कोरोना संक्रमण रोकने के लिए देशभर में कोरोना वैक्सीन लगाने की रफ्तार में आई तेजी ,वित्त्त मंत्रालय की रिपोर्ट

देशभर में कोरोना वैक्सीन लगाने की रफ्तार में तेजी आई है। पर बड़े राज्यों में जनसंख्या के अनुपात में अभी भी 50 फीसदी से कम लोगों को वैक्सीन का पहला डोज लगा है। खासतौर से उत्तर प्रदेश, बिहार, महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु में। ऐसे में वित्त्त मंत्रालय के आर्थिक कार्य विभाग ने अगस्त महीने के लिये जारी किये गये अपनी मंथली इकॉऩमिक रिव्यु रिपोर्ट में वैक्सिनेशन ड्राइव को तेज करने को कहा है। दिसंबर तक सभी वयस्कों को वैक्सीन लगाना बेहद जरूरी है।कोरोना संक्रमण रोकने के लिए देशभर में कोरोना वैक्सीन लगाने की रफ्तार में आई तेजी ,वित्त्त मंत्रालय की रिपोर्ट

केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव राजेश भूषण के मुताबिक, लक्ष्य हमेशा महत्वाकांक्षी रखना चाहिये। उन्होंने कहा कि, पिछले 3 महीने में वैक्सीनेशन की रफ्तार तेजी से बढ़ी है। देश के लोगों की जागरुकता के कारण टीकाकरण की रफ्तार बढ़ रही है। वहीं देश के वैक्सीन निर्माताओं ने वैक्सीन बनाने की अपनी क्षमता को पांच गुना से ज्यादा बढ़ाया है। हमें इस बात की तारीफ करनी चाहिये। हमें देश की उपलब्धि का गुणगान करना चाहिये। हमें ये देखना होगा कि आगे कैसे बड़े लक्ष्य तक पहुंच सकते हैं।

वैक्सिनेशन तेज करने की नसीहत

अगस्त महीने के लिये जारी आर्थिक रिपोर्ट में वित्त मंत्रालय ने कहा है कि बड़े राज्य जिसमें उत्तर प्रदेश बिहार, महाराष्ट्र, तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल जैसे राज्यों में 18 वर्ष से ज्यादा उम्र के 50 फीसदी से कम ही लोगों को वैक्सीन का पहला डोज लगा है। वित्त मंत्रालय ने इन राज्यों में वैक्सीन ड्राइव में तेजी लाने पर जोर दिया है।

त्योहारों की सीजन से पहले तेज होगा वैक्सिनेशन

वैक्सीनेशन ड्राइव की रफ्तार

देश में वैक्सीनेशन की रफ्तार पर नजर डालें तो 12 सितंबर तक कोविन वेबसाइट के मुताबिक देश में 74.23 करोड़ लोगों को वैक्सीन का डोज लग चुका है। जिसमें 56.47 करोड़ लोगों को एक डोज लगा है, वहीं 17.75 करोड़ लोगों को दोनों डोज लग चुका है। सितंबर महीने में प्रत्येक दिन औसतन 78.10 लाख लोगों को वैक्सीन डोज दिया जा रहा है, जबकि अगस्त में औसत 59.19 लाख था, तो जुलाई में 43.41 लाख और जून महीने में 39.89 लाख को वैक्सीन का डोज लगा था। वहीं 27 अगस्त को 1.08 करोड़, 31 अगस्त को 1.41 करोड़ और 6 सितंबर को 1.19 करोड़ वैक्सीन डोज एक दिन में लगाया गया है। तो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन 17 सितंबर को एक दिन में वैक्सीनेशन का नया कीर्तीमान बन सकता है।

बड़े राज्यों में कितनों को लगी वैक्सीन

उत्तर प्रदेश में 8.69 करोड़ लोगों को वैक्सीन का डोज लगा है जिसमें 7.22 करोड़ लोगों को पहला डोज तो 1.46 करोड़ लोगों को दोनों डोज लगा है। महाराष्ट्र में 6.78 करोड़ लोगों को वैक्सीन का डोज लग चुका है जिसमें 4.92 करोड़ लोगों को पहला डोज तो 1.86 करोड़ लोगों को दूसरा डोज लग चुका है। तमिलनाडु में 3.87 करोड़ लोगों को वैक्सीन लगा है जिसमें 3.08 करोड़ लोगों को पहला डोज तो केवल 79.40 लाख लोगों को दूसरा डोज लगा है। बिहार में 4.47 करोड़ लोगों को वैक्सीन लगा है जिसमें 3.69 करोड़ लोगों को पहला डोज और 78.50 लाख लोगों को दूसरा डोज लग चुका है। पश्चिम बंगाल में 4.73 करोड़ लोगों को वैक्सीन लगा है जिसमें 3.38 करोड़ लोगों को पहला डोज तो 1.34 करोड़ लोगों को दोनों डोज लग चुका है।

छोटे राज्यों की स्थिति

छोटे राज्यों में हिमाचल प्रदेश, सिक्किम, गोवा देश के ऐसे राज्य हैं जहां 18 साल से ज्यादा उम्र के 100 फीसदी लोगों को वैक्सीन का एक डोज लग चुका है। सिक्किम पहला डोज 100 फीसदी, दूसरा डोज 46 फीसदी लोगों को लगा है। हिमाचल प्रदेश 100 फीसदी लोगों को पहला डोज, तो 34 फीसदी लोगों को दूसरा डोज लगा है। त्रिपुरा में पहला डोज 89 फीसदी, दूसरा डोज 33 फीसदी तो उत्तराखंड में  पहला डोज 89 फीसदी, दूसरा डोज 29 फीसदी लोगों को लगा है।

मृत्यु के खतरे को टालता है वैक्सीन

डॉक्टर वी के पॉल के मुताबिक वैक्सीन के पहले डोज लेने के बाद कोरोना से मृत्यु की संभावना लगभग 96.6 फीसदी घट जाती है तो दूसरे डोज लगने के बाद 97.5 फीसदी मृत्यु का खतरा टल जाता है। ऐसे में वे लोगों अपील भी कर रहे हैं कि वैक्सीन का पहला डोज अवश्य लगा लें।

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