चीनी से नहीं होती डायबिटीज, जानें इससे जुड़े मिथक और उनकी सच्चाई

डायबिटीज को लेकर कई लोगों में भ्रम होते हैं। ज्यादातर लोगों का मानना है कि चीनी से डायबिटीज होती है। जबकि ये सच नहीं है। ऐसे ही बहुत से भ्रम लोगों के दिल में हैं तो आइए जानते हैं डायबिटीज से जुड़े मिथक और उनकी सच्चाई।
चीनी से नहीं होती डायबिटीज, जानें इससे जुड़े मिथक और उनकी सच्चाई

 मिथक- डायबिटीज का मुख्य कारण चीनी है।

सच्चाई- अक्सर चीनी को ही डायबिटीज का प्रमुख कारण माना जाता है लेकिन ऐसा नहीं है। दो तरह की डायबिटीज होती है। टाइप1 डायबिटीज पैन्क्रियाज में इंसुलिन बनाने वाली कोशिकाओं के कारण होती है और टाइप2 डायबिटीज आनुवांशिक और लाइफस्टाइल पर निर्भर होती है। अगर आप भोजन में कैलोरी की ज्यादा मात्रा ले रहे हैं इससे मोटापा तो बढ़ता ही है साथ में डायबिटीज की समस्या भी हो जाती है।

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 मिथक- डायबिटीज के मरीज अक्सर बीमार रहते हैं।

सच्चाई- अगर आपको डायबिटीज है तो जरूरी नहीं कि आप बीमार रहें लेकिन हां बीमार पड़ने पर डायबिटीज नियंत्रित करना मुश्किल हो जाता है।

 मिथक- डायबिटीज एक आम बीमारी है।

सच्चाई- डायबिटीज एक घातक बीमारी है। डायबिटीज से दिल का दौर पड़ने का खतरा बढ़ जाता है और ये मौत का कारण तक बन सकती है। इसलिए डायबिटीज को हल्के में ना लें और डॉक्टर को जरूर दिखाएं।

 मिथक- जो लोग इंसुलिन प्रयोग करते हैं वे ड्राइव नहीं कर सकते।

सच्चाई- ज्यादातर इंसुलिन इस्तेमाल करने वाले लोग आराम और अच्छे से ड्राइव कर पाते हैं।

मिथक- डायबिटीज के मरीज मीठा नहीं खा सकते।
सच्चाई- डायबिटीज के मरीज सीमित मात्रा में मीठा खा सकते हैं। इसके लिए उन्हें डाइट में कार्बोहाइड्रेट की मात्रा को नियंत्रित करना होगा।

 मिथक- डायबिटीज के मरीजों को भोजन में कार्बोहाइड्रेट की मात्रा बिल्कुल भी नहीं लेनी चाहिए।

सच्चाई- कार्बोहाइड्रेट से शरीर को ऊर्जा मिलती है। जिन चीजों में कार्बोहाइड्रेट कम मात्रा में होता है, उनमें प्रोटीन और वसा की उच्च मात्रा पाई जाती है। इससे दिल और किडनी की बीमारियों का खतरा बढ़ता है। इसलिए आपको अपनी डाइट में कार्बोहाइड्रेट की संतुलित मात्रा लेनी चाहिए। साथ ही इसके इलाज के लिए नियमित रूप से व्यायाम करते रहना चाहिए।
 

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