उत्तराखण्ड – TOS News https://tosnews.com Latest Hindi Breaking News and Features Mon, 06 Aug 2018 05:39:17 +0000 en-US hourly 1 https://wordpress.org/?v=4.9.8 https://tosnews.com/wp-content/uploads/2017/03/tosnews-favicon-45x45.png उत्तराखण्ड – TOS News https://tosnews.com 32 32 उमा भारती ने गंगा रक्षा को गंगा एक्ट बनाने के लिए मांगा कुछ दिन का समय… https://tosnews.com/%e0%a4%89%e0%a4%ae%e0%a4%be-%e0%a4%ad%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a4%a4%e0%a5%80-%e0%a4%a8%e0%a5%87-%e0%a4%97%e0%a4%82%e0%a4%97%e0%a4%be-%e0%a4%b0%e0%a4%95%e0%a5%8d%e0%a4%b7%e0%a4%be-%e0%a4%95%e0%a5%8b/140411 Sun, 05 Aug 2018 10:22:31 +0000 https://tosnews.com/?p=140411 हरिद्वार : केंद्रीय पेयजल एवं स्वच्छता मंत्री उमा भारती गंगा रक्षा को आंदोलित 45 दिनों से अनशनरत स्वामी सानंद से हरिद्वार में मुलाकात के बाद

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हरिद्वार : केंद्रीय पेयजल एवं स्वच्छता मंत्री उमा भारती गंगा रक्षा को आंदोलित 45 दिनों से अनशनरत स्वामी सानंद से हरिद्वार में मुलाकात के बाद शनिवार देर रात दिल्ली रवाना हो गईं।

उन्होंने देशवासियों सहित स्वामी सानंद को यह विश्वास दिलाया कि गंगा की रक्षा के लिए उनका संकल्प दृढ़ है और गंगा के साथ हो रहे अहित को रोकने के लिए वह अपनी जान पर भी खेल जाएंगी। उन्होंने स्वामी सानंद से गंगा एक्ट के लिए केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रतिबद्धता व गंभीरता का हवाला देते हुए अगले 45 दिनों की मोहलत मांगी। साथ ही उनसे इस दौरान फल और जूस लेने का आग्रह भी किया। उन्होंने कहा कि वह बेहद दुखी मन के साथ वापस लौट रही हैं और ईश्वर से स्वामी सानंद के बेहतर स्वास्थ्य की कामना करती हैं।

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उत्‍तराखंड में बारिश ने मचाया कोहराम, चमोली में फटा बादल https://tosnews.com/%e0%a4%89%e0%a4%a4%e0%a5%8d%e2%80%8d%e0%a4%a4%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%96%e0%a4%82%e0%a4%a1-%e0%a4%ae%e0%a5%87%e0%a4%82-%e0%a4%ac%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a4%bf%e0%a4%b6-%e0%a4%a8%e0%a5%87-%e0%a4%ae/140354 Sun, 05 Aug 2018 07:09:08 +0000 https://tosnews.com/?p=140354 उत्‍तराखंड के चमोली जिले में रविवार को बादल फटने से कई मकान क्षतिग्रस्‍त हो गए. चमोली के सुनाली गांव में हुई इस घटना से इलाके में हड़कंप

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उत्‍तराखंड के चमोली जिले में रविवार को बादल फटने से कई मकान क्षतिग्रस्‍त हो गए. चमोली के सुनाली गांव में हुई इस घटना से इलाके में हड़कंप मच गया. इसमें पांच मकानों को नुकसान पहुंचा. साथ ही घर में सो रहे एक ही परिवार के चार लोग घायल हुए हैं. हादसे में चार मवेशी भी मलबे में जिंदा दफन हुए हैं. घायलों को ग्रामीणों की मदद से निकालकर अस्‍पताल भेजा गया है.

सुनाली गांव में हुई घटना
बताया गया कि रविवार तड़के सुनाली गांव के ऊपर पेरा तोक में बादल फटने से नाला उफान पर था. नाले में मलबा पत्थर आने से पांच मकानों को क्षति पहुंची है. घर में सो रहे ग्रामीण घायल हुए हैं. जिलाधिकारी स्वाती एस भदौरिया ने आपदा राहत टीम मौके लिए रवाना कर दी है.

भूस्‍खलन से तीर्थयात्री फंसे
वहीं चमोली में लगातार बारिश के कारण नंदप्रयाग के पास पहाड़ी दरकने से भूस्खलन हुआ है. इससे 50 मीटर हाईवे भारी मलबे और बोल्डर से दब गया है. इस कारण बद्रीनाथ, हेमकुण्ड साहिब की यात्रा बाधित हो गई. हाईवे के दोनों ओर यात्री  फंसे हुए हैं और हाईवे खुलने का इंतजार कर रहे हैं. बारिश के चलते बार बार रास्‍ता बाधित होने से बद्रीनाथ धाम आने वाले यात्रियों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है. यात्रियों को हाईवे खुलने के इंतजार में कई घंटे रुकना पड़ रहा है. नंदप्रयाग में मलबा हटाने में एनएच कंपनी लगी हुई है. लेकिन मलबा बार-बार हाईवे पर आ रहा है. वहीं चटान से पत्थर गिरने का खतरा भी बना हुआ है.

जनजीवन प्रभावित
रुद्रप्रयाग जनपद के अगस्त्यमुनि विकास खण्ड़ के कालोगाड़ तोक में बनी जिला पंचायत की पुलिया क्षतिग्रस्त हो गई है. एक दर्जन से ज्यादा ग्रामीणों का पुलिया टूटने से सम्पर्क कट गया है. खासकर स्कूल के बच्चों को स्कूल जाने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है. बच्चे किसी तरह गदेरे को पार करके स्कूल पहुंच रहे हैं लेकिन ग्रामीणों को हमेशा डर बना हुआ है कि कहीं उनके बच्चे गदेरे में ना बह जाएं. आपको बता दें कि इस पुलिया से एक दर्जन से ज्यादा गांव का संपर्क कट गया है. जिलाधिकारी का कहना है ग्रामीणों की समस्या को ध्यान में रखते हुए  आपदा मद से इस पुलिया को जल्द-जल्द बना दिया जाएगा.

हल्‍द्वानी में भारी बारिश
वहीं हल्‍द्वानी में भी देर रात से लगातार मूसलाधार बारिश हो रही है. इससे गौला, नंधौर और कोसी नदी का जलस्तर बढ़ गया है. बारिश से सभी नदी नाले उफान पर है. बारिश से सड़कों और लोगों के घरों में जलभराव हो गया है. हल्द्वानी में 35 MM बारिश रिकॉर्ड की गई है. बारिश के चलते रकसिया नाले से लोगों को खतरे की आशंका जताई गई है. पुलिस, प्रशासन, आपदा प्रबंधन एसडीआरएफ और जल पुलिस की टीम अलर्ट पर हैं. डीएम और एसएसपी भी स्थिति पर नजर रखे हुए हैं. जिला प्रशासन ने लोगों से नदी नालों के पास ना जाने की अपील की है. एसएसपी ने सभी थानों की पुलिस को अलर्ट रहने के निर्देश दिए हैं.

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होम स्टे योजना से बहुरेंगे दिन, मिलेगा पर्यटन को बढ़ावा https://tosnews.com/%e0%a4%b9%e0%a5%8b%e0%a4%ae-%e0%a4%b8%e0%a5%8d%e0%a4%9f%e0%a5%87-%e0%a4%af%e0%a5%8b%e0%a4%9c%e0%a4%a8%e0%a4%be-%e0%a4%b8%e0%a5%87-%e0%a4%ac%e0%a4%b9%e0%a5%81%e0%a4%b0%e0%a5%87%e0%a4%82%e0%a4%97/140302 Sat, 04 Aug 2018 12:04:03 +0000 https://tosnews.com/?p=140302 उत्तराखंड सरकार में देशी-विदेशी पर्यटकों को अभूतपूर्व अनुभव प्रदान करने के साथ ही स्थानीय लोगों को रोजगार से जोड़ने के लिए पंडित दीनदयाल गृह

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उत्तराखंड सरकार में देशी-विदेशी पर्यटकों को अभूतपूर्व अनुभव प्रदान करने के साथ ही स्थानीय लोगों को रोजगार से जोड़ने के लिए पंडित दीनदयाल गृह आवास (होम स्टे) विकास योजना शुरू की है। सरकार का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण पर्यटन के विकास के साथ पर्यटकों को आवास की सुविधा देने के साथ स्थानीय लोगों को रोजगार से जोड़ना भी है। मुख्यमंत्री के निर्देश पर पूरे देहरादून जनपद में इस वित्तीय वर्ष में डेढ़ सौ होम स्टे बनाने का लक्ष्य दिया गया है। डोईवाला विकासखंड के अंतर्गत भी योजना के क्रियावयन की दिशा में फार्म भी जमा किए जा रहे हैं।उत्तराखंड सरकार में देशी-विदेशी पर्यटकों को अभूतपूर्व अनुभव प्रदान करने के साथ ही स्थानीय लोगों को रोजगार से जोड़ने के लिए पंडित दीनदयाल गृह आवास (होम स्टे) विकास योजना शुरू की है। सरकार का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण पर्यटन के विकास के साथ पर्यटकों को आवास की सुविधा देने के साथ स्थानीय लोगों को रोजगार से जोड़ना भी है। मुख्यमंत्री के निर्देश पर पूरे देहरादून जनपद में इस वित्तीय वर्ष में डेढ़ सौ होम स्टे बनाने का लक्ष्य दिया गया है। डोईवाला विकासखंड के अंतर्गत भी योजना के क्रियावयन की दिशा में फार्म भी जमा किए जा रहे हैं।   प्रदेश सरकार द्वारा नगर निगम क्षेत्र को छोड़कर राज्य के अन्य क्षेत्रों में नए गृह आवास विकसित करने के अतिरिक्त पूर्व से होम की स्टेट योजना के अंतर्गत पंजीकृत पुराने भवनों की आंतरिक साज सज्जा, उनका विस्तार, नवीनीकरण, सुधार एवं शौचालयों के निर्माण आदि के लिए योजना का लाभ अनुमन्य किया गया है।   योजना के अंतर्गत राजकीय सहायता का प्रावधान भी किया गया है। मुख्यमंत्री के निर्देश पर स्थानीय लोगों को रोजगार से जोड़ने के लिए वर्ष 2020 के अंतर्गत पूरे राज्य में 5000 होम स्टेट बनाए जाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। जबकि देहरादून जनपद के लिए इस वित्तीय वर्ष में डेढ़ सौ होम स्टेट बनाए जाने का लक्ष्य दिया गया है। जिला मुख्य विकास अधिकारी देहरादून जीएस रावत ने बताया कि उत्तराखंड पर्यटन विकास परिषद पर्वतीय क्षेत्र के लोगों को रोजगार से जोड़ने के लिए पंडित दीनदयाल उपाध्याय गृह आवास विकास योजना का शुभारंभ किया गया है।    होम स्टे योजना भी नहीं लुभा पा रही सैलानियों को यह भी पढ़ें उन्होंने बताया कि मुख्य हाइवे के किनारे बाहर से आने वाले पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए स्थानीय बेरोजगार युवक अपनी जमीन पर पर्यटकों के लिए स्टेट होम योजना के अंतर्गत कमरे बनाकर किराए पर दे सकते हैं। उन्होंने बताया कि बाहर से उत्तराखंड घूमने आने वाले पर्यटक यात्री इन आवासों पर रह भी सकते हैं। इससे स्थानीय युवाओं को रोजगार भी उपलब्ध हो पाएगा। उन्होंने बताया कि सरकार इसके लिए 25 प्रतिशत सब्सिडी के साथ लोन की व्यवस्था भी कर रही है। बड़कोट, भोगपुर, थानों, ऋषिकेश, हरिद्वार, डोईवाला मुख्य हाईवे के आसपास भी इस योजना के लिए आवेदन फार्म भरे जा रहे हैं।   सहायक खंड विकास अधिकारी डोईवाला बीएस नेगी ने बताया कि उत्तराखंड पर्यटन विकास परिषद द्वारा चलाई जा रही इस योजना से संबंधित आवेदन फार्म लाभार्थी डोईवाला विकासखंड से भी प्राप्त कर सकते हैं। इस योजना के संबंध में 16 जुलाई को मुख्य विकास अधिकारी देहरादून की अध्यक्षता में बैठक भी आयोजित की जा चुकी है

प्रदेश सरकार द्वारा नगर निगम क्षेत्र को छोड़कर राज्य के अन्य क्षेत्रों में नए गृह आवास विकसित करने के अतिरिक्त पूर्व से होम की स्टेट योजना के अंतर्गत पंजीकृत पुराने भवनों की आंतरिक साज सज्जा, उनका विस्तार, नवीनीकरण, सुधार एवं शौचालयों के निर्माण आदि के लिए योजना का लाभ अनुमन्य किया गया है। 

योजना के अंतर्गत राजकीय सहायता का प्रावधान भी किया गया है। मुख्यमंत्री के निर्देश पर स्थानीय लोगों को रोजगार से जोड़ने के लिए वर्ष 2020 के अंतर्गत पूरे राज्य में 5000 होम स्टेट बनाए जाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। जबकि देहरादून जनपद के लिए इस वित्तीय वर्ष में डेढ़ सौ होम स्टेट बनाए जाने का लक्ष्य दिया गया है। जिला मुख्य विकास अधिकारी देहरादून जीएस रावत ने बताया कि उत्तराखंड पर्यटन विकास परिषद पर्वतीय क्षेत्र के लोगों को रोजगार से जोड़ने के लिए पंडित दीनदयाल उपाध्याय गृह आवास विकास योजना का शुभारंभ किया गया है। 

उन्होंने बताया कि मुख्य हाइवे के किनारे बाहर से आने वाले पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए स्थानीय बेरोजगार युवक अपनी जमीन पर पर्यटकों के लिए स्टेट होम योजना के अंतर्गत कमरे बनाकर किराए पर दे सकते हैं। उन्होंने बताया कि बाहर से उत्तराखंड घूमने आने वाले पर्यटक यात्री इन आवासों पर रह भी सकते हैं। इससे स्थानीय युवाओं को रोजगार भी उपलब्ध हो पाएगा। उन्होंने बताया कि सरकार इसके लिए 25 प्रतिशत सब्सिडी के साथ लोन की व्यवस्था भी कर रही है। बड़कोट, भोगपुर, थानों, ऋषिकेश, हरिद्वार, डोईवाला मुख्य हाईवे के आसपास भी इस योजना के लिए आवेदन फार्म भरे जा रहे हैं। 

सहायक खंड विकास अधिकारी डोईवाला बीएस नेगी ने बताया कि उत्तराखंड पर्यटन विकास परिषद द्वारा चलाई जा रही इस योजना से संबंधित आवेदन फार्म लाभार्थी डोईवाला विकासखंड से भी प्राप्त कर सकते हैं। इस योजना के संबंध में 16 जुलाई को मुख्य विकास अधिकारी देहरादून की अध्यक्षता में बैठक भी आयोजित की जा चुकी है

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…तो इसलिए विधायकों को नहीं मिलेगा दायित्व… https://tosnews.com/%e0%a4%a4%e0%a5%8b-%e0%a4%87%e0%a4%b8%e0%a4%b2%e0%a4%bf%e0%a4%8f-%e0%a4%b5%e0%a4%bf%e0%a4%a7%e0%a4%be%e0%a4%af%e0%a4%95%e0%a5%8b%e0%a4%82-%e0%a4%95%e0%a5%8b-%e0%a4%a8%e0%a4%b9%e0%a5%80%e0%a4%82/140066 Fri, 03 Aug 2018 10:09:43 +0000 https://tosnews.com/?p=140066 देहरादून : सवा साल से सत्ता में हिस्सेदारी हासिल होने की उम्मीद पाले भाजपा विधायकों को फिलहाल मायूस होना पड़ सकता है। सरकार बहुत जल्द

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देहरादून : सवा साल से सत्ता में हिस्सेदारी हासिल होने की उम्मीद पाले भाजपा विधायकों को फिलहाल मायूस होना पड़ सकता है। सरकार बहुत जल्द दायित्वों का बटवारा तो करने जा रही है मगर इनमें किसी विधायक को शायद मौका नहीं मिल पाएगा। पहले चरण में संगठन से जुड़े वरिष्ठ नेताओं का ही नंबर लगेगा। शासन ने विभिन्न विभागों के अंतर्गत आने वाले दायित्वों के पदों का ब्योरा जुटाना शुरू कर दिया है। ऐसे में माना जा रहा है कि दायित्वों की पहली सूची जल्द जारी कर दी जाएगी।...तो इसलिए विधायकों को नहीं मिलेगा दायित्व...

लगभग सोलह महीने पहले सत्ता में आई भाजपा के लिए दायित्व वितरण इस बार इसलिए ज्यादा चुनौतीपूर्ण है क्योंकि इसकी कतार में लगभग 40 विधायक भी शामिल हैं। 70 सदस्यीय विधानसभा में भाजपा के 57 विधायक हैं। इनमें से 10 मंत्रिमंडल का हिस्सा हैं, जबकि दो विधायक विधानसभा अध्यक्ष व उपाध्यक्ष का पद संभाल रहे हैं। हालांकि मंत्रिमंडल में अभी दो स्थान रिक्त हैं लेकिन अधिकांश भाजपा विधायकों की नजरें मंत्री पद के समकक्ष दायित्वों पर ही टिकी हैं। इनमें से कई तो पूर्व मंत्री हैं और दो या ज्यादा बार के विधायक भी खासी संख्या में हैं।

दायित्वों के दावेदार के रूप में विधायकों की इतनी बड़ी संख्या के बावजूद जिस तरह के संकेत मिल रहे हैं, उनसे साफ हो गया है कि इनका इंतजार फिलहाल खत्म होने नहीं जा रहा है। पार्टी के उच्च पदस्थ सूत्रों के मुताबिक पहले चरण में लगभग डेढ़ दर्जन दायित्व बांटे जाएंगे और इनमें अधिकांश संगठन के वरिष्ठ पदाधिकारी शामिल हैं। तर्क यह दिया जा रहा है कि विधानसभा चुनाव में जिन वरिष्ठ नेताओं को टिकट नहीं मिल पाया था, उन्हें अब पहले दायित्वों का लाभ दिया जाए। इस स्थिति में भाजपा विधायकों को फिलहाल मायूसी ही हाथ लग सकती है।

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष अजय भट्ट का कहना है कि दायित्व वितरण को लेकर कार्यकर्ताओं में कोई जल्दबाजी नहीं है। हमारा कार्यकर्ता दायित्व के पीछे भागने वाला नहीं है। कहीं कोई आक्रोश भी इसे लेकर नहीं है। हालांकि, दायित्व दिए जाने और पहले चरण में आयोगों को लेकर सहमति बन चुकी है। ये किसे दिए जाने हैं, यह तय होना अभी बाकी है।

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पार्टी ने मौका दिया तो लड़ूंगी लोकसभा चुनाव: इंदिरा https://tosnews.com/%e0%a4%aa%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%9f%e0%a5%80-%e0%a4%a8%e0%a5%87-%e0%a4%ae%e0%a5%8c%e0%a4%95%e0%a4%be-%e0%a4%a6%e0%a4%bf%e0%a4%af%e0%a4%be-%e0%a4%a4%e0%a5%8b-%e0%a4%b2%e0%a5%9c%e0%a5%82/140063 Fri, 03 Aug 2018 10:07:54 +0000 https://tosnews.com/?p=140063 भीमताल नैनीताल : नेता प्रतिपक्ष इंदिरा हृदयेश ने कहा कि यदि पार्टी ने उन्हें मौका दिया तो वह लोक सभा चुनाव लड़ने को तैयार

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भीमताल नैनीताल : नेता प्रतिपक्ष इंदिरा हृदयेश ने कहा कि यदि पार्टी ने उन्हें मौका दिया तो वह लोक सभा चुनाव लड़ने को तैयार हैं। उन्होंने विकास को लेकर राजनीति की और काम करके दिखाया भी है।पार्टी ने मौका दिया तो लड़ूंगी लोकसभा चुनाव: इंदिरा

शिक्षकों के समर्थन में बोलते हुए नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि जानकारी मिली है कि सरकार ने शिक्षकों के आंदोलन को तोड़ने के लिये स्वयं पैरवी की है। सत्तारूढ़ पार्टी सिर्फ वादे कर सकती है और उन पर अमल करना उनके बस में नहीं है। 

डॉ. इंदिरा ने कहा कि कुछ वर्ष पूर्व उन्होंने हल्द्वानी में रिंग रोड का एलान किया। योग्य इंजीनियरों से नक्शा तैयार कराया गया पर आज तक उस योजना में चार सौ करोड़ के सापेक्ष एक पैसा भी नहीं मिला। अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा की बात तो बेमानी है। आइएसबीटी निर्माण में फेल रही भाजपा सरकार केवल लोगों को घोषणा कर संतुष्ट कर रही है। कांग्रेस ही विकास चाहती है, करती है और आगे भी करेगी। 

शिक्षकों को धमकाने का प्रयास न करे 

नेता प्रतिपक्ष ने बताया कि आजादी से आज तक वह उत्तर प्रदेश में 28 लाख शिक्षकों और कर्मचारियों से जुड़ी रहीं पर किसी भी सरकार ने तानाशाही नहीं की। बताया कि वे शिक्षकों के साथ है और मुख्यमंत्री से हस्तक्षेप की आस रखती हैं। सरकार को चेताया कि शिक्षकों को धमकाने की कोशिश न करे। गुरु और शिष्य की हिमायती पार्टी गुरुजनों का उत्पीड़न बंद करे।

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देहरादून के मोहकमपुर में भारी बारिश, बादल फटने जैसे हालात बने, सहमे लोग https://tosnews.com/%e0%a4%a6%e0%a5%87%e0%a4%b9%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%a6%e0%a5%82%e0%a4%a8-%e0%a4%95%e0%a5%87-%e0%a4%ae%e0%a5%8b%e0%a4%b9%e0%a4%95%e0%a4%ae%e0%a4%aa%e0%a5%81%e0%a4%b0-%e0%a4%ae%e0%a5%87%e0%a4%82/139993 Fri, 03 Aug 2018 07:28:12 +0000 https://tosnews.com/?p=139993 मोहकमपुर में बृहस्पतिवार की रात अचानक भारी बारिश होने से बादल फटने जैसे हालात पैदा हो गए। मोहकमपुर क्षेत्र में महज 30 मिनट में

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मोहकमपुर में बृहस्पतिवार की रात अचानक भारी बारिश होने से बादल फटने जैसे हालात पैदा हो गए। मोहकमपुर क्षेत्र में महज 30 मिनट में 45 मिमी बारिश हुई तो तुरंत मौसम विभाग ने जिलाधिकारी और आपदा प्रबंधन विभाग को सूचित कर दिया। आनन-फानन में मौके पर एसडीआरएफ और पुलिस की टीमें मौके पर पहुंच गई। साथ ही लोगों को सतर्क करने के लिए क्षेत्र में मुनादी कराई गई। हर्रावाला चौकी इंचार्ज बृजपाल की ओर से इस संबंध में मोबाइल पर ऑडियो मैसेज भेजकर सचेत किया गया। भारी बारिश के बीच अचानक क्षेत्र में अफरातफरी देख लोग सहम गए। हालांकि, इस बीच बारिश रुक गई, जिससे प्रशासन और लोगों ने राहत की सांस ली।

बृहस्पतिवार रात करीब आठ बजे से राजधानी के अलग-अलग हिस्सों में तेज बारिश शुरू हो गई। इस दौरान मोहकमपुर क्षेत्र में आधे घंटे के दौरान करीब 45 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई। वहीं सर्वे चौक क्षेत्र में भी 20 मिमी बारिश दर्ज की गई। मोहकमपुर समेत आसपास के क्षेत्रों में तेज बारिश को देखते हुए मौसम विभाग ने बादलों की मॉनिटरिंग शुरू कर दी। मौसम केंद्र निदेशक बिक्रम सिंह की अगुवाई में अधिकारियों ने भारी बारिश के आधार पर बादल फटने की आशंका व्यक्त की। उन्होंने तुरंत जिलाधिकारी एसए मुरूगेशन और आपदा प्रबंधन केंद्र अधिकारियों को सूचना दी। मौके पर एसडीआरएफ तैनात कर दी गई।

नदी किनारे के सभी इलाके खाली करा दिए गए। बादल फटने जैसे हालात की सूचना लोगों तक पहुंची तो वह सहम गए। गनीमत रही कि 30 मिनट के बाद बारिश की रफ्तार धीमी हो गई। हालांकि सुरक्षा के तौर पर रातभर एसडीआरएफ और पुलिस के जवान क्षेत्र में मुस्तैद रहे। मौसम विभाग के निदेशक बिक्रम सिंह ने बताया कि सहस्त्रधारा और कुआंवाला क्षेत्र में भी भारी बारिश रिकॉर्ड की गई। गौतरलब है कि बीते माह इंदिरा नगर क्षेत्र में बादल फटने की घटना सामने आई थी। यहां एक घंटे में 100 मिमी से अधिक बारिश रिकॉर्ड की गई थी। बारिश की वजह से क्षेत्र में भारी तबाही हुई थी। 

बारिश से कई इलाकों में भरा पानी
रात को करीब आधे घंटे तक हुई मूसलाधार बारिश से राजधानी के कई इलाकों में पानी भर गया। इसके चलते लोगों को खासी परेशानी झेलनी पड़ी। विशेषकर पटेलनगर, मोहकमपुर, जोगीवाला, नेहरू कॉलोनी, धर्मपुर, घंटाघर, आराघर, छह नंबर पुलिया, कारगी चौक, आईएसबीटी, माजरा, मंडी समेत कई अन्य क्षेत्रों में जलभराव के कारण लोगों को दिक्कतें झेलनी पड़ी। 

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हाई कोर्ट के सम्मुख खुद दिए बयानों में फंसा राजकीय शिक्षक संघ https://tosnews.com/%e0%a4%b9%e0%a4%be%e0%a4%88-%e0%a4%95%e0%a5%8b%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%9f-%e0%a4%95%e0%a5%87-%e0%a4%b8%e0%a4%ae%e0%a5%8d%e0%a4%ae%e0%a5%81%e0%a4%96-%e0%a4%96%e0%a5%81%e0%a4%a6-%e0%a4%a6%e0%a4%bf/139885 Thu, 02 Aug 2018 11:07:19 +0000 https://tosnews.com/?p=139885 उच्च न्यायालय ने शिक्षक संघ से कहा कि अगर शिक्षकों की हड़ताल आगे भी जारी रहती है तो हम सरकार को सीधे कठोर कदम

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उच्च न्यायालय ने शिक्षक संघ से कहा कि अगर शिक्षकों की हड़ताल आगे भी जारी रहती है तो हम सरकार को सीधे कठोर कदम उठाने के निर्देश जारी करेंगे। याचिकाकर्ता के अधिवक्ता एसआरएस गिल ने बताया कि राजकीय शिक्षक संघ की तरफ से अपने लैटर पैड पर न्यायालय को अवगत किया गया था कि अनशन स्थगित किया गया है। जिस पर न्यायालय ने नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि वो अभी भी शब्दों की हेरा फेरी कर न्यायालय को गुमराह कर रहे हैं।उच्च न्यायालय ने शिक्षक संघ से कहा कि अगर शिक्षकों की हड़ताल आगे भी जारी रहती है तो हम सरकार को सीधे कठोर कदम उठाने के निर्देश जारी करेंगे। याचिकाकर्ता के अधिवक्ता एसआरएस गिल ने बताया कि राजकीय शिक्षक संघ की तरफ से अपने लैटर पैड पर न्यायालय को अवगत किया गया था कि अनशन स्थगित किया गया है। जिस पर न्यायालय ने नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि वो अभी भी शब्दों की हेरा फेरी कर न्यायालय को गुमराह कर रहे हैं।   न्यायालय ने कहा कि शिक्षक हड़ताल के मामले में सही स्थिति नहीं बता रहे हैं और अभी भी हड़ताल व अनसन पर है। न्यायालय ने संघ के अधिवक्ता से उनका पक्ष दोबारा जानना चाहा तो उनके द्वारा दोबारा कहा गया कि कोई भी हड़ताल नहीं कि जा रही है। इस पर खंडपीठ ने संघ को फटकार लगाई। न्यायालय ने नाराजगी जताते हुए उनको सरकार द्वारा न्यायालय में प्रस्तुत की गई हड़ताल की फोटो देखने को कहा, जिसमें सरकार ने अनसन व कपड़े फाड़ने की फोटो दिखाई।  जिससे साफ होता है कि वे आंदोलन पर हैं और सरकार से कल दोपहर तक हड़ताल की स्थिति स्पष्ट करने को कहा। न्यायालय ने संघ को कहा कि उनका रवैया इसी तरह रहा तो न्यायालय को उनके खिलाफ सख्त कार्यवाही के निर्देश देने होंगे। न्यायालय ने कहा कि सरकार शुक्रवार दोपहर तक स्कूलों में शिक्षकों की उपस्थिति की स्थिति स्पष्ट करें स्कूलो में शिक्षक उपस्थित हैं या नहीं। मामले की सुनवाई के दौरान शिक्षा निदेशक आरके कुंवर न्यायालय में उपस्थित हुए उन्होंने हड़ताल की स्थिति से कोर्ट को अवगत कराया। उधमसिंह नगर निवासी अजय कुमार तिवारी की जनहित याचिका पर मुख्य न्यायाधीश के.एम.जोसफ और न्यायमूर्ति शरद कुमार शर्मा की खंडपीठ ने शिक्षकों की हड़ताल पर नाराजगी जताई है

न्यायालय ने कहा कि शिक्षक हड़ताल के मामले में सही स्थिति नहीं बता रहे हैं और अभी भी हड़ताल व अनसन पर है। न्यायालय ने संघ के अधिवक्ता से उनका पक्ष दोबारा जानना चाहा तो उनके द्वारा दोबारा कहा गया कि कोई भी हड़ताल नहीं कि जा रही है। इस पर खंडपीठ ने संघ को फटकार लगाई। न्यायालय ने नाराजगी जताते हुए उनको सरकार द्वारा न्यायालय में प्रस्तुत की गई हड़ताल की फोटो देखने को कहा, जिसमें सरकार ने अनसन व कपड़े फाड़ने की फोटो दिखाई।

जिससे साफ होता है कि वे आंदोलन पर हैं और सरकार से कल दोपहर तक हड़ताल की स्थिति स्पष्ट करने को कहा। न्यायालय ने संघ को कहा कि उनका रवैया इसी तरह रहा तो न्यायालय को उनके खिलाफ सख्त कार्यवाही के निर्देश देने होंगे। न्यायालय ने कहा कि सरकार शुक्रवार दोपहर तक स्कूलों में शिक्षकों की उपस्थिति की स्थिति स्पष्ट करें स्कूलो में शिक्षक उपस्थित हैं या नहीं। मामले की सुनवाई के दौरान शिक्षा निदेशक आरके कुंवर न्यायालय में उपस्थित हुए उन्होंने हड़ताल की स्थिति से कोर्ट को अवगत कराया। उधमसिंह नगर निवासी अजय कुमार तिवारी की जनहित याचिका पर मुख्य न्यायाधीश के.एम.जोसफ और न्यायमूर्ति शरद कुमार शर्मा की खंडपीठ ने शिक्षकों की हड़ताल पर नाराजगी जताई है

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रोंहिग्या मुसलमानों को लेकर विधायक प्रणव सिंह चैंपियन का बड़ा बयान https://tosnews.com/%e0%a4%b0%e0%a5%8b%e0%a4%82%e0%a4%b9%e0%a4%bf%e0%a4%97%e0%a5%8d%e0%a4%af%e0%a4%be-%e0%a4%ae%e0%a5%81%e0%a4%b8%e0%a4%b2%e0%a4%ae%e0%a4%be%e0%a4%a8%e0%a5%8b%e0%a4%82-%e0%a4%95%e0%a5%8b-%e0%a4%b2/139617 Wed, 01 Aug 2018 10:00:30 +0000 https://tosnews.com/?p=139617 भाजपा विधायक कुंवर प्रणव चैंपियन का कहना है कि उत्तराखंड के हरिद्वार तक रोहिंग्या मुस्लिम पहुंच चुके हैं। जो चिंता का विषय है। हालांकि,

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भाजपा विधायक कुंवर प्रणव चैंपियन का कहना है कि उत्तराखंड के हरिद्वार तक रोहिंग्या मुस्लिम पहुंच चुके हैं। जो चिंता का विषय है। हालांकि, सीएम रावत का कहना है कि रोहिंग्या मुस्लिमों की उत्तराखंड में घुसपैठ की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गर्इ है। भाजपा विधायक कुंवर प्रणव चैंपियन का कहना है कि उत्तराखंड के हरिद्वार तक रोहिंग्या मुस्लिम पहुंच चुके हैं। जो चिंता का विषय है। हालांकि, सीएम रावत का कहना है कि रोहिंग्या मुस्लिमों की उत्तराखंड में घुसपैठ की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गर्इ है।     अपने बयानों को लेकर हमेशा ही विवादों में रहने वाले खानपुर विधायक प्रणव सिंह चैंपियन ने एक बड़ा बयान दिया है। उनका कहना है कि उत्तराखंड के हरिद्वार तक रोहिंग्या मुस्लिम पहुंच चुके है। जिसे लेकर वो केंद्रीय गृह विभाग, राज्य सुरक्षा विभाग, सतर्कता विभाग, मुख्यमंत्री, डीजीपी और गृह सचिव से बात करेंगे।  हालांकि, मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत का कहना है कि रोहंगिया मुस्लिमों की उत्तराखंड में घुसपैठ की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं है। इस मामले को लेकर जांच एजेंसियां जांच कर रही हैं। उन्होंने विपक्ष पर हमला बोलते हुए कहा कि विपक्ष इस मुद्दे पर राजनीति कर रहा है।

अपने बयानों को लेकर हमेशा ही विवादों में रहने वाले खानपुर विधायक प्रणव सिंह चैंपियन ने एक बड़ा बयान दिया है। उनका कहना है कि उत्तराखंड के हरिद्वार तक रोहिंग्या मुस्लिम पहुंच चुके है। जिसे लेकर वो केंद्रीय गृह विभाग, राज्य सुरक्षा विभाग, सतर्कता विभाग, मुख्यमंत्री, डीजीपी और गृह सचिव से बात करेंगे।

हालांकि, मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत का कहना है कि रोहंगिया मुस्लिमों की उत्तराखंड में घुसपैठ की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं है। इस मामले को लेकर जांच एजेंसियां जांच कर रही हैं। उन्होंने विपक्ष पर हमला बोलते हुए कहा कि विपक्ष इस मुद्दे पर राजनीति कर रहा है। 

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दलित नाबालिग छात्रा से दुष्‍कर्म, तोड़ी दुकानें; दूसरे समुदाय को बाहर खदेड़ने की मांग https://tosnews.com/%e0%a4%a6%e0%a4%b2%e0%a4%bf%e0%a4%a4-%e0%a4%a8%e0%a4%be%e0%a4%ac%e0%a4%be%e0%a4%b2%e0%a4%bf%e0%a4%97-%e0%a4%9b%e0%a4%be%e0%a4%a4%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%be-%e0%a4%b8%e0%a5%87-%e0%a4%a6%e0%a5%81/139473 Tue, 31 Jul 2018 09:58:47 +0000 https://tosnews.com/?p=139473 जिले के भिलंगना ब्लॉक के मुख्य बाजार घनसाली में अनुसूचित जाति की एक नाबालिग छात्रा से दुष्‍कर्म करने का मामला गरमा गया है।  स्थानीय

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जिले के भिलंगना ब्लॉक के मुख्य बाजार घनसाली में अनुसूचित जाति की एक नाबालिग छात्रा से दुष्‍कर्म करने का मामला गरमा गया है। जिले के भिलंगना ब्लॉक के मुख्य बाजार घनसाली में अनुसूचित जाति की एक नाबालिग छात्रा से दुष्‍कर्म करने का मामला गरमा गया है।    स्थानीय लोगों ने घनसाली क्षेत्र में रह रहे दूसरे समुदाय को बाहर करने का अल्टीमेटम दिया है। इस पर पुलिस-प्रशासन के हाथ पांव फूल गए हैं। अधिक‍ारी स्‍थानीय लोगों को मनाने का प्रयास कर रहे हैं। हालात को देखते हुए घनसाली बाजार में पुलिस का पहरा बैठा दिया गया है। पुलिस ने आरोपित युवक खिलाफ दुष्‍कर्म का मुकदमा दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर  लिया है।    वहीं, बीते रोज इस मामले को लेकर मुख्य बाजार में जमकर बवाल हुआ था। भीड़ ने युवक को पिटाई करने के बाद जुलूस निकालकर उसे बाजार में घुमाया। इसके बाद भीड़ ने युवक के समुदाय के व्यापारियों की दुकानों में तोड़फोड़ कर सामान बाहर फेंक दिया थो। पुलिस ने दुष्‍कर्म का मामला दर्ज कर आरोपित युवक को गिरफ्तार कर लिया है।    दूसरे समुदाय के युवक के छात्रा के संग पकड़े जाने पर बवाल यह भी पढ़ें   मामला बीते रोज का है। सोमवार दोपहर को दूसरे समुदाय के एक युवक ने भिलंगना ब्लॉक की दलित परिवार की एक नाबालिग छात्रा को लेकर घनसाली स्थित होटल में ले गया। इसकी भनक लगते हुए लोगों ने आरोपी को होटल के कमरे में बंद कर दिया और इसके बाद उन्होंने युवक पिटाई करनी शुरू कर दी। आरोपी के गले में जूतों की माला पहनाकर उसे घनसाली बाजार में घुमाया गया।    बीएड के छात्र ने आठ साल की बच्‍ची से किया दुष्‍कर्म, गिरफ्तार यह भी पढ़ें   भीड़ का गुस्सा इतना भयंकर था कि उन्होंने इसी सुमदाय की कई दुकानों में जमकर तोड़फोड़ की और उन्हें घनसाली से बाहर जाने की चेतावनी दी। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डा. योगेंद्र सिंह रावत ने बताया कि आरोपी युवक आजाद अल्वी (18) पुत्र हबीब अल्वी  निवासी नगली नेहतोर धामपुर जिला बिजनौर यूपी विगत चार साल से घनसाली में हेयर ड्रेसर का काम करता है। उन्होंने बताया कि नई टिहरी से अतिरिक्त पुलिस फोर्स पहुंचने के बाद पुलिस ने बाजार में फ्लैग मार्च निकाला गया है। घटना के विरोध में स्थानीय लोगों ने सड़क पर जाम लगाया। युवक के खिलाफ पोक्सो एक्ट में मुकदमा दर्ज किया गया है।   प्रोफेसर ने चाकू की नोक पर छात्रा से किया दुष्कर्म, पीड़िता ने खाया जहर यह भी पढ़ें   दूसरे संप्रदाय के लोगों को बाहर करने की मांग    बेटी से दुष्कर्म करने वाले को बीस साल की सजा यह भी पढ़ें घटना के बाद शाम को स्थानीय लोगों और व्यापारियों ने बाजार में ही आम सभा का आयोजन किया। इस दौरान स्थानीय लोगों ने प्रशासन से कहा कि इस तरह की हरकत बर्दाश्त नहीं की जाएगी। 24 घंटे के भीतर दूसरे संप्रदाय के लोगों को घनसाली से बाहर किया जाए। स्थानीय लोगों ने कहा कि अगर प्रशासन ने उनकी मांग नहीं मानी तो किसी भी स्थिति के लिए प्रशासन जिम्मेदार होगा। व्यापार मंडल अध्यक्ष पारेश्वर बडोनी ने कहा कि 24 घंटे के अंदर दूसरे संप्रदाय के सभी लोगों को घनसाली बाजार से जब तक बाहर नहीं किया जाएगा तब तक बाजार बंद रहेगा। जिन लोगों के मकान में दूसरे संप्रदाय के लोग किराये में रह रहे हैं, उनसे भी मकान खाली कराए जाएं। बैठक में साहब सिंह कुमांई, अंबिका कंसवाल, खुशाल सिंह रावत, विनोद रावत, अनिल चौहान, पंकज निवाल, कमलेश्वर कंसवाल, रघु रावत, हंसराम चौहान, पवन राणा आदि स्थानीय लोग और व्यापारी मौजूद रहे।

स्थानीय लोगों ने घनसाली क्षेत्र में रह रहे दूसरे समुदाय को बाहर करने का अल्टीमेटम दिया है। इस पर पुलिस-प्रशासन के हाथ पांव फूल गए हैं। अधिक‍ारी स्‍थानीय लोगों को मनाने का प्रयास कर रहे हैं। हालात को देखते हुए घनसाली बाजार में पुलिस का पहरा बैठा दिया गया है। पुलिस ने आरोपित युवक खिलाफ दुष्‍कर्म का मुकदमा दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर  लिया है।

वहीं, बीते रोज इस मामले को लेकर मुख्य बाजार में जमकर बवाल हुआ था। भीड़ ने युवक को पिटाई करने के बाद जुलूस निकालकर उसे बाजार में घुमाया। इसके बाद भीड़ ने युवक के समुदाय के व्यापारियों की दुकानों में तोड़फोड़ कर सामान बाहर फेंक दिया थो। पुलिस ने दुष्‍कर्म का मामला दर्ज कर आरोपित युवक को गिरफ्तार कर लिया है। 

मामला बीते रोज का है। सोमवार दोपहर को दूसरे समुदाय के एक युवक ने भिलंगना ब्लॉक की दलित परिवार की एक नाबालिग छात्रा को लेकर घनसाली स्थित होटल में ले गया। इसकी भनक लगते हुए लोगों ने आरोपी को होटल के कमरे में बंद कर दिया और इसके बाद उन्होंने युवक पिटाई करनी शुरू कर दी। आरोपी के गले में जूतों की माला पहनाकर उसे घनसाली बाजार में घुमाया गया। 

भीड़ का गुस्सा इतना भयंकर था कि उन्होंने इसी सुमदाय की कई दुकानों में जमकर तोड़फोड़ की और उन्हें घनसाली से बाहर जाने की चेतावनी दी। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डा. योगेंद्र सिंह रावत ने बताया कि आरोपी युवक आजाद अल्वी (18) पुत्र हबीब अल्वी  निवासी नगली नेहतोर धामपुर जिला बिजनौर यूपी विगत चार साल से घनसाली में हेयर ड्रेसर का काम करता है। उन्होंने बताया कि नई टिहरी से अतिरिक्त पुलिस फोर्स पहुंचने के बाद पुलिस ने बाजार में फ्लैग मार्च निकाला गया है। घटना के विरोध में स्थानीय लोगों ने सड़क पर जाम लगाया। युवक के खिलाफ पोक्सो एक्ट में मुकदमा दर्ज किया गया है।

दूसरे संप्रदाय के लोगों को बाहर करने की मांग 

घटना के बाद शाम को स्थानीय लोगों और व्यापारियों ने बाजार में ही आम सभा का आयोजन किया। इस दौरान स्थानीय लोगों ने प्रशासन से कहा कि इस तरह की हरकत बर्दाश्त नहीं की जाएगी। 24 घंटे के भीतर दूसरे संप्रदाय के लोगों को घनसाली से बाहर किया जाए। स्थानीय लोगों ने कहा कि अगर प्रशासन ने उनकी मांग नहीं मानी तो किसी भी स्थिति के लिए प्रशासन जिम्मेदार होगा। व्यापार मंडल अध्यक्ष पारेश्वर बडोनी ने कहा कि 24 घंटे के अंदर दूसरे संप्रदाय के सभी लोगों को घनसाली बाजार से जब तक बाहर नहीं किया जाएगा तब तक बाजार बंद रहेगा। जिन लोगों के मकान में दूसरे संप्रदाय के लोग किराये में रह रहे हैं, उनसे भी मकान खाली कराए जाएं। बैठक में साहब सिंह कुमांई, अंबिका कंसवाल, खुशाल सिंह रावत, विनोद रावत, अनिल चौहान, पंकज निवाल, कमलेश्वर कंसवाल, रघु रावत, हंसराम चौहान, पवन राणा आदि स्थानीय लोग और व्यापारी मौजूद रहे।

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दून शहर में स्कूली वाहनों पर चल रही खींचतान, सवालों में घिरी राज्य सरकार https://tosnews.com/%e0%a4%a6%e0%a5%82%e0%a4%a8-%e0%a4%b6%e0%a4%b9%e0%a4%b0-%e0%a4%ae%e0%a5%87%e0%a4%82-%e0%a4%b8%e0%a5%8d%e0%a4%95%e0%a5%82%e0%a4%b2%e0%a5%80-%e0%a4%b5%e0%a4%be%e0%a4%b9%e0%a4%a8%e0%a5%8b%e0%a4%82/139469 Tue, 31 Jul 2018 09:56:17 +0000 https://tosnews.com/?p=139469 स्कूली बच्चों के परिवहन को लेकर स्थिति विकट होती जा रही है। राज्य सरकार व परिवहन विभाग ने सुप्रीम कोर्ट की गाइड-लाइन व हाईकोर्ट

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स्कूली बच्चों के परिवहन को लेकर स्थिति विकट होती जा रही है। राज्य सरकार व परिवहन विभाग ने सुप्रीम कोर्ट की गाइड-लाइन व हाईकोर्ट के आदेश का हवाला देकर अपने हाथ खड़े कर दिए हैं। वहीं, निजी स्कूली वाहनों का संचालन बंद करने के निर्णय से हजारों अभिभावकों की चिंता बढ़ गई है। सोमवार को आटो संचालकों ने बच्चों का परिवहन बंद कर दिया। हालांकि, शहर में स्कूली वाहनों का परिवहन करने वाले डेढ़ हजार आटो में से करीब 100 आटो चलते भी दिखे, लेकिन यह संख्या नाकाफी रही। हजारों अभिभावकों और बच्चों ने परेशानी झेली व जैसे-तैसे दूसरे विकल्पों से बच्चे स्कूल पहुंचे। आटो को लेकर गफलत की स्थिति अभी कायम है, उधर सोमवार शाम आपात बैठक कर स्कूल वैन एसोसिएशन ने भी बुधवार से करीब 450 वैन संचालन बंद करने का फैसला लिया। यानी बुधवार से बच्चे कैसे स्कूल जाएंगे, इसका जवाब फिलहाल किसी के पास नहीं। वहीं, आज स्कूलों में ऑटो भी नहीं चले। सुबह अभिभावकों ने अपने विकल्पों से बच्चों को स्कूल छोड़ा।स्कूली बच्चों के परिवहन को लेकर स्थिति विकट होती जा रही है। राज्य सरकार व परिवहन विभाग ने सुप्रीम कोर्ट की गाइड-लाइन व हाईकोर्ट के आदेश का हवाला देकर अपने हाथ खड़े कर दिए हैं। वहीं, निजी स्कूली वाहनों का संचालन बंद करने के निर्णय से हजारों अभिभावकों की चिंता बढ़ गई है। सोमवार को आटो संचालकों ने बच्चों का परिवहन बंद कर दिया। हालांकि, शहर में स्कूली वाहनों का परिवहन करने वाले डेढ़ हजार आटो में से करीब 100 आटो चलते भी दिखे, लेकिन यह संख्या नाकाफी रही। हजारों अभिभावकों और बच्चों ने परेशानी झेली व जैसे-तैसे दूसरे विकल्पों से बच्चे स्कूल पहुंचे। आटो को लेकर गफलत की स्थिति अभी कायम है, उधर सोमवार शाम आपात बैठक कर स्कूल वैन एसोसिएशन ने भी बुधवार से करीब 450 वैन संचालन बंद करने का फैसला लिया। यानी बुधवार से बच्चे कैसे स्कूल जाएंगे, इसका जवाब फिलहाल किसी के पास नहीं। वहीं, आज स्कूलों में ऑटो भी नहीं चले। सुबह अभिभावकों ने अपने विकल्पों से बच्चों को स्कूल छोड़ा।   हाईकोर्ट ने परिवहन विभाग को स्कूली वाहनों का संचालन उसी सूरत में करने के आदेश हैं, जब वे सुप्रीम कोर्ट की ओर से तय नियमों व मानकों का पालन करें। इसे लेकर विभाग ने एक अगस्त से ऐसे सभी स्कूली वाहन पर प्रतिबंध लगाने का निर्णय लिया हुआ है, जो मानक पूरे नहीं कर रहे। चूंकि, शहर में दस फीसद स्कूलों के पास ही अपनी बसें हैं। साथ ही स्कूल वैन भी सीमित संख्या में पंजीकृत हैं। विकल्प नहीं होने के कारण हजारों बच्चे निजी बुक की हुई बस, वैन, आटो व विक्रम में परिवहन करते हैं। कार्रवाई के डर पर आटो यूनियन ने सोमवार से बच्चों का परिवहन बंद कर दिया। वहीं, स्कूल वैन एसोसिएशन ने भी शिवाजी धर्मशाला में बैठक कर बुधवार से संचालन बंद करने का निर्णय ले लिया है। सोमवार को जिस तरह अभिभावकों और बच्चों ने परेशानी झेली और दूसरे विकल्पों के जरिए बच्चों को स्कूल छोड़ा, उससे ये साफ है कि आने वाले दिनों में उनके लिए मुसीबत और बढ़ने वाली है।    एक अगस्त से नहीं चलेंगे अवैध स्कूली वाहन यह भी पढ़ें स्कूली वाहनों में सीटिंग मानक  एआरटीओ अरविंद पांडे ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट की गाइड-लाइन के अनुसार स्कूली वाहन में पांच से 12 साल तक के बच्चों को एक यात्री पर आधी सवारी माना जाता है। स्कूल वैन में आठ सीट होती हैं। एक सीट चालक की और सात बच्चों की। सात बच्चों का आधा यानी साढ़े तीन बच्चे (यानी चार)। कुल मिलाकर वैन में पांच से 12 साल तक के 11 बच्चे ले जाए जा सकते हैं। इसी तरह बस अगर 34 सीट की है तो उसमें पांच से 12 साल के 50 बच्चे ले जाए सकते हैं।    वाहनों की चेकिंग को प्रवर्तन दल बढ़ाने के निर्देश, सृजित करने होंगे 200 पद यह भी पढ़ें पांच साल तक के बच्चे हैं मुफ्त  सुप्रीम कोर्ट की गाइड-लाइन में स्कूली वाहनों में पांच साल तक के बच्चों को मुफ्त ले जाने का प्रावधान है। तय नियम में स्पष्ट है कि ये बच्चे सीट की गिनती में नहीं आते। इसी नियम का फायदा उठाकर वाहन संचालक ओवरलोडिंग करते हैं और चेकिंग में पकड़े जाने पर आधे बच्चों की उम्र पांच साल से कम बताते हैं। यही नहीं कहीं पर भी पांच साल तक के बच्चों को मुफ्त ले जाने के नियम का अनुपालन नहीं किया जाता।     शहर में 44 अतिक्रमण ध्वस्त, 305 नए चिह्नित यह भी पढ़ें आटो-विक्रम में दरवाजे लगाना जरूरी, तब करें परिवहन  एआरटीओ के मुताबिक आटो व विक्रम भी स्कूली बच्चों को ले जा सकते हैं मगर इनमें दरवाजे लगाना जरूरी है। खिड़की पर रॉड या जाली लगानी होगी। साथ ही सीट की तय संख्या का पालन करना होगा। जैसे आटो में तीन सवारी के बदले पांच से 12 साल के सिर्फ पांच बच्चे सफर कर सकते हैं। विक्रम में छह सवारी के बदले उपरोक्त उम्र के नौ बच्चे ले जाए जा सकते हैं। इस दौरान शर्त यह भी है कि चालक के बगल में अगली सीट पर कोई नहीं बैठेगा। अगर इन मानकों को आटो-विक्रम पूरा नहीं कर रहे तो बच्चों के परिवहन में अभिभावकों का साथ होना जरूरी है।    हाई कोर्ट ने एमबीबीएस के छात्रों को दी राहत, पुरानी ही फीस पर देना होगा दाखिला यह भी पढ़ें एसोसिएशनों में हुई दो फाड़  वाहन संचालन को लेकर स्कूल वैन व आटो यूनियनों में दो फाड़ हो गई है। एक आटो यूनियन तय संख्या में बच्चे ले जाने की बात कर रही है तो दूसरी ने बच्चों का परिवहन करने से साफ मना कर दिया है। एक यूनियन के अध्यक्ष बालेंद्र तोमर का दावा है कि उनकी एआरटीओ से बात हो गई है और तय नियमों पर आटो में बच्चे ले जाए जा सकते हैं। वहीं, दूसरी यूनियन के अध्यक्ष पंकज अरोड़ा का कहना है कि परिवहन विभाग ने कोई छूट नहीं दी है व आटो में बच्चे नहीं ले जाए जाएंगे। दूसरी तरफ, उत्तराखंड स्कूल वैन एसोसिएशन व दून स्कूल वैन एसोसिएशन में भी दो फाड़ हो गए हैं। उत्तराखंड एसो. ने तय मानकों पर बच्चों का परिवहन करने की हामी भर दी है, जबकि दून एसो. ने बच्चों को लाने से इन्कार कर दिया है। ऐसे में अभिभावक गफलत में हैं कि करें तो करें क्या।   ई-रिक्शा पर क्यों मेहरबानी  परिवहन विभाग ने सभी निजी स्कूली वाहनों पर प्रतिबंध तो लगा दिया है मगर ई-रिक्शा पर मेहरबानी जारी है। सोमवार को आटो न चलने के कारण ई-रिक्शा में बच्चों को भेड़-बकरियों की तरफ ढोया गया। रिक्शा चालकों ने मनमाना किराया वसूला, लेकिन विभाग नजरें फेरे रहा।   कुछ आटो व वैन चालक अभिभावकों को कर रहे गुमराह  अरविंद पांडे (एआरटीओ) का कहना है कि कुछ आटो व वैन चालक अभिभावकों को गुमराह कर रहे हैं कि परिवहन विभाग जानबूझकर ऐसा कर रहा। ऐसा कुछ नहीं है। हम कह रहे कि मानक पूरा करो और वाहन चलाओ। इसमें परेशानी क्या होगी। आखिर अभिभावकों को भी समझना होगा कि ओवरलोडिंग उनके बच्चों की सुरक्षा के लिए भी खतरा है। परिवहन विभाग की ओर से स्कूल कैब योजना शुरू की गई है जिसमें वैन से आधा टैक्स लिया जा रहा। बसों का टैक्स भी आधा करने की कसरत चल रही। स्कूलों को चाहिए कि वे बसों व स्कूल कैब वैन का प्रयोग करें।  बस्तियों पर ले आए अध्यादेश यहां क्यों बैकफुट पर सरकार  दून शहर में स्कूली वाहनों पर चल रही खींचतान पर राज्य सरकार सवालों में घिरी हुई है। अहम और बड़ा सवाल यह है कि सरकार मलिन बस्तियों को लेकर हाईकोर्ट के आदेश के विरुद्ध अध्यादेश ला सकती है, लेकिन हजारों अभिभावकों और बच्चों की परेशानी से सरकार हाथ खींच रही है। जिस तरह से सरकार ने स्कूली वाहनों का मामला सुप्रीम कोर्ट व हाईकोर्ट के पाले में सरका दिया, उससे साफ है कि सरकार को सिर्फ बस्तियों के वोटबैंक की ही चिंता है। भाजपा के चार विधायक बस्तियों को टूटने से बचाने के लिए सड़क पर आ सकते हैं, लेकिन हजारों बच्चों की परेशानी वह देख नहीं पा रहे, यह भी बड़ा सवाल है।   सोमवार को सरकार व परिवहन विभाग की ओर से एक सार्वजनिक पत्र जारी करते हुए यह बताया गया कि स्कूली वाहनों को लेकर की जा रही सख्ती, राज्य सरकार का नहीं बल्कि सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट का फैसला है। परिवहन विभाग ने स्पष्ट किया कि बाल अधिकार संरक्षण आयोग की ओर से भी बच्चों की सुरक्षा को लेकर वाहन में मानक पूरे करने के आदेश दिए हैं। विभाग के अनुसार निर्धारित मानक वाले वाहनों के परिवहन में विभाग का कोई हस्तक्षेप नहीं है। विभाग उन्हीं वाहनों के विरुद्ध कार्रवाई कर रहा है, जो स्कूली वाहन के तय मानक पूरे नहीं करते। विभाग भी अच्छे से जानता है कि स्कूली वाहनों के मानक पूरे कर रहे वाहनों की संख्या महज दस फीसद ही है। बाकी वाहन वैकल्पिक सुविधा के तौर पर संचालित हो रहे, लेकिन अब अभिभावकों से यह विकल्प छीना जा रहा। रही, सरकार और भाजपा विधायक, उन्हें सिर्फ बस्तियों की चिंता है, बच्चों की नहीं।   स्कूलों को बाध्य करे सरकार, एडमिशन पॉलिसी का कराए पालन  स्कूल बसें या वैन लगाने को लेकर अब तक किसी सरकार ने स्कूलों पर दबाव नहीं बनाया। राज्य में सरकार चाहे कांग्रेस की रही या फिर भाजपा की। वाहन का दबाव बनाना तो दूर सरकारों ने एडमिशन पॉलिसी तक लागू नहीं कराई। पॉलिसी के अनुसार स्कूलों को अपने समीप के निवासी बच्चों को एडमिशन में प्राथमिकता देनी होती है। ऐसा इसलिए, ताकि बच्चों को परिवहन की सुविधा में दिक्कत न हो। बच्चे आराम से पैदल भी आ सकते हैं, लेकिन मोटी फीस वसूलने वाले निजी स्कूल तो पॉलिसी की धज्जियां उड़ाने में कोई कसर नहीं छोड़ते। ऊपर से सरकार भी इन पर 'मेहरबान' ही नजर आती है।

हाईकोर्ट ने परिवहन विभाग को स्कूली वाहनों का संचालन उसी सूरत में करने के आदेश हैं, जब वे सुप्रीम कोर्ट की ओर से तय नियमों व मानकों का पालन करें। इसे लेकर विभाग ने एक अगस्त से ऐसे सभी स्कूली वाहन पर प्रतिबंध लगाने का निर्णय लिया हुआ है, जो मानक पूरे नहीं कर रहे। चूंकि, शहर में दस फीसद स्कूलों के पास ही अपनी बसें हैं। साथ ही स्कूल वैन भी सीमित संख्या में पंजीकृत हैं। विकल्प नहीं होने के कारण हजारों बच्चे निजी बुक की हुई बस, वैन, आटो व विक्रम में परिवहन करते हैं। कार्रवाई के डर पर आटो यूनियन ने सोमवार से बच्चों का परिवहन बंद कर दिया। वहीं, स्कूल वैन एसोसिएशन ने भी शिवाजी धर्मशाला में बैठक कर बुधवार से संचालन बंद करने का निर्णय ले लिया है। सोमवार को जिस तरह अभिभावकों और बच्चों ने परेशानी झेली और दूसरे विकल्पों के जरिए बच्चों को स्कूल छोड़ा, उससे ये साफ है कि आने वाले दिनों में उनके लिए मुसीबत और बढ़ने वाली है। 

स्कूली वाहनों में सीटिंग मानक

एआरटीओ अरविंद पांडे ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट की गाइड-लाइन के अनुसार स्कूली वाहन में पांच से 12 साल तक के बच्चों को एक यात्री पर आधी सवारी माना जाता है। स्कूल वैन में आठ सीट होती हैं। एक सीट चालक की और सात बच्चों की। सात बच्चों का आधा यानी साढ़े तीन बच्चे (यानी चार)। कुल मिलाकर वैन में पांच से 12 साल तक के 11 बच्चे ले जाए जा सकते हैं। इसी तरह बस अगर 34 सीट की है तो उसमें पांच से 12 साल के 50 बच्चे ले जाए सकते हैं। 

पांच साल तक के बच्चे हैं मुफ्त

सुप्रीम कोर्ट की गाइड-लाइन में स्कूली वाहनों में पांच साल तक के बच्चों को मुफ्त ले जाने का प्रावधान है। तय नियम में स्पष्ट है कि ये बच्चे सीट की गिनती में नहीं आते। इसी नियम का फायदा उठाकर वाहन संचालक ओवरलोडिंग करते हैं और चेकिंग में पकड़े जाने पर आधे बच्चों की उम्र पांच साल से कम बताते हैं। यही नहीं कहीं पर भी पांच साल तक के बच्चों को मुफ्त ले जाने के नियम का अनुपालन नहीं किया जाता।  

आटो-विक्रम में दरवाजे लगाना जरूरी, तब करें परिवहन

एआरटीओ के मुताबिक आटो व विक्रम भी स्कूली बच्चों को ले जा सकते हैं मगर इनमें दरवाजे लगाना जरूरी है। खिड़की पर रॉड या जाली लगानी होगी। साथ ही सीट की तय संख्या का पालन करना होगा। जैसे आटो में तीन सवारी के बदले पांच से 12 साल के सिर्फ पांच बच्चे सफर कर सकते हैं। विक्रम में छह सवारी के बदले उपरोक्त उम्र के नौ बच्चे ले जाए जा सकते हैं। इस दौरान शर्त यह भी है कि चालक के बगल में अगली सीट पर कोई नहीं बैठेगा। अगर इन मानकों को आटो-विक्रम पूरा नहीं कर रहे तो बच्चों के परिवहन में अभिभावकों का साथ होना जरूरी है। 

एसोसिएशनों में हुई दो फाड़

वाहन संचालन को लेकर स्कूल वैन व आटो यूनियनों में दो फाड़ हो गई है। एक आटो यूनियन तय संख्या में बच्चे ले जाने की बात कर रही है तो दूसरी ने बच्चों का परिवहन करने से साफ मना कर दिया है। एक यूनियन के अध्यक्ष बालेंद्र तोमर का दावा है कि उनकी एआरटीओ से बात हो गई है और तय नियमों पर आटो में बच्चे ले जाए जा सकते हैं। वहीं, दूसरी यूनियन के अध्यक्ष पंकज अरोड़ा का कहना है कि परिवहन विभाग ने कोई छूट नहीं दी है व आटो में बच्चे नहीं ले जाए जाएंगे। दूसरी तरफ, उत्तराखंड स्कूल वैन एसोसिएशन व दून स्कूल वैन एसोसिएशन में भी दो फाड़ हो गए हैं। उत्तराखंड एसो. ने तय मानकों पर बच्चों का परिवहन करने की हामी भर दी है, जबकि दून एसो. ने बच्चों को लाने से इन्कार कर दिया है। ऐसे में अभिभावक गफलत में हैं कि करें तो करें क्या। 

ई-रिक्शा पर क्यों मेहरबानी

परिवहन विभाग ने सभी निजी स्कूली वाहनों पर प्रतिबंध तो लगा दिया है मगर ई-रिक्शा पर मेहरबानी जारी है। सोमवार को आटो न चलने के कारण ई-रिक्शा में बच्चों को भेड़-बकरियों की तरफ ढोया गया। रिक्शा चालकों ने मनमाना किराया वसूला, लेकिन विभाग नजरें फेरे रहा। 

कुछ आटो व वैन चालक अभिभावकों को कर रहे गुमराह

अरविंद पांडे (एआरटीओ) का कहना है कि कुछ आटो व वैन चालक अभिभावकों को गुमराह कर रहे हैं कि परिवहन विभाग जानबूझकर ऐसा कर रहा। ऐसा कुछ नहीं है। हम कह रहे कि मानक पूरा करो और वाहन चलाओ। इसमें परेशानी क्या होगी। आखिर अभिभावकों को भी समझना होगा कि ओवरलोडिंग उनके बच्चों की सुरक्षा के लिए भी खतरा है। परिवहन विभाग की ओर से स्कूल कैब योजना शुरू की गई है जिसमें वैन से आधा टैक्स लिया जा रहा। बसों का टैक्स भी आधा करने की कसरत चल रही। स्कूलों को चाहिए कि वे बसों व स्कूल कैब वैन का प्रयोग करें।

बस्तियों पर ले आए अध्यादेश यहां क्यों बैकफुट पर सरकार

दून शहर में स्कूली वाहनों पर चल रही खींचतान पर राज्य सरकार सवालों में घिरी हुई है। अहम और बड़ा सवाल यह है कि सरकार मलिन बस्तियों को लेकर हाईकोर्ट के आदेश के विरुद्ध अध्यादेश ला सकती है, लेकिन हजारों अभिभावकों और बच्चों की परेशानी से सरकार हाथ खींच रही है। जिस तरह से सरकार ने स्कूली वाहनों का मामला सुप्रीम कोर्ट व हाईकोर्ट के पाले में सरका दिया, उससे साफ है कि सरकार को सिर्फ बस्तियों के वोटबैंक की ही चिंता है। भाजपा के चार विधायक बस्तियों को टूटने से बचाने के लिए सड़क पर आ सकते हैं, लेकिन हजारों बच्चों की परेशानी वह देख नहीं पा रहे, यह भी बड़ा सवाल है। 

सोमवार को सरकार व परिवहन विभाग की ओर से एक सार्वजनिक पत्र जारी करते हुए यह बताया गया कि स्कूली वाहनों को लेकर की जा रही सख्ती, राज्य सरकार का नहीं बल्कि सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट का फैसला है। परिवहन विभाग ने स्पष्ट किया कि बाल अधिकार संरक्षण आयोग की ओर से भी बच्चों की सुरक्षा को लेकर वाहन में मानक पूरे करने के आदेश दिए हैं। विभाग के अनुसार निर्धारित मानक वाले वाहनों के परिवहन में विभाग का कोई हस्तक्षेप नहीं है। विभाग उन्हीं वाहनों के विरुद्ध कार्रवाई कर रहा है, जो स्कूली वाहन के तय मानक पूरे नहीं करते। विभाग भी अच्छे से जानता है कि स्कूली वाहनों के मानक पूरे कर रहे वाहनों की संख्या महज दस फीसद ही है। बाकी वाहन वैकल्पिक सुविधा के तौर पर संचालित हो रहे, लेकिन अब अभिभावकों से यह विकल्प छीना जा रहा। रही, सरकार और भाजपा विधायक, उन्हें सिर्फ बस्तियों की चिंता है, बच्चों की नहीं। 

स्कूलों को बाध्य करे सरकार, एडमिशन पॉलिसी का कराए पालन

स्कूल बसें या वैन लगाने को लेकर अब तक किसी सरकार ने स्कूलों पर दबाव नहीं बनाया। राज्य में सरकार चाहे कांग्रेस की रही या फिर भाजपा की। वाहन का दबाव बनाना तो दूर सरकारों ने एडमिशन पॉलिसी तक लागू नहीं कराई। पॉलिसी के अनुसार स्कूलों को अपने समीप के निवासी बच्चों को एडमिशन में प्राथमिकता देनी होती है। ऐसा इसलिए, ताकि बच्चों को परिवहन की सुविधा में दिक्कत न हो। बच्चे आराम से पैदल भी आ सकते हैं, लेकिन मोटी फीस वसूलने वाले निजी स्कूल तो पॉलिसी की धज्जियां उड़ाने में कोई कसर नहीं छोड़ते। ऊपर से सरकार भी इन पर ‘मेहरबान’ ही नजर आती है।

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