WEF: दस साल आईटी पेशेवरों को फिर से ट्रेनिंग देने की योजना

हुनरमंद आईटी पेशेवरों की कमी और ऑटोमेशन के कारण हो रही छंटनी की समस्याओं को दूर करने के लिए 10 लाख कर्मचारियों को पुनर्प्रशिक्षित किया जाएगा। अपनी तरह की इस पहली अंतरराष्ट्रीय पहल में टीसीएस और इनफोसिस जैसी भारत की दिग्गज कंपनियां भी भाग ले रही हैं। इस पहल में एक्सेंचर, सीए टेक्नोलॉजीज, सिस्को, काग्निजेंट, हीवलेट पैकर्ड एटरप्राइजेज, प्राइसवाटरहाउसकूपर्स और सैप जैसी बहुराष्ट्रीय कंपनियां भी सहयोग कर रही हैं।

यहां वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम की बैठक में इस अनूठी योजना को लांच किया गया। वर्ष 2021 से यह पुनर्प्रशिक्षण कार्यक्रम फोरम के स्किलसेट पोर्टल पर उपलब्ध होगा। सिस्को के चेयरमैन एवं सीईओ चक राबिंस की अगुआई में आईटी क्षेत्र के दिग्गजों ने इस योजना की अवधारणा तैयार की है। फोरम के संस्थापक एवं एक्जीक्यूटिव चेयरमैन क्लास श्वाब ने कहा कि भविष्य की नौकरियों के लिए कर्मचारियों को तैयार करने के लिए उन्हें आजन्म प्रशिक्षण दिए जाने की जरूरत है। इससे लिए शैक्षणिक प्रणाली में आमूल-चूल बदलाव लाने की जरूरत है। 

इसमें समाज, सरकार, नागरिकों और निजी उद्योगों को आगे बढ़कर अपनी भूमिका निभानी होगी। इनफोसिस के सीईओ सलिल पारिख ने कहा कि काफी तेजी से बदलती टेक्नोलॉजी के साथ तालमेल बिठाना है तो उम्र भर सिखने की आदत डालनी होगी। भविष्य की डिजिटल दुनिया में टिके रहने की यही कुंजी है। 

हर चौथे वयस्क के पास सही हुनर नहीं

वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम की एक रिपोर्ट के मुताबिक हर चार में से एक वयस्क के पास वह हुनर नहीं है जिसके दम पर वह अपनी मौजूदा नौकरी में बने रह सके। इसके मद्देनजर कर्मचारियों को नया हुनर सिखाना निहायत जरूरी है। सही हुनर नहीं होने के कारण छंटनी की बढ़ती समस्या पूरी दुनिया में चिंता का विषय बनी हुई है।

फोरम की अगली बैठक में समीक्षा

सबसे पहले पुनर्प्रशिक्षण के इस कार्यक्रम को अमेरिका में लागू किया जाएगा। धीरे-धीरे अन्य देशों में भी इसका विस्तार किया जाएगा। सीए टेक्नोलॉजीज के सीईओ माइक ग्रेगॉयर फोरम की 2019 में होने वाली सालाना बैठक में इसकी प्रगति रिपोर्ट पेश करेंगे। 

 

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