PAK: पूर्व राष्ट्रपति जरदारी और उनकी बहन के देश से बाहर जाने पर रोक

पाकिस्तान में आम चुनाव से पहले राजनीतिक हलचल तेज हो गई है. इस बीच पूर्व राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी और उनकी बहन फरयाल तालपुर अब देश से बाहर नहीं जा सकेंगे. पाकिस्तान के गृह मंत्रालय ने बुधवार को इस बात की पुष्टि की कि पूर्व राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी और उनकी बहन फरयाल तालपुर को सर्वोच्च न्यायालय के आदेश पर एक्जिट कंट्रोल लिस्ट (ईसीएल) में डाल दिया गया है, ताकि दोनों देश से बाहर नहीं जा सकें.पाकिस्तान में आम चुनाव से पहले राजनीतिक हलचल तेज हो गई है. इस बीच पूर्व राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी और उनकी बहन फरयाल तालपुर अब देश से बाहर नहीं जा सकेंगे. पाकिस्तान के गृह मंत्रालय ने बुधवार को इस बात की पुष्टि की कि पूर्व राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी और उनकी बहन फरयाल तालपुर को सर्वोच्च न्यायालय के आदेश पर एक्जिट कंट्रोल लिस्ट (ईसीएल) में डाल दिया गया है, ताकि दोनों देश से बाहर नहीं जा सकें.  स्थानीय अखबार डॉन की खबर के अनुसार, सर्वोच्च न्यायालय ने मंत्रालय को यह निर्देश फर्जी खातों और कई मुख्यधारा के बैंकों के जरिए अरबों मूल्य के हुए फर्जी लेनदेन की जांच से संबंधित एक मामले के संबंध में दिए थे. इन फर्जी खातों का इस्तेमाल रिश्वत के जरिए प्राप्त हुई भारी भरकम रकम को ठिकाने लगाने के लिए किया गया.  जरदारी और तालपुर सहित सात लोग कथित रूप से कुल 35 अरब रुपये के संदिग्ध लेनदेन के लिए खास बैंक खातों के इस्तेमाल में संलिप्त रहे हैं.  सर्वोच्च न्यायालय ने मंत्रालय को ओदश दिया था कि जरदारी और तालपुर सहित सभी संदिग्ध लाभर्थियों और मामले में पहचाने जा चुके आरोपियों के नाम ईसीएल में डाल दिए जाएं. "ताकि मामले की जांच पूरी होने तक या इस अदालत के अगले आदेश तक ये सभी लोग देश से बाहर नहीं जा सकें."  कार्यवाहक गृह मंत्री आजम खान ने कहा कि सर्वोच्च न्यायालय ने मंत्रालय को निर्देश दिया है कि जरदारी और तालपुर के नाम सोमवार को ईसीएल में डाल दिए जाएं, और मंत्रालय ने आदेश का पालन किया.  आपको बता दें कि पाकिस्तान में 25 जुलाई को आम चुनाव के लिए वोट डाले जाएंगे. हाल ही में पाकिस्तान की एक अदालत ने पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ और उनकी बेटी मरियम शरीफ को भ्रष्टाचार के मामले में क्रमश: 10 और सात साल की सजा सुनाई थी.

स्थानीय अखबार डॉन की खबर के अनुसार, सर्वोच्च न्यायालय ने मंत्रालय को यह निर्देश फर्जी खातों और कई मुख्यधारा के बैंकों के जरिए अरबों मूल्य के हुए फर्जी लेनदेन की जांच से संबंधित एक मामले के संबंध में दिए थे. इन फर्जी खातों का इस्तेमाल रिश्वत के जरिए प्राप्त हुई भारी भरकम रकम को ठिकाने लगाने के लिए किया गया.

जरदारी और तालपुर सहित सात लोग कथित रूप से कुल 35 अरब रुपये के संदिग्ध लेनदेन के लिए खास बैंक खातों के इस्तेमाल में संलिप्त रहे हैं.

सर्वोच्च न्यायालय ने मंत्रालय को ओदश दिया था कि जरदारी और तालपुर सहित सभी संदिग्ध लाभर्थियों और मामले में पहचाने जा चुके आरोपियों के नाम ईसीएल में डाल दिए जाएं. “ताकि मामले की जांच पूरी होने तक या इस अदालत के अगले आदेश तक ये सभी लोग देश से बाहर नहीं जा सकें.”

कार्यवाहक गृह मंत्री आजम खान ने कहा कि सर्वोच्च न्यायालय ने मंत्रालय को निर्देश दिया है कि जरदारी और तालपुर के नाम सोमवार को ईसीएल में डाल दिए जाएं, और मंत्रालय ने आदेश का पालन किया.

आपको बता दें कि पाकिस्तान में 25 जुलाई को आम चुनाव के लिए वोट डाले जाएंगे. हाल ही में पाकिस्तान की एक अदालत ने पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ और उनकी बेटी मरियम शरीफ को भ्रष्टाचार के मामले में क्रमश: 10 और सात साल की सजा सुनाई थी.

English News

Powered by themekiller.com anime4online.com animextoon.com apk4phone.com tengag.com moviekillers.com