UPI का नया वर्जन लॉन्च, ऑनलाइन पेमेंट से लेकर फीचर्स तक ये होंगे बड़े फायदे

नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) ने रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया के साथ मिलकर यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (UPI) 2.0 लॉन्च किया है। यह UPI का दूसरा वर्जन है। इसे पहले से ज्यादा बेहतर बनाया गया है जिसकी मदद से आप पहले से ज्यादा तेज और सिक्योर ऑनलाइन ट्रांजेक्शन कर पाएंगे।UPI 2.0 के साथ 10 बैंक से ज्यादा पार्टिसिपेट कर रहे हैं। इसके तहत SBI, HDFC Bank, ICICI Bank, and Yes Bank, Axis Bank, IDBI bank, Federal Bank, HSBC, Kotak समेत अन्य शामिल हैं। इसके साथ ही कई अन्य बैंक और पेमेंट एप्स अपने डिजिटल पेमेंट सिस्टम को दो महीने में UPI 2.0 पर अपडेट कर सकती हैं। इस पोस्ट में हम आपको UPI 2.0 के फीचर्स की जानकारी दे रहे हैं।UPI का नया वर्जन लॉन्च, ऑनलाइन पेमेंट से लेकर फीचर्स तक ये होंगे बड़े फायदे

UPI 2.0 के फीचर्स:

ओवर-ड्राफ्ट अकाउंट को लिंक करना:

आप अपने ओवर ड्राफ्ट अकाउंट को यूपीआई से लिंक कर सकते हैं। ग्राहकों को इसके लिए एक डिजिटल चैनल उपलब्ध कराया जाएगा। अपने ओवरड्राफ्ट अकाउंट को यूपीआई से लिंक करने के बाद आप ट्रांजेक्शन तेज और सरलता से किया जा सकेगा।

वन टाइम मैनडेट:

यूपीआई 2.0 के साथ मैनडेट फीचर दिया गया है। इसकी मदद से ग्राहक पहले किसी भी ट्रांजेक्शन को ऑथोराइज कर सकते हैं। इसके बाद ही पेमेंट मर्चेंट के अकाउंट में क्रेडिट किया जाएगा। आपको बता दें कि यह सुविधा मर्चेंट्स और व्यक्तिगत दोनों के लिए ही उपलब्ध है।

साइन्ड इंटेंट एंड क्यूआर:

साइन्ड इंटेंट एंड क्यूआर फीचर भी यूपीआई 2.0 में एड किया गया है। इसकी मदद से क्यूआर कोड स्कैन करके पेमेंट करते समय ग्राहक मर्चेंट की ऑथेंटिसिटी को वेरिफाई कर सकते हैं। इससे यह पता लगेगा कि मर्चेंट यूपीआई की तरफ से पेमेंट लेने के लिए वेरिफाइड है या नहीं। अगर आपको पता चलता है कि पेमेंट रिसीवर सिक्योर्ड नहीं है तो ग्राहक को इससे संबंधित नोटिफिकेशन भेजकर सूचना जी जाएगी।

इनबॉक्स में मिलेगा इनवॉयस:

इससे पेमेंट करने से पहले आपको एक लिंक दिया जाएगा जिसमें पेमेंट की इनवॉयस होगी। इससे आपको कंफर्म हो जाएगा की आप कितने की पेमेंट कर रहे हैं। साथ आप डिटेल्स भी वेरिफाई कर सकते हैं। यह फीचर केवल वेरिफाइड मर्चेंट्स के इनवॉयस के लिए ही उपलब्ध होगा।

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