Video Conferencing: होली को लेकर सीएम योगी ने अफसरोंं के कसे पेंंच,जानिए क्या आदेश दिया!

लखनऊ: चंद दिनों में होली का त्योहार आने वाला है। इस बार होली का त्योहार शुक्रवार को पढ़ रहा। उस वक्त जुमए की नमाज भी होती है। ऐसे में प्रदेश की कानून-व्यवस्था को खुद सीएम योगी आदित्यनाथ ने पुलिस व प्रशासन की तैयारियों का जायजा लिया और कड़े शब्दों में इस बात का आदेश जारी किया कि किसी भी हाल में माहौल बिगडऩे वाली कोई घटना नहीं घटी चाहिए।


कानून.व्यवस्था को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को अफसरों के पेंच कसे। सीएम ने कहा कि लाउडस्पीकर के लिए परमीशन के नाम पर भी भ्रष्टाचार की शिकायतें मिल रही हैं। एसओ से एसपी तक यह जान लें कि अगर भ्रष्टाचार की शिकायत सही पाई गई तो नौकरी करना सिखा देंगे।

मुख्यमंत्री योगी अपने आवास से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए सभी जिलों के पुलिस कप्तानों और जिलाधिकारियों से रूबरू थे।मुख्यमंत्री ने कहा कि इस बार होली शुक्रवार को पड़ रही है। शुक्रवार को मस्जिदों में नमाज होती है। अधिकारी सुनिश्चित करें कि कहीं भी किसी भी तरह का विवाद न हो।

मुख्यमंत्री ने जिलाधिकारियों को निर्देश दिए कि त्यौहार से पहले साफ सफाई और बिजली आपूर्ति की व्यवस्था को दुरुस्त कर लें। जुलूस को लेकर अगर कहीं रास्ते का कोई विवाद हो तो राजस्व विभाग के अधिकारी और थाने के अधिकारी मिलकर उसका समाधान त्यौहार से पहले निकाल लें।

वीडियो कांफ्रोंसिंग के दौरान प्रमुख सचिव गृह अरविंद कुमार, डीजीपी ओम प्रकाश सिंह समेत कई अधिकारी मौजूद थे। मुख्यमंत्री ने कहा कि होली के मौके पर विभिन्न प्रकार के आयोजन होते हैं। ऐसे में सभी आयोजकों से बातचीत कीजिए और उनकी जिम्मेदारी तय कीजिए। जिन स्थानों पर जुलूस के रास्ते में मस्जिद या अन्य धार्मिक स्थान पड़ते हैं वहां विशेष सतर्कता बरती जाए। मुख्यमंत्री ने पश्चिमी उत्तर प्रदेश व पूर्वी उत्तर प्रदेश के संवेदनशील जिलों के अधिकारियों से सीधे बात की और फीड बैक लिया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि डीजे और लाउडस्पीकर को लेकर हाईकोर्ट के निर्देशों का पालन कराया जाए। . सीएम ने स्पष्ट कहा कि रंग खेलने के दौरान अगर संभव हो तो धार्मिक स्थलों को ढक दिया जाएए ताकि उन पर रंग न पड़े और विवाद न खड़ा हो। फोर्स तैनात करने के साथ-साथ वीडियोग्राफी भी कराई जाए या फिर सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएं।

मुस्लिम समुदाय के लोगों से खासकर मस्जिद के इमाम व मुतवल्लियों से पहले बात कर सौहार्दपूर्ण वातावरण तैयार करें। जुलूस के नाम पर हुड़दंगई बिल्कुल न हो। अगर कहीं कोई बवाल होता है तो इसका मतलब होगा कि आप लोगों ने तैयारी सही से नहीं की।

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