में आग की तरह फैली तो सैकड़ों वकील भी नारेबाजी करते हुए कोर्ट के बाहर इकट्ठा हो गए थे। बार एसोसिएशन के पदाधिकारी और प्रशासन के आलाधिकारी मामला शांत करा रहे थे तो बाहर वकीलों को गुस्सा बढ़ता जा रहा था। वकील दारोगा को बाहर निकालने की मांग कर रहे थे। पुलिस के लिए वकीलों की उस भीड़ से दारोगा को बचाना मुमकिन नहीं था। कोर्ट पुलिस और वकीलों से खचाखच भर गई थी। इसी बीच धक्का-मुक्की में एडीएम सिटी गिर गई थीं। बस फिर क्या था, पुलिस वकीलों पर टूट पड़ी थी। पुलिस ने ताबड़तोड़ लाठियां चलाना शुरू कर दिया था। इससे वहां भगदड़ मच गई थी। आधा दर्जन से ज्यादा वकीलों के सिर फट गए तो कई वकील और वादकारी भगदड़ में गिरकर घायल हो गए थे। उस वक्त पुलिस को जो मिला उसे गिरा-गिराकर पीटा गया, जिसके बाद दारोगा राघवेंद्र को निकालकर पुलिस ले गई थी। - - - - - - - - - - - - - -    निर्दोष का सम्मान बचाएगी अग्रिम जमानत, फायदा मिलेगा तो नुकसान की भी संभावनाएं बढ़ेंगी यह भी पढ़ें अगले दिन एक-दूसरे पर रहे हमलावर  इस घटना के ठीक दूसरे दिन 8 अप्रैल को वकील शताब्दी प्रवेश द्वार पर एकत्र होकर पुलिस के खिलाफ नारेबाजी करने लगे थे तो दूसरी ओर एसएसपी कार्यालय में भी भारी पुलिस और पीएसी बल तैनात था। अदालत के काम से जो पुलिसकर्मी कचहरी के भीतर पहुंचे उनके साथ मारपीट और वर्दी फाड़ने की सूचना बाहर तैनात पुलिस कर्मियों को मिली तो वह भी उग्र हो गए थे। दिन भर इसी तरह गोरिल्ला युद्ध होता रहा था। दोपहर करीब तीन बजे दोनों ओर से पत्थर चलने लगे थे। वकीलों के चौपहिया और दोपहिया वाहनों के शीशे तोड़े जाने लगे थे। जिसका जवाब वकीलों ने भी दिया और पुलिस के वाहन तोड़ने शुरू कर दिए थे। जवाबी कार्यवाही में पुलिस कर्मियों ने वकीलों के चौपहिया वाहन तोड़े, डेढ़ दर्जन से ज्यादा दोपहिया वाहनों को गिराकर आग लगा दी। जमकर पत्थरबाजी और फाय¨रग हुई थी। पुलिस ने वकीलों को दौड़ाया, जो वकील मिले उन पर चारों ओर से लाठियां बरसीं थीं। इसके बाद पुलिस और पीएसी रजिस्ट्री कार्यालय की ओर से कचहरी में घुसी और जो वकील जहां मिला उसे पीट दिया गया था। चेंबरों में भी तोड़फोड़ की गई थी और कचहरी पर पुलिस ने कब्जा कर एक-एक चेंबर से वकीलों को निकालकर पीटा था। आलम यह था कि अधिकतर वकील बिना चेंबरों को ताला लगाए भागने को मजबूर हो गए थे। युवा बुजुर्ग जो मिला वह पुलिसिया कहर का शिकार हुआ था। मुकदमे की फाइलें तक नहीं छोड़ी गई। बार एसोसिएशन तत्कालीन महामंत्री नरेश चंद्र त्रिपाठी बताते हैं कि उच्च न्यायालय की तीन सदस्यीय कमेटी ने जांच रिपोर्ट तैयार की थी लेकिन वह आज तक नहीं खुल सकी है। जांच रिपोर्ट खुली तो इसकी आंच कई अफसरों तक पहुंचेगी। - - - - - - - - - - - - - -  इटावा चली गई थी कचहरी   27 साल बाद मिला 27 वर्गमीटर का मकान यह भी पढ़ें घटना के बाद से ही वकील हड़ताल पर थे। वादकारियों को हो रहे नुकसान और जेल में बढ़ती संख्या को देखते हुए 15 दिन बाद ही कचहरी इटावा स्थानांतरित कर दी गई थी। कचहरी का पूरा स्टाफ बस से इटावा जाता था। इसके बाद वकीलों ने उच्च न्यायालय का घेराव किया था और लोकसभा में भी मामला गूंजा था। चीफ जस्टिस और कानून मंत्री से मुलाकात के बाद करीब ढाई माह बाद कचहरी वापस आई थी।

एक मामले में कार्रवाई को लेकर दारोगा राघवेंद्र सिंह से अधिवक्ता आशीष सचान का विवाद चल रहा था। 7 अप्रैल 2010 दोपहर करीब 12.30 बजे दारोगा एक मामले में पेशी पर कोर्ट पहुंचा। प्रथम तल पर वह जीने से नीचे उतर रहा था तभी उसका वकील से आमना-सामना हो गया था। दरोगा को देखते ही आशीष भड़क गया और दोनों के बीच गाली-गलौज होने लगी थी। आसपास वकील जुटे तो बात धक्का मुक्की से मारपीट तक पहुंच गई थी। इससे पहले वकील उग्र होते दारोगा ने उन पर रिवाल्वर तान दी थी। वकील जान बचाने को भागे तो दारोगा भी जान बचाने के लिए भागकर एडीजे प्रथम कोर्ट में चला गया था। दारोगा ने आलाधिकारियों को फोन पर सूचना दी तो तत्कालीन एडीएम सिटी शकुंतला गौतम, एसपी रवि कुमार छवि और भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे थे। दारोगा वकील विवाद की सूचना कचहरी में आग की तरह फैली तो सैकड़ों वकील भी नारेबाजी करते हुए कोर्ट के बाहर इकट्ठा हो गए थे। बार एसोसिएशन के पदाधिकारी और प्रशासन के आलाधिकारी मामला शांत करा रहे थे तो बाहर वकीलों को गुस्सा बढ़ता जा रहा था। वकील दारोगा को बाहर निकालने की मांग कर रहे थे। पुलिस के लिए वकीलों की उस भीड़ से दारोगा को बचाना मुमकिन नहीं था। कोर्ट पुलिस और वकीलों से खचाखच भर गई थी। इसी बीच धक्का-मुक्की में एडीएम सिटी गिर गई थीं। बस फिर क्या था, पुलिस वकीलों पर टूट पड़ी थी। पुलिस ने ताबड़तोड़ लाठियां चलाना शुरू कर दिया था। इससे वहां भगदड़ मच गई थी। आधा दर्जन से ज्यादा वकीलों के सिर फट गए तो कई वकील और वादकारी भगदड़ में गिरकर घायल हो गए थे। उस वक्त पुलिस को जो मिला उसे गिरा-गिराकर पीटा गया, जिसके बाद दारोगा राघवेंद्र को निकालकर पुलिस ले गई थी।

अगले दिन एक-दूसरे पर रहे हमलावर

इस घटना के ठीक दूसरे दिन 8 अप्रैल को वकील शताब्दी प्रवेश द्वार पर एकत्र होकर पुलिस के खिलाफ नारेबाजी करने लगे थे तो दूसरी ओर एसएसपी कार्यालय में भी भारी पुलिस और पीएसी बल तैनात था। अदालत के काम से जो पुलिसकर्मी कचहरी के भीतर पहुंचे उनके साथ मारपीट और वर्दी फाड़ने की सूचना बाहर तैनात पुलिस कर्मियों को मिली तो वह भी उग्र हो गए थे। दिन भर इसी तरह गोरिल्ला युद्ध होता रहा था। दोपहर करीब तीन बजे दोनों ओर से पत्थर चलने लगे थे। वकीलों के चौपहिया और दोपहिया वाहनों के शीशे तोड़े जाने लगे थे। जिसका जवाब वकीलों ने भी दिया और पुलिस के वाहन तोड़ने शुरू कर दिए थे। जवाबी कार्यवाही में पुलिस कर्मियों ने वकीलों के चौपहिया वाहन तोड़े, डेढ़ दर्जन से ज्यादा दोपहिया वाहनों को गिराकर आग लगा दी। जमकर पत्थरबाजी और फाय¨रग हुई थी। पुलिस ने वकीलों को दौड़ाया, जो वकील मिले उन पर चारों ओर से लाठियां बरसीं थीं। इसके बाद पुलिस और पीएसी रजिस्ट्री कार्यालय की ओर से कचहरी में घुसी और जो वकील जहां मिला उसे पीट दिया गया था। चेंबरों में भी तोड़फोड़ की गई थी और कचहरी पर पुलिस ने कब्जा कर एक-एक चेंबर से वकीलों को निकालकर पीटा था। आलम यह था कि अधिकतर वकील बिना चेंबरों को ताला लगाए भागने को मजबूर हो गए थे। युवा बुजुर्ग जो मिला वह पुलिसिया कहर का शिकार हुआ था। मुकदमे की फाइलें तक नहीं छोड़ी गई। बार एसोसिएशन तत्कालीन महामंत्री नरेश चंद्र त्रिपाठी बताते हैं कि उच्च न्यायालय की तीन सदस्यीय कमेटी ने जांच रिपोर्ट तैयार की थी लेकिन वह आज तक नहीं खुल सकी है। जांच रिपोर्ट खुली तो इसकी आंच कई अफसरों तक पहुंचेगी। – – – – – – – – – – – – – –

इटावा चली गई थी कचहरी

घटना के बाद से ही वकील हड़ताल पर थे। वादकारियों को हो रहे नुकसान और जेल में बढ़ती संख्या को देखते हुए 15 दिन बाद ही कचहरी इटावा स्थानांतरित कर दी गई थी। कचहरी का पूरा स्टाफ बस से इटावा जाता था। इसके बाद वकीलों ने उच्च न्यायालय का घेराव किया था और लोकसभा में भी मामला गूंजा था। चीफ जस्टिस और कानून मंत्री से मुलाकात के बाद करीब ढाई माह बाद कचहरी वापस आई थी।

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नकल विहीन परीक्षा के लिए सरकार उठा रही सख्त कदम : दिनेश शर्मा https://tosnews.com/%e0%a4%a8%e0%a4%95%e0%a4%b2-%e0%a4%b5%e0%a4%bf%e0%a4%b9%e0%a5%80%e0%a4%a8-%e0%a4%aa%e0%a4%b0%e0%a5%80%e0%a4%95%e0%a5%8d%e0%a4%b7%e0%a4%be-%e0%a4%95%e0%a5%87-%e0%a4%b2%e0%a4%bf%e0%a4%8f-%e0%a4%b8/144093 Fri, 24 Aug 2018 11:01:27 +0000 https://tosnews.com/?p=144093 नकल विहानी परीक्षा होगी। इसके लिए सरकार सख्त से सख्त कदम उठा रही है। ये बातें शुक्त्रवार को नौबस्ता के पशुपति नगर में भाजपा

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नकल विहानी परीक्षा होगी। इसके लिए सरकार सख्त से सख्त कदम उठा रही है। ये बातें शुक्त्रवार को नौबस्ता के पशुपति नगर में भाजपा कानपुर-बुंदेलखंड क्षेत्रीय उपाध्यक्ष शैलेंद्र शुक्ल की तेरहवीं कार्यक्त्रम शामिल होने पहुंचे उप मुख्यमंत्री दिनेश शर्मा ने कहीं।नकल विहीन परीक्षा के लिए सरकार उठा रही सख्त कदम : दिनेश शर्मा

उन्होंने कहा कि जो परीक्षा केंद्र मानकों को पूरा नहीं करेंगे उन्हें ब्लैक लिस्ट किया जाएगा। पिछली सरकारों में सेंटरों की बोली लगती थी लेकिन भाजपा सरकार में जो पढ़ेगा वही आगे बढ़ेगा। इस बार छात्र छात्राओं के 7.50 लाख कम पंजीयन होने पर उनका कहना था कि पूर्व की सरकारों में छात्र-छात्राएं चार-चार फार्म भरते थे। मौजूदा समय में आधार कार्ड लगाए जाने से चार फार्म नहीं डाल पा रहे हैं। यही कारण है कि इस बार छात्र-छात्राओं की संख्या कम है। राम मंदिर मुद्दे पर उनका कहना था न्यायालय के निर्णय और आम सहमति से मंदिर बन सकेगा। सरकार मंदिर निर्माण के प्रयास कर रही है। वहीं दूसरी पार्टिया मंदिर को लेकर राजनीति कर रही हैं। इससे पूर्व उन्होंने भाजपा नेता को पुष्पाजलि देकर परिजनों से वार्ता की। यहा से वह बसंत विहार निवासी भाजपा कार्यकर्ता पुनीत मिश्र उर्फ टीटू के आवास गए। वहा भी उन्होंने पुष्पाजलि देकर परिजनों से बातचीत की। इस दौरान उन्होंने टीटू की पत्‍‌नी रागिनी मिश्र के बीएड व टीईटी होने की जानकारी पर वित्त विहीन कालेज में नौकरी का आश्वासन दिया। वहीं बीबीए प्रथम वर्ष की पढ़ाई कर रही बेटी श्रुति को ट्रिपल सी का कोर्स करने की बात कही। यहा से उनका काफिला योगेंद्र विहार खाड़ेपुर स्थित बृजेश मिश्र उर्फ दीपू के घर पहुंचा। यहा भी उन्होंने भाजपा कार्यकर्ता को श्रद्धासुमन अर्पित कर परिजनों को ढाढस बंधाई। उनके साथ विधायक महेश त्रिवेदी, आनंद राजपाल समेत अन्य भाजपा नेता मौजूद रहे। यहा से उनका काफिला पूर्व प्रधानमंत्री अटल विहारी बाजपेई अस्थि कलश यात्रा में शामिल होने के लिए निकला।

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जानिए अखिलेश ने क्यों कहा बीजेपी को निष्क्रिय और नाकाम सरकार https://tosnews.com/%e0%a4%9c%e0%a4%be%e0%a4%a8%e0%a4%bf%e0%a4%8f-%e0%a4%85%e0%a4%96%e0%a4%bf%e0%a4%b2%e0%a5%87%e0%a4%b6-%e0%a4%a8%e0%a5%87-%e0%a4%95%e0%a5%8d%e0%a4%af%e0%a5%8b%e0%a4%82-%e0%a4%95%e0%a4%b9%e0%a4%be/143672 Wed, 22 Aug 2018 07:06:54 +0000 https://tosnews.com/?p=143672 पूर्व मुख्यमंत्री व समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव बीजेपी सरकार की कार्यप्रणाली को लेकर तंज कसने का कोई मौका हाथ से जाने

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पूर्व मुख्यमंत्री व समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव बीजेपी सरकार की कार्यप्रणाली को लेकर तंज कसने का कोई मौका हाथ से जाने नहीं देते। मंगलवार को अखिलेश ने अपने ट्विटर हैंडल पर ट्वीट कर नारी सुरक्षा के मुद्दे पर बीजेपी को निष्क्रिय और नाकाम सरकार कह डाला। अखिलेश ने ट्वीट कर कहा कि मेरठ में छात्रा से छेड़छाड़ व विरोध करने पर आग से जलाने की दर्दनाक घटना से आज प्रदेश में बच्चियां और अभिभावक दहशत के माहौल में जी रहे हैं।

 इस घटना ने पूरे प्रदेश में सरकार के खिलाफ आक्रोश को और बढ़ा दिया है। ये सरकार नारी सुरक्षा के मुद्दे पर पूरी तरह निष्क्रिय और नाकाम है। इससे पहले 19 अगस्त को अखिलेश ने ट्वीट कर कहा कि- मेरा दिल केरल के लोगों के पास चला जाता है। मेरी पत्नी और मैंने केरल में जरूरतमंदों की मदद करने के लिए व्यक्तिगत दान करने का फैसला किया है। यदि आप भी उनकी मदद कर सकते हैं, तो अपना योगदान अवश्य दें। उन लोगों को याद रखें जो खो गए थे और केरलवासियों के लिए प्रार्थना करें जो लड़ना जारी रखें हैं। 

अखिलेश ने 11 अगस्त को ट्वीट कर कहा कि- बस्ती में बन रहे नेशनल हाईवे के फ्लाईओवर गिरने से हताहत लोगों को सरकार तुरंत राहत पहुँचाए। इस ‘ना-काम सरकार’ में कोई काम नहीं हो रहा है और जो एकआध हो भी रहा है, तो उसकी ये दुर्दशा है। अब तो सरकार को अपने कामों की कमी व भ्रष्टाचार की जांच के लिए कोई स्थायी आयोग ही बना देना चाहिए। 

अखिलेश ने 9 अगस्त को ट्वीट कर पुलिस भर्ती परीक्षा रद्द होने पर भी नाकामी का ठीकरा बीजेपी के सिर फोड़ा था।

अखिलेश ने अपने ट्विटर हैंडल पर लिखा था कि- उ.प्र. पुलिस भर्ती बोर्ड की लिखित परीक्षा का रद्द होना भाजपा सरकार की नाकामी है। नयी नौकरियां हैं नहीं व पुरानी चली गयीं हैं। नयी नौकरियां ही नये उपभोक्ताओं व मांग को जन्म देंगी। अपनी नकारात्मक चुनावी राजनीति में व्यस्त भाजपा को न बेरोज़गारी दिख रही है, न चौपट होती अर्थव्यवस्था।

उ.प्र. पुलिस भर्ती बोर्ड की लिखित परीक्षा का रद्द होना भाजपा सरकार की नाकामी है. नयी नौकरियां हैं नहीं व पुरानी चली गयीं हैं. नयी नौकरियां ही नये उपभोक्ताओं व माँग को जन्म देंगी. अपनी नकारात्मक चुनावी राजनीति में व्यस्त भाजपा को न बेरोज़गारी दिख रही है, न चौपट होती अर्थव्यवस्था.

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युवाओं के लिए मौका, 26 सितंबर से शहर में सेना भर्ती रैली https://tosnews.com/%e0%a4%af%e0%a5%81%e0%a4%b5%e0%a4%be%e0%a4%93%e0%a4%82-%e0%a4%95%e0%a5%87-%e0%a4%b2%e0%a4%bf%e0%a4%8f-%e0%a4%ae%e0%a5%8c%e0%a4%95%e0%a4%be-26-%e0%a4%b8%e0%a4%bf%e0%a4%a4%e0%a4%82%e0%a4%ac%e0%a4%b0/143598 Tue, 21 Aug 2018 08:21:34 +0000 https://tosnews.com/?p=143598 26 सितंबर से 14 अक्टूबर तक कैंट में सेना भर्ती रैली का आयोजन किया जाएगा। रैली के लिए डीएम विजय विश्वास पंत ने सेना

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26 सितंबर से 14 अक्टूबर तक कैंट में सेना भर्ती रैली का आयोजन किया जाएगा। रैली के लिए डीएम विजय विश्वास पंत ने सेना के अफसरों के साथ कलेक्ट्रेट में बैठक की। रैली के दौरान प्रशासन से क्या मदद चाहिए इसकी जानकारी अफसरों ने डीएम को दी। डीएम ने प्रशासन की ओर से सभी व्यवस्थाएं कराने की बात कही।26 सितंबर से 14 अक्टूबर तक कैंट में सेना भर्ती रैली का आयोजन किया जाएगा। रैली के लिए डीएम विजय विश्वास पंत ने सेना के अफसरों के साथ कलेक्ट्रेट में बैठक की। रैली के दौरान प्रशासन से क्या मदद चाहिए इसकी जानकारी अफसरों ने डीएम को दी। डीएम ने प्रशासन की ओर से सभी व्यवस्थाएं कराने की बात कही।  सेना भर्ती रैली के भर्ती निदेशक कर्नल दीपक शर्मा ने कहा कि रैली स्थल पर पानी की आवश्यकता होगी। युवा आसानी से आ सकें इसलिए संबंधित जिलों से बसें पर्याप्त मात्रा में आएं तो ठीक रहेगा। डीएम ने कहा कि अतिरिक्त बसों का संचालन किया जाएगा ताकि आने वाले अभ्यर्थियों को असुविधा न हो। रेलवे स्टेशन से भर्ती ग्राउंड तक युवा आसानी तक पहुंच सकें इसलिए सिटी बसों का भी प्रबंध किया जाएगा। रेलवे स्टेशन पर पर्याप्त मात्रा में पुलिस की तैनाती की जाएगी ताकि युवा ट्रेनों में तोड़फोड़ और हंगामा आदि घटनाओं पर अंकुश लगा रहे। डीएम ने परिवहन निगम के क्षेत्रीय प्रबंधक से कहा कि वे अतिरिक्त बसों का इंतजाम करेंगे। बस स्टेशन और रेलवे स्टेशन से ज्यादा से ज्यादा बसें चलें। भर्ती निदेशक ने रैली स्थल की बैरीकेडिंग की कराने के लिए कहा ताकि अभ्यर्थियों की भीड़ पर काबू रखा जा सके। जिलाधिकारी ने लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों से रैली तिथि से दो दिन पहले ही बैरीकेडिंग करें। जिलाधिकारी ने भर्ती स्थल में सफाई , पेयजल व्यवस्था रखने के लिए कैंट बोर्ड के अधिकारियों को निर्देशित किया और पर्याप्त मात्रा में ई टॉयलेट की व्यवस्था कराने के लिए कहा।

सेना भर्ती रैली के भर्ती निदेशक कर्नल दीपक शर्मा ने कहा कि रैली स्थल पर पानी की आवश्यकता होगी। युवा आसानी से आ सकें इसलिए संबंधित जिलों से बसें पर्याप्त मात्रा में आएं तो ठीक रहेगा। डीएम ने कहा कि अतिरिक्त बसों का संचालन किया जाएगा ताकि आने वाले अभ्यर्थियों को असुविधा न हो। रेलवे स्टेशन से भर्ती ग्राउंड तक युवा आसानी तक पहुंच सकें इसलिए सिटी बसों का भी प्रबंध किया जाएगा। रेलवे स्टेशन पर पर्याप्त मात्रा में पुलिस की तैनाती की जाएगी ताकि युवा ट्रेनों में तोड़फोड़ और हंगामा आदि घटनाओं पर अंकुश लगा रहे। डीएम ने परिवहन निगम के क्षेत्रीय प्रबंधक से कहा कि वे अतिरिक्त बसों का इंतजाम करेंगे। बस स्टेशन और रेलवे स्टेशन से ज्यादा से ज्यादा बसें चलें। भर्ती निदेशक ने रैली स्थल की बैरीकेडिंग की कराने के लिए कहा ताकि अभ्यर्थियों की भीड़ पर काबू रखा जा सके। जिलाधिकारी ने लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों से रैली तिथि से दो दिन पहले ही बैरीकेडिंग करें। जिलाधिकारी ने भर्ती स्थल में सफाई , पेयजल व्यवस्था रखने के लिए कैंट बोर्ड के अधिकारियों को निर्देशित किया और पर्याप्त मात्रा में ई टॉयलेट की व्यवस्था कराने के लिए कहा।

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आइआइटी में काउंसिलिंग टीम अब हास्टल के कमरों में जाकर खोलेगी बंद मन के द्वार https://tosnews.com/%e0%a4%86%e0%a4%87%e0%a4%86%e0%a4%87%e0%a4%9f%e0%a5%80-%e0%a4%ae%e0%a5%87%e0%a4%82-%e0%a4%95%e0%a4%be%e0%a4%89%e0%a4%82%e0%a4%b8%e0%a4%bf%e0%a4%b2%e0%a4%bf%e0%a4%82%e0%a4%97-%e0%a4%9f%e0%a5%80/143422 Mon, 20 Aug 2018 12:01:53 +0000 https://tosnews.com/?p=143422 आइआइटी में गुमसुम और एकाकी तरह से रह रहे छात्रों के मन को टटोला जाएगा। काउंसिलिंग टीम हॉस्टल में जाकर ऐसे छात्रों से संवाद

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आइआइटी में गुमसुम और एकाकी तरह से रह रहे छात्रों के मन को टटोला जाएगा। काउंसिलिंग टीम हॉस्टल में जाकर ऐसे छात्रों से संवाद करेगी, जो अत्यधिक समय कमरों में बिता रहे हैं। उन्हें उनकी खासियत से अवगत कराया जाएगा।आइआइटी में गुमसुम और एकाकी तरह से रह रहे छात्रों के मन को टटोला जाएगा। काउंसिलिंग टीम हॉस्टल में जाकर ऐसे छात्रों से संवाद करेगी, जो अत्यधिक समय कमरों में बिता रहे हैं। उन्हें उनकी खासियत से अवगत कराया जाएगा।  बीटेक, एमटेक, पीएचडी कर रहे छात्रों पर पढ़ाई का बोझ न हो उसके लिए काउंसिलिंग सेल लगातार काम कर रही है। इसमें क्लीनिक और फोन की सुविधा भी शामिल है। अब तक समस्या आने पर काउंसिलिंग टीम छात्र को बुलाकर समस्या की जानकारी लेती थी। उन्हें कहां पर दिक्कत आ रही है, क्या समस्या है। उसको दूर करने का प्रयास होता रहा है। इसके बावजूद छात्रों में तनाव की समस्या कम नहीं हो रही है। इसे रोकने के लिए काउंसिलिंग टीम हॉस्टल में जाकर छात्र से संवाद करेगी। काउंसिलिंग टीम की मानें तो कई छात्र एकाकी तरह से रह रहे हैं। साथियों से उनका मेलजोल भी कम है। उनमें तनाव की आशंका काफी हो सकती है। अब ऐसे छात्रों को चिह्नित किया जाएगा। इस काम में छात्रों के विभिन्न क्लबों से संपर्क किया जा रहा है। आइआइटी काउंसलर रीता शुक्ला का कहना है कि छात्र-छात्राओं में तनाव को कम करने की कई योजनाएं बनाई गई है। एकाकी तरह से रहने वाले छात्रों से हॉस्टल में जाकर बातचीत की जाएगी। - - - - - - - - - - -     ADVERTISING  inRead invented by Teads  नए छात्र-छात्राओं से आइआइटी कैंपस गुलजार यह भी पढ़ें घर की तरह माहौल बनाने की तैयारी  नए छात्रों को घर की काफी याद आती है। माता पिता और अन्य रिश्तेदारों से मिलने का मन करता है। ऐसे में उनके लिए घर की तरह माहौल बनाने की योजना बनाई गई है। उन्हें खेलकूद व सांस्कृतिक कार्यक्रमों में शामिल कराया जाएगा। - - - - - - - - - - -  आइआइटी में 'पिच डे' पर स्टार्टअप की 'हैट्रिक'   आइआइटी को एक करोड़ रुपये गुरुदक्षिणा देंगे एल्युमिनाई यह भी पढ़ें कानपुर : आइआइटी में रविवार को स्टार्टअप की 'हैट्रिक' हो गई। टाई यूपी, वेंचर कैटलिस्ट और कानपुर एंजल नेटवर्क की ओर से उद्यमिता पर खास कार्यक्रम 'पिच डे' का आयोजन किया गया। इसमें शहर के 20 नामी उद्यमियों के सामने तीन प्रोजेक्ट का प्रदर्शन हुआ। इन प्रोजेक्ट को औद्योगिक इकाइयों की ओर से आर्थिक सहयोग की सहमति मिल गई। लखनऊ के अक्षय जोशी ने वायु प्रदूषण मापने वाला अब तक का सबसे छोटा सेंसर बनाया है। इसकी सहायता से हवा में प्रदूषण का आकलन किया जा सकेगा। कंपनी ने एयर प्यूरीफायर सिस्टम भी तैयार किया है। सचिन साहनी ने बिना तेल वाला सेहतमंद स्नैक्स तैयार किया है। इसको खरबूज, तरबूज के बीज, ड्राईफ्रूट्स से बनाया गया है। बच्चों से लेकर वरिष्ठ नागरिकों को यह पसंद आ रहा है। कंपनी के 200 से अधिक आउटलेट हैं। इसके साथ ही यह ऑनलाइन भी उपलब्ध है। मेसर टेक्नोलॉजी ने सस्ता स्टरलाइजेशन सिस्टम तैयार किया है। इसकी सहायता से चिकित्सकीय उपकरणों को कीटाणु रहित किया जा सकेगा। कंपनी अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) समेत 100 से अधिक अस्पतालों में इसे दे चुकी है। टाई यूपी की निदेशक अंकिता द्विवेदी के मुताबिक तीनों कंपनियां स्टार्टअप का पहला चरण पार कर चुकी हैं। अब दूसरे चरण पर काम कर रही हैं। उन्हें फंडिंग की जरूरत है, जिस पर उद्यमियों की ओर से सहमति मिल गई है। कार्यक्रम का मुख्य मकसद प्रदेश में उद्यमिता को बढ़ावा देना है। अमित तिवारी, विनायक नाथ, अभिजीत साठे, गोपाल सूटवाला समेत अन्य लोग उपस्थित रहे। - - - - - - - - - - -  करिअर की राह दिखाने वाली परीक्षा में सैकड़ों छात्र शामिल  कानपुर : जागरण समूह के इंडियन इंटेलीजेंस टेस्ट सीजन-6 के ओपन सेंटर टेस्ट में छात्र-छात्राओं को अपनी बौद्धिक क्षमता के आंकलन का मौका मिला। मल्टीपल इंटेलिजेंस व स्कॉलिस्टिक एप्टीट्यूट पर आधारित 100 सवालों ने जमकर दिमाग की कसरत कराई। उनको हल करने में छात्रों ने खूब दिलचस्पी दिखाई। यह परीक्षा खुद की काबिलियत परखने और करिअर की राह दिखानी वाली थी। इसका आयोजन पीएसआइटी भौंती में किया गया। ओपन सेंटर टेस्ट में कक्षा 5 से 12वीं तक के छात्र शामिल हुए। यह कानपुर समेत आसपास के जनपदों से आए थे। परीक्षा के बाद छात्रों ने खुशी जताते हुए बताया कि परीक्षा के माध्यम से उन्हें अपनी क्षमता का आंकलन हो गया। साथ ही यह भी पता चला कि आगे बढ़ने के लिए किस स्तर पर तैयारी करनी होगी।  बेहतर भविष्य के लिए प्रोत्साहित  नॉलेज पाटर्नर पीएसआइटी के साथ हो रहे आइआइटी सीजन-6 का ओपन टेस्ट पीएसआइटी कैंपस भौंती में हुआ। शिक्षकों ने भी संस्थान की ओर से भी छात्रों को बेहतर भविष्य के लिए प्रोत्साहित किया। परीक्षा परिणाम को लेकर दैनिक जागरण में समय-समय पर जानकारी प्रकाशित होती रहेगी। आइआइटी के नतीजे छात्रों को बताएंगे कि वह किस क्षेत्र में बेहतर कर सकते हैं। उन्हें किस दिशा में करिअर बनाने के लिए आगे बढ़ना चाहिए। परिणाम से छात्र के साथ-साथ उनके अभिभावकों की टेंशन भी दूर हो जाएगी।

बीटेक, एमटेक, पीएचडी कर रहे छात्रों पर पढ़ाई का बोझ न हो उसके लिए काउंसिलिंग सेल लगातार काम कर रही है। इसमें क्लीनिक और फोन की सुविधा भी शामिल है। अब तक समस्या आने पर काउंसिलिंग टीम छात्र को बुलाकर समस्या की जानकारी लेती थी। उन्हें कहां पर दिक्कत आ रही है, क्या समस्या है। उसको दूर करने का प्रयास होता रहा है। इसके बावजूद छात्रों में तनाव की समस्या कम नहीं हो रही है। इसे रोकने के लिए काउंसिलिंग टीम हॉस्टल में जाकर छात्र से संवाद करेगी। काउंसिलिंग टीम की मानें तो कई छात्र एकाकी तरह से रह रहे हैं। साथियों से उनका मेलजोल भी कम है। उनमें तनाव की आशंका काफी हो सकती है। अब ऐसे छात्रों को चिह्नित किया जाएगा। इस काम में छात्रों के विभिन्न क्लबों से संपर्क किया जा रहा है। आइआइटी काउंसलर रीता शुक्ला का कहना है कि छात्र-छात्राओं में तनाव को कम करने की कई योजनाएं बनाई गई है। एकाकी तरह से रहने वाले छात्रों से हॉस्टल में जाकर बातचीत की जाएगी। 

घर की तरह माहौल बनाने की तैयारी

नए छात्रों को घर की काफी याद आती है। माता पिता और अन्य रिश्तेदारों से मिलने का मन करता है। ऐसे में उनके लिए घर की तरह माहौल बनाने की योजना बनाई गई है। उन्हें खेलकूद व सांस्कृतिक कार्यक्रमों में शामिल कराया जाएगा। 

आइआइटी में ‘पिच डे’ पर स्टार्टअप की ‘हैट्रिक’

कानपुर : आइआइटी में रविवार को स्टार्टअप की ‘हैट्रिक’ हो गई। टाई यूपी, वेंचर कैटलिस्ट और कानपुर एंजल नेटवर्क की ओर से उद्यमिता पर खास कार्यक्रम ‘पिच डे’ का आयोजन किया गया। इसमें शहर के 20 नामी उद्यमियों के सामने तीन प्रोजेक्ट का प्रदर्शन हुआ। इन प्रोजेक्ट को औद्योगिक इकाइयों की ओर से आर्थिक सहयोग की सहमति मिल गई। लखनऊ के अक्षय जोशी ने वायु प्रदूषण मापने वाला अब तक का सबसे छोटा सेंसर बनाया है। इसकी सहायता से हवा में प्रदूषण का आकलन किया जा सकेगा। कंपनी ने एयर प्यूरीफायर सिस्टम भी तैयार किया है। सचिन साहनी ने बिना तेल वाला सेहतमंद स्नैक्स तैयार किया है। इसको खरबूज, तरबूज के बीज, ड्राईफ्रूट्स से बनाया गया है। बच्चों से लेकर वरिष्ठ नागरिकों को यह पसंद आ रहा है। कंपनी के 200 से अधिक आउटलेट हैं। इसके साथ ही यह ऑनलाइन भी उपलब्ध है। मेसर टेक्नोलॉजी ने सस्ता स्टरलाइजेशन सिस्टम तैयार किया है। इसकी सहायता से चिकित्सकीय उपकरणों को कीटाणु रहित किया जा सकेगा। कंपनी अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) समेत 100 से अधिक अस्पतालों में इसे दे चुकी है। टाई यूपी की निदेशक अंकिता द्विवेदी के मुताबिक तीनों कंपनियां स्टार्टअप का पहला चरण पार कर चुकी हैं। अब दूसरे चरण पर काम कर रही हैं। उन्हें फंडिंग की जरूरत है, जिस पर उद्यमियों की ओर से सहमति मिल गई है। कार्यक्रम का मुख्य मकसद प्रदेश में उद्यमिता को बढ़ावा देना है। अमित तिवारी, विनायक नाथ, अभिजीत साठे, गोपाल सूटवाला समेत अन्य लोग उपस्थित रहे। 

करिअर की राह दिखाने वाली परीक्षा में सैकड़ों छात्र शामिल

कानपुर : जागरण समूह के इंडियन इंटेलीजेंस टेस्ट सीजन-6 के ओपन सेंटर टेस्ट में छात्र-छात्राओं को अपनी बौद्धिक क्षमता के आंकलन का मौका मिला। मल्टीपल इंटेलिजेंस व स्कॉलिस्टिक एप्टीट्यूट पर आधारित 100 सवालों ने जमकर दिमाग की कसरत कराई। उनको हल करने में छात्रों ने खूब दिलचस्पी दिखाई। यह परीक्षा खुद की काबिलियत परखने और करिअर की राह दिखानी वाली थी। इसका आयोजन पीएसआइटी भौंती में किया गया। ओपन सेंटर टेस्ट में कक्षा 5 से 12वीं तक के छात्र शामिल हुए। यह कानपुर समेत आसपास के जनपदों से आए थे। परीक्षा के बाद छात्रों ने खुशी जताते हुए बताया कि परीक्षा के माध्यम से उन्हें अपनी क्षमता का आंकलन हो गया। साथ ही यह भी पता चला कि आगे बढ़ने के लिए किस स्तर पर तैयारी करनी होगी।

बेहतर भविष्य के लिए प्रोत्साहित

नॉलेज पाटर्नर पीएसआइटी के साथ हो रहे आइआइटी सीजन-6 का ओपन टेस्ट पीएसआइटी कैंपस भौंती में हुआ। शिक्षकों ने भी संस्थान की ओर से भी छात्रों को बेहतर भविष्य के लिए प्रोत्साहित किया। परीक्षा परिणाम को लेकर दैनिक जागरण में समय-समय पर जानकारी प्रकाशित होती रहेगी। आइआइटी के नतीजे छात्रों को बताएंगे कि वह किस क्षेत्र में बेहतर कर सकते हैं। उन्हें किस दिशा में करिअर बनाने के लिए आगे बढ़ना चाहिए। परिणाम से छात्र के साथ-साथ उनके अभिभावकों की टेंशन भी दूर हो जाएगी।

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संतान को जन्म न दे सकी तो सेंट्रल स्टेशन से मासूम को चुराया https://tosnews.com/%e0%a4%b8%e0%a4%82%e0%a4%a4%e0%a4%be%e0%a4%a8-%e0%a4%95%e0%a5%8b-%e0%a4%9c%e0%a4%a8%e0%a5%8d%e0%a4%ae-%e0%a4%a8-%e0%a4%a6%e0%a5%87-%e0%a4%b8%e0%a4%95%e0%a5%80-%e0%a4%a4%e0%a5%8b-%e0%a4%b8%e0%a5%87/143208 Sun, 19 Aug 2018 09:56:18 +0000 https://tosnews.com/?p=143208 दस साल तक संतान नहीं हुई तो 17 अगस्त की दोपहर महिला सेंट्रल रेलवे स्टेशन से बच्चा चुराकर भाग निकली थी। सीसीटीवी फुटेज से

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दस साल तक संतान नहीं हुई तो 17 अगस्त की दोपहर महिला सेंट्रल रेलवे स्टेशन से बच्चा चुराकर भाग निकली थी। सीसीटीवी फुटेज से पहचान के बाद जीआरपी ने महिला को पकड़कर बच्चे की बरामदगी कर ली है। फिलहाल जीआरपी मामले में जाच कर रही है कि महिला कहीं बच्चा चोर गिरोह से तो नहीं जुड़ी है।दस साल तक संतान नहीं हुई तो 17 अगस्त की दोपहर महिला सेंट्रल रेलवे स्टेशन से बच्चा चुराकर भाग निकली थी। सीसीटीवी फुटेज से पहचान के बाद जीआरपी ने महिला को पकड़कर बच्चे की बरामदगी कर ली है। फिलहाल जीआरपी मामले में जाच कर रही है कि महिला कहीं बच्चा चोर गिरोह से तो नहीं जुड़ी है।  बिल्हौर के रहीमपुर करीमपुर निवासी बबलू आजाद 17 अगस्त को पत्‍‌नी व एक वर्षीय बेटे हसन के साथ बिहार जा रहे थे। सेंट्रल रेवले स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर 7 पर वह ट्रेन का इंतजार कर रहा था। इस दौरान एक महिला उन्हें बातों में उलझाकर हसन को उठा ले गई। सीसीटीवी कैमरे के फुटेज में महिला की पहचान कराने के बाद जीआरपी ने जाच शुरू की थी। रविवार को सीओ जीआरपी राजेश द्विवेदी ने बताया की आरोपित महिला का नाम बबीता केसरवानी पत्‍‌नी सोनू केसरवानी है, जो कि इलाहाबाद के सिराथू की रहने वाली है। दोनों रेल बाज़ार की कुमार मंडी में किराये के मकान में रहते हैं। शादी के 10 साल बाद भी बबीता के कोई संतान नहीं हुई थी। इसके चलते उसने सेंट्रल स्टेशन से बच्चे को चुराने की वारदात को अंजाम दिया। बबीता बच्चे को लेकर सिराथू चली गई थी। बताया जा रहा है कि जीआरपी ने बच्चे को सिराथू से बरामद किया है। जबकि कागजी कार्रवाई में बबीता को गोविंदपुरी रेलवे स्टेशन से गिरफ्तार बताया गया है। जीआरपी ने बच्चे दंपती के सुपुर्द किया तो मां की गोद में जाते ही हसन चहकने लगा। 'दैनिक जागरण' ने इस मामले में सेंट्रल रेलवे स्टेशन पर सुरक्षा इंतजाम पर तमाम कमियों की ओर इशारा किया था। इसमें सेंट्रल स्टेशन पर अवैध वेंडरों पर भी अपराधिक गतिविधियों में लिप्त होने की आशका व्यक्त की गई थी। पुलिस की जाच के बाद सामने आया है कि बबीता का पति सोनू सेंट्रल रेलवे स्टेशन पर अवैध वेंडर है। पुलिस सोनू से भी पूछताछ कर रही है।

बिल्हौर के रहीमपुर करीमपुर निवासी बबलू आजाद 17 अगस्त को पत्‍‌नी व एक वर्षीय बेटे हसन के साथ बिहार जा रहे थे। सेंट्रल रेवले स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर 7 पर वह ट्रेन का इंतजार कर रहा था। इस दौरान एक महिला उन्हें बातों में उलझाकर हसन को उठा ले गई। सीसीटीवी कैमरे के फुटेज में महिला की पहचान कराने के बाद जीआरपी ने जाच शुरू की थी। रविवार को सीओ जीआरपी राजेश द्विवेदी ने बताया की आरोपित महिला का नाम बबीता केसरवानी पत्‍‌नी सोनू केसरवानी है, जो कि इलाहाबाद के सिराथू की रहने वाली है। दोनों रेल बाज़ार की कुमार मंडी में किराये के मकान में रहते हैं। शादी के 10 साल बाद भी बबीता के कोई संतान नहीं हुई थी। इसके चलते उसने सेंट्रल स्टेशन से बच्चे को चुराने की वारदात को अंजाम दिया। बबीता बच्चे को लेकर सिराथू चली गई थी। बताया जा रहा है कि जीआरपी ने बच्चे को सिराथू से बरामद किया है। जबकि कागजी कार्रवाई में बबीता को गोविंदपुरी रेलवे स्टेशन से गिरफ्तार बताया गया है। जीआरपी ने बच्चे दंपती के सुपुर्द किया तो मां की गोद में जाते ही हसन चहकने लगा। ‘दैनिक जागरण’ ने इस मामले में सेंट्रल रेलवे स्टेशन पर सुरक्षा इंतजाम पर तमाम कमियों की ओर इशारा किया था। इसमें सेंट्रल स्टेशन पर अवैध वेंडरों पर भी अपराधिक गतिविधियों में लिप्त होने की आशका व्यक्त की गई थी। पुलिस की जाच के बाद सामने आया है कि बबीता का पति सोनू सेंट्रल रेलवे स्टेशन पर अवैध वेंडर है। पुलिस सोनू से भी पूछताछ कर रही है।

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बिल्हौर में 225 मेगावॉट के सोलर पावर प्लांट स्थापना में आई तेजी https://tosnews.com/%e0%a4%ac%e0%a4%bf%e0%a4%b2%e0%a5%8d%e0%a4%b9%e0%a5%8c%e0%a4%b0-%e0%a4%ae%e0%a5%87%e0%a4%82-225-%e0%a4%ae%e0%a5%87%e0%a4%97%e0%a4%be%e0%a4%b5%e0%a5%89%e0%a4%9f-%e0%a4%95%e0%a5%87-%e0%a4%b8%e0%a5%8b/142970 Sat, 18 Aug 2018 11:07:16 +0000 https://tosnews.com/?p=142970 बिल्हौर तहसील के नदिहा खुर्द में पहले 1320 मेगावॉट का सुपर थर्मल पावर प्लांट स्थापित किया जाना था। दिसंबर माह में तय किया गया

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बिल्हौर तहसील के नदिहा खुर्द में पहले 1320 मेगावॉट का सुपर थर्मल पावर प्लांट स्थापित किया जाना था। दिसंबर माह में तय किया गया कि अब यहां 225 मेगावॉट का सोलर पावर प्लांट स्थापित किया जाएगा। सारी प्रक्रिया पूरी हो गई, लेकिन आज तक विद्युत विभाग से बिजली की दरों को लेकर अनुबंध न होने के कारण यह प्रोजेक्ट अटक गया। उम्मीद है कि अगले हफ्ते एनटीपीसी और विभाग के बीच समझौता हो जाएगा और इस प्रोजेक्ट पर काम शुरू होगा।बिल्हौर में 225 मेगावॉट के सोलर पावर प्लांट स्थापना में आई तेजी

बिल्हौर में एनटीसीपी को आठ साल पहले 1320 मेगावॉट का पावर प्लांट स्थापित करने की जिम्मेदारी दी गई थी। एनटीपीसी ने तैयारी भी कर ली , लेकिन पिछले साल प्रोजेक्ट को रद कर दिया गया। तय किया गया कि बढ़ते प्रदूषण के खतरे से बचाने के लिए यह जरूरी है कि सोलर पावर प्लांट स्थापित किया जाए। एनटीपीसी बोर्ड के प्रस्ताव को ऊर्जा मंत्रालय से भी मंजूरी मिली। 225 मेगावॉट के प्लांट का खाका खींचा गया। भूमि भी उपलब्ध है ऐसे में अब सिर्फ रेट को लेकर अनुबंध होना है। एक वरिष्ठ प्रशासनिक अफसर के मुताबिक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जल्द ही पनकी स्थित पावर प्लांट में 660 मेगावॉट बिजली के प्लांट और डोड़वा जमौली के सोलर पावर प्लांट की आधारशिला रखने आएंगे। यही वजह है कि प्रदेश सरकार भी जल्द ही एनटीपीसी से अनुबंध करा सकती है ताकि जब प्रधानमंत्री का कार्यक्रम पनकी पावर प्लांट के लिए तय हो तो सारी औपचारिकता पूरी हो चुकी हो। 

इन गांवों की ली गई भूमि

उत्तरी गांव में 26.2750 हेक्टेयर भूमि, मदारा रायगुमान में 172.75388 हेक्टेयर, नदिहा खुर्द में 105.4190 हेक्टेयर, डोड़वा जमौली में 80.0330 हेक्टेयर भूमि अधिग्रहीत की गई है।

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भिक्षावृत्ति की बेड़ियां तोड़ ख्वाब संजोने लगी हैं ये लड़कियां https://tosnews.com/%e0%a4%ad%e0%a4%bf%e0%a4%95%e0%a5%8d%e0%a4%b7%e0%a4%be%e0%a4%b5%e0%a5%83%e0%a4%a4%e0%a5%8d%e0%a4%a4%e0%a4%bf-%e0%a4%95%e0%a5%80-%e0%a4%ac%e0%a5%87%e0%a5%9c%e0%a4%bf%e0%a4%af%e0%a4%be%e0%a4%82/142788 Fri, 17 Aug 2018 11:48:12 +0000 https://tosnews.com/?p=142788 वो दिन उसके खेलने के थे। जिंदगी की दुश्वारियां और उसके अर्थ को समझने की समझ भी उसमें नहीं थी। बस इतना मालूम था,

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वो दिन उसके खेलने के थे। जिंदगी की दुश्वारियां और उसके अर्थ को समझने की समझ भी उसमें नहीं थी। बस इतना मालूम था, ‘अंकल भूख लगी है पैसे दे दो’ कहने से कुछ पैसे मिल जाते हैं। जिससे वह टॉफी, बिस्कुट के साथ कुछ खाना खरीद लेगी। कुछ इसी तरह दिल्ली के रेलवे स्टेशन पर तीन वर्ष की उम्र से भीख मांगकर जिंदगी काट रही थी पूजा। सख्ती हुई तो नानी संग कानपुर सेंट्रल आ गई। यहां भी वही क्रम शुरू हुआ। सुबह इस उम्मीद से शुरू होती, कि आज कुछ ज्यादा मिलेगा और रात इस जद्दोजहद में गुजरती कि कल न जाने किस्मत में क्या लिखा है। सेंट्रल स्टेशन के प्लेटफार्म, आती जाती ट्रेनों और रोज बदलते चेहरों के बीच छह वर्ष कब गुजर गए, पता ही नहीं चला। पूजा नौ वर्ष की हो गई थी। इसी बीच रेलवे चाइल्ड लाइन के कार्यकर्ताओं ने उसे देखा और काउंसिलिंग की। उन्होंने पूजा को पढ़ने के लिए कहा, तो वह तुरंत तैयार हो गई। उसे सुभाष चिल्ड्रेन होम में रखा गया। कुछ माह रहने के बाद नौबस्ता के राजीव विहार स्थित एक स्कूल में उसका दाखिला कराया गया। पूजा बहुत खुश है। स्कूल जाते हुए उसे दो माह हुए हैं और वह अपनी कक्षा की मानीटर बन गई है। एक संस्था की नृत्य कक्षा में वह नियमित जा रही है। पूजा ने बताया कि वह भी दूसरे बच्चों की तरह पढ़ना लिखना चाहती है। क्या बनना चाहती हो के सवाल पर वह बोली, अपनी जैसी लड़कियों की मदद करूंगी। इस जवाब ने साफ कर दिया कि छोटी सी उम्र में उसके इरादे बड़े हैं। फिलहाल पूजा के जैसी कई और बेटियां हैं जिन्होंने इस दंश को झेला, महसूस किया। पूजा की तरह छह वर्षीय शिफा व आसिका, आठ वर्षीय रूबिया और 12 वर्षीय खुशबू की जिंदगी बदल चुकी है। इन बेटियों की भिक्षावृत्ति की बेड़ियां टूटीं और अब वह अपने ख्वाब संजोने को पूरी तरह आजाद हैं।वो दिन उसके खेलने के थे। जिंदगी की दुश्वारियां और उसके अर्थ को समझने की समझ भी उसमें नहीं थी। बस इतना मालूम था, 'अंकल भूख लगी है पैसे दे दो' कहने से कुछ पैसे मिल जाते हैं। जिससे वह टॉफी, बिस्कुट के साथ कुछ खाना खरीद लेगी। कुछ इसी तरह दिल्ली के रेलवे स्टेशन पर तीन वर्ष की उम्र से भीख मांगकर जिंदगी काट रही थी पूजा। सख्ती हुई तो नानी संग कानपुर सेंट्रल आ गई। यहां भी वही क्रम शुरू हुआ। सुबह इस उम्मीद से शुरू होती, कि आज कुछ ज्यादा मिलेगा और रात इस जद्दोजहद में गुजरती कि कल न जाने किस्मत में क्या लिखा है। सेंट्रल स्टेशन के प्लेटफार्म, आती जाती ट्रेनों और रोज बदलते चेहरों के बीच छह वर्ष कब गुजर गए, पता ही नहीं चला। पूजा नौ वर्ष की हो गई थी। इसी बीच रेलवे चाइल्ड लाइन के कार्यकर्ताओं ने उसे देखा और काउंसिलिंग की। उन्होंने पूजा को पढ़ने के लिए कहा, तो वह तुरंत तैयार हो गई। उसे सुभाष चिल्ड्रेन होम में रखा गया। कुछ माह रहने के बाद नौबस्ता के राजीव विहार स्थित एक स्कूल में उसका दाखिला कराया गया। पूजा बहुत खुश है। स्कूल जाते हुए उसे दो माह हुए हैं और वह अपनी कक्षा की मानीटर बन गई है। एक संस्था की नृत्य कक्षा में वह नियमित जा रही है। पूजा ने बताया कि वह भी दूसरे बच्चों की तरह पढ़ना लिखना चाहती है। क्या बनना चाहती हो के सवाल पर वह बोली, अपनी जैसी लड़कियों की मदद करूंगी। इस जवाब ने साफ कर दिया कि छोटी सी उम्र में उसके इरादे बड़े हैं। फिलहाल पूजा के जैसी कई और बेटियां हैं जिन्होंने इस दंश को झेला, महसूस किया। पूजा की तरह छह वर्षीय शिफा व आसिका, आठ वर्षीय रूबिया और 12 वर्षीय खुशबू की जिंदगी बदल चुकी है। इन बेटियों की भिक्षावृत्ति की बेड़ियां टूटीं और अब वह अपने ख्वाब संजोने को पूरी तरह आजाद हैं।    कानपुर में कागजों पर पढ़ाई कर रहे थे 48 हजार बच्चे यह भी पढ़ें (सभी नाम बदले हुए हैं) अपना नाम करना है, कुछ बड़ा काम करना है  इन बेटियों से दैनिक जागरण ने बातचीत की तो सभी ने कहा, पढ़ लिखकर अपना नाम करना है। कुछ बड़ा काम करना है। घर जाने का सवाल पूछा तो बोलीं, यहां सब लोग हैं। अब हमें घर नहीं जाना। बता दें ये बेटियां नृत्य, पेंटिंग, गाना गाने जैसे हुनर भी रखती हैं। सुभाष चिल्ड्रेन सोसाइटी के निदेशक कमलकांत तिवारी बताते हैं कि बेटियों का बेहतर भविष्य बनाना ही हमारा लक्ष्य है। कुछ के पतों की जानकारी हुई है लेकिन यह घर नहीं जाना चाहती। ऐसे में हम दबाव नहीं डालते।

(सभी नाम बदले हुए हैं) अपना नाम करना है, कुछ बड़ा काम करना है

इन बेटियों से दैनिक जागरण ने बातचीत की तो सभी ने कहा, पढ़ लिखकर अपना नाम करना है। कुछ बड़ा काम करना है। घर जाने का सवाल पूछा तो बोलीं, यहां सब लोग हैं। अब हमें घर नहीं जाना। बता दें ये बेटियां नृत्य, पेंटिंग, गाना गाने जैसे हुनर भी रखती हैं। सुभाष चिल्ड्रेन सोसाइटी के निदेशक कमलकांत तिवारी बताते हैं कि बेटियों का बेहतर भविष्य बनाना ही हमारा लक्ष्य है। कुछ के पतों की जानकारी हुई है लेकिन यह घर नहीं जाना चाहती। ऐसे में हम दबाव नहीं डालते।

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केंद्र व राज्य सरकार के खिलाफ हल्ला बोल, प्रदेश भर में करेंगे यात्रा : शिवपाल https://tosnews.com/%e0%a4%95%e0%a5%87%e0%a4%82%e0%a4%a6%e0%a5%8d%e0%a4%b0-%e0%a4%b5-%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%9c%e0%a5%8d%e0%a4%af-%e0%a4%b8%e0%a4%b0%e0%a4%95%e0%a4%be%e0%a4%b0-%e0%a4%95%e0%a5%87-%e0%a4%96%e0%a4%bf/142638 Thu, 16 Aug 2018 13:28:08 +0000 https://tosnews.com/?p=142638 लाखों लोगों के बलिदान से मिली आजादी के बाद आज सरकार की नीतियों की वजह से बड़ा सवाल खड़ा है कि किसका और कैसा

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लाखों लोगों के बलिदान से मिली आजादी के बाद आज सरकार की नीतियों की वजह से बड़ा सवाल खड़ा है कि किसका और कैसा विकास हो रहा है। गरीब मजलूम, किसान, नौजवानों के साथ ही लघु व मंझोले व्यवसायी संकट में हैं। भ्रष्टाचार कई गुना बढ़ चुका है। ये बातें 72 वें स्वतंत्रता दिवस पर इटावा के तकिया चौराहे से 18 वीं श्रद्धाजलि यात्रा को रवाना करते हुए पूर्व लोक निर्माण मंत्री शिवपाल ड्क्षसह यादव ने कहीं।लाखों लोगों के बलिदान से मिली आजादी के बाद आज सरकार की नीतियों की वजह से बड़ा सवाल खड़ा है कि किसका और कैसा विकास हो रहा है। गरीब मजलूम, किसान, नौजवानों के साथ ही लघु व मंझोले व्यवसायी संकट में हैं। भ्रष्टाचार कई गुना बढ़ चुका है। ये बातें 72 वें स्वतंत्रता दिवस पर इटावा के तकिया चौराहे से 18 वीं श्रद्धाजलि यात्रा को रवाना करते हुए पूर्व लोक निर्माण मंत्री शिवपाल ड्क्षसह यादव ने कहीं।  उन्होंने कहा कि जल्द ही केंद्र व राज्य सरकार की नीतियों के खिलाफ नौजवानों व आम जन के साथ हल्ला बोलेंगे और प्रदेश भर में यात्रा करेंगे। उन्होंने कहा कि जब आजादी मिली थी तो महात्मा गाधी बहुत दूर नोआखाली के दंगों को शात करने में लगे थे, वे आजादी के जश्न में शामिल नहीं हुए। उन्होंने कहा था कि जब तक किसी के आखों में आसू हो मैं जश्न कैसे मना सकता हूं। शिवपाल कहा कि केंद्र सरकार ने अपना कोई भी वादा पूरा नहीं किया। दो करोड़ रोजगार देने का वादा करने वाले प्रधानमंत्री मोदी रोजगार सहित तमाम वादों को पूरा करने में विफल रहे हैं। युवाओं में निराशा है। उन्होंने सपा कार्यकर्ताओं को सलाह दी कि विपक्ष में रहते सरकार की नीतियों के खिलाफ उनका स्वर मुखर व सशक्त रहे। उन्होंने चौधरी चरण सिंह पीजी कॉलेज, हैंवरा, डिस्ट्रिक्ट कोआपरेटिव बैंक सहित विभिन्न संस्थानों पर ध्वजारोहण व पौधरोपण किया। यहां पर पूर्व मंत्री रामसेवक यादव, पूर्व सपा जिलाध्यक्ष सुनील यादव, पूर्व विधायक व पूर्व सासद रघुराज सिंह शाक्य, पूर्व विधायक सुखदेवी वर्मा, जिला पंचायत सदस्य बबलू यादव, ब्लॉक प्रमुख मोंटी यादव आदि थे।

उन्होंने कहा कि जल्द ही केंद्र व राज्य सरकार की नीतियों के खिलाफ नौजवानों व आम जन के साथ हल्ला बोलेंगे और प्रदेश भर में यात्रा करेंगे। उन्होंने कहा कि जब आजादी मिली थी तो महात्मा गाधी बहुत दूर नोआखाली के दंगों को शात करने में लगे थे, वे आजादी के जश्न में शामिल नहीं हुए। उन्होंने कहा था कि जब तक किसी के आखों में आसू हो मैं जश्न कैसे मना सकता हूं। शिवपाल कहा कि केंद्र सरकार ने अपना कोई भी वादा पूरा नहीं किया। दो करोड़ रोजगार देने का वादा करने वाले प्रधानमंत्री मोदी रोजगार सहित तमाम वादों को पूरा करने में विफल रहे हैं। युवाओं में निराशा है। उन्होंने सपा कार्यकर्ताओं को सलाह दी कि विपक्ष में रहते सरकार की नीतियों के खिलाफ उनका स्वर मुखर व सशक्त रहे। उन्होंने चौधरी चरण सिंह पीजी कॉलेज, हैंवरा, डिस्ट्रिक्ट कोआपरेटिव बैंक सहित विभिन्न संस्थानों पर ध्वजारोहण व पौधरोपण किया। यहां पर पूर्व मंत्री रामसेवक यादव, पूर्व सपा जिलाध्यक्ष सुनील यादव, पूर्व विधायक व पूर्व सासद रघुराज सिंह शाक्य, पूर्व विधायक सुखदेवी वर्मा, जिला पंचायत सदस्य बबलू यादव, ब्लॉक प्रमुख मोंटी यादव आदि थे।

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