बेंगलुरु – TOS News https://tosnews.com Latest Hindi Breaking News and Features Tue, 21 Aug 2018 08:43:15 +0000 en-US hourly 1 https://wordpress.org/?v=4.9.8 https://tosnews.com/wp-content/uploads/2017/03/tosnews-favicon-45x45.png बेंगलुरु – TOS News https://tosnews.com 32 32 Big News: भाजपा नेता की चाकू से गोदकर हत्या, इलाके में हड़कम्प! https://tosnews.com/big-news-%e0%a4%ad%e0%a4%be%e0%a4%9c%e0%a4%aa%e0%a4%be-%e0%a4%a8%e0%a5%87%e0%a4%a4%e0%a4%be-%e0%a4%95%e0%a5%80-%e0%a4%9a%e0%a4%be%e0%a4%95%e0%a5%82-%e0%a4%b8%e0%a5%87-%e0%a4%97%e0%a5%8b%e0%a4%a6/131606 Sat, 23 Jun 2018 04:07:18 +0000 https://tosnews.com/?p=131606 कनार्टक: कर्नाटक के चिकमंगलौर में शुक्रवार की रात बाइक सवार अपराधियों ने भाजपा नेता मोहम्मद अनवर की चाकू से गोदकर हत्या कर दी। मोहम्मद अनवर

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कनार्टक: कर्नाटक के चिकमंगलौर में शुक्रवार की रात बाइक सवार अपराधियों ने भाजपा नेता मोहम्मद अनवर की चाकू से गोदकर हत्या कर दी। मोहम्मद अनवर चिकमंगलौर शहर के भाजपा के मुख्य सचिव थे। इस घटना से पूरे इलाके में हड़कम्प मचा गया है।


जानकारी के मुताबिक भाजपा नेता मोहम्मद अनवर रात 9.30 बजे के करीब किसी स्थानीय कार्यक्रम में शामिल होकर लौट रहे थे। इसी बीच बाइक सवार अपराधियों ने उनपर हमला बोल दिया और चाकू से गोदकर उन्हें लहूलुहान कर दिया।

आनन- फानन में उन्हें चिकमंगलौर जिला अस्पताल में भर्ती कराया गयाए जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया पुलिस की मानें तो ये घटना आपसी रंजिश का नतीजा हो सकती है। फिलहाल पुलिस को हमलावरों के बारे में कोई जानकारी नहीं मिली है। बसावनहल्ली पुलिस ने इस मामले में अज्ञात हमलावरों के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

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Death: सड़क हादसे में कांग्रेस के विधायक की मौत! https://tosnews.com/death-%e0%a4%b8%e0%a4%a1%e0%a4%bc%e0%a4%95-%e0%a4%b9%e0%a4%be%e0%a4%a6%e0%a4%b8%e0%a5%87-%e0%a4%ae%e0%a5%87%e0%a4%82-%e0%a4%95%e0%a4%be%e0%a4%82%e0%a4%97%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a5%87%e0%a4%b8-%e0%a4%95/126636 Mon, 28 May 2018 07:22:49 +0000 https://tosnews.com/?p=126636 बंगलोर: कर्नाटक से कांग्रेस के विधायक सिद्धू भीमप्पा न्यामगौड़ा का सड़क हादसे में निधन हो गया है। वह गोवा से बगलकोट जा रहे थे तभी

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बंगलोर: कर्नाटक से कांग्रेस के विधायक सिद्धू भीमप्पा न्यामगौड़ा का सड़क हादसे में निधन हो गया है। वह गोवा से बगलकोट जा रहे थे तभी तुलासीगेरी के नजदीक उनकी कार दुर्घटनाग्रस्त हो गई। रिपोट्र्स के अनुसार उन्हें अस्पताल ले जाया गया था जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।


सिद्धू को 12 मई को हुए कर्नाटक विधानसभा चुनाव में जीत मिली थी। उन्होंने कांग्रेस के टिकट से जामखंडी विधानसभा से चुनाव लड़ा था। उनके खिलाफ भाजपा के श्रीकांत कुलकर्णी मैदान में थे। चुनाव में सिद्धू को 49,245 वोट मिले थे जबकि भाजपा के उम्मीदवार कुलकर्णी को 46,450 वोट मिले थे। माना जा रहा है कि आज उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा। कांग्रेस को कर्नाटक चुनाव में 78 सीटें मिली थीं लेकिन न्यामगौड़ा की मौत के बाद विधानसभा में उसके 77 विधायक रह गए हैं।

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#KarnatakaFloorTest: सीएम कुमारस्वामी आज साबित करेंगे बहुमत, स्पीकर के पद के लिए भी जंग जारी! https://tosnews.com/karnatakafloortest-%e0%a4%b8%e0%a5%80%e0%a4%8f%e0%a4%ae-%e0%a4%95%e0%a5%81%e0%a4%ae%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a4%b8%e0%a5%8d%e0%a4%b5%e0%a4%be%e0%a4%ae%e0%a5%80-%e0%a4%86%e0%a4%9c-%e0%a4%b8%e0%a4%be/126016 Fri, 25 May 2018 05:59:50 +0000 https://tosnews.com/?p=126016 बेंगलुरु: कर्नाटक के नवनियुक्त मुख्यमंत्री एचडी कुमारस्वामी आज बहुमत परीक्षण का सामना करेंगे। इस बीच भाजपा ने स्पीकर पोस्ट के लिए अपना उम्मीदवार उतार कर

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बेंगलुरु: कर्नाटक के नवनियुक्त मुख्यमंत्री एचडी कुमारस्वामी आज बहुमत परीक्षण का सामना करेंगे। इस बीच भाजपा ने स्पीकर पोस्ट के लिए अपना उम्मीदवार उतार कर सरकार की टेंशन बढ़ा दी है। सीएम के फ्लोर टेस्ट से पहले स्पीकर के चुनाव के कारण कांग्रेस-जेडीएस सरकार को दोहरे शक्ति परीक्षण से गुजरना होगा। कांग्रेस-जेडीएस की ओर से पूर्व स्पीकर और स्वास्थ्य मंत्री के.आर.रमेश उम्मीदवार हैं जबकि बीजेपी की ओर से पूर्व कानून मंत्री एस.सुरेश कुमार मैदान में आ गए हैं।


बहुमत परीक्षण से पहले ही कांग्रेस की ओर से साफ कर दिया गया है कि उसने जेडीएस के साथ 5 साल तक सरकार चलाने को लेकर अभी फैसला नहीं लिया है। कर्नाटक प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष और डिप्टी सीएम परमेश्वर ने कहा कि इस मुद्दे पर अभी चर्चा होनी है और अंतिम फैसला लिया जाना बाकी है।

इससे एक बात तो तय है कि जेडीएस के नेता कुमारस्वामी के लिए 5 साल तक सरकार चला पाना आसान नहीं होगा। इससे पहले जेडीएस-कांग्रेस और बीएसपी गठबंधन के नेता कुमारस्वामी ने बुधवार को विपक्ष के तमाम बड़े नेताओं की मौजूदगी में शपथ ग्रहण किया था। उधर बीजेपी के तेवर से साफ है कि येदियुरप्पा के पद छोडऩे के बाद भी वह हताश नहीं है। गठबंधन सरकार को चुनौती देने के लिए ही पार्टी ने विधानसभा अध्यक्ष पद के लिए पांच बार के अपने विधायक सुरेश कुमार को मैदान में उतारा है।

मुख्यमंत्री कुमारस्वामी के लिए बहुमत साबित करना भले ही आसान हो पर स्पीकर पोस्ट के लिए सियासी लड़ाई दिलचस्प हो गई है। ऐसे में आज दोहरे शक्ति परीक्षण की स्थिति बन गई है। स्पीकर पोस्ट के लिए बीजेपी उम्मीदवार एस सुरेश कुमार ने कहा कि संख्या बल और कई अन्य कारकों के आधार पर हमारी पार्टी के नेताओं को विश्वास है कि मैं ही जीतूंगा।

इसी विश्वास के साथ मैंने नामांकन दाखिल किया है। ह पूछने पर कि बीजेपी के केवल 104 विधायक हैं तो ऐसे में उनके जीतने की संभावना क्या है सुरेश कुमार ने कहा कि मैंने नामांकन पत्र दाखिल कर दिया है। शुक्रवार दोपहर सवा बारह बजे चुनाव है। चुनाव के बाद आपको पता चल जाएगा। खबर है कि फ्लोर टेस्ट से पहले कांग्रेस और जेडीएस ने अपने विधायकों को फिर से होटल भेज दिया है। दरअसल गठबंधन सरकार को डर है कि कहीं कोई विधायक बीजेपी के पाले में न चला जाए। बताया जा रहा है कि विधायकों को उनके परिवार से भी संपर्क नहीं करने दिया जा रहा है।

उनके मोबाइल भी ले लिए गए हैं। माना जा रहा है कि कुमारस्वामी के बहुमत हासिल करने के बाद विधायकों को अपने घर जाने दिया जाएगा। उधरए कांग्रेस विधायक दल के नेता और पूर्व सीएम सिद्धारमैया ने गठबंधन उम्मीदवार की जीत को लेकर विश्वास जताया है। उन्होंने कहा कि मुझे पता चला है कि बीजेपी ने भी नामांकन दाखिल किया है।

मुझे उम्मीद है कि वह अपना नाम वापस ले लेगी। यदि चुनाव होता है तो रमेश कुमार की जीत निश्चित है। सीएम कुमारस्वामी के विश्वासमत हासिल करने की संभावना है लेकिन उनके लिए मंत्रिमंडल का विस्तार मुश्किल साबित होने वाला है। बता दें कि 224 सदस्यों वाले कर्नाटक विधानसभा में 221 विधायक ही हैं। बीजेपी के उम्मीदवार की मौत के बाद जयनगर सीट पर चुनाव टाल दिया गया था और कदाचार के आरोपों के कारण आरआर नगर सीट पर मतदान स्थगित कर दिया गया था।

इसके अलावा कुमारस्वामी दो सीटों पर चुनकर आए हैं। शपथ लेने के बाद कुमारस्वामी ने विश्वास मत हासिल करने का विश्वास जताया था। कुमारस्वामी ने पहले आशंका जताई थी कि उनकी सरकार को गिराने के लिए बीजेपी ऑपरेशन कमल दोहराने का प्रयास कर सकती है।

कर्नाटक के राजनीतिक इतिहास में ऑपरेशन कमल शब्द साल 2008 में उस वक्त उछला था जब बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष बीएस येदियुरप्पा ने मुख्यमंत्री पद संभाला था। पार्टी को साधारण बहुमत के लिए तीन विधायकों की जरूरत थी।

ऑपरेशन कमल के तहत कांग्रेस और जेडीएस के कुछ विधायकों को बीजेपी में शामिल होने के लिए राजी किया गया था। उनसे कहा गया था कि वे विधानसभा की अपनी सदस्यता छोड़कर फिर से चुनाव लड़ें। उनके इस्तीफे की वजह से विश्वास मत के दौरान जीत के लिए जरूरी संख्या कम हो गई थी और फिर येदियुरप्पा विश्वासमत जीत गए थे।

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Politics: सीएम कुमारस्वामी के शपथ ग्रहण की यह तस्वीरे बयां कर रही है भविष्य की राजनीति, जानिए कैसे? https://tosnews.com/politics-%e0%a4%b8%e0%a5%80%e0%a4%8f%e0%a4%ae-%e0%a4%95%e0%a5%81%e0%a4%ae%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a4%b8%e0%a5%8d%e0%a4%b5%e0%a4%be%e0%a4%ae%e0%a5%80-%e0%a4%95%e0%a5%87-%e0%a4%b6%e0%a4%aa%e0%a4%a5/125806 Thu, 24 May 2018 05:29:11 +0000 https://tosnews.com/?p=125806 बैगलोर: कर्नाटक के सीएम एचडी कुमारस्वामी के बुधवार को शपथ ग्रहण समारोह में भविष्य की राजनीति की तस्वीर देखने को मिली। 2019 से पहले विपक्षी

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बैगलोर: कर्नाटक के सीएम एचडी कुमारस्वामी के बुधवार को शपथ ग्रहण समारोह में भविष्य की राजनीति की तस्वीर देखने को मिली। 2019 से पहले विपक्षी एकता के प्रदर्शन के बीच जदएस के नेता एचडी कुमारस्वामी ने बुधवार को कर्नाटक के 24वें मुख्यमंत्री के तौर पर शपथ ली। गठबंधन सरकार में कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष जी परमेश्वर ने भी डिप्टी सीएम के पद की शपथ ली। शुक्रवार को होने वाले बहुमत परीक्षण के बाद मंत्रिमंडल में अन्य सदस्यों को शामिल किया जाएगा।


14 विपक्षी दलों के दिग्गज नेताओं ने इस कार्यक्रम में शामिल होकर पीएम नरेंद्र मोदी के खिलाफ मजबूत मोर्चा बनाने का संदेश दिया। इनमें कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधीए यूपीए की चेयरपर्सन सोनिया गांधी, जदएस सुप्रीमो एचडी देवगौड़ा, पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी आंध्र प्रदेश के सीएम एन चंद्रबाबू नायडू, दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल, केरल के सीएम पिनराई विजयन, यूपी के पूर्व सीएम अखिलेश यादव और बसपा सुप्रीमो मायावती शामिल रहे।

फूलपुर और गोरखपुर के लोकसभा उपचुनाव में साथ आकर भाजपा को करारी शिकस्त देने वाले सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव और बसपा नेता मायावती ने पहली बार कोई मंच साझा किया। दोनों नेता एक साथ बैठे और आपस में गुफ्तगू करते नजर आए। आपको बता दें कि गोरखपुर व फूलपुर उपचुनाव सपा-बसपा ने मिलकर लड़ा था। जिससे कि भाजपा को अपने सबसे मजबूत किले गोरखपुर में करारी हार का सामना करना पड़ा था। वही फूलपुर में भी हार हुई।

भाजपा की इस हार ने 2019 के चुनाव के लिए सपा-बसपा के गठबंधन की संभावनाओं को और मजबूत कर दिया। इसके अलावा अभी कुछ दिनों पहले ही बैंगलौर में बसपा सुप्रीमो मायावती ने बयान दिया था कि सीटों का बंटवारा होते ही सपा-बसपा गठबंधन की घोषणा कर दी जाएगी। कर्नाटक के सीएम के शपथ ग्रहण समारोह में अन्य नेताओं में एनसीपी नेता शरद पवार, माकपा महासचिव सीताराम येचुरीए राजद के नेता तेजस्वी यादव भी शामिल थे।

2019 से पहले विपक्षी एकता के प्रदर्शन के बीच जदएस के नेता एचडी कुमारस्वामी ने बुधवार को कर्नाटक के 24वें मुख्यमंत्री के तौर पर शपथ ली। गठबंधन सरकार में कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष जी परमेश्वर ने भी डिप्टी सीएम के पद की शपथ ली। शुक्रवार को होने वाले बहुमत परीक्षण के बाद मंत्रिमंडल में अन्य सदस्यों को शामिल किया जाएगा। 14 विपक्षी दलों के दिग्गज नेताओं ने इस कार्यक्रम में शामिल होकर पीएम नरेंद्र मोदी के खिलाफ मजबूत मोर्चा बनाने का संदेश दिया।

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#KarnatakaLesson: कर्नाटक जीत के बाद कांग्रेस को मिली संजीवनी बूटी, जीता का फार्मूला कर रही है तैयार! https://tosnews.com/karnatakalesson-%e0%a4%95%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%a8%e0%a4%be%e0%a4%9f%e0%a4%95-%e0%a4%9c%e0%a5%80%e0%a4%a4-%e0%a4%95%e0%a5%87-%e0%a4%ac%e0%a4%be%e0%a4%a6-%e0%a4%95%e0%a4%be%e0%a4%82%e0%a4%97/125086 Sun, 20 May 2018 09:45:57 +0000 https://tosnews.com/?p=125086 दिल्ली: कर्नाटक में बहुमत साबित ना कर पाने के बाद भाजपा की हार को अब कांग्रेस व अन्य पार्टियां बड़ा हथियार बना सकती है। कांगे्रस

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दिल्ली: कर्नाटक में बहुमत साबित ना कर पाने के बाद भाजपा की हार को अब कांग्रेस व अन्य पार्टियां बड़ा हथियार बना सकती है। कांगे्रस और अलग-अलग राज्य में क्षेत्रीय पार्टियों के गठजोड़ को भी कर्नाटक जीत से मजबूती मिलती दिख रही है। आने वाले 2019 के लोकसभा चुनाव में कांगे्रस कर्नाटक वाला फार्मूला आपना सकती है।

इस पर कांग्रेस ने अभी से काम करना शुरू भी कर दिया है। कर्नाटक की जीत के बाद राहुल गांधी ने शनिवार को अपनी प्रेस वार्ता में इस बात के संकेत दे दिय है। प्रेस वार्ता में पहली बार राहुल 2019 लोकसभा चुनाव के लिए रणनीति बनाते हुए सभी विपक्षी पार्टियों को एकजुट करने की कोशिश करते हुए दिखे। कांग्रेस अध्यक्ष के बयान के बाद सभी पार्टियों ने अपनी प्रतिक्रिया दी। सभी राहुल के सुर में सुर मिलाते हुए भाजपा को घेरते हुए दिखे। कर्नाटक के फार्मूले को कांग्रेस इस साल होने वाले विधानसभा चुनावों और अगले साल के लोकसभा चुनावों में लागू कर सकती है। यदि वह ऐसा करती है तो इससे वह 11 राज्यों की 12 बड़ी क्षेत्रीय पार्टियों के साथ चुनाव से पहले या बाद में गठबंधन करके भाजपा को सरकार बनाने से रोक सकती है।

आइये नज़र डालते हैं कहां-कहां हो सकता है गठबंधन
यूपी में लोकसभी की 80 सीटें। यहां भाजपा को रोकने के लिए कांग्रेस, बसपा और सपा के साथ गठबंधन कर सकती है। महाराष्ट्र मेें 48 सीटें हैं। यहां कांग्रेस और एनसीपी मिलकर भाजपा को कड़ी टक्कर दे सकते हैं। दोनों पहले ही साथ चुनाव लडऩे का संकेत दे चुके हैं। इसमें शिवसेना के शामिल होने की अटकले हैं।

वहीं पश्चिम बंगाल में 42 सीटे हैं। ममता बनर्जी लगतार मोदी सरकार पर हमला करती रहती हैं। यहां कांग्रेस और टीएमसी मिलकर चुनाव लड़ सकते हैं। वहीं बिहार में 40 सीटें हैं कांग्रेस यहां राजद के साथ मिलकर लोकसभा का चुनाव लड़ सकती है। पहले से ही दोनों का गठबंधन है। उपेंद्र कुशवाहा की पार्टी आरएसएलपी के भी शामिल होने की संभावना है।

इसके अलावा तमिलनाडु में  39 सीटें हैं कांग्रेस और डीएमके ने पिछले साल विधानसभा चुनाव साथ मिलकर लड़ा था। दोनों 2019 में भाजपा के खिलाफ एक बार फिर साथ आ सकते हैं। वहीं कर्नाटक में 28 सीटें है। विधानसभा की तरह लोकसभा चुनाव में भी जेडीएस और कांग्रेस गठबंधन कर सकते हैं।

इसके अलावा आंध्रपद्रेश में 25 सीटें हैं। विशेष राज्य का दर्जा ना मिलने पर भाजपा से नाता तोड़ चुकी टीडीपी कांग्रेस का हाथ थाम सकती है। तेलंगाना में 17 सीटें हैं। राज्य में टीआरएस भाजपा के खिलाफ तीसरे मोर्चे की वकालत कई मौके पर कर चुकी है।

ऐसे में वह कांग्रेस का साथ दे सकती है। वहीं झारखंड में 14 सीटें हैं। यहां भी कांग्रेस और झारखंड मुक्ति मोर्चा साथ आ सकते हैं। कई उपचुनाव साथ मिलकर लड़ चुके हैं। वहीं हरियाणा में 10 सीटें हैं। यहां इंडियन नेशनल लोकदल और कांग्रेस हाथ मिला सकते हैं। इसके अलावा जम्मू- कश्मीर में 6 सीटें है। यहां नेशलन कॉन्फ्रेंस यानि एनसी और कांग्रेस भाजपा को टक्कर देने के लिए साथ आ सकते हैं।

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#KarnatakaFloorTest :कर्नाटक में भाजपा के यू-र्टन के पीछे क्या है खेल? https://tosnews.com/karnatakafloortest-%e0%a4%95%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%a8%e0%a4%be%e0%a4%9f%e0%a4%95-%e0%a4%ae%e0%a5%87%e0%a4%82-%e0%a4%ad%e0%a4%be%e0%a4%9c%e0%a4%aa%e0%a4%be-%e0%a4%95%e0%a5%87-%e0%a4%af%e0%a5%82/124982 Sat, 19 May 2018 13:12:10 +0000 https://tosnews.com/?p=124982 बेंगलोर: विधानसभा में बहुमत परीक्षण से पहले बीएस येदियुरप्पा का पद से इस्तीफा देने के लिए पीछे का असली खेल क्या है, यह तो आने

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बेंगलोर: विधानसभा में बहुमत परीक्षण से पहले बीएस येदियुरप्पा का पद से इस्तीफा देने के लिए पीछे का असली खेल क्या है, यह तो आने वाला वक्त ही तय करेगा, पर ऐसी चर्चा है कि बीएस येदियुरप्पा ने भाजपा हाईकमान के कहने वाले पद से इस्तीफा दिया है। भाजपा अपनी इस हार को भी जीत में बदलकर जनता के बीच 2019 चुनाव में जाना चाहती है।


कुछ जानकार यह मानते हैं कि भाजपा ने अचानक कर्नाटक में यू-र्टन एक सोची-समझी रणनीति है। कर्नाटक की सत्ता हाथ से खो कर भी भाजपा जनता के बीच अपनी जीत दर्शाना चाहती है। राजनीति के जानकार कहते हैं कि खरीद-फरोख्त और धन व बहुबल के लगे रहे आरोप को ध्यान में रखते हुए भाजपा हाईकमान ने कर्नाटक में सत्ता से दूर रहने का फैसला किया।

अगले ही साल यानि वर्ष 2019 में लोकसभा चुनाव है। ऐसे में भाजपा कर्नाटक की हर को भी अपनी जीत दर्शाते हुए जनता के बीच जाने की सोच रही है। वहीं कुछ जानकार यह भी मना रहे हैं कि कर्नाटक में अब बनने वाले कांग्रेस और जेडीएस की सरकार भी ज्यादा दिन की महमान नहीं होगी।

दोनों पार्टियों में सत्ता हासिल करने के बाद भी टकराव की स्थिति पैदा हो सकती है। ऐसे में फिर भाजपा इस टकराव को फायदा उठाते हुए सत्ता हासिल करने की सोच सकती है। फिलहाल कर्नाटक में बदले समीकरणों को लेकर कांग्रेस और जेडीएस में खुशी की लहर है। कांगे्रस के अलावा मायावती, अखिलेश यादव और ममता बनर्जी ने भी कर्नाटक में जीत को लोकतंत्र की जीत बताया।

वहीं इस मौके पर मीडिया को संबोधित करते हुए कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने पीएम मोदी और आरएसएस पर बड़ा निशाना साधा है। उन्होंने बताया कि भाजपा और संघ देश की सभी संवैधानिक संस्थानों को हथिया चाहती है। इसके लिए वह किसी भी हद तक जा सकते हैं। अब देखा यह होगा कि कर्नाटक में भाजपा की हार उसके लिए क्या रंग लाती है?

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#KarnatakaFloorTest: दो दिन की भाजपा सरकार कर्नाटक में गिरी, सीएम बीएस येदियुरप्पा ने दिया इस्तीफा! https://tosnews.com/karnatakafloortest-%e0%a4%a6%e0%a5%8b-%e0%a4%a6%e0%a4%bf%e0%a4%a8-%e0%a4%95%e0%a5%80-%e0%a4%ad%e0%a4%be%e0%a4%9c%e0%a4%aa%e0%a4%be-%e0%a4%b8%e0%a4%b0%e0%a4%95%e0%a4%be%e0%a4%b0-%e0%a4%95%e0%a4%b0/124942 Sat, 19 May 2018 10:52:55 +0000 https://tosnews.com/?p=124942 बेंगलुरु: कर्नाटक विधानसभा में शक्ति परीक्षण के शुरु होने से पहले ही भाजपा की सरकार गिर गयी। बहुमत परीक्षण पहले ही सीएम बीएस येदियुरप्पा बहुमत

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बेंगलुरु: कर्नाटक विधानसभा में शक्ति परीक्षण के शुरु होने से पहले ही भाजपा की सरकार गिर गयी। बहुमत परीक्षण पहले ही सीएम बीएस येदियुरप्पा बहुमत का जादुई नंबर न जुट पाने की स्थिति में इस्तीफा दे दिया। अब कांग्रेस और जेडीएस को कर्नाटक में सरकार बनाने का मौका मिल सकता है।


बीजेपी आलाकमान खरीद- फरोख्त के आरोपों नहीं चाहता है। इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने आदेश दिया है कि केजी बोपैया कर्नाटक विधानसभा में प्रोटेम स्पीकर बने रहेंगे। इसके साथ ही आज विधानसभा में बहुमत परीक्षण का लाइव टेलीकॉस्ट भी किया जाएगा। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता कपिल सिब्बल ने कहा है कि प्रोटेम स्पीकर के खिलाफ दी गई याचिका कोर्ट में कांग्रेस आगे नहीं बढ़ाएगी।

उनका कहना था कि आज होने वाली प्रक्रिया पारदर्शी तरीके से हो यह काफी महत्वपूर्ण है और कोर्ट ने इसकी व्यवस्था दी है। कांग्रेस की ओर पेश वकील कपिल सिब्बल ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर खुश हैं। हमारी मांग भी यही थी कि जिन्हें प्रोटेम स्पीकर बनाया गया है उसपर भरोसा नहीं है ऐसे में कोई और इंतजाम किया जाएण् कोर्ट ने हमारी दलील मान ली और सारी प्रक्रिया पारदर्शी तरीके से हो इसके लिए इसे लाइव टेलीकास्ट करने का आदेश दिया।

15 मई 2018 को मतगणना के बाद कर्नाटक विधानसभा में किसी को भी पूर्ण बहुमत नहीं मिलाण् बीजेपी 104 सीट पर जीत दर्ज की जबकि कांग्रेस 78 सीटों पर जीत दर्ज कीण् जेडीएस के खाते में 38 सीट गई जीत दर्ज करने में सफल रहे। कोर्ट के आदेश के अनुसार 19 मई की शाम 4 बजे कर्नाटक विधानसभा में बीजेपी नेता बीएस येदियुरप्पा को अपना बहुमत साबित करना था। बीएस येदियुरप्पा ने 17 मई की सुबह 9.30 बजे कर्नाटक के 25वें मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली थी।

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#FloorTest: सुप्रीम कोर्ट ने दिया अहम फैसला, कल शमा चार बजे तक बहुमत परीक्षण का आदेश! https://tosnews.com/124651-2/124651 Fri, 18 May 2018 08:11:26 +0000 https://tosnews.com/?p=124651 नई दिल्ली: कर्नाटक में जारी सियासी संग्राम के बीच सुप्रीम कोर्ट ने एक अहम फैसला सुनाया है। सुप्रीम कोर्ट ने शनिवार शाम 4 बजे बहुमत

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नई दिल्ली: कर्नाटक में जारी सियासी संग्राम के बीच सुप्रीम कोर्ट ने एक अहम फैसला सुनाया है। सुप्रीम कोर्ट ने शनिवार शाम 4 बजे बहुमत परीक्षण का आदेश दिया। सर्वोच्च अदालत में तीन जजों की पीठ ने 24 घंटे के अंदर बहुमत परीक्षण और शपथ ग्रहण की समीक्षा कराने के 2 सुझाव दिए थे। कोर्ट ने फैसले के बाद येदियुरप्पा सरकार को शक्ति परीक्षण के लिए आंकड़े जुटाने को 28 घंटे का वक्त जरूर दे दिया। पीठ ने कहा कि सरकार बनाने के लिए राज्यपाल को किस पार्टी को बुलाना चाहिए था इसका फैसला बाद में किया जाएगा। कोर्ट ने प्रोटेम स्पीकर यानि अस्थाई स्पीकर द्वारा विश्वास मत परीक्षण के आदेश दिए।


अभिषेक मनु सिंघवी ने फैसले पर कहाए श्आज उच्चतम न्यायालय ने एक ऐतिहासिक आंतरिक आदेश दिया है।इसके तहत तुरंत बहुमत परीक्षण होगा जो कि कल 4 बजे होगा और एक प्रोटेम स्पीकर नियुक्त किया जाएगा। सबसे महत्वपूर्ण येदियुरप्पा जी के वकील ने माना कि कल तक येदियुरप्पा जी कोई नीतिगत निर्णय नहीं लेंगे।

सिंघवी ने फैसले की जानकारी देते हुए कहा कि हमने महत्वपूर्ण कानूनी मुद्दा उठाया था कि क्या राज्यपाल जी ऐसी पार्टी को न्योता दे सकते हैं जिनकी गणित सिर्फ 104 की है जबकि हमारे पक्ष में 117 विधायक हैं। इस केस पर सुनने के लिए 10 हफ्ते बाद की तारीख लगाई है। साथ ही सर्वोच्च अदालत ने आदेश दिया कि किसी अतिरिक्त नए विधायक को एंग्लो इंडियन समुदाय के आधार पर मनोनीत नहीं किया जा सकता है।

सुप्रीम कोर्ट ने अपनी टिप्पणी में यह भी कहा कि 24 घंटे के अंदर बहुमत परीक्षण ही इस वक्त सर्वोत्तम विकल्प नजर आ रहा है। कोर्ट ने कर्नाटक के डीजीपी को शक्ति परीक्षण के लिए सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम कराए जाने का भी निर्देश दिया। कांग्रेस के वकील अभिषेक मनु सिंघवी ने फ्लोर टेस्ट की विडियोग्राफी करवाने की भी मांग की। पीठ ने इसका फैसला लेने का अधिकार राज्यपाल के विवेक पर छोड़ा। सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान अटॉर्नी जनरल के वेणुगोपाल और बीजेपी के वकील मुकुल रोहतगी ने कहा कि येदियुरप्पा को सरकार बनाने का न्योता देने का राज्यपाल का फैसला विवेकपूर्ण था।

कांग्रेस की तरफ से पार्टी के वरिष्ठ नेता पी चिदंबरम और कपिल सिब्बल भी कोर्ट रूम में मौजूद थे। कांग्रेस का पक्ष रखते हुए अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा कि कांग्रेस और जेडीएस शनिवार को फ्लोर टेस्ट के लिए पूरी तरह से तैयार हैं। सिब्बल ने कुमारस्वामी की तरफ से पक्ष रखा। उन्होंने कहा कि बहुमत वाले पक्ष को सरकार बनाने का न्योता मिलना चाहिए था। येदियुरप्पा के लिए असल मुश्किल बहुमत के लिए जरूरी आंकड़े तक विधायकों का समर्थन जुटाना है। कर्नाटक में चल रहे सियासी संग्राम के बाद गुरुवार को तड़के 1.30 बजे के करीब समर्थन जुटाने के लिए बीजेपी को 15 दिन की मोहलत दी गई थी।

सुप्रीम कोर्ट ने येदियुरप्पा सरकार से वह पत्र मांगा है जो उन्होंने सरकार बनाने का दावा पेश करते हुए कर्नाटक के राज्यपाल को सौंपा था। सुप्रीम कोर्ट में जस्टिस एके सिकरी की अध्यक्षता में 3 सदस्यीय बेंच इस मामले की सुनवाई कर रही है। बता दें कि येदियुरप्पा के शपथ ग्रहण को रुकवाने के लिए कांग्रेस ने सुप्रीम कोर्ट में गुहार लगाई थी।

सुप्रीम कोर्ट में कांग्रेस की तरफ से वरिष्ठ वकील अभिषेक मनु सिंघवी ने पक्ष रखा था। अटॉर्नी जनरल ने उस वक्त दलील दी थी कि राज्यपाल का पद दलगत राजनीति से ऊपर होता है और उन्हें पार्टी नहीं बनाया जा सकता। बीजेपी को सरकार बनाने से रोकने के लिए कांग्रेस और जेडीएस भी अपने स्तर पर कोई कसर नहीं छोडऩा चाहते हैं। बीजेपी की पहुंच से अपने विधायकों को दूर करने के लिए कांग्रेस.जेडीएस भी पूरी तरह तैयार हैं। यही वजह है कि दोनों पार्टियों ने अपने विधायकों को आखिरकार हैदराबाद ले जाने का फैसला किया और गुरुवार देर रात उन्हें वहां शिफ्ट कर दिया है।

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#BSYeddyurappa: तीन दिन की उठा पटक के बाद कर्नाटक में येदियुरप्पा बने सीएम, कांग्रेस धरने पर बैठी! https://tosnews.com/124432-2/124432 Thu, 17 May 2018 06:44:54 +0000 https://tosnews.com/?p=124432 कर्नाटक: कर्नाटक के राज्यपाल वजूभाई वाला ने भाजपा नेता बीएस येदियुरप्पा को मुख्यमंत्री के पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई। येदियुरप्पा तीसरी बार मुख्यमंत्री की

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कर्नाटक: कर्नाटक के राज्यपाल वजूभाई वाला ने भाजपा नेता बीएस येदियुरप्पा को मुख्यमंत्री के पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई। येदियुरप्पा तीसरी बार मुख्यमंत्री की कुर्सी संभाल रहे हैं। वे कर्नाटक के 25वें मुख्यमंत्री बन गए हैं। येदियुरप्पा सरकार को 15 दिनों के अंदर विधानसभा में विश्वास मत हासिल करना होगा। आज सिर्फ येदियुरप्पा ने ही शपथ ली है। विधानसभा में सरकार विश्वासत मत हासिल करने के बाद मंत्रिमंडल को शपथ दिलाएगी।


येदियुरप्पा के स्वागत के लिए राजभवन के बाहर भव्य तैयारियां की गई थी। ढोल.नगाड़ों से पूरा माहौल संगीतमय हो गया था। मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने से पहले येदियुरप्पा ने मंदिर में पूजा.अर्चना की। भाजपा कार्यकर्ताओं ने राजभवन के बाहर वंदे मातरम और मोदी.मोदी के नारे लगाए। अब येदियुरप्पा को विधानसभा में बहुमत साबित करना होगा।

हालांकि येदियुरप्पा ने 2008 के विधानसभा चुनाव के बाद कुछ ऐसी ही विपरीत परिस्थियों में बहुमत साबित कर दिखाया था। कर्नाटक में 2008 के विधानसभा चुनावों के बाद जब जनता ने एक बंटा हुआ जनादेश दिया था तब बीजेपी ने ऑपरेशन कमल के जरिये विधानसभा में बहुमत साबित किया था। वह फिर से वही फॉर्मूला दोहरा सकती है। ऑपरेशन कमल बीजेपी के तत्कालीन मुख्यमंत्री बी एस येदियुरप्पा की एक कुख्यात रणनीति थी।

ऑपरेशन कमल के तहत येदियुरप्पा ने विपक्षी पार्टी के विधायकों को पैसे और ताकत के बल पर खरीद लिया था। बीजेपी ने जेडीएस और कांग्रेस के 20 विधायकों को तोड़ लिया था जिसके बाद उन्होंने अपनी विधानसभा से इस्तीफा दे दिया था और फिर 2008 और 2013 के बीच उपचुनाव में दोबारा चुनाव लड़ा। 2018 की विधानसभा में बीजेपी को सिर्फ 104 सीटें मिली हैं। बीजेपी को तकनीकी रूप से यह सुनिश्चित करने की जरूरत है कि कम से कम 5-6 विधायक इस्तीफा दे दें जिससे बहुमत का जादुई आंकड़ा 106.108 हो जाए और यह सुनिश्चित कर दे कि बीजेपी उम्मीदवार उपचुनाव जीत जाएं।

इसके अलावा बीजेपी एक अन्य रणनीति भी अपना सकती है। जिसके तहत वह कांग्रेस और जेडीएस के कुछ विधायकों को सदन में गैर-मौजूद रहने को कहें। इस रणनीति की अभी ज्यादा संभावना नजर आ रही है। हालांकि यह आसान नहीं होगा क्योंकि कांग्रेस और जेडीएस अपने सदस्यों को व्हिप जारी कर सकती है। इससे एक संवैधानिक संकट पैदा हो सकता है और यह फिर ये मुद्दा अदालत जाएगा जिससे बीजेपी को नई रणनीति तैयार करने के लिए कुछ राहत और समय मिल जाएगा। राजराजेश्वरी ;आरआरद्ध नगर में 28 मई को मतदान की तारीख तय की गई है।

जबकि जयनगर में चुनाव स्थगित कर दिए गए हैं। बीजेपी इन दोनों सीटों पर बहुत ज्यादा उम्मीदें होंगी ताकि विधानसभा में उनकी संख्या बढ़ जाए। दो दिनों से चल रही रस्साकशी के बीच गुरुवार को कर्नाटक के राज्यपाल वजुभाई वाला ने बीएस येदियुरप्पा को मुख्यमंत्री पद की शपथ दिलाई। वहीं सुप्रीम कोर्ट ने कांग्रेस.जेडीएस की भाजपा विधायक दल के नेता बीएस येदियुरप्पा के शपथ ग्रहण समारोह पर रोक लगाने की मांग को इनकार कर दिया।

इसी बीच कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी ने ट्विटर पर अपनी नाराजगी जाहिर की। राहुल ने इसे संविधान का मजाक करार दिया है और कहा है कि देश आज लोकतंत्र की हार का शोक मनाएगा। अपने ट्वीट में राहुल ने कहा कि भाजपा कर्नाटक में सरकार बनाने को लेकर तर्कहीन आग्रह कर रही है जबकि उसके पास पर्याप्त संख्या मौजूद नहीं है यह हमारे संविधान का मजाक बनाना है। आज सुबह जहां भाजपा अपनी खोखली जीत का जश्न मना रही है वहीं भारत लोकतंत्र की हार का शोक मनाएगा।

वहीं कांग्रेस और जेडीएस के विधायक विधानसभा के बाहर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। कांग्रेस के विधायक और पार्टी के वरिष्ठ नेता गुलाम नबी आजाद, अशोक गहलोत और पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धारमैया विधानसभा परिसर में स्थित गांधी की प्रतिमा के पास प्रदर्शन कर रहे हैं। कांग्रेस के इस प्रदर्शन पर केंद्रीय मंत्री अनंत कुमार ने कहाए श्यदि कांग्रेस विरोध.प्रदर्शन करना चाहती है तो उन्हें राहुल गांधीए सोनिया गांधी और सिद्धारमैया के खिलाफ विरोध करना चाहिए। इन तीनों ने ही कांग्रेस को बर्बाद किया है।

बता दें कि येदियुरप्पा के शपथ ग्रहण को रोकने के लिए कांग्रेस ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की थी। रात के दो बजे हुई सुनवाई में कोर्ट ने इस याचिका को खारिज कर दिया था।राज्य में भाजपा के पास बहुमत के लिए पर्याप्त संख्या मौजूद नहीं है। उसके पास 222 में से विधानसभा की 104 सीटें हैं। बेशक आज येदियुरप्पा ने मुख्यमंत्री पद की शपथ ले ली है लेकिन उन्हें 15 दिनों के अंदर सदन में बहुमत साबित करना होगा। वहीं इस मामले पर शुक्रवार सुबह 10रू30 बजे जस्टिस भूषणए जस्टिस सीकरी और जस्टिस बोबडेफिर तीन जजों की बेंच सुनवाई करेगी।

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#KarnatakaVerdict:क्या कर्नाटक में भाजपा को सत्ता तक पहुंचने से रोक सकती है कांग्रेस व जेडीएस? https://tosnews.com/karnatakaverdict%e0%a4%95%e0%a5%8d%e0%a4%af%e0%a4%be-%e0%a4%95%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%a8%e0%a4%be%e0%a4%9f%e0%a4%95-%e0%a4%ae%e0%a5%87%e0%a4%82-%e0%a4%ad%e0%a4%be%e0%a4%9c%e0%a4%aa%e0%a4%be/124178 Tue, 15 May 2018 11:05:19 +0000 https://tosnews.com/?p=124178 बेंगलुरु: कर्नाटक चुनाव के नतीजों ने भाजपा को सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभर कर सामने तो आयी है पर यह देखने काफी अहम

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बेंगलुरु: कर्नाटक चुनाव के नतीजों ने भाजपा को सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभर कर सामने तो आयी है पर यह देखने काफी अहम होगा कि क्या कर्नाटक में भाजपा सत्त पर आसीन हो सकती है या नही। भाजपा सत्ता के जादुई आंकड़ के करीब पहुंचकर रूक गयी। ऐसे में सरकार बनाने के लिए उसे गठबंधन करना पड़ सकता है। इस बीच कांग्रेस पार्टी बीजेपी को सत्ता हासिल करने से रोकने के लिए अपनी रणनीति तैयार करने में जुट गई है। कांग्रेस देवीगोड़ा की पार्टी जेडीएस के बीच समर्थक को लेकर राज्य में राजनीति हलचल बढ़ा दी है। आगर कांग्रेस और देवीगोड़ा की पार्टी के बीच गठबंधन होता है तो भाजपा को विपक्ष ने रहने होगा।


बीजेपी का शतक लगते ही बेंगलुरु से लेकर दिल्ली तक पार्टी कार्यकर्ताओं ने जश्न मनाना शुरू कर दिया। कर्नाटक के नतीजे कांग्रेस के अध्यक्ष राहुल गांधी के लिए बड़ा झटका है। उनकी रणनीति एक बार फिर फेल हो गई है। हालांकि बताया जा रहा है कि कांग्रेस बड़ी पार्टी न बनने की दशा में सरकार में शामिल होने की नई रणनीति पर काम कर रही है।

अगर ऐसा नहीं होता है तो कांग्रेस पार्टी मात्र पंजाब, पुडुचेरी और मिजोरम में सिकुड़ कर रह जाएगी। मुख्यमंत्री सिद्धारमैया चामुंडेश्वरी सीट से चुनाव हार गए हैं। हालांकि उनके बेटे यतींद्र वरुणा क्षेत्र से जीत गए हैं। सिद्धारमैया और कांग्रेस नेताओं के बीच मुख्यमंत्री आवास पर बैठक हुई है। आपको बता दें कि राज्य में विधानसभा की कुल 225 सीटें हैं जिनमें से 224 पर विधायकों का निर्वाचन होता है जबकि एक सीट पर सदस्य का मनोनयन किया जाता है।

1985 के बाद से कर्नाटक की जनता ने किसी भी राजनीतिक दल पर लगातार दो बार भरोसा नहीं जताया है। अंतिम बार रामकृष्ण हेगड़े की अगुआई में जनता दल की लगातार दूसरी बार सरकार बनी थी। इस बार भी साफ दिख रहा है कि जनता ने कांग्रेस की मौजूदा सरकार के खिलाफ वोट किया है। कांग्रेस दूसरे नंबर पर सिकुड़ती दिख रही है। अगर बीजेपी को बहुमत मिलता है तो यह 2019 लोक सभा चुनाव से पहले माने जा रहे इस सेमीफाइनल में उसकी बड़ी जीत मानी जाएगी।

इससे आगे की दिशा भी तय होगी और बीजेपी के पक्ष में माहौल तैयार होगा। बीजेपी के पक्ष में आए नतीजों से साफ हो जाएगा कि पीएम मोदी का जादू बरकरार है और उनके ताबड़तोड़ चुनाव प्रचार का बड़ा असर हुआ है। आपको बता दें कि पोल्स में त्रिशंकु विधानसभा की संभावना जताई गई थी और बीजेपी व कांग्रेस में कड़ी टक्कर देखी जा रही थी।

अगर बहुमत में कुछ सीटें कम पड़ती हैं तो सरकार बनाने के लिए बीजेपी को पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवगौड़ा की पार्टी का समर्थन हासिल करना पड़ सकता है। हालांकि 2-4 सीटों की कमी पर निर्दलीयों का भी समर्थन हासिल कर सरकार बनाने की पहल की जा सकती है। शुरुआती रुझानों को देख कांग्रेस ने कहा है कि सभी विकल्प खुले हुए हैं। आपको बता दें कि 12 मई को 222 सीटों पर मतदान हुआ था।

एक सीट पर मतदान बीजेपी प्रत्याशी और वर्तमान विधायक बी एन विजयकुमार के निधन के चलते स्थगित कर दिया गया। बेंगलुरु के आरआर नगर में एक घर से हजारों की तादाद में सामने आए फर्जी आईकार्ड के मामले को देखते हुए चुनाव आयोग ने यहां वोटिंग को टाल दिया है। बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह ने कहा है कि कर्नाटक पार्टी के लिए दूसरी बार दक्षिण में कदम रखने का द्वार होगा।

कर्नाटक में बीजेपी को सिर्फ एक बार 2008 से 2013 तक सत्ता में रहने का मौका मिला था लेकिन पार्टी का कार्यकाल अंदरुनी कलह और भ्रष्टाचार के आरोपों से घिरा रहा। महज पांच वर्षों में पार्टी की ओर से तीन मुख्यमंत्री बनाए गए जिनमें से एक फिलहाल पार्टी की ओर से मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार बीएस येदियुरप्पा हैंए भ्रष्टाचार के आरोपों में जेल भी जा चुके हैं। 2013 के चुनाव में कांग्रेस ने 122 सीटें जीती थीं। बीजेपी और जेडीएस को 40-40 सीटें मिली थीं।

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