ऐसे पहचाने अपने बच्चों के शरीर में विटामिन डी की कमी

बच्चों का पालन पोषण करने के लिए माँ-बाप को उनका पल-पल ध्यान रखना पड़ता है. खाना-पीना, सही समय पर सोना शारीरिक विकास के लिए खेलने का समय भी देना. इसके बावजूद भी कुछ बच्चों के शारीरिक विकास में कमी रह जाती है. जिसमे से एक है विटामिन डी की कमी, जिससे बच्चे की सेहत को नुकसान पहुंच सकता है. शुरू में ही अगर इसकी तरफ ध्यान दिया जाए तो आने वाली परेशानी को पहले ही दूर किया जा सकता है.ऐसे पहचाने अपने बच्चों के शरीर में विटामिन डी की कमीदही में मिलाकर खाएगे ये चीजें, तो सेहत को होगा दोगुना फायदा…

जिन बच्चों में विटामिन डी की कमी होती है उनकी खोपड़ी बहुत कोमल होती है. बच्चे में इस तरह के लक्षण दिखाई दे तो इलाज शुरू कर दें.

विटामिन डी की कमी से बच्चों की हड्डियां कमजोर होनी शुरू हो जाती है. जिससे बच्चा अपनी ही बॉडी का वजन सही तरीके से नहीं संभाल सकता. इससे उसे बैठने-उठने में भी परेशनी आती है.

जी हां, फिट रहने के लिए भी Kiss बहुत जरूरी है…!

इस कमी के चलते बच्चे अब थोड़ा सा झुकते है तो उनके रीढ़ की हड्डी पर इसका असर पड़ता है.

अगर बच्चा हाथों की उंगलियां और पैर सीधे नहीं रख पा रहा तो बिना किसी देरी के डॉक्टरी सलाह जरूर लें.

इस तरह करें देखभाल

बच्चे को विटामिन डी से भरपूर आहार खाने को दें.

धूप विटामिन डी का सबसे अच्छा स्त्रोत है. रोजाना सुबह की धूप बच्चे को जरूर दिलाएं.

डॉक्टरी सलाह से दवाई शुरू करें.

बच्चे की सेहत को ध्यान में रखते हुए हलकी-फुलकी सैर जरूर करवाएं.

You May Also Like

English News