Paper Leak: नलकूप परीक्षा पेपर लीक कराने वाला गैंग पकड़ा गया, छात्रों का जमकर हंगामा!

लखनऊ: नलकूप चालक परीक्षा में पेपर आउट कराने वाले गैंग का पर्दाफाश करते हुए एसटीएफ की टीम ने 11 लोगों को मेरठ से गिरफ्तार किया है। पकड़े गये आरोपियों ने पांच आरोपी अभ्यर्थी है, वहीं अन्य पेपर आउट कराने वाले गैंग के सदस्य है। एसटीएफ ने आरोपियों के पास से 14.80 लाख रुपये, बुलेरो गाड़ी, आंसर शीट, एडमिट कार्ड और 13 मोबाइल फोन बरामद किये हैं।


एसएसपी एसटीएफ अभिषेक सिंह ने बताया कि रविवार को प्रदेश के कई जनपदों में नलकूप चालक पद की नौकरी के लिए परीक्षा होनी थी। इस परीक्षा को एसएसएससी ने आयोजित किया था। शनिवार को एसटीएफ को इस बात की सूचना मिली के मेरठ जनपद में कुछ लोगों ने इस परीक्षा के पेपर आउट करकर अभ्यर्थी को आंसर सहित बेचे हैं।

इस सूचना पर एसटीएफ की मेरठ यूनिट को छानबीन के लिए लगाया गया। छानबीन के दौरान एसटीएफ को इस बात का पता चला कि पेपर आउट करने वाला गैंग कुछ अभ्यर्थियों के साथ कैण्ट रेलवे स्टेशन स्थित उमराव काम्प्लेक्स के पास मौजूद है। इस सूचना पर एसटीएफ की टीम वहां पहुंची और घेराबंदी करते हुए 11 लोगों को गिरफ्तार किया। एसटीएफ ने उनके पास से हाथ से लिखी हुई तीन आंसर शीट, 5 एडमिट कार्ड, 14.80 लाख रुपये, 13 मोबाइल फोन और एक बुलेरो गाड़ी बरामद की।

पूछताछ की गयी तो पकड़े गये आरोपियों ने अपना नाम मेरठ निवासी सचिन, मेरठ निवासी अंकित पाल, अमरोहा निवासी दीपक, अमरोहा निवासी सुरेन्द्र सिंह, अमरोह निवासी प्रदीप, मेरठ निवासी कपिल, हापुड निवासी शुभम कुमार, हापुर निवासी सुमित शर्मा, मेरठ निवासी परमीत सिंह, सहारनपुर निवासी लोकेश और हापुड़ निवासी गौरव कुमार बताया। पकड़े गये आरोपी अंकित, दीपक,सुरेन्द्र,प्रदीप और कपिल अभ्यर्थी है, जबकि अन्य लोग पेपर आउट करने वाले गैंग के सदस्य है। एसएसपी एसटीएफ ने बताया कि पकड़े गये आरोपियों से पूछताछ की जा रही है। ऐसी संभावना है कि इस गैंंग से जुड़े अन्य लोगों की गिरफ्तारी हो सकती है।

तीन-तीन लाख रुपये एडवांस लिये गया था
एसएसपी एटीएफ ने पेपर आउट करने वाले गैंग का सरगान मेरठ निवासी सचिन है। मौजूदा समय में वह अमरोहा जनपद में एक प्रथामिक विद्यालय में टीचर है। उसने बताया कि पिछले दो साल से वह प्रियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक का काम कर रहा है। आरोपी ने बताया कि नलकूप चालक परीक्षा में उसने प्रति अभ्यर्थी तीन-तीन लाख रुपये एडवांस लिये थे। परीक्षा के बाद आरोपी ने बाकी तीन से चार लाख रुपये अभ्यार्थियों से वसलूने की बात कुबूली है।

3210 पदों पर होनी थी
नलकूप चालक पद के लिए 2 सितम्बर को यूपी के लखनऊ, गोरखपुर, वाराणसी, इलाहाबाद, कानपुर, मेरठ, आगरा व बरेली में 394 केन्द्र पर परीक्षा होनी थी। परीक्षा से एक दिन पहले पेपर लीक होने से परीक्षा को टाल दिया गया था। इस पद के दो लाख पांच हजार 376 अभ्यर्थियों ने आवेदन किया था।

सपा शासनकाल में जारी हुआ था विज्ञापन
नलकूप चालक भर्ती परीक्षा का विज्ञापन सपा शासनकाल में 2016 में जारी हुआ था। पहले इसमें स्क्रीनिंग परीक्षा के बाद साक्षात्कार के जरिये चयन होना था लेकिन भाजपा सरकार आने के बाद इसकी प्रक्रिया रोक दी गयी थी। बाद में आयोग ने सिर्फ लिखित परीक्षा के आधार पर ही चयन का फैसला किया। इसके लिए शासन ने मंजूरी दे दी थी। इसके बाद ही परीक्षा की तिथियां घोषित की गयी थी।

परीक्षा रद होने से अभ्यर्थियों ने किया जमकर हंगामा
नलकूप चालक परीक्षा रद होने के विरोध में अभ्यर्थियों ने रविवार को चारबाग बस अड्डे और रेलवे स्टेशन पर हंगामा किया। अभ्यर्थियों ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। हजारों की भीड़ होने के कारण अभ्यर्थियों ने जमकर उत्पात मचाया। जानकारी होते ही मौके पर भारी पुलिस पहुंचा। पुलिसकर्मी ने कई घंटों की मशक्कत के बाद अभ्यर्थियों को शांत करवा सके।
परीक्षा के लिए राजधानी में 120 केंद्र बनाए गये थे। जहां पर 60 हजार 743 अभ्यर्थियों को परीक्षा देना था। शनिवार शाम से ही अलग-अलग जनपदों के अभ्यर्थी राजधानी पहुंचने लगे थे। देर शाम तक चारबाग व उसके आसपास के क्षेत्र में हजारों की भीड़ पहुंच चुकी थी। उसके कुछ घंटे के बाद पेपर लीक हुआ। ऐसे में सुबह होते ही अभ्यर्थी भड़क गए। वह चारबाग रेलवे स्टेशन व बस अड्डे पर हंगामा करने लगे। छात्रों का आरोप था कि आयोग व प्रशासन की लापरवाही के कारण इस तरह की घटनाएं होती हैं इसमें उनकों काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है। उग्र अभ्यर्थियों ने बसों को ही जाने से रोक दिया। बवाल बढ़ता देख बस अड्डा व रेलवे स्टेशन पर मौजूद अधिकारियों ने फौरन पुलिस को सूचना दी। इसके बाद कई थानों का फोर्स मौके पर पहुंचा। पुलिस अधिकारियों ने अभ्यर्थियों से बातचीत कर उनकों को शांत कराया।

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