ट्राई प्रमुख के खाते में हैकर ने जमा किया एक रुपया, दिया चुनौती का जवाब

ट्राई प्रमुख आरएस शर्मा के खाते में एक हैकर ने एक रुपए जमा कर आधार सुरक्षा को लेकर छिड़ी बहस को तूल दे दिया है। हैकर ने आधार डाटाबेस की जानकारियों का गलत इस्तेमाल कर उन्हें नुकसान तो नहीं पहुंचाया है, लेकिन उनके एक बैंक खाते में एक रुपए ट्रांसफर कर साफ कर दिया है कि आधार नंबर के जरिये व्यक्ति की कई निजी जानकारियां हासिल की जा सकती हैं।ट्राई प्रमुख आरएस शर्मा के खाते में एक हैकर ने एक रुपए जमा कर आधार सुरक्षा को लेकर छिड़ी बहस को तूल दे दिया है। हैकर ने आधार डाटाबेस की जानकारियों का गलत इस्तेमाल कर उन्हें नुकसान तो नहीं पहुंचाया है, लेकिन उनके एक बैंक खाते में एक रुपए ट्रांसफर कर साफ कर दिया है कि आधार नंबर के जरिये व्यक्ति की कई निजी जानकारियां हासिल की जा सकती हैं।  हैकर ने बकायदा इसका स्क्रीन शॉट शेयर किया है, जिसमें ट्रांजैक्शन आईडी के साथ ही पैसे भेजने का दिन और समय यानी 28 जुलाई को शाम 7 बजकर 27 मिनट पर टांजेक्शन होना बताया है। एथिकल हैकर ने दावा किया है कि उसके पास ट्राई चीफ आरएस शर्मा की बैंक डिटेल्स हैं, जो उसे आधार नंबर के जरिये मिले हैं।  हैकर ने ट्विटर के जरिए यह बात कही है। यही नहीं यूजर्स ने शर्मा को आधार युक्त पेमेंट सर्विस ऐप्स जैसे भीम और पेटीम के जरिए शर्मा को 1 रुपए भेजे जाने के स्क्रीनशॉट पोस्ट किए हैं।  रविवार को इलियन एल्डरसन, पुष्पेंद्र सिंह, कनिष्क सजनानी, अनिवर अरविंद और करण सैनी नाम के एथिकल हैकर्स ने कहा कि अब तक ट्राई चीफ की 14 जानकारियां लीक हो चुकी हैं। इन जानकारियों में टेलिकॉम रेग्युलेटरी अथॉरिटी ऑफ इंडिया के चेयरमैन का मोबाइल नंबर, घर का पता, जन्मतिथि, पैन नंबर, वोटर आईडी नंबर, टेलिकॉम ऑपरेटर, फोन मॉडल और एयर इंडिया फ्रीक्वेंट फ्लायर आईडी शामिल हैं।  यही नहीं हैकर्स ने उनके 5 बैंक खातों और आईएफएससी कोड के होने का भी दावा किया। इनमें शर्मा का पीएनबी, एसबीआई, कोटक महिंद्रा, बैंक ऑफ इंडिया और आईसीआईसीआई बैंक का खाता शामिल है। अनिवर अरविंद और कई अन्य लोगों ने शर्मा के बैंक ऑफ इंडिया वाले अकाउंट में AEPS के जरिए 1 रुपये भेजने का भी दावा किया।  क्या है मामला  अपना आधार डाटा लीक करने की खुली चुनौती देकर भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (ट्राई) के अध्यक्ष आरएस शर्मा बुरे फंसे हैं। उन्होंने ट्विटर पर जैसे ही अपने 12 अंकों के आधार नंबर को जारी करते हुए चुनौती दी, उसके कुछ ही घंटों में उनके निजी आंकड़े माइक्रोब्लॉगिंग साइट पर सार्वजनिक हो गए।  शर्मा की चुनौती स्वीकार करते हुए इलियट एल्डरसन उपनाम वाले फ्रांस के एक सुरक्षा विशेषज्ञ ने आधार डाटा के पूरी तरह सुरक्षित होने के दावे की पोल खोल दी। शर्मा ने ट्वीट कर चुनौती दी थी, "मेरा आधार नंबर 7621 7768 **** है।  अब मैं चुनौती देता हूं कि कोई भी मेरे आंकड़े को लीक करके दिखाए, जिससे मुझे किसी भी किस्म नुकसान पहुंचाया जा सके।" इसके कुछ ही घंटे बाद एल्डरसन ने कई ट्वीट करते हुए शर्मा के निजी जीवन के आंकड़े आधार नंबर के जरिये उजागर कर दिए।  इन आंकड़ों में ट्राई प्रमुख का पता, जन्मतिथि, निजी फोन नंबर आदि शामिल थे। उसने बताया कि इस आधार से 995858**** मोबाइल फोन नंबर जुड़ा है। यह नंबर ट्राई प्रमुख के सचिव का है। फ्रांसीसी विशेषज्ञ ने इन आकड़ों को जारी करते हुए शर्मा को बताया कि आधार नंबर सार्वजनिक करने के क्या खतरे हो सकते हैं?  45 गरीब लड़कियों का स्कूली खर्च उठाता है यह क्लर्क  ट्राई प्रमुख शर्मा आधार परियोजना के सबसे बड़े समर्थकों में माने जाते हैं। उनका अभी भी कहना है कि यह विशिष्ट संख्या किसी की निजता का उल्लंघन नहीं करती है। सरकार को इस तरह का डाटाबेस बनाने का अधिकार है ताकि वह सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के तहत लोगों को सब्सिडी दे सके। आधार को लेकर निजता का मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच चुका है।  यूआईडीएआई ने दी यह सफाई   यूनिक आइडेंटिफिकेशन अथारिटी ऑफ इंडिया (यूआईडीएआई) ने जोर देकर कहा है कि ट्राई के प्रमुख आरएस शर्मा की ट्विटर पर डाली गई जानकारियां आधार डाटाबेस या उसके सर्वर से नहीं ली गई हैं। ट्विटर पर डाली गई उनकी निजी जानकारियां गूगल और वेबसाइटों पर आसानी से उपलब्ध हैं। इसके लिए 12 डिजिट के यूनिक आइडेंटटी नंबर की आवश्यकता नहीं है।

हैकर ने बकायदा इसका स्क्रीन शॉट शेयर किया है, जिसमें ट्रांजैक्शन आईडी के साथ ही पैसे भेजने का दिन और समय यानी 28 जुलाई को शाम 7 बजकर 27 मिनट पर टांजेक्शन होना बताया है। एथिकल हैकर ने दावा किया है कि उसके पास ट्राई चीफ आरएस शर्मा की बैंक डिटेल्स हैं, जो उसे आधार नंबर के जरिये मिले हैं।

हैकर ने ट्विटर के जरिए यह बात कही है। यही नहीं यूजर्स ने शर्मा को आधार युक्त पेमेंट सर्विस ऐप्स जैसे भीम और पेटीम के जरिए शर्मा को 1 रुपए भेजे जाने के स्क्रीनशॉट पोस्ट किए हैं।

रविवार को इलियन एल्डरसन, पुष्पेंद्र सिंह, कनिष्क सजनानी, अनिवर अरविंद और करण सैनी नाम के एथिकल हैकर्स ने कहा कि अब तक ट्राई चीफ की 14 जानकारियां लीक हो चुकी हैं। इन जानकारियों में टेलिकॉम रेग्युलेटरी अथॉरिटी ऑफ इंडिया के चेयरमैन का मोबाइल नंबर, घर का पता, जन्मतिथि, पैन नंबर, वोटर आईडी नंबर, टेलिकॉम ऑपरेटर, फोन मॉडल और एयर इंडिया फ्रीक्वेंट फ्लायर आईडी शामिल हैं।

यही नहीं हैकर्स ने उनके 5 बैंक खातों और आईएफएससी कोड के होने का भी दावा किया। इनमें शर्मा का पीएनबी, एसबीआई, कोटक महिंद्रा, बैंक ऑफ इंडिया और आईसीआईसीआई बैंक का खाता शामिल है। अनिवर अरविंद और कई अन्य लोगों ने शर्मा के बैंक ऑफ इंडिया वाले अकाउंट में AEPS के जरिए 1 रुपये भेजने का भी दावा किया।

क्या है मामला

अपना आधार डाटा लीक करने की खुली चुनौती देकर भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (ट्राई) के अध्यक्ष आरएस शर्मा बुरे फंसे हैं। उन्होंने ट्विटर पर जैसे ही अपने 12 अंकों के आधार नंबर को जारी करते हुए चुनौती दी, उसके कुछ ही घंटों में उनके निजी आंकड़े माइक्रोब्लॉगिंग साइट पर सार्वजनिक हो गए।

शर्मा की चुनौती स्वीकार करते हुए इलियट एल्डरसन उपनाम वाले फ्रांस के एक सुरक्षा विशेषज्ञ ने आधार डाटा के पूरी तरह सुरक्षित होने के दावे की पोल खोल दी। शर्मा ने ट्वीट कर चुनौती दी थी, “मेरा आधार नंबर 7621 7768 **** है।

अब मैं चुनौती देता हूं कि कोई भी मेरे आंकड़े को लीक करके दिखाए, जिससे मुझे किसी भी किस्म नुकसान पहुंचाया जा सके।” इसके कुछ ही घंटे बाद एल्डरसन ने कई ट्वीट करते हुए शर्मा के निजी जीवन के आंकड़े आधार नंबर के जरिये उजागर कर दिए।

इन आंकड़ों में ट्राई प्रमुख का पता, जन्मतिथि, निजी फोन नंबर आदि शामिल थे। उसने बताया कि इस आधार से 995858**** मोबाइल फोन नंबर जुड़ा है। यह नंबर ट्राई प्रमुख के सचिव का है। फ्रांसीसी विशेषज्ञ ने इन आकड़ों को जारी करते हुए शर्मा को बताया कि आधार नंबर सार्वजनिक करने के क्या खतरे हो सकते हैं?

ट्राई प्रमुख शर्मा आधार परियोजना के सबसे बड़े समर्थकों में माने जाते हैं। उनका अभी भी कहना है कि यह विशिष्ट संख्या किसी की निजता का उल्लंघन नहीं करती है। सरकार को इस तरह का डाटाबेस बनाने का अधिकार है ताकि वह सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के तहत लोगों को सब्सिडी दे सके। आधार को लेकर निजता का मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच चुका है।

यूआईडीएआई ने दी यह सफाई

यूनिक आइडेंटिफिकेशन अथारिटी ऑफ इंडिया (यूआईडीएआई) ने जोर देकर कहा है कि ट्राई के प्रमुख आरएस शर्मा की ट्विटर पर डाली गई जानकारियां आधार डाटाबेस या उसके सर्वर से नहीं ली गई हैं। ट्विटर पर डाली गई उनकी निजी जानकारियां गूगल और वेबसाइटों पर आसानी से उपलब्ध हैं। इसके लिए 12 डिजिट के यूनिक आइडेंटटी नंबर की आवश्यकता नहीं है।

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