अगली बार जब भी जाएं पूर्वांचल तो लौंग लतिका को चखना न भूलें

लौंग लतिका बंगाल के मशहूर मिठाईयों में से एक है जिसका स्वाद पूर्वांचल में भी चखने को मिलता है। मैदे में मावे, ड्राई फ्रूट्स भरे हुए और लबालब चाशनी में डूबे हुए लौंग लतिका को एक बार चखने के बाद आप इसका स्वाद भूल नहीं पाएंगे और अगर कहीं आप मीठे के शौकिन हैं तो इसे खाने के लिए बार-बार दिल मचलता रहेगा। पूर्वांचल की शान है लौंग लतिका लौंग लतिका बंगाल के मशहूर मिठाईयों में से एक है जिसका स्वाद पूर्वांचल में भी चखने को मिलता है। मैदे में मावे, ड्राई फ्रूट्स भरे हुए और लबालब चाशनी में डूबे हुए लौंग लतिका को एक बार चखने के बाद आप इसका स्वाद भूल नहीं पाएंगे और अगर कहीं आप मीठे के शौकिन हैं तो इसे खाने के लिए बार-बार दिल मचलता रहेगा। पूर्वांचल की शान है लौंग लतिका    लड्डू, पेड़े के अलावा एक और जो खास मिठाई यहां के हर हलवाई की दुकान पर बनती हुई नज़र आती है वो है लौंग लतिका। समोसे के साथ इनका कॉम्बिनेशन बहुत ही जबरदस्त लगता है। इसलिए ही शायद एक ओर समोसे से भरी हुई थाल रहती है तो उसके बगल में लौंग लतिका से भरी थाल। समोसे के तीखे मसाले से अगर आपकी जीभ जल रही है तो चाशनी में नहाई लौंग लतिका से इसे शांत किया जा सकता है। बंगाल के अलावा इसे यूपी, बिहार के घरों में भी त्योहारों के दौरान बनाया जाता है। वैसे अगर देखा जाए तो ये काफी हद तक दीवाली में बनने वाली गुजिया ही है लेकिन गौर किया जाए तो आप पाएंगे कि इसके जायके को बढ़ाने के साथ ही इसे अलग बनाने का काम करता है इसमें इस्तेमाल किया जाने वाला लौंग। मावे के साथ जब इस खास मसाले का स्वाद मिलता है जो आप अंदाजा लगा सकते हैं कि ये कितना स्वादिष्ट लगता होगा।   खट्टे का मजा हैदराबाद का 'खट्टा मुर्ग' से लेकर अवध की 'खट्टी मछली' तक यह भी पढ़ें   लौंग की खासियत   वियतनाम का अनोखा स्वाद, जो आपको हमेशा रहेगा याद यह भी पढ़ें हल्के तीखे और मीठे लौंग की खुशबू बहुत तेजी होती है इसलिए ही खास मसालों की लिस्ट में रखा गया है। गरम मसाले में इसका इस्तेमाल किया जाता है। बिरयानी में जहां इसे साबुत डाला जाता है वहीं कई सारी डिशेज में इसे पीसकर पाउडर के रूप में। लौंग लतिका में इसे लतिका को लॉक करने के इस्तेमाल में लाया जाता है। लौंग को डिशेज के अलावा चाय में भी डालते हैं अलग स्वाद के लिए।   तो अगर आप बनारस, गोरखपुर, इलाहाबाद और कानपुर जाएं तो इस मिठाई को जरूर चखें। मिठाईयां बहुत पसंद है तो इसे पैक करा सकते हैं वरना इसके बारें में दूसरे लोगों को बताने के लिए तो एक लौंग लतिका ही काफी है।

लड्डू, पेड़े के अलावा एक और जो खास मिठाई यहां के हर हलवाई की दुकान पर बनती हुई नज़र आती है वो है लौंग लतिका। समोसे के साथ इनका कॉम्बिनेशन बहुत ही जबरदस्त लगता है। इसलिए ही शायद एक ओर समोसे से भरी हुई थाल रहती है तो उसके बगल में लौंग लतिका से भरी थाल। समोसे के तीखे मसाले से अगर आपकी जीभ जल रही है तो चाशनी में नहाई लौंग लतिका से इसे शांत किया जा सकता है। बंगाल के अलावा इसे यूपी, बिहार के घरों में भी त्योहारों के दौरान बनाया जाता है। वैसे अगर देखा जाए तो ये काफी हद तक दीवाली में बनने वाली गुजिया ही है लेकिन गौर किया जाए तो आप पाएंगे कि इसके जायके को बढ़ाने के साथ ही इसे अलग बनाने का काम करता है इसमें इस्तेमाल किया जाने वाला लौंग। मावे के साथ जब इस खास मसाले का स्वाद मिलता है जो आप अंदाजा लगा सकते हैं कि ये कितना स्वादिष्ट लगता होगा।

लौंग की खासियत

हल्के तीखे और मीठे लौंग की खुशबू बहुत तेजी होती है इसलिए ही खास मसालों की लिस्ट में रखा गया है। गरम मसाले में इसका इस्तेमाल किया जाता है। बिरयानी में जहां इसे साबुत डाला जाता है वहीं कई सारी डिशेज में इसे पीसकर पाउडर के रूप में। लौंग लतिका में इसे लतिका को लॉक करने के इस्तेमाल में लाया जाता है। लौंग को डिशेज के अलावा चाय में भी डालते हैं अलग स्वाद के लिए। 

तो अगर आप बनारस, गोरखपुर, इलाहाबाद और कानपुर जाएं तो इस मिठाई को जरूर चखें। मिठाईयां बहुत पसंद है तो इसे पैक करा सकते हैं वरना इसके बारें में दूसरे लोगों को बताने के लिए तो एक लौंग लतिका ही काफी है।

You May Also Like

English News