PPF, स्मॉल सेविंग स्कीम में निवेश करने वालों को मिलेगी बड़ी खुशखबरी…

स्मॉल सेविंग स्कीम में निवेश करने वालों को अगले महीने से शुरू होने वाले नए वित्त वर्ष में खुशी मिल सकती है। ऐसा इसलिए क्योंकि केंद्र सरकार इन पर मिलने वाले ब्याज में 15 से 20 बेसिस प्वाइंट की बढ़ोतरी कर सकती है। सबसे ज्यादा बढ़ोतरी पीपीएफ पर मिलने वाले ब्याज पर होगी। PPF, स्मॉल सेविंग स्कीम में निवेश करने वालों को मिलेगी बड़ी खुशखबरी...PPF पर इतनी हो सकती है ब्याज दर
बॉड यील्ड में बढ़ोतरी के चलते और श्यामला गोपीनाथ समिति की सिफारिशों के चलते केंद्र सरकार पीपीएफ पर ब्याज दर को 7.75 फीसदी कर सकती है। इसी तरह वरिष्ठ नागरिक सेविंग स्कीम में ब्याज दर को 8.5 फीसदी तक किया जा सकता है। वहीं सुकन्या समृद्धि योजना पर मिलने वाली ब्याज दर को 8.25 फीसदी किया जा सकता है। 

अभी यह है ब्याज दर
पोस्ट ऑफिस में चलने वाली विभिन्न सेविंग स्कीम पर मिलने वाले ब्याज दर में केंद्र सरकार ने दिसंबर में कटौती की थी। तब पीपीएफ पर 7.6 फीसदी, एनएससी पर 7.6 फीसदी, मंथली सेविंग स्कीम पर 7.3 फीसदी, सुकन्या पर 8.1 फीसदी और वरिष्ठ नागरिक सेविंग स्कीम पर 8.3 फीसदी ब्याज दर तय की थी। 

सेविंग स्कीम में है लॉक-इन पीरियड
अभी इन सभी बचत योजनाओं में अलग-अलग लॉक-इन पीरियड है, जिसके कारण लोगों को तय अवधि तक निवेश करना होता है और उसके बाद वो अपनी जमा राशि निकाल सकते हैं। हालांकि सरकार पीपीएफ सहित सभी योजनाओं के लिए कानून में बदलाव करने भी जा रही है, जिसके कारण इस तरह के सभी लघु बचत खाते बैंकों में चलने वाले आम बचत खाते में तब्दील हो जाएंगे। 

इमरजेंसी के वक्त निकाल सकेंगे पैसा

सरकार जो नया कानून लेकर के आएगी उसके मुताबिक खाताधारक किसी भी इमरजेंसी के वक्त खाते से पैसा या फिर उसको बंद कर सकेंगे। सरकार का मानना है कि ऐसा करने से ज्यादा से ज्यादा लोग इन लघु बचत योजनाओं में निवेश करेंगे। 

पीपीएफ में 15 साल का है लॉक-इन पीरियड
पीपीएफ में फिलहाल 15 साल का लॉक-इन पीरियड है, जिसमें 7 साल के बाद चार साल तक जमा हुई कुल राशि की 50 फीसदी रकम निकाली जा सकती है। इस स्कीम में पांच साल बाद खाते को बंद कर सकते हैं, लेकिन ब्याज नहीं मिलेगा। 

नये कानून से इन खातों पर पड़ेगा असर
स्मॉल सेविंग एक्ट के खत्म होने से जिन अकाउंट्स पर सर्वाधिक असर पड़ेगा, उनमें पोस्ट ऑफिस सेविंग बैंक अकाउंट, नेशनल सेविंग मंथली इनकम, नेशनल सेविंग आरडी अकाउंट, सुकन्या समृद्धि अकाउंट, नेशनल सेविंग टाइम डिपॉजिट (1,2,3 और 5 साल), सीनियर सिटीजंस सेविंग स्कीम, एनएससी, पीपीएफऔर किसान विकास पत्र शामिल हैं। 

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