वनडे सीरीज़ में न्यूजीलैंड को हराने के बाद टीम इंडिया ने टी-20 सीरीज़ में जीत दर्ज की. मंगलवार को वर्षा से बाधित मैच में भारत ने न्यूजीलैंड को 6 रनों से हराया. लेकिन इस टी-20 सीरीज के खत्म होते-होते एक बड़ा सवाल खड़ा हो गया है, क्या पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी की जगह टीम में बनती है. कप्तान विराट कोहली ने धोनी के आलोचकों को मैच के बाद करारा जवाब दे दिया है. फिर भी एक सवाल अब भी मन में चुभता है.मैरी कॉम ने अपने करियर में हासिल की एक और बड़ी कामयाबी, एशियन बॉक्सिंग चैंपियनशिप में जीता गोल्ड
तिरुवनंतपुरम मैच बारिश से बाधित रहा, 8 ओवर के इस मैच में धोनी बल्लेबाजी करने 7 नबंर पर उतरे. और उन्हें खेलने के लिए एक भी गेंद नहीं मिली. ये पहली बार नहीं कि धोनी मैच के बिल्कुल अंत में आए हो, और उनके साथ ऐसा हुआ हो. ऐसा कई बार होता है कि जब पारी समाप्त होने वाली होती है तब धोनी बल्लेबाजी करने आते हैं और उस दौरान रन बनाने का दबाव बहुत ज्यादा होता है.
कहा जाता है कि युद्ध के दौरान अपने सबसे खास हथियार को अंत में इस्तेमाल करना चाहिए, लेकिन इतनी भी देर ना हो कि आप युद्ध हार जाएं लेकिन हथियार का इस्तेमाल ही ना हो पाए. धोनी के साथ भी शायद ऐसा ही होता रहा है. राजकोट टी-20 मैच में भी जब धोनी क्रीज पर उतरे थे, तब टीम इंडिया को 65 गेंदों में 130 रनों की जरूरत थी. और बाद में कई पूर्व क्रिकेटरों ने कहा था कि धोनी की जगह अब टी-20 टीम में नहीं रही है. उन्हें युवाओं को मौका देना चाहिए.
गौरतलब है कि पिछले कुछ समय से धोनी के खेलने के अंदाज में फर्क आया है, वह क्रीज पर आकर थोड़ा समय लेते हैं और फिर अटैक करते हैं. पर, अधिकतर समय ऐसा ही होता कि जब धोनी क्रीज पर होते हैं तो दबाव इतना ज्यादा होता है कि आते ही अटैक करना होता है और बड़े शॉट खेलते हुए आउट होने का खतरा रहता है.
कई बार पूर्व क्रिकेटरों और एक्सपर्ट ने इस बात की पैरवी है कि धोनी को टी-20 और वनडे टीम में ऊपर बल्लेबाजी करनी चाहिए. ताकि उन्हें क्रीज पर रहने का समय मिले और वह खुल कर खेल सकें. लेकिन लगातार ऐसा ही देखने को मिला है. धोनी एक बड़े फिनिशर रहे हैं, कई मौकों पर उन्होंने भारतीय टीम को जीत भी दिलाई है.
पूर्व कप्तान सुनील गावस्कर ने भी राजकोट मैच में धोनी को विलेन बनाए जाने की बात से आलोचकों को करारा जवाब दिया था. उन्होंने कहा था कि टीम को शुरुआत अच्छी नहीं मिली थी, हार्दिक पंड्या भी रन बनाने से चूके थे जब धोनी क्रीज पर आए तो दबाव था. ऐसे में रन बनाना आसान भी नहीं था. कप्तान विराट कोहली ने भी कहा है कि क्योंकि क्योंकि मैं 35 साल का नहीं हूं इसलिए अगर मैं दो-तीन इनिंग में फेल होता हूं तो शायद सवाल नहीं उठते.
सवाल है कि अगर धोनी इसी तरह निचले क्रम में बल्लेबाजी करेंगे और उन्हें खेलने के लिए कुछ ही गेंदे मिलेंगी तो रन कैसे बनेंगे?