गुस्सा करना भी होता है अच्छा, तुरंत करें जाहिर वरना…

अक्सर लोगों को आपने कहते हुए सुना होगा कि गुस्सा करना गलत बात है। गुस्से में इंसान अपने आपे से बाहर चला जाता है और उसकी सोचने समझने की शक्ति बिल्कुल कम हो जाती है। गुस्सा करना भी होता है अच्छा, तुरंत करें जाहिर वरना...….तो इसलिए मेडिकल टेबलेट के बीच होती है ये खाली जगह

इसके अलावा कुछ लोगों को आपने मुट्ठी बांधे गुस्से को दबाते हुए जरूर देखा होगा या फिर कभी खुद भी ऐसी परिस्थिति से गुजरे होंगे। वहीं मनोवैज्ञानिकों की मानें तो गुस्से को दबाने से कई तरह की समस्याएं आ सकती हैं इसलिए गुस्से को जाहिर करना अच्छा होता है। तो चलिए आपको बताते हैं कि गुस्से को जाहिर करने से क्या फायदे होते हैं।

गलतियों को समझने में मिलती है मदद
गुस्सा आने पर बहुत से लोग उसे अपनी मुट्ठी बांधकर दबाने की कोशिश करते हैं। अमेरिका और रशिया में एक स्टडी के मुताबिक जिन लोगों ने अपना गुस्सा जाहिर किया उनका कहना है गुस्से में कई लोग बहुत सारे काम ऐसे कर देते हैं जिसके बारे में उन्हें उस समय समझ नहीं आता लेकिन दिमाग ठंडा होने के बाद गलतियों को समझने में मदद मिलती है। 

खुद को सफलता के मुकाम पर पहुंचाने में मददगार
अक्सर ऐसा देखा गया है कि गुस्सा लोगों को उत्साहित करने का काम करता है। बहुत सारे लोग ऐसे होते हैं जिनमें इस बात का गुस्सा होता है कि वो अपनी जिंदगी में उतनी सफलता हासिल नहीं कर पाए जितना उन्होंने सोचा था और यही गुस्सा धीरे धीरे उनके अंदर जिद बन जाता है जिसकी वजह से वो समाज में अपनी खास पहचान बनाने में कामयाब होते हैं।

गुस्से से रुक सकती है हिंसा
वैसे तो गुस्सा और हिंसा एक ही सिक्के के दो पहलू हैं। अगर सही समय में गुस्सा बाहर आ जाए तो वो हिंसा होने से रोक सकता है। हिंसा गुस्से का विकराल रूप होता है ऐसे में गुस्सा जाहिर करना किसी भी बड़ी हिंसा से बचाव कर सकता है।

दिल में कड़वाहट हो जाना
अक्सर लोग किसी न किसी चीज को लेकर नाराज तो होते हैं लेकिन उन्हें इस बात का पता भी नहीं लगने देते कि वो उनसे नाराज हैं। ऐसे में गुस्सा धीरे धीरे उनके दिल में सामने वाले शख्स के लिए कड़वाहट ला देता है यहां तक की एक समय ऐसा आता है कि आप उस इंसान को नजरअंदाज करने लगते हैं। इसलिए हो सके तो जिससे भी आप नाराज हैं उससे अपने दिल की बात जरूर बताएं। 

 गुस्सा जाहिर करने से दिमाग होता है शांत
गुस्से को जाहिर करने से दिमाग शांत और स्थिर हो जाता है। ऐसा इसलिए होता है क्योंकि आप दूसरों को ये बता देते हैं कि आपको क्या अच्छा लगता है और क्या नहीं। इसलिए गुस्सा को दबाने की बजाय जाहिर करना ज्यादा अच्छा होता है। 

 

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