अगर आज घर के उत्तर-पूर्व में लगाएं ऊं की पेंटिंग, तो बदल जाएगी घर वालों की किस्मत

घर की साज-सज्जा में यूं तो कई चीजें इस्तेमाल में लाई जाती हैं, लेकिन दीवारों पर उम्दा पेंटिंग और कोई भी फोटो लगाने का क्रेज कभी कम नहीं हुआ है। इससे दीवार की खूबसूरती तो बढ़ती है ही, साथ ही घर का लुक भी बदलता है। इंटीरियर डिजाइनर छवि सूद कहती हैं, ‘दीवार पर लगीं कलाकृतियां घर की शोभा बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका अदा करती हैं। मगर गलत तरीके से लगाई गईं कलाकृति, चाहे कितनी ही महंगी या दुर्लभ क्यों न हों, दीवार और घर की शोभा बिगाड़ देती है। यदि आप अपने कमरे की दीवारों पर कलाकृतियों को लगाना चाहती हैं, तो पहले आप उसकी सही प्लेसिंग के बारे में सोचें जैसे, अगर आप ड्राॅइंगरूम की दीवार पर कोई कलाकृति लगा रही हैं, तो सुनिश्चित करें कि क्या वह उस दीवार के लिए सही साइज है।अगर आज घर के उत्तर-पूर्व में लगाएं ऊं की पेंटिंग, तो बदल जाएगी घर वालों की किस्मतयदि पेंटिंग कमरे में मौजूद फर्नीचर की तुलना में बहुत बड़ी है, तो इससे कमरे का लुक बिगड़ता है। इसलिए पेंटिंग को दीवार पर लगाते समय आई लेवल का ध्यान रखें। आमतौर पर हम फर्श से 58 इंच की दूरी पर पेंटिंग लटकाने की सलाह देते हैं। अगर सोफे के पीछे इसे लगा रही हैं, तो ध्यान रखें कि यह सोफा से 8-10 इंच ऊपर ही हो। कोई भी कलाकृति कमरे के केंद्र में तो बिल्कुल भी नहीं लगी होनी चाहिए।’ इसके साथ्ा ही कभी भी बड़ी कलाकृतियों को छोटी कलाकृतियों के साथ मिलाकर या मैच करके न लगाएं। इससे कमरे का माहौल बोझिल लगने लगता है। इसके अलावा जब आप अपने घर के लिए कोई कलाकृति चुनें, तो यह सुनिश्चित कर लें कि वह कमरे में लगी अन्य कलाकृतियों के अनुरूप है या नहीं। कलाकृतियों के फ्रेम लगाने में करीब तीन इंच का अंतर जरूर रखें।
 

वास्तु टिप्स: घर के उत्तर-पूर्व में ऊं की पेंटिंग

– यदि घर में ॐ, स्वस्तिक या अन्य कोई शुभ चिह्न वाली पेंटिंग लगाने की सोच रहे हैं, तो इसे उत्तर-पूर्व के कमरे की पूर्व दीवार पर लगाएं।
– बच्चों की तस्वीर, लैंडस्केप या हरा-भरा जंगल आदि की पेंटिंग या फोटो पश्चिम दिशा में लगाना शुभ माना गया है।
– इससे घर में सकारात्मक सोच को बढ़ावा मिलता है। पूर्व दिशा में उगते सूरज की पेंटिंग लगाने से घर के सकारात्मक ऊर्जा में वृद्धि होती है।

 
साज-सज्जा में मेटैलिट टच

आजकल इंटीरियर में मेटैलिक रंग या धातु चलन में हैं। पीतल, सुनहला, जस्ता और तांबे से बनी चीजों से आप अपने घर को सुंदर बना सकती हैं। अगर घर में अष्टधातु या पीतल की कोई मूर्ति हो या पूजा की अन्य सामग्री, जिसका इस्तेमाल नहीं कर रही हैं, तो अब इसका उपयोग घर को सजाने में कर सकती हैं, जैसे लैंप, डलियां, दीवार घड़ी, चम्मचें इत्यादि का सेट, ज्वेलरी बॉक्स, प्लेट आदि।

यदि आप अपने घर को शाही लुक देना चाह रही हैं, इसमें पीतल से बने कुछ सामान को अवश्य शामिल करें। पुराने पीतल के फ्रेम वाले झूमर, आपके लिविंग रूम को एक स्टाइलिश लुक देते हैं। इन्हें लिविंग रूम में लटकाने से वहां पर रोशनी की व्यवस्था भी पर्याप्त रहती है।

यदि आपको अपने बेडरूम में सारा सामान पीतल का ही लगाना है, तो पीतल की लटकने वाली लाइट्स, पीतल की पेंडेंट, पीतल-फ्रेम के शीशे आदि का इस्तेमाल करें। निश्चित रूप से ये सामान आपके कमरे में एक रोमांटिक छाप छोड़ेगा। अपने घर के प्रवेशद्वार पर पीतल के सितारों को लगा सकती हैं। साथ ही कलाकृतियों की सजावट से मेल खाते हुए पौधें भी रख सकती हैं, जो कमरे की सुंदरता में चार चांद लगा देंगे।

आप अपने घर में लगे लकड़ी के दरवाजों और वार्डरोब्स में पीतल के हैंडिल लगाकर भी कमरों को भव्य रूप दे सकती हैं। पीतल के सामान को नियमित रूप से या हर दो-तीन सप्ताह में सफाई और रखरखाव कर चमकदार बनाया जा सकता है। 

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