STF: 50 हजार का इनामी बदमाश साथियों के संग लखनऊ से गिरफ्तार!

लखनऊ: 50 हजार रुपये के इनामी लुटेरे और उसके चार साथियों को बीती रात यूपी एसटीएफ की टीम ने लखनऊ के वजीरगंज इलाके से मुठभेड़ के दौरान गिरफ्तार कर लिया। पकड़े गये बदमाशों के पास से असलहे, लूटे गये जेवरात और एक टाटा सफारी गाड़ी भी मिली। इनामी बदमाश का पूरा एक गैंग है जो न सिर्फ यूपी बल्कि अन्य राज्यों में भी लूट की वारदात को अंजाम देता है।


एडिशनल एसपी विशाल विक्रम सिंह ने बताया कि एसटीएफ की टीम लगातार इनामी बदमाशों की धर-पकड़ में लगी है। इसी क्रम में बीती रात एसटीएफ की टीम को इस बात की सूचना मिली कि 50 हजार रुपये का इनामी बदमाश बाराबंकी जनपद निवासी अविनाश चंद्र त्रिपाठी अपने कुछ साथियों के साथ वजीरगंज के जुबली कालेज के पास आने वाला है।

इस सूचना पर एसटीएफ की टीम पहले से जुबली कालेज पहुंच गयी। देर रात एसटीएफ की टीम को एक काले रंग की टाटा सफारी गाड़ी दिखी जो कालेज के गेट के पास रूकी। गाड़ी से दो युवक नीचे उतरे और आपस में बातचीत करने लगे। एसटीएफ के साथ मौजूद मुखबिर ने बताया कि बातचीत कर रहे लोगों में 50 हजार रुपये का इनामी बदमाश अविनाश चंद्र त्रिपाठी शामिल है।

इस पर एसटीएफ की टीम जैसे ही सफारी गाड़ी सवार लोगों की तरफ बढ़ी, वैसे ही उन लोगों ने फायरिंग शुरू कर दी। एसटीएफ की टीम ने भी किसी तरह घेराबंदी करते हुए टाटा सफारी सवार पांच बदमाशों को धर लिया। पूछताछ की गयी तो पकड़े गये बदमाशों ने अपना नाम बाराबंकी जनपद निवासी अविनाश चंद्र त्रिपाठी, जम्मू निवासी शमशेर, सीतापुर निवासी संतोष कुमार और संतोष के दो बेटे राहुल और विशाल त्रिपाठी को गिरफ्तार किया।

एसटीएफ ने पकड़े गये बदमाशों के पास से एक पिस्टल, एक तमंचा, दो हीरे के नेकलेस, एक सोने का हार और कुछ चांदी के जेवरात बरामद किये। पकड़ा गया आरोपी अविनाश चंद्र त्रिपाठी वर्ष 2014 में लखनऊ से पुलिस कस्टडी से फरार हो गया था। इसके बाद डीजीपी ने उसकी गिरफ्तारी पर 50 हजार रुपये का इनाम घोषित किया था। इनामी बदमाश अविनाश के खिलाफ सिर्फ लखनऊ के अलग-अलग थानों में 15 आपराधिक मामले दर्ज हैं।

फरारी के दौरान महाराष्टï, गुजरात व नेपाल में की थी करोड़ों की लूट
अभिरक्षा से फरार होने के बाद अविनाश ने वर्ष 2014 में ही महाराष्ट्र मेें एक ज्वैलरी शाप में एक करोड़ की लूट की वारदात को अंजाम दिया था। उसी साल दिसम्बर माह में उसने पुणे में एक जेवरात की दुकान में 5 करोड़ रुपये की लूट की थी। इसके बाद वर्ष 2015 में उसने गुजरात, के बड़ोदरा में अविनाश ने साथियों के साथ मिलकर 60 लाख की लूट की वारदात को अंजाम दिया था। इस घटना में उसके साथ शातिर बदमाश ङ्क्षटकू कपाला भी शामिल था जो मौके पर ही पकड़ा गया था। बीते वर्ष फरवरी व मार्च में धनगड़ी, नेपाल में अपने साथियों के साथ तीन किलो सोना लूट की घटना को भी इस बदमाश ने अंजाम दिया था। बीते 6 अप्रैल को बदमाश ने मुम्बई में एक होटल मालिक से चेन लूट की घटना को अंजाम दिया। इन सभी घटनाओं में उसके साथ टिंकू कपाला, शमशेर सिंह, सौरभ तिवारी, श्वेता गुप्ता व अजय तिवारी शामिल थे। अजय तिवारी इस गैंग के लिए रेकी करने और गाड़ी का इंतजाम करने का काम करता था। वारदात के बाद यह लोग माल का बंटवारा संतोष त्रिपाठी के घर करते थे। इसके बाद लूटा गया माल संतोष अपने दोनों बेटों के साथ मिलकर बेचता था। लूटे गये माल का सुरक्षित रख रखने की जिम्मेदारी संतोष त्रिपाठी की पत्नी बब्ली त्रिपाठी की थी, जिसके एवज में उसका भी हिस्सा मिलता था।

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