अभी-अभी: पुलवामा मुठभेड़ में 4 आतंकियों की हुई मौत, पुलिस के 8 जवान शहीद, सर्च ऑपरेशन जारी

दक्षिणी कश्मीर के पुलवामा जिले के जिला पुलिस लाइन (डीपीएल) में शनिवार की सुबह आतंकियों ने फिदायीन हमला कर दिया। इस दौरान मुठभेड़ में सुरक्षा बलों के आठ जवान शहीद हो गए। इनमें सीआरपीएफ के चार तथा जम्मू कश्मीर पुलिस के चार जवान शामिल हैं। चार आतंकी भी मार गिराए गए। मुठभेड़ में छह जवान घायल भी हुए हैं। सुरक्षा बलों ने पुलिस लाइन से 36 परिवारों को सुरक्षित निकाला।अभी-अभी: पुलवामा मुठभेड़ में 4 आतंकियों की हुई मौत, पुलिस के 8 जवान शहीद, सर्च ऑपरेशन जारीलालू की रैली ने बीजेपी में मची उथल-पुथल, 48 नहीं अब तो सिर्फ 17 से ही छूट रहे पसीने…

हमले की जिम्मेदारी जैश ए मोहम्मद ने ली है। मुठभेड़ स्थल से आतंकियों को भगाने के लिए भारी प्रदर्शन हुआ तथा सुरक्षा बलों पर पथराव किए गए। अफवाहों को फैलने से रोकने के लिए इंटरनेट सेवा ठप कर दी गई। इस वर्ष की यह पहली बड़ी घटना है जिसमें सुरक्षा बलों को इतना व्यापक नुकसान उठाना पड़ा। 

पुलिस लाइन में शनिवार तड़के करीब 3:45 बजे 2 से 3 आतंकियों का दल दाखिल हुआ। घुसते ही उन्होंने ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी और ग्रेनेड दागे। फायरिंग करते हुए वे डीपीएल में स्थित एक रिहायशी बिल्डिंग (ई-ब्लॉक) में जा घुसे। हमला होते ही पुलिसकर्मियों ने मोर्चा संभालते हुए आतंकियों को घेर लिया। इस बीच सेना और सीआरपीएफ भी इस ऑपरेशन में शामिल हुई लेकिन उनके लिए सबसे बड़ी दिक्कत यह रही कि उस समय वहां करीब 36 परिवार मौजूद थे। 

हमले के बाद फैमिली क्वार्टर में छिपे आतंकी

इन सभी को सुरक्षित निकालने के बाद एक भीषण मुठभेड़ शुरू हुई। शुरुआती फायरिंग के दौरान 6 जवान घायल हो गए। शहीद दो सीआरपीएफ जवानों की शिनाख्त हरियाणा के गुरुग्राम जिले के शेखूपुर मारी गांव के जसवंत सिंह तथा महाराष्ट्र के सतारा जिले के मोहत गांव के धनवाडे रवींद्र बाबन के रूप में हुई है। हुमहामा आरटीसी में आयोजित समारोह में जसवंत सिंह तथा धनवाडे रवींद्र बाबन को श्रद्धांजलि दी गई। इस दौरान सीआरपीएफ के स्पेशल डीजी एसएन श्रीवास्तव तथा डीजीपी डा. एसपी वैद मौजूद थे। 

सेना की 15 कोर के कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल जेएस संधू ने बताया कि सुबह के समय कुछ आतंकी डीपीएल के फेमिली क्वार्टर में दाखिल हुए। उस समय वहां काफी परिवार मौजूद थे। सबसे पहले परिवार वालों को सुरक्षित बाहर निकाला गया जिसके बाद जवानों ने ऑपरेशन शुरू किया। यह एक फिदायीन हमला है। कश्मीर जोन के आईजी मुनीर अहमद खान ने बताया कि इस फिदायीन हमले में शुरू में ही पुलिस का एक कांस्टेबल और सीआरपीएफ के दो जवान शहीद हो गए।

पुलिस के दो एसपीओ ऑपरेशन को अंजाम देने के लिए बिल्डिंग के अंदर घुसे, जिनका शव देर शाम बरामद कर लिया गया। मुठभेड़ फिलहाल जारी है। आखिरी खबरें मिलने तक इलाके में रुक रुककर फायरिंग जारी थी। सुरक्षाबलों ने इलाके की घेराबंदी कर बाकी के आतंकियों को ढेर करने का प्रयास जारी रखा हुआ है। फिलहाल करीब 15 घंटे से अधिक समय से इलाके में ऑपरेशन जारी है। सीआरपीएफ प्रवक्ता राजेश यादव के अनुसार चार सीआरपीएफ तथा चार जम्मू कश्मीर पुलिस के जवान शहीद हुए हैं। शहीद होने वालों में पुलिस का एक नर्सिंग अर्दली भी शामिल है। 

पुलवामा में इंटरनेट सेवाएं बंद
मुठभेड़ शुरू होते भी जिले में प्रशासन द्वारा मोबाइल इंटरनेट सेवाएं ठप कर दी गई ताकि अफवाहों से बचा जा सके। आतंकियों को भगाने में मदद करने के लिए आस-पास के इलाकों से लोगों द्वारा मुठभेड़ स्थल की ओर बढ़ने की कोशिश की गई लेकिन पहले से इलाके में तैनात सुरक्षाबलों ने उन्हें आगे बढ़ने से रोका। इस दौरान सुरक्षा बलों पर भारी पथराव किया गया। प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस के गोले दागे गए।

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