अगले साल ब्रिटेन को पछाड़ 5वीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन सकता है भारत: अरुण जेटली

वित्त मंत्री अरुण जेटली ने आज कहा कि भारत अगले साल ब्रिटेन को पछाड़कर दुनिया की पांचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन सकता है. उन्होंने यहां कहा, ‘‘इस साल आकार के लिहाज से हमने फ्रांस को पीछे छोड़ा है. अगले साल हम ब्रिटेन को पीछे छोड़ देंगे. इस तरह हम दुनिया की पांचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन जाएंगे.’’ वित्त मंत्री ने कहा कि दुनिया की अन्य अर्थव्यवस्थाओं की वृद्धि की रफ्तार धीमी है. उन्होंने कहा कि भारत में अगले 10 से 20 साल में दुनिया की शीर्ष तीन अर्थव्यवस्थाओं में आने की क्षमता है.वित्त मंत्री अरुण जेटली ने आज कहा कि भारत अगले साल ब्रिटेन को पछाड़कर दुनिया की पांचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन सकता है. उन्होंने यहां कहा, ‘‘इस साल आकार के लिहाज से हमने फ्रांस को पीछे छोड़ा है. अगले साल हम ब्रिटेन को पीछे छोड़ देंगे. इस तरह हम दुनिया की पांचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन जाएंगे.’’ वित्त मंत्री ने कहा कि दुनिया की अन्य अर्थव्यवस्थाओं की वृद्धि की रफ्तार धीमी है. उन्होंने कहा कि भारत में अगले 10 से 20 साल में दुनिया की शीर्ष तीन अर्थव्यवस्थाओं में आने की क्षमता है.  इससे पहले जुलाई में जारी हुई वर्ल्ड बैंक की रिपोर्ट के मुताबिक, भारत अब दुनिया की छठी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन गया है. उसने इस मामले में फ्रांस को पीछे छोड़कर यह मुकाम हासिल किया है. वर्ल्ड बैंक के मुताबिक, भारत की GDP (सकल घरेलू उत्पाद) पिछले साल के आखिर में 2.597 ट्रिलियन डॉलर (178 लाख करोड़ रुपए) रही, जबकि फ्रांस की 2.582 ट्रिलियन डॉलर (177 लाख करोड़ रुपए) रही. कई तिमाहियों की मंदी के बाद भारत की अर्थव्यवस्था जुलाई 2017 से फिर से मजबूत होने लगी.  2017 जुलाई से मजबूत हुई अर्थव्यवस्था आपको बता दें कि भारत की आबादी इस समय 1.34 अरब यानी 134 करोड़ है और यह दुनिया का सबसे आबादी वाला मुल्क बनने की दिशा में अग्रसर है. उधर, फ्रांस की आबादी 6.7 करोड़ है. वर्ल्ड बैंक के आंकड़ों के मुताबिक, फ्रांस की प्रति व्यक्ति जीडीपी भारत से 20 गुना ज्यादा है.   मोदी सरकार के इस काम की World Bank ने भी की तारीफ, कहा ‘बहुत अच्छा’ काम किया  तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन सकता है भारत वर्ल्ड बैंक ग्लोबल इकोनॉमिक्स प्रॉस्पेक्टस रिपोर्ट के मुताबिक, नोटबंदी और जीएसटी के बाद आई मंदी से भारत की अर्थव्यवस्था उबर रही है. नोटबंदी और जीएसटी (माल एवं सेवा कर) के कारण दिखे ठहराव के बाद पिछले साल मैन्युफैक्चरिंग और उपभोक्ता खर्च भारतीय अर्थव्यवस्था को रफ्तार देने के प्रमुख कारक रहे. एक दशक में भारत ने अपनी जीडीपी को दोगुना कर दिया है और संभावना जताई जा रही है कि चीन की रफ्तार धीमी पड़ सकती है और एशिया में भारत प्रमुख आर्थिक ताकत के तौर पर उभर सकता है. उम्मीद जताई गई है कि भारत 2032 तक दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन सकता है.  कौन सा देश किस पायदान पर देश     जीडीपी अमेरिका     $19.390 ट्रिलियन (1,379 लाख करोड़) चीन     $12.237 ट्रिलियन (963 लाख करोड़) जापान     $4.872 ट्रिलियन (351 लाख करोड़) जर्मनी     $3.677 ट्रिलियन (289 लाख करोड़) यूके     $2.622 ट्रिलियन (202 लाख करोड़) भारत     $2.597 ट्रिलियन (178 लाख करोड़) फ्रांस     $2.582 ट्रिलियन (177 लाख करोड़)  IMF भी है भारत पर पॉजिटिव अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) के अनुसार इस साल भारत की ग्रोथ 7.4 फीसदी रह सकती है और कर सुधार व घरेलू खर्चे के चलते 2019 में भारत की विकास दर 7.8 फीसदी पहुंच सकती है. वहीं, दुनिया की औसत विकास दर 3.9 फीसदी रहने का अनुमान जताया गया है

इससे पहले जुलाई में जारी हुई वर्ल्ड बैंक की रिपोर्ट के मुताबिक, भारत अब दुनिया की छठी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन गया है. उसने इस मामले में फ्रांस को पीछे छोड़कर यह मुकाम हासिल किया है. वर्ल्ड बैंक के मुताबिक, भारत की GDP (सकल घरेलू उत्पाद) पिछले साल के आखिर में 2.597 ट्रिलियन डॉलर (178 लाख करोड़ रुपए) रही, जबकि फ्रांस की 2.582 ट्रिलियन डॉलर (177 लाख करोड़ रुपए) रही. कई तिमाहियों की मंदी के बाद भारत की अर्थव्यवस्था जुलाई 2017 से फिर से मजबूत होने लगी.

2017 जुलाई से मजबूत हुई अर्थव्यवस्था
आपको बता दें कि भारत की आबादी इस समय 1.34 अरब यानी 134 करोड़ है और यह दुनिया का सबसे आबादी वाला मुल्क बनने की दिशा में अग्रसर है. उधर, फ्रांस की आबादी 6.7 करोड़ है. वर्ल्ड बैंक के आंकड़ों के मुताबिक, फ्रांस की प्रति व्यक्ति जीडीपी भारत से 20 गुना ज्यादा है.

तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन सकता है भारत
वर्ल्ड बैंक ग्लोबल इकोनॉमिक्स प्रॉस्पेक्टस रिपोर्ट के मुताबिक, नोटबंदी और जीएसटी के बाद आई मंदी से भारत की अर्थव्यवस्था उबर रही है. नोटबंदी और जीएसटी (माल एवं सेवा कर) के कारण दिखे ठहराव के बाद पिछले साल मैन्युफैक्चरिंग और उपभोक्ता खर्च भारतीय अर्थव्यवस्था को रफ्तार देने के प्रमुख कारक रहे. एक दशक में भारत ने अपनी जीडीपी को दोगुना कर दिया है और संभावना जताई जा रही है कि चीन की रफ्तार धीमी पड़ सकती है और एशिया में भारत प्रमुख आर्थिक ताकत के तौर पर उभर सकता है. उम्मीद जताई गई है कि भारत 2032 तक दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन सकता है.

कौन सा देश किस पायदान पर
देश     जीडीपी
अमेरिका     $19.390 ट्रिलियन (1,379 लाख करोड़)
चीन     $12.237 ट्रिलियन (963 लाख करोड़)
जापान     $4.872 ट्रिलियन (351 लाख करोड़)
जर्मनी     $3.677 ट्रिलियन (289 लाख करोड़)
यूके     $2.622 ट्रिलियन (202 लाख करोड़)
भारत     $2.597 ट्रिलियन (178 लाख करोड़)
फ्रांस     $2.582 ट्रिलियन (177 लाख करोड़)

IMF भी है भारत पर पॉजिटिव
अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) के अनुसार इस साल भारत की ग्रोथ 7.4 फीसदी रह सकती है और कर सुधार व घरेलू खर्चे के चलते 2019 में भारत की विकास दर 7.8 फीसदी पहुंच सकती है. वहीं, दुनिया की औसत विकास दर 3.9 फीसदी रहने का अनुमान जताया गया है

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