#PoliceCommemorationDay: शहीद जवानों को सीएम योगी आदित्यनाथ ने दी श्रद्धांजलि !

लखनऊ: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में रविवार को#PoliceCommemorationDay मनाया गया। पुलिस लाइन में आयोजित इस कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हिस्सा लिया। शोक परेड के बाद पुलिस फोर्स के सभी शहीद जवानों को श्रद्धांजलि दी गई।

सीएम योगी ने इस मौके पर कहा कि बहादुर जवानों को श्रद्धा सुमन अर्पित करते हुए उनके परिवार को आश्वस्त करना चाहता हूं कि राज्य सरकार उनके कल्याण के लिए और उन्हें हर संभव सहयोग करने के लिए हमेशा तत्पर रहेगी। बता देंए देशभर में सबसे ज्यादा पुलिसकर्मी उत्तर प्रदेश में शहीद हुए हैं। रिजर्व पुलिस लाइन में आयोजित पुलिस स्मृति दिवस परेड कार्यक्रम में पुलिस फोर्स के शहीद जवानों को श्रद्धांजलि अर्पित की गई। इस दौरान परेड की कमान एसएसपी लखनऊ कलानिधि नैथानी ने संभाली।

बताया गया कि देशभर में पिछले एक साल 414 जवान शहीद हुए हैं। इसी तरह उत्तर प्रदेश पुलिस के 67 पुलिसकर्मियों ने शहादत है। शोक दिवस परेड में शामिल सीएम योगी ने अपने संबोधन में कहा कि प्रदेश के अपने बहादुर पुलिस जवानों से मैं यही आग्रह करूंगा कि वे अपनी पूरी ईमानदारी और कर्तव्य परायणता के साथ अपने दायित्वों का पालन करें।

उन्होंने कहा कि पुलिस बल के वीर शहीदों ने अपने सर्वोच्च बलिदान और त्याग से उत्तर प्रदेश शासन और पुलिस विभाग का गौरव बढ़ाया है। पुलिस भर्ती का जिक्र करते हुए सीएम योगी ने कहा कि रााज्य सरकार पुलिस बल की कमी को दूर करने और उनकी कार्यकुशलता बढ़ाने के लिए भर्ती की प्रक्रिया को तेजी से आगे बढ़ा रही है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2018 में घोषित परिणाम के अनुसार 29,303 पुलिस आरक्षी प्रशिक्षणरत हैं जिनमें 5341 महिला आरक्षी, 20134 पुरुष आरक्षी, 3828 पीएसी के जवान भी हैं।

साथ ही 42000 पुलिस कर्मियों की भर्ती प्रचलित हैए इसमें और तेजी लाने के लिए अगले चरण में 51,216 पुलिस कर्मियों की भर्ती का भी कार्यक्रम भी घोषित किया गया है। बता दे देश में सभी राज्यों और पैरामिलिट्री फोर्स में शहीद होने वालों में उत्तर प्रदेश के पुलिसकर्मियों की संख्या सबसे ज्यादा है। शहादत देने वालों में उत्तर प्रदेश के 67 पुलिसकर्मी, बीएसएफ के 42, आइटीबीपी के 34, आरपीएफ के 25, कश्मीर के 46 और छत्तीसगढ़ के 25 पुलिसकर्मियों ने शहादत दी है। आतंकवाद से जूझ रहे जम्मू कश्मीर और नक्सलियों का गढ़ कहे जाने वाले छत्तीसगढ़ से भी ज्यादा उत्तर प्रदेश में पुलिस कर्मियों की जान गई है।

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