Thag: ज्वैलर्स को ठगने वाला नटवरलाल लखनऊ पुलिस के हत्थे चढ़ा, लाखों के जेवरात मिले !

लखनऊ: कभी इंकम टैक्स अधिकारी तो कभी सचिवालय अधिकारी बन सर्राफ कारोबारियों से चेक के माध्यम से लाखों रुपये के जेवरात लेकर ठगी करने वाले जालसाज को लखनऊ की अलीगंज पुलिस ने गिरफ्तार किया है। पुलिस ने पकड़े गये आरोपी के पास से लगभग एक किलो के सोने के जेवरात, घड़ी, पांच मोबाइल फोन और एक इनोवा गाड़ी बरामद की है। पकड़े गये आरोपी ने अब तक चार सर्राफ से ठगी की वारदात को अंजाम देने की बात कुबूली है।


एसएसपी कलानिधि नैथानी ने बताया कि अलीगंज इलाके में बीते 30 अप्रैल को डण्डइया बाजार में स्थित कैदरानाथ गौतम सर्राफ के मालिक अभय राज सोनी की दुकान पर एक इंकम टैक्स अधिकारी बन जालसाज अभय कुमार पहुंचा था। उसने सर्राफ की दुकान से करीब 5.83 लाख रुपये के जेवरात खरीदे थे। इसके बदले आरोपी ने सर्राफ को चेक दिया था। सर्राफ ने जब अभय कुमार के दिये गये चेक को कैश होने के लिए बैंक में लगाया तो चेक बाउंस हो गया। बैंक से इस बात का पता चला कि खाता काफी समय से बंद है।

इसके बाद सर्राफ ने अभय कुमार को फोन मिला पर उससे सम्पर्क नहीं हो सका। एक मई को इस संबंध में पीडि़त सर्राफ ने अलीगंज थाने में एफआईआर दर्ज करायी। पुलिस ने छानबीन की तो पता चला कि अभय कुमार नाम का कोई अधिकारी इंकम टैक्स विभाग में नहीं है। यहां तक कि उसने जो मोबाइल नम्बर दिया था वह भी फर्जी मिला।

इस मामले में कई महीनों तक पुलिस जालसाज की तलाश में जुटी रही पर कहीं से कोई जानकारी हासिल नहीं हुई। चंद रोज पहले अलीगंज पुलिस ने जालसाज के बार में कुछ अहम सूचना मिली। इस पर काम करते हुए गुरुवार की देर रात अलीगंज पुलिस ने चंद्रलोक पार्क के पास से इनोवा गाड़ी सवार जालसाज को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ की गयी तो उसने अपना नाम गोमतीनगर निवासी अजय कुमार उर्फ अतुल कुमार उर्फ एके मिश्र उर्फ प्रमोद कुमार मिश्र बताया।

पुलिस ने उसके पास से अलग-अलग सर्राफ कारोबारियों से ठगे गये लगभग एक किलो वजन के सोने और चांदी के जेवरात मिले। पूछताछ की गयी तो आरोपी ने बताया कि वह मूल रूप से बस्ती जनपद का रहने वाला है। आरोपी ने अलीगंज, गाजीपुर, हसनगंज और गोमतीनगर इलाके में अधिकारी बन सर्राफा कारोबारियों से लाखों की ठगी को अंजाम देने की बात कुबूली। एसएसपी ने बताया कि आरोपी अजय कुमार को वर्ष 2007 में ठगी के मामले में एसटीएफ ने गिरफ्तार कर जेल भेजा था।

इस तरह करता था ठगी
एसएसपी कलानिधि नैथानी ने बताया कि आरोपी कभी खुद को इंकम टैक्स अधिकारी तो कभी सचिवालय में तैनात ज्वाइंट सैक्रेटरी बन सर्राफ की दुकान पहुंचता था। पहली बारे में कुछ छोटे-मोटे जेवरात नकद खरीदकर विश्वास जीता था। इसके बाद आरोपी फिर से जेवरात खरीदने के लिए सर्राफ के पास पहुंचता था। दूसरी बार में वह लाखों के जेवरात खरीदता था और भुगतान के लिए बैंक का चेक दे दिया करता था। जब उसके दिये गये चेक को सर्राफ कैश होने के लिए बैंक में लगाते थे तो चेक बांउस हो जाया करता था।

ठगे गये जेवरात पर लिया लाखों का लोन
पकड़ा गया जालसाज बेहद ही शातिर है। एसएसपी ने बताया कि जालसाज अजय कुमार सर्राफ कारोबारियों से ठगे गये जेवरात को सोने पर लोन देने वाली मरणापुरम गोल्ड लोन कम्पनी में गिरवी रखकर लोन हासिल कर लेता था। आरोपी ने अब तक मरणापुरम गोल्ड लोन की अलीगंज, हजरतगंज और गोमतीनगर शाखा से करीब 50 लाख रुपये का लोन लिया है। आरोपी लोन की रकम लेने के बाद उसको अदा नहीं करता था, क्योंकि उसको पता था कि जेवरात ठगी के हैं।

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