SSP की मुसलमानों से अपील: ‘आग से आग नहीं बुझती, किसी से गलती हो तो सब्र से काम लें’

‘आप लोग उस उम्मत के सदस्य हैं जिसके पैगंबर का किरदार देखकर पत्थर दिल भी पिघल जाया करता था। आग से आग बुझाने की कोशिश न करें। आग बुझाने के लिए पानी की जरूरत होती है। अगर किसी बच्चे या बड़े से नासमझी हो जाए तो सब्र और धीरज से काम लेकर होली के मौके पर जिले में अमनो-अमान कायम रखें।’ मुजफ्फरनगर जिले के मुसलमानों से यह अपील की है वहां के एसएसपी अनन्त देव ने।SSP की मुसलमानों से अपील: ‘आग से आग नहीं बुझती, किसी से गलती हो तो सब्र से काम लें’

इस बार होली का त्यौहार शुक्रवार को है। मुस्लिम समुदाय इस दिन बड़ी संख्या में मस्जिदों में इकट्ठा होकर जुमे की नमाज अदा करते हैं। कई बार मस्जिदों पर रंग पड़ने की वजह से बवाल होता है और कानून व्यवस्था की स्थिति बिगड़ने की नौबत आ जाती है। अनन्त देव ने पत्र लिखकर उनसे अपने पैगंबर की सुन्नत पर अमल करने की अपील की है। उन्होंने मुहम्मद साहब की ही सहनशीलता और उदारता की एक घटना का जिक्र करते हुए यह पत्र लिखा है।

क्या है पत्र में…
‘दोस्तों, आप उस रसूल-ए-पाक के उम्मत के फर्द (सदस्य) हैं जिसके रसूल-ए-पाक जिस रास्ते से गुजरते थे, उस रास्ते पर रहने वाली एक बूढ़ी महिला रसूल पर गंदगी डाल देती थी। रसूल उसे झाड़कर निकल जाते थे। यह सिलसिला रोज का था। एक दिन उस महिला ने रसूल पर गंदगी नहीं फेंकी तो रसूल वहीं रुक गए और उस औरत के बारे में जानकारी हासिल की। पता चला कि वह बीमार है। रसूल इजाजत लेकर उस महिला के घर में गए और उसका हालचाल पूछा। महिला ने देखा कि यह वही शख्स है जिस पर वह गंदगी फेंकती थी। उसे लगा कि मुहम्मद साहब बदला लेने आए हैं, लेकिन जब मुहम्मद साहब ने उसका मिजाज पुर्सी की बात की और उसके इलाज का जिक्र किया तो महिला के आंखों में आंसू आ गए।  महिला यहूदी थी, वह मुहम्मद साहब के इस मधुर व्यवहार को देखकर रो पड़ी और पैरों पर सिर रख दिया और ईमान ले आई।’

बच्चे या बड़ों की नासमझी को करें नजरंदाज…
मुजफ्फरनगर जिले के एसएसपी अनंत देव ने मुस्लिमों को लिखे पत्र में होली के दौरान बच्चे या बड़ों की नासमझी को नजरअंदाज करने की अपील की है। उन्होंने लिख है कि ‘भाइयो आप सब उम्मत के फर्द हैं जिसके किरदार का हुस्न-ए-एखलाक (मधुर व्यवहार) देखकर पत्थर दिल पिघल गया। इसलिए आप सब सुन्नते रसूल को याद करके कभी भी आग को आग से बुझाने की कोशिश न करें।

आग बुझाने के लिए पानी की जरूरत होती है। अक्ल और होश का दामन मत छोड़ना वरना शैतान का फितना (नकारात्मक मंसूबा) काम कर जाएगा। अगर किसी बच्चे या बड़े से नासमझी हो जाए तो सब्र और धीरज से काम लेकर होली के शुभ अवसर पर जिले में अमन कायम रखेंगे। आपका बहुत-बहुत धन्यवाद होगा। आपका शुभचिंतक अनंत देव’। इस पत्र को लेकर प्रतिक्रियाएं भी आ रही हैं जिनमें एसएसपी के प्रयास को सराहा जा रहा है।

बुलंदशहर और आजमगढ़ में भी आजमा चुके हैं यह तरीका
अनन्त देव ने ‘अमर उजाला’ को बताया कि सहनशीलता की यह घटना आजमगढ़ में पोस्टिंग के दौरान एक मुस्लिम मित्र ने बताई थी। जिसके बाद उन्होंने पहले आजमगढ़ में और फिर बुलंदशहर में इसे आजमाया। दोनों ही जगह इसका अच्छा रेस्पांस मिला। अनन्त देव का कहना है कि इसका सकारात्मक प्रभाव देखने को मिला। उन्होंने बताया कि इसी तरह हिंदुओं से भी अपील की गई है कि वह कीचड़ और मिट्टी की होली न खेलें। रंगों का त्यौहार है, रंग के साथ मिल जुल कर मनाएं। अनन्त देव ने बताया कि अगर इसे पूरे प्रदेश के लोगों को भेजा जाए तो इसका पूरे प्रदेश में साकारात्मक असर दिखेगा।

टकराव से बचने के लिए समय एडजस्ट करने की अपील

उधर, अलीगढ़ के एसएसपी राजेश पांडेय ने किसी तरह के टकराव से बचने के लिए दोनों पक्षों से अपील की है। उन्होंने हिंदुओं से अपील की है कि वे समय से थोड़ा पहले ही रंग खेलना बंद कर दें। वहीं, मुस्लिमों से अपील की है मस्जिदों में होने वाली नमाज का समय थोड़ा आगे बढ़ा दिया जाए जिससे किसी तरह का कोई टकराव न होने पाए।

12 कंपनी केंद्रीय अर्द्धसैनिक बल की मांग
प्रदेश में होली पर शांति व्यवस्था कायम रखने के लिए डीजीपी मुख्यालय ने गृह विभाग के माध्यम से केंद्र को 12 कंपनी अर्द्धसैनिक बल की मांग भेजी है। हालांकि सूत्रों का कहना है कि प्रदेश को 8 कंपनी ही उपलब्ध हो सकेंगी। मालूम हो कि प्रदेश के लगभग 35 जिले संवेदनशील घोषित किए गए हैं।

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