PM मोदी के साथ हम भी जाते थे चाय बेचने, वह आती थी सबको मौज!

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने गृहनगर वडनगर पहुंचे हैं. वडनगर पीएम मोदी के स्वागत की तैयारी में दुल्हन की तरह सजा हुआ है.  उनसे मिलने के लिए पूरा वडनगर उमड़ पड़ा है.  पीएम मोदी को सुनने और मिलने के लिए उनके दोस्त और परिजन भी आए हुए हैं.PM मोदी के साथ हम भी जाते थे चाय बेचने, वह आती थी सबको मौज!PM मोदी के साथ हम भी जाते थे चाय बेचने, वह आती थी सबको मौज!Big News: करवा चौथ पर लखनऊ पुलिस बांटेगी फ्री में हेलमेट, जानिए क्यों!

पीएम मोदी के बड़े भाई सोमभाई मोदी ने बचपन की यादें ताजा कीं. उन्होंने बताया, “पिताजी कैंटीन चलाते थे, हम पिता जी का हाथ बंटाने के लिए दुकान जाते थे, उसमें मौज आती थी. हिंदुस्तान को संदेश गया कि एक छोटा आदमी यहां तक पहुंच सकता है. चाय बेचते-बेचते ही वह यहां तक पहुंच गए.”

उन्होंने कहा, “वडनगर बहुत छोटी जगह थी, इसकी कुल आबादी 15000 थी. केवल एक प्राइमरी स्कूल था. हम लोग सोचते थे कि आजादी हो गई तो हमारी भी तरक्की होगी लेकिन यहां जो ट्रेन आती थी वो भी आनी बंद हो गई, हमने आवेदन दिया तो जाकर साढ़े तीन डिब्बे की एक ट्रेन चली थी.”

पीएम मोदी के छोटे भाई पंकजभाई भी कार्यक्रम में आम लोगों की तरह कार्यक्रम में पहुंचे हैं. वह यहां बात करते हुए भावुक हो गए. उन्होंने कहा, “बचपन में ही मोदी के दिल में राष्ट्रवाद की भावना भरी थी, नरेंद्र भाई ने देश के लिए घर और परिवार सब छोड़ दिया. उन्होंने कहा, “वह इतने व्यस्त रहते हैं कि उनसे मुलाकात नहीं हो पाती. साल में एकाध बार जब माता जी से मिलने आते हैं तो मुलाकात होती है.”

उन्होंने बताया कि पीएम मोदी ने चीन से युद्ध के दौरान सेना के जवानों को चाय पिलाई थी.

उन्होंने कहा, गरीबी में पला एक बेटा जो अपने पिता की चाय की दुकान में मदद करता है, वह निष्ठा और ईमानदारी से प्रधानमंत्री बन सकता है, इससे बहुत प्रेरणा मिलती है. वह युवाओं के लिए एक मिसाल है.

 

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