जुलाई में बढ़ा जीएसटी कलेक्शन, 96,483 करोड़ रुपये जमा हुआ कुल टैक्स

जीएसटी के मोर्चे पर मोदी सरकार के लिए अच्छी खबर आई है. जुलाई महीने में जीएसटी कलेक्शन जून के मुकाबले बढ़ा है. बुधवार को जारी हुए आंकड़ों के मुताबिक जुलाई में 96,483 करोड़ रुपये का टैक्स जीएसटी के तहत आया है. पिछले महीने यह 95,610 करोड़ रुपये रहा था.जीएसटी के मोर्चे पर मोदी सरकार के लिए अच्छी खबर आई है. जुलाई महीने में जीएसटी कलेक्शन जून के मुकाबले बढ़ा है. बुधवार को जारी हुए आंकड़ों के मुताबिक जुलाई में 96,483 करोड़ रुपये का टैक्स जीएसटी के तहत आया है. पिछले महीने यह 95,610 करोड़ रुपये रहा था.  जुलाई महीने में 66 लाख कारोबारियों ने जीएसटीआर 3B भरा है. वहीं, जून की बात करें तो पिछले महीने यह आंकड़ा 64.69 के स्तर पर रहा था.  जीएसटी कलेक्शन में केंद्रीय जीएसटी की हिस्सेदारी 15,877 करोड़ है. वहीं, राज्य जीएसटी की बात करें तो यह कुल 22,293 करोड़ रुपये इस महीने रहा है. इंटीग्रेटेड जीएसटी 49,951 करोड़ रुपये रहा और सेस से सरकार को 8,362 करोड़ रुपये मिले. इसमें 794 करोड़ आयात से हासिल सेस शामिल है.  इस तरह जीएसटी रेवेन्यू टारगेट एक लाख करोड़ के करीब पहुंच रहा है. वित्त वर्ष 2018-19 के बजट में सरकार ने हर महीने जीएसटी कलेक्शन के 1.15 लाख करोड़ रुपये का लक्ष्य रखा था. हालांकि व‍िशेषज्ञों का कहना है कि इस लक्ष्य को हासिल कर पाना आसान नहीं है.  जुलाई के जीएसटी रेवेन्यू कलेक्शन में 21 जुलाई को जीएसटी रेट में की गई कटौती का आंकड़ा शामिल नहीं है. बता दें कि 21 जुलाई को जीएसटी परिषद ने 88 उत्पादों के जीएसटी रेट में कटौती की थी. इस दौरान 28 फीसदी में से कई उत्पादों को 18 फीसदी के स्लैब्स में ला दिया गया है

जुलाई महीने में 66 लाख कारोबारियों ने जीएसटीआर 3B भरा है. वहीं, जून की बात करें तो पिछले महीने यह आंकड़ा 64.69 के स्तर पर रहा था.

जीएसटी कलेक्शन में केंद्रीय जीएसटी की हिस्सेदारी 15,877 करोड़ है. वहीं, राज्य जीएसटी की बात करें तो यह कुल 22,293 करोड़ रुपये इस महीने रहा है. इंटीग्रेटेड जीएसटी 49,951 करोड़ रुपये रहा और सेस से सरकार को 8,362 करोड़ रुपये मिले. इसमें 794 करोड़ आयात से हासिल सेस शामिल है.

इस तरह जीएसटी रेवेन्यू टारगेट एक लाख करोड़ के करीब पहुंच रहा है. वित्त वर्ष 2018-19 के बजट में सरकार ने हर महीने जीएसटी कलेक्शन के 1.15 लाख करोड़ रुपये का लक्ष्य रखा था. हालांकि व‍िशेषज्ञों का कहना है कि इस लक्ष्य को हासिल कर पाना आसान नहीं है.

जुलाई के जीएसटी रेवेन्यू कलेक्शन में 21 जुलाई को जीएसटी रेट में की गई कटौती का आंकड़ा शामिल नहीं है. बता दें कि 21 जुलाई को जीएसटी परिषद ने 88 उत्पादों के जीएसटी रेट में कटौती की थी. इस दौरान 28 फीसदी में से कई उत्पादों को 18 फीसदी के स्लैब्स में ला दिया गया है

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