अटल बिहारी वाजपेयी पर थी गांधी और नेहरू के विचारों की छाप

पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी को श्रद्धाजंलि देने का सिलसिला दूसरे दिन शुक्रवार को भी जारी रहा। विपक्षी दलों ने भी वाजपेयी के व्यक्तित्व और कृतित्व की सराहना करने में तंगदिली नहीं दिखाई। कांग्रेस ने बताया कि अटलजी पर महात्मा गांधी व जवाहर लाल नेहरू के विचारों की छाप थी, तो राष्ट्रीय लोकदल ने उन्हें सर्व समाज का हितचिंतक करार दिया। वहीं समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया में अटलजी से जुड़ी तस्वीरें भी साझा की।पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी को श्रद्धाजंलि देने का सिलसिला दूसरे दिन शुक्रवार को भी जारी रहा। विपक्षी दलों ने भी वाजपेयी के व्यक्तित्व और कृतित्व की सराहना करने में तंगदिली नहीं दिखाई। कांग्रेस ने बताया कि अटलजी पर महात्मा गांधी व जवाहर लाल नेहरू के विचारों की छाप थी, तो राष्ट्रीय लोकदल ने उन्हें सर्व समाज का हितचिंतक करार दिया। वहीं समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया में अटलजी से जुड़ी तस्वीरें भी साझा की।   राजधर्मों के मूल्यों को नहीं छोड़ा  प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता अशोक सिंह ने अटलजी की सराहना करते हुए उन्हें विश्व पटल पर भारतीय छवि को नए आयाम देने वाला महान व्यक्तित्व बताया। उन्होंने कहा कि गांधीवादी विचारों से प्रभावित होने के कारण अटलजी ने कभी सत्ता की खातिर राजधर्मों के मूल्यों को नहीं छोड़ा। उनका पार्टियां तोड़ कर सरकार बनाने में विश्वास नहीं था। पंडित नेहरू के निधन पर सदन में 55 मिनट का भाषण उनकी असाधारण सोच को दर्शाता है। उन्होंने इस बात को माना कि भारत के विकास में कांग्रेस का भी योगदान रहा। अटलजी सभी धर्मों को साथ लेकर चलने की भावना रखते थे।   लखनऊ से तो अटल ही रहेगा अटल बिहारी वाजपेयी का नाता यह भी पढ़ें रालोद में शोकसभा  राष्ट्रीय लोकदल के मुख्यालय में शुक्रवार को शोकसभा आयोजित की गई। प्रदेश अध्यक्ष डॉ. मसूद अहमद की अध्यक्षता में संपन्न शोकसभा में अटलबिहारी वाजपेयी के निधन पर दुख जताते हुए उनकी आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की गई। प्रदेश अध्यक्ष डा. मसूद व राष्ट्रीय सचिव शिवकरन सिंह का कहना था कि अटल जैसा व्यक्तित्व पुन: मिलना असंभव है। इस मौके पर अनिल दुबे, वसीम हैदर, सुरेंद्र नाथ त्रिवेदी, युवा रालोद के प्रदेश अध्यक्ष अंबुज पटेल, अभिषेक चौहान, रमावती, प्रीति और रविंद्र पटेल व मनोज चौहान उपस्थित रहे।

राजधर्मों के मूल्यों को नहीं छोड़ा

प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता अशोक सिंह ने अटलजी की सराहना करते हुए उन्हें विश्व पटल पर भारतीय छवि को नए आयाम देने वाला महान व्यक्तित्व बताया। उन्होंने कहा कि गांधीवादी विचारों से प्रभावित होने के कारण अटलजी ने कभी सत्ता की खातिर राजधर्मों के मूल्यों को नहीं छोड़ा। उनका पार्टियां तोड़ कर सरकार बनाने में विश्वास नहीं था। पंडित नेहरू के निधन पर सदन में 55 मिनट का भाषण उनकी असाधारण सोच को दर्शाता है। उन्होंने इस बात को माना कि भारत के विकास में कांग्रेस का भी योगदान रहा। अटलजी सभी धर्मों को साथ लेकर चलने की भावना रखते थे।

रालोद में शोकसभा

राष्ट्रीय लोकदल के मुख्यालय में शुक्रवार को शोकसभा आयोजित की गई। प्रदेश अध्यक्ष डॉ. मसूद अहमद की अध्यक्षता में संपन्न शोकसभा में अटलबिहारी वाजपेयी के निधन पर दुख जताते हुए उनकी आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की गई। प्रदेश अध्यक्ष डा. मसूद व राष्ट्रीय सचिव शिवकरन सिंह का कहना था कि अटल जैसा व्यक्तित्व पुन: मिलना असंभव है। इस मौके पर अनिल दुबे, वसीम हैदर, सुरेंद्र नाथ त्रिवेदी, युवा रालोद के प्रदेश अध्यक्ष अंबुज पटेल, अभिषेक चौहान, रमावती, प्रीति और रविंद्र पटेल व मनोज चौहान उपस्थित रहे। 

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