RBI के फैसले का दिखा बाजार पर असर, सेंसेक्स 85 अंक गिरकर 37521 पर बंद

RBI की लगातार दूसरी बार ब्याज दरों में इजाफा किया गया है। इसके बाद सेंसेक्स करीब 150 अंक तक गिर गया था। लेकिन बाजार बंद होते समय रिकवरी के चलते सेंसेक्स 85 अंक गिरकर 37521 के स्तर पर और निफ्टी 10 अंक की गिरावट के साथ 11346 के स्तर पर कारोबार कर बंद हुआ है। सबसे ज्यादा गिरावट मारुति और वेदांता लिमिटेड के शेयर्स में है। मारुति 1.75 फीसद की गिरावट के साथ 9340 के स्तर पर और वेदांता लिमिटेड 1.84 फीसद की कमजोरी के साथ 218.15 के स्तर पर कारोबार कर बंद हुआ है। वहीं नेशनल स्टॉक एक्सचेंज पर मिडकैप 0.15 फीसद और स्मॉलकैप 0.03 फीसद की बढ़त के साथ कारोबार कर बंद हुआ है।RBI की लगातार दूसरी बार ब्याज दरों में इजाफा किया गया है। इसके बाद सेंसेक्स करीब 150 अंक तक गिर गया था। लेकिन बाजार बंद होते समय रिकवरी के चलते सेंसेक्स 85 अंक गिरकर 37521 के स्तर पर और निफ्टी 10 अंक की गिरावट के साथ 11346 के स्तर पर कारोबार कर बंद हुआ है। सबसे ज्यादा गिरावट मारुति और वेदांता लिमिटेड के शेयर्स में है। मारुति 1.75 फीसद की गिरावट के साथ 9340 के स्तर पर और वेदांता लिमिटेड 1.84 फीसद की कमजोरी के साथ 218.15 के स्तर पर कारोबार कर बंद हुआ है। वहीं नेशनल स्टॉक एक्सचेंज पर मिडकैप 0.15 फीसद और स्मॉलकैप 0.03 फीसद की बढ़त के साथ कारोबार कर बंद हुआ है।  ऑटो शेयर्स में बिकवाली  सेक्टोरल इंडेक्स की बात करें तो बैंक (0.60 फीसद), ऑटो (0.76 फीसद), फाइनेंशियल सर्विस (0.62 फीसद), मेटल (0.45 फीसद) और प्राइवेट बैंक (0.67 फीसद) की गिरावट के साथ बंद हुए हैं। सबसे ज्यादा बिकवाली ऑटो शेयर्स में हुई है। वहीं एफएमसीजी, आईटी, फार्मा, पीएसयू बैंक और रियल्टी शेयर्स बढ़त के साथ बंद हुए हैं।     हिंडाल्को टॉप लूजर निफ्टी में शुमार दिग्गज शेयर्स की बात करें तो 26 हरे निशान और 24 गिरावट के साथ कारोबार कर बंद हुए हैं। सबसे ज्यादा तेजी कोल इंडिया, ल्यूपिन, आइओसी, इंफ्राटेल और डॉ रेड्डी के शेयर्स में हुई है। वहीं, हिंडाल्को, आइसीआइसीआइ बैंक, मारुति, वेदांता लिमिटेड और टाटा स्टील के शेयर्स में गिरावट हुई है।   RBI ने रेपो रेट को 6.25 से बढ़ाकर 6.50 फीसद किया चालू वित्त वर्ष की तीसरी द्वैमासिक मौद्रिक समीक्षा बैठक में बढ़ती महंगाई का असर साफ तौर पर देखा गया। आरबीआई ने लगातार दूसरी बार नीतिगत दरों में इजाफा किया है। केंद्रीय बैंक ने अब रेपो रेट को 6.25 फीसद से बढ़ाकर 6.50 फीसद और रिवर्स रेपो को 6 फीसद से बढ़ाकर 6.25 फीसद कर दिया है। आरबीआई की अगली बैठक 3 से 5 अक्टूबर को होगी। इस बैठक में नीतिगत दरों बढ़ाने का फैसला 5:1 के आधार पर लिया गया है। सिर्फ रवींद्र एच ढोलकिया ने नीतिगत दरों में इजाफे के खिलाफ मतदान किया। जानकारी के लिए आपको बता दें कि रेपो रेट के बढ़ने का मतलब बैंक से मिलने वाले लोन का महंगा होना माना जाता है।

ऑटो शेयर्स में बिकवाली 
सेक्टोरल इंडेक्स की बात करें तो बैंक (0.60 फीसद), ऑटो (0.76 फीसद), फाइनेंशियल सर्विस (0.62 फीसद), मेटल (0.45 फीसद) और प्राइवेट बैंक (0.67 फीसद) की गिरावट के साथ बंद हुए हैं। सबसे ज्यादा बिकवाली ऑटो शेयर्स में हुई है। वहीं एफएमसीजी, आईटी, फार्मा, पीएसयू बैंक और रियल्टी शेयर्स बढ़त के साथ बंद हुए हैं।  
हिंडाल्को टॉप लूजर
निफ्टी में शुमार दिग्गज शेयर्स की बात करें तो 26 हरे निशान और 24 गिरावट के साथ कारोबार कर बंद हुए हैं। सबसे ज्यादा तेजी कोल इंडिया, ल्यूपिन, आइओसी, इंफ्राटेल और डॉ रेड्डी के शेयर्स में हुई है। वहीं, हिंडाल्को, आइसीआइसीआइ बैंक, मारुति, वेदांता लिमिटेड और टाटा स्टील के शेयर्स में गिरावट हुई है।
RBI ने रेपो रेट को 6.25 से बढ़ाकर 6.50 फीसद किया
चालू वित्त वर्ष की तीसरी द्वैमासिक मौद्रिक समीक्षा बैठक में बढ़ती महंगाई का असर साफ तौर पर देखा गया। आरबीआई ने लगातार दूसरी बार नीतिगत दरों में इजाफा किया है। केंद्रीय बैंक ने अब रेपो रेट को 6.25 फीसद से बढ़ाकर 6.50 फीसद और रिवर्स रेपो को 6 फीसद से बढ़ाकर 6.25 फीसद कर दिया है। आरबीआई की अगली बैठक 3 से 5 अक्टूबर को होगी। इस बैठक में नीतिगत दरों बढ़ाने का फैसला 5:1 के आधार पर लिया गया है। सिर्फ रवींद्र एच ढोलकिया ने नीतिगत दरों में इजाफे के खिलाफ मतदान किया। जानकारी के लिए आपको बता दें कि रेपो रेट के बढ़ने का मतलब बैंक से मिलने वाले लोन का महंगा होना माना जाता है।

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