क्या आप जानते हैं – TOS News https://tosnews.com Latest Hindi Breaking News and Features Sat, 18 Aug 2018 12:03:40 +0000 en-US hourly 1 https://wordpress.org/?v=4.9.8 https://tosnews.com/wp-content/uploads/2017/03/tosnews-favicon-45x45.png क्या आप जानते हैं – TOS News https://tosnews.com 32 32 क्या आप जानते हैं , ‘नर्क के द्वार’ के बारे में ? https://tosnews.com/%e0%a4%95%e0%a5%8d%e0%a4%af%e0%a4%be-%e0%a4%86%e0%a4%aa-%e0%a4%9c%e0%a4%be%e0%a4%a8%e0%a4%a4%e0%a5%87-%e0%a4%b9%e0%a5%88%e0%a4%82-%e0%a4%a8%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%95-%e0%a4%95%e0%a5%87-%e0%a4%a6/139416 Tue, 31 Jul 2018 09:17:18 +0000 https://tosnews.com/?p=139416 दुनिया में कई रहस्यमयी स्थल हैं, जिनके बारे में पता लगाने में आज तक वैज्ञानिक भी नाकाम रहे हैं . ऐसी ही एक जगह

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दुनिया में कई रहस्यमयी स्थल हैं, जिनके बारे में पता लगाने में आज तक वैज्ञानिक भी नाकाम रहे हैं . ऐसी ही एक जगह है ‘नर्क का द्वार.’ यानि ‘डोर टू हेल’.  यह जगह तुर्कमेनिस्तान के देरवेज़े गाँव में स्थित है. तुर्कमेनिस्तान के देरवेज़े गाँव में धरती का नर्क का द्वार है. यहाँ पर जमीन में एक छेद है जिससे विशालकाय अग्नि की लपटे 24 घंटे निकलती रहती हैं. यह गड्ढा 70 मीटर चौड़ा है और इसकी गहराई मापी नहीं जा सकी है.दुनिया में कई रहस्यमयी स्थल हैं, जिनके बारे में पता लगाने में आज तक वैज्ञानिक भी नाकाम रहे हैं . ऐसी ही एक जगह है 'नर्क का द्वार.' यानि 'डोर टू हेल'.  यह जगह तुर्कमेनिस्तान के देरवेज़े गाँव में स्थित है. तुर्कमेनिस्तान के देरवेज़े गाँव में धरती का नर्क का द्वार है. यहाँ पर जमीन में एक छेद है जिससे विशालकाय अग्नि की लपटे 24 घंटे निकलती रहती हैं. यह गड्ढा 70 मीटर चौड़ा है और इसकी गहराई मापी नहीं जा सकी है.  इस लड़की ने यूरिनल पॉट में खाया खाना, वीडियो वायरल    यह नर्क का द्वार तुर्कमेनिस्तान की राजधानी अश्गाबात से लगभग 260 किमी दूर स्थित काराकुम रेगिस्तान के बीचों-बीच स्थित है. आग उगलते इस विशाल छेद के पीछे की एक वास्तविक कहानी छुपी हुई है इसके बारे में जानकर आप हैरान रह जाएंगे. इसकी खोज आज से 47 साल पहले 1971 में हुई थी. उस समय सोवियत वैज्ञानिकों की एक टीम यहाँ प्राकृतिक गैस का भंडार तलाशने आई थी.  यहाँ माँ बनने के बाद ही हो पाती है शादी    खुदाई करते हुए नीचे एक गैस से भरी हुए बड़ी गुफ़ा तक पहुँच गए, गुफा के नीचे की जमीन प्राकृतिक गैस का भंडार है. खुदाई के दौरान गुफा की छत नीचे गिर गई और जहरीले गैस लीक होने लगी. स्थानीय लोगों को इस गैस से परेशानी होने लगी. गैस के रिसाव को रोकने के लिए यह आग लगा दी गई. अनुमान था कि कुछ दिनों में यह आग शांत हो जाएगी. लेकिन ये आग आज तक इस गड्डे में धधक रही है. इस आग को धधकते हुए आज 47 साल हो गए हैं लेकिन कोई इसका रहस्य नहीं जान पाया.

यह नर्क का द्वार तुर्कमेनिस्तान की राजधानी अश्गाबात से लगभग 260 किमी दूर स्थित काराकुम रेगिस्तान के बीचों-बीच स्थित है. आग उगलते इस विशाल छेद के पीछे की एक वास्तविक कहानी छुपी हुई है इसके बारे में जानकर आप हैरान रह जाएंगे. इसकी खोज आज से 47 साल पहले 1971 में हुई थी. उस समय सोवियत वैज्ञानिकों की एक टीम यहाँ प्राकृतिक गैस का भंडार तलाशने आई थी.

खुदाई करते हुए नीचे एक गैस से भरी हुए बड़ी गुफ़ा तक पहुँच गए, गुफा के नीचे की जमीन प्राकृतिक गैस का भंडार है. खुदाई के दौरान गुफा की छत नीचे गिर गई और जहरीले गैस लीक होने लगी. स्थानीय लोगों को इस गैस से परेशानी होने लगी. गैस के रिसाव को रोकने के लिए यह आग लगा दी गई. अनुमान था कि कुछ दिनों में यह आग शांत हो जाएगी. लेकिन ये आग आज तक इस गड्डे में धधक रही है. इस आग को धधकते हुए आज 47 साल हो गए हैं लेकिन कोई इसका रहस्य नहीं जान पाया. 

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क्या आप जानते हैं, सेहत की सच्ची साथी होती हैं हरी हरी पत्तिया https://tosnews.com/%e0%a4%95%e0%a5%8d%e0%a4%af%e0%a4%be-%e0%a4%86%e0%a4%aa-%e0%a4%9c%e0%a4%be%e0%a4%a8%e0%a4%a4%e0%a5%87-%e0%a4%b9%e0%a5%88%e0%a4%82-%e0%a4%b8%e0%a5%87%e0%a4%b9%e0%a4%a4-%e0%a4%95%e0%a5%80-%e0%a4%b8/104414 Sat, 03 Feb 2018 11:12:28 +0000 https://tosnews.com/?p=104414 आयुर्वेद से लेकर प्राचीन इतिहास तक सभी लोग हरी पत्तियों को स्वास्थ के लिए फायदेमंद बताते है, ये हरी पत्तिया हमारे स्वास्थ के लिए

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आयुर्वेद से लेकर प्राचीन इतिहास तक सभी लोग हरी पत्तियों को स्वास्थ के लिए फायदेमंद बताते है, ये हरी पत्तिया हमारे स्वास्थ के लिए एक सच्ची सखी की तरह होती है.लेकिन आज की पीढ़ी इसके महत्व को भूल चुकी है.आइये जानते है हरी पत्तिया कितनी गुणकारी है हमारी सेहत के लिए और क्या-क्या है इसके फायदे.क्या आप जानते हैं, सेहत की सच्ची साथी होती हैं हरी हरी पत्तिया

तुलसी : तुलसी के 8-10 पत्तों को पीसकर चीनी में मिलाकर पीने से लू नहीं लगती है। अगर लू लग गई है तो आराम मिल जाता है। रोज प्रातः खाली पेट तुलसी के चार पत्ते नियमित खाने से बीमारी नहीं होती है।

बेर : बेर की पत्तियों व नीम की पत्तियों को बारीक पीसकर उसमें नींबू का रस मिलाकर बालों में लगा लें व दो घंटे बाद बालों को धो लें। इसका एक माह तक प्रयोग करने से नए बाल उग आते हैं व बाल झड़ना बंद हो जाते हैं।

नीम : नीम की 10-12 पत्तियों को पीसकर सुबह खाली पेट पीने से गर्मी की घमौरियों व चर्मरोग का शमन होता है। नीम की पत्तियों को पानी में उबालकर सिर धोने से बाल झड़ना रुक जाता है व जुएँ, लीख मर जाते हैं।

बबूल : बबूल की पत्तियों को उबालकर उस पानी को कुल्ला करने से दाँत व मसूड़े मजबूत होते हैं। बबूल की पत्तियों का रस निकालकर सरसों के तेल में मिलाकर लगाने से गर्मी के फोड़े-फुंसी में आराम मिलता है।

बड़ : बड़ के दूध में एक नींबू का रस मिलाकर सिर में आधे घंटे तक लगा रहने दें। फिर सिर को गुनगुने पानी से धो लें। इससे बालों का झड़ना बंद हो जाता है व बाल तेजी से बढ़ते हैं।

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क्या आप जानते हैं, इस पवित्र मंदिर के प्रसाद में मिलता है कुछ ऐसा जिससे, मिलती है बांझपन से मुक्ति… https://tosnews.com/%e0%a4%ae%e0%a4%bf%e0%a4%b2%e0%a4%a4%e0%a5%80-%e0%a4%b9%e0%a5%88-%e0%a4%ac%e0%a4%be%e0%a4%82%e0%a4%9d%e0%a4%aa%e0%a4%a8-%e0%a4%b8%e0%a5%87-%e0%a4%ae%e0%a5%81%e0%a4%95%e0%a5%8d%e0%a4%a4%e0%a4%bf/48286 Sat, 24 Jun 2017 10:01:35 +0000 https://tosnews.com/?p=48286 नई दिल्ली। हमारे देश में तरह-तरह की मान्यताएं सदियों से चली आ रही है। इनमे से कुछ तो बाहरी दुनिया के लिए बेहद अजीब है,

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नई दिल्ली। हमारे देश में तरह-तरह की मान्यताएं सदियों से चली आ रही है। इनमे से कुछ तो बाहरी दुनिया के लिए बेहद अजीब है, लेकिन इन्हीं अजीब मान्यताओं को हमारे देश में पूजा जाता है। इन्हें पूजना सही है या गलत ये तो श्रद्धालु की श्रद्धा पर निर्भर करता है। क्योंकि जो चीज सदियों से चली आ रही है उसको रोक पाना आसान नहीं होता और धर्म के मामले में तो इसे नामुमकिन ही समझ लीजिए।

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क्या आप जानते हैं, इस पवित्र मंदिर के प्रसाद में मिलता है कुछ ऐसा जिससे, मिलती है बांझपन से मुक्ति...

तो चलिए आज आपको एक ऐसे पवित्र हिन्दू मंदिर के बारे में बताते है जहां देवी की योनी की पूजा की जाती है और श्रद्धालु देवी को साल में एक बार होने वाले पीरियड पर बड़ा सा पर्व भी मनाते हैं। ये मंदिर असम में है। यहां 22 जून से अंबुबाची पर्व शुरू हो चुका है जो 25 जून तक चलेगा। इस पर्व को शानदार तरीके से मनाने के लिए असम सरकार ने ढेरों इंतजाम कर रखे हैं। शायद आप ये बात पहली बार सुन रहे होंगे, लेकिन इस समय मंदिर में भक्तों को देवी के ‘पीरियड के खून’ से रंगा हुआ कपड़ा प्रसाद में दिया जाता है। इस मंदिर का नाम कामाख्या मंदिर है।

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कथा के अनुसार

 कामाख्या को ‘सती’ (जो कि भगवान शिव की पत्नी थीं) का एक अवतार माना जाता है। देवी सती की मृत्यु के बाद, शिव ने तांडव नृत्य शुरू कर दिया था। उन्हें रोकने के लिए भगवान विष्णु ने अपना चक्र छोड़ा था। इस चक्र ने देवी सती के शरीर को 51 हिस्सों में काट दिया था। ये 51 हिस्से धरती पर जहां-जहां गिरे, उन्हें ‘शक्तिपीठ’ का नाम दिया गया। इन्हीं में से एक हिस्सा वहां गिरा, जहां पर इस वक्त कामाख्या मंदिर है।

देवी सती का गर्भाशय जिस जगह पर गिरा था, उसका पता तब तक नहीं चल पाया था जब तक कामदेव ने उसे ढूंढा नहीं था। कामदेव ने भगवान शिव के शाप से मुक्त होने के लिए इसे ढूंढा। कामदेव का शरीर तहस-नहस हो चुका था, लेकिन इसे ढूंढ कर उसकी पूजा की और अपना शरीर वापस पा लिया। इसलिए इस मंदिर और देवी को कामाख्या के नाम से जाना जाता है।

कब हुआ कामाख्या मंदिर का निर्माण :- मंदिर 1565 में नर-नारायण ने बनवाया था। अपने बनने के साथ ही ये मंदिर अंबुबाची मेले से जुड़ गया था। मंदिर के गर्भगृह (मेन हिस्सा) में देवी विराजमन है।

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क्या है अंबुबाची मेला

अंबुबाची का पर्व ‘अहार’ (जिसे आषाढ़ कहते हैं) के महीने में आता है। आषाढ़ जून-जुलाई में आता है। जबसे कामाख्या मंदिर बना है, हर साल ये पर्व मनाया जाता है। महीने के आखिरी चार दिनों में ये मेला लगता है। ऐसा कहा जाता है कि ये वो चार दिन वो होते हैं, जब कामाख्या देवी को पीरियड आते हैं। मंदिर के दरवाज़े बंद रहते हैं। इस दौरान मंदिर के अंदर बने हुए एक छोटे से तालाब का पानी लाल रंग में बदल जाता है।

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प्रसाद के तौर पर देवी का निकलने वाला पानी या फिर अंगवस्त्र (लाल कपड़ा, जिससे देवी की योनी को ढका जाता है) मिलता है। मान्यताओं के अनुसार इस प्रसाद में औरतों में होने वाली पीरियड से समस्याओं को ठीक करने और उन्हें ‘बांझपन’ से मुक्त करने की ताकत होती है।

 

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१० साल बाद महिलाएं सेक्स करेंगी पुरुषों की बजाये इस मशीन से जानिये पूरा सच https://tosnews.com/%e0%a4%ae%e0%a4%b9%e0%a4%bf%e0%a4%b2%e0%a4%be%e0%a4%8f%e0%a4%82-%e0%a4%aa%e0%a5%81%e0%a4%b0%e0%a5%81%e0%a4%b7%e0%a5%8b%e0%a4%82-%e0%a4%95%e0%a5%80-%e0%a4%ac%e0%a4%9c%e0%a4%be%e0%a4%af%e0%a5%87/27467 Tue, 14 Mar 2017 09:30:03 +0000 http://hindi.tosnews.com/?p=27467  क्या  आप अंदाजा लगा सकते हैं की अब महिलाएं पुरुषों की बजाये किससे करेंगी सेक्स? भले ही पीढियां और दशक बदलते जा रहे हों

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 क्या  आप अंदाजा लगा सकते हैं की अब महिलाएं पुरुषों की बजाये किससे करेंगी सेक्स? भले ही पीढियां और दशक बदलते जा रहे हों लेकिन अब तक महिलाओं और पुरुषों का शारीरिक सम्बन्ध ही समाज में आम तौर पर होता है. लेकिन आज से १० साल बाद महिलाएं पुरुषों की बजाये किससे करेंगी सेक्स जमाना कितने बदल गया है और कुछ वक्त में कितना बदल जायेगा, इस बात का अंदाजा किसी को भी नहीं है। लोगों की मदद के लिए वैज्ञानिक रोबोट बना रहे हैं। यह रोबोट लोगों के हर काम में उनकी मदद करने के लिए होता है, लेकिन इस खबर को पढ़कर आप भी दंग रह जाइयेगा। 10 सालों के बाद लोग रोबोट्स के साथ यौन संबंध बना सकेंगे। इसमें महिलाओं की संख्या पुरुषों के मुकाबले कहीं अधिक होगी।भवियवक्ता और डॉ इयान पियरसन ने लंबी रिसर्च के बाद ऐसा दावा किया है। अपनी सेक्स का भविष्य नाम की रिपोर्ट के जरिए से इयान का दावा है कि रोबोट्स के साथ महिलाएं काफी आसानी से सो सकेंगी। यह इतना आसान होगा कि जैसे वर्तमान समय में पॉर्न फिल्में देखना है।
रोबोट्स के साथ सेक्स करने की चर्चा को नई नहीं है। इससे पहले भी कई ऐसी रिसर्च हो चुकी हैंए जिसमें वैज्ञानिकों और डॉक्टरों ने आने वाले सालों में रोबोट्स के साथ यौन संबंध बनाए जाने की बात कर चुके हैं।


डा. पियरसन ने बताया रोबोट सेक्स के ऊपर हुई मेरी यह रिसर्च काफी लोकप्रिय होने जा रही है। कई वैज्ञानिकों ने भविष्य में ऐसा होने की हामी भर चुके हैं। पियरसन का यह भी मानना है कि साल 2025 तक बड़ी संख्या में लोग रोबोट्स के साथ यौन संबंध बनाने लगेंगे। वहीं वर्ष 2050 तक सभी लोग रोबोट्स के साथ यौन संबंध बनाएंगे।
इसके अलावा डॉ इयान ने अपनी रिपोर्ट में बताया है कि यह रोबोट्स रोबोफिलिया नाम से पहचाने जाएंगे और लोग इनके साथ भावनात्मक रूप से भी प्यार करेंगे। डॉ इयान की इस रिपोर्ट पर कई लोगों ने सहमति भी जताई है। कुछ लोगों का कहना है कि डॉ की यह रिपोर्ट बिलकुल सही है और आने वाले कुछ सालों में रोबोट के साथ यौन संबंध बनाना आम हो जाएगा।
सभार- नई दुनिया

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