अगर आपके पास हैं ये स्मार्टफोन्स, बार-बार लगाने पड़ेंगे सर्विस सेंटर के चक्कर

पिछले साल की आखिरी तिमाही से लेकर अब तक चीनी स्मार्टफोन ब्रैंड शाओमी ने बिक्री के मामले में भारतीय बाजार में दबदबा बनाया हुआ है। शाओमी ने सैमसंग को पीछे छोड़ते हुए ये स्थान हासिल किया है। इसका सबसे बड़ा कारण, शाओमी के ज्यादातर स्मार्टफोन्स भारतीय बाजार में बजट रेंज में उतारे जाते हैं, जिसे यूजर्स काफी पसंद करते हैं। लेकिन, बजट स्मार्टफोन की सबसे बड़ी कमजोरी उसका खराब हार्डवेयर होता है, जिसकी वजह से यूजर्स को सर्विस सेंटर्स के चक्कर लगाने पड़ते हैं।

इन स्मार्टफोन्स में आती से सबसे ज्यादा खराबी

रिसर्च फर्म Biancco की रिपोर्ट के मुताबिक, शाओमी और सैमसंग स्मार्टफोन यूजर्स को सबसे ज्यादा बार सर्विस सेंटर जाना पड़ता है। इसके अलावा मोटोरोला, नोकिया, लेनोवो के यूजर्स को भी बार-बार सर्विस सेंटर के चक्कर लगाने पड़ते हैं। सबसे ज्यादा खराब होने वाले स्मार्टफोन में शाओमी रेडमी 4 का नाम शामिल है। 8 फीसद से ज्यादा यूजर्स को सर्विस सेंटर के चक्कर लगाने पड़े हैं। जबकि, मोटो G5S प्लस के 6 फीसद यूजर्स, लेनोवो K8 नोट के 5 फीसद और नोकिया 6 के 4 फीसद यूजर्स सर्विस सेंटर के चक्कर लगाते हैं।

परफार्मेंस के मामले में सैमसंग सबसे खराब ब्रैंड

Biancco की रिपोर्ट के मुताबिक, दक्षिण कोरियाई स्मार्टफोन ब्रैंड सैमसंग के 34 फीसद यूजर्स को सर्विस सेंटर के चक्कर लगाने पड़ते हैं। इसी क्रम में दूसरे स्थान पर शाओमी काबिज है, शाओमी के 13 फीसद यूजर्स को सर्विस सेंटर्स के चक्कर लगाने पड़ते हैं। वहीं, एचएमडी ग्लोबल की स्वामित्व वाले स्मार्टफोन ब्रैंड नोकिया, लेनोवो, मोटोरोला के यूजर्स को भी सर्विस सेंटर्स के चक्कर लगाने पड़ते हैं।

आइफोन के ये मॉडल्स सबसे ज्यादा होते हैं खराब

पुराने आइफोन के यूजर्स को भी सर्विस सेंटर के चक्कर लगाने पड़ते हैं। आइफोन के दूसरे मॉडल्स की तुलना में आइफोन 6S और 6S प्लस के यूजर्स को सर्विस सेंटर के चक्कर ज्यादा लगाने पड़े हैं। इसके बाद नंबर आता है आइफोन 5S का, आइफोन 8 प्लस के यूजर्स को भी सर्विस सेंटर के चक्कर लगाने पड़े हैं

इस वजह से आती है खराबी

इन ब्रैंड्स के स्मार्टफोन्स में सबसे ज्यादा खराबी की शिकायत उनमें इस्तेमाल होने वाले हार्डवेयर की वजह से आती है। ज्यादातर बजट स्मार्टफोन यूजर्स को इस परेशानी का सामना करना पड़ता है। सस्ते स्मार्टफोन में लो क्वालिटी के हार्डवेयर का इस्तेमाल किया जाता है, जिसकी वजह से इसके जल्दी खराब होने की संभावना रहती है। 

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