गृह सचिव: दिल्ली में बैठ हरियाणा पर टिप्पणी नासमझी का काम…

केन्द्रीय गृह सचिव राजीव महर्षि रिटायर हो रहे हैं. रिटायर होने से पहले उन्होंने ‘आज तक’ को एक्सक्लूसिव इंटरव्यू दिया है जिसमें उन्होंने साफ कहा कि दिल्ली से बैठकर हरियाणा पर टिप्पणी करना समझदारी नहीं है. मौजूदा परिस्थिति में हालात को नियंत्रण में रखने का सही काम किया है हरियाणा ने. इसके अलावा उन्होंने यह भी कहा कि कश्मीर में कानून-व्यवस्था बिगड़ने में पाकिस्तान का हाथ है.गृह सचिव: दिल्ली में बैठ हरियाणा पर टिप्पणी नासमझी का काम...HC मे मैरिटल रेप पर आखि‍री दौर की शुरू बहस, पुराने रुख पर कायम सरकार…..

महर्षि के मुताबिक पाकिस्तान सरहद पार से अलगाववादियों को फंडिंग कर रहा है. जिस वजह से हुर्रियत नेताओं ने कश्मीर को अपना व्यापार बना रखा है. एनआईए हुर्रियत टेप्स की जांच कर रही है. महर्षि का कहना है कि अधिकतर कश्मीरी लोग कश्मीर में अमन और शांति चाहते हैं.

कानून-व्यवस्था का प्रश्न है तो यह सिचुएशन बहुत ही डायनामिक होती है. दिल्ली में बैठकर आप टिप्पणी नहीं कर सकते की जमीन पर क्या होने जा रहा है. यह सही से हैंडल हुआ या नहीं हुआ. यह स्थानीय अधिकारियों के आला अधिकारी बता सकते हैं हम लोग यहां से नहीं बता सकते. हमारे लिए टिप्पणी करना संभव नहीं. उच्च न्यायालय के किसी भी टिप्पणी पर मैं कमेंट नहीं करना चाहूंगा. मैंने आपको पहले ही कह दिया कि यहां से पुलिस नेतृत्व पर टिप्पणी करना नासमझी होगी और मैं नासमझी का शिकार नहीं हो सकता. धारा 144 पर जो हुआ उस पर कह नहीं सकते क्योंकि दिल्ली से स्थिति को डिटेल में देखना संभव नहीं. नोटिफिकेशन को देखना पड़ेगा कि वाकई में क्या डायरेक्शंस दिए गए थे. कोई भी मुख्यमंत्री शासक नहीं चाहता कि प्रदेश में कानून-व्यवस्था बिगड़े.

महर्षि ने कहा कि कोई भी अधिकारी नहीं चाहता कि उसके जिले में कानून-व्यवस्था बिगड़े. ना कोई मुख्यमंत्री चाहेगा कि उनके जिले में कानून-व्यवस्था बिगड़े. कोई भी परिस्थिति पैदा हो तो उसको शीघ्र में काबू में लाना आवश्यक है. और मेरे ख्याल से हरियाणा में तत्परता से शीघ्र में बेकाबू भीड़ को काबू में लाया गया.

यह सिर्फ दिल्ली की मीडिया की उपज है. कश्मीर के लोग मुख्य धारा से अलग हैं, ऐसा नहीं है. कश्मीर के मुख्यमंत्री ने खुद कहा था कि 95% लोग कश्मीर में अमन और शांति चाहते हैं.

कश्मीर हमसे अलग नहीं

अगर कुछ पाकिस्तान से प्रेरित या फंडेड आतंकवादी हो या स्टोन पेल्टर हो तो सबके लिए यह कहना गलत मैं नहीं मानता. यह समझना गलत है कि कश्मीरी हम से भिन्न हैं या उनकी आकांक्षा हमसे अलग है, उनकी भी आकांक्षा वही है जो भारत के हर व्यक्ति की होती है कि अच्छी नौकरी मिले, अच्छी पढ़ाई हो, अपना जीवन अमन चैन से गुजरे.

कश्मीर में हालात बिगाड़ने में बाहरी दखल

अभी जो एक्सटरनल इंटरफेरेंस है वह ज्यादा है. कुछ लोग गुमराह हुए हैं उनको कंट्रोल करने कार्यवाही करने का प्रयास है. पाकिस्तान के नापाक इरादे हैं. वह कैसे विफल हो इस पर कार्रवाई करने की आवश्यकता है.

हुर्रियत नेताओं के स्टिंग ऑपरेशन पर निष्पक्ष होगी जांच 

ये किसे से छुपी नहीं कि पाकिस्तान सरहद पार से आतंकी फंडिंग करता आया है. इस संदर्भ में एनआईए ने कुछ गिरफ्तारियां भी की हैं और एजेंसी एक निष्पक्ष जांच करके सही निष्कर्ष पर पहुंचेगी और कानून के अनुसार कार्यवाही करेगी. राष्ट्रीय सुरक्षा एजेंसी एक स्वतंत्र एजेंसी है और वह अपनी पूरी तहकीकात करेगी. हम उसमें हस्तक्षेप नहीं करेंगे. इसलिए मैं कभी भी उसके बारे में जानकारी नहीं लेता.

अर्धसैनिक बलों की सामग्री खरीदने में होती है दिक्कत

अर्धसैनिक बलों का मॉडर्नाइजेशन पुलिस फोर्स का बहुत आवश्यक है. अगर आप सरहद पर जाकर देखें तो हमारे पास सब तकनीक है. हाल ही में काफी फर्क आया है. हमारी यह कोशिश रही है कि पुलिस का आधुनिकरण हो.

इंडो-चाइना बॉर्डर पर हम तैयार

अगर आप स्वयं ITBP को देखें चाइना के बॉर्डर पर देखें तो हम लोग किसी भी तरह से तकनीक में कम नहीं है. दुर्भाग्यवश हमारे प्रोसीजर जो हैं वह अभी थोड़े से दिक्कत में हैं इसलिए प्रोक्योरमेंट में खरीद फरोख्त में थोड़ी सी दिक्कत आती है यह प्रक्रिया जारी रहती है कि हमारी कोशिश के सारी व्यवस्था उपलब्ध हो. ITBP मैंडरिन सिखाने का कोई निर्णय नहीं लिया गया है. प्रेस रिपोर्ट गलत है सभी जवानों को मैंडरिन सिखाई जाए ऐसा हमारा कोई निर्णय नहीं है.

आर्मी से तुलना सही नहीं

अर्धसैनिक बलों की आर्मी से तुलना करना सही नहीं. हमारा कार्य विभिन्न है. हमारा कार्य डिफेंसिव है. हम युद्ध नहीं लड़ते हैं. युद्ध में हम सेकंड लाइन पर होते हैं तो आर्मी से हम अपनी तुलना नहीं कर सकते. हम डिफेंसिव पोस्टर में रहते हैं.

बंगाल में तनाव

दुर्गा पूजा में विसर्जन को लेकर बंगाल सरकार का जो भी निर्णय है यह राज्य के परिपेक्ष में आता है इसमें हम दखल नहीं दे सकते. कानून-व्यवस्था राज्य का काम है और हमें उम्मीद है कि वह राज्य में कानून-व्यवस्था बनाए रखेंगे. हमारी उम्मीद है कि सभी राज्य सरकारें अपने अपने राज्य में कानून-व्यवस्था बनाए रखने की पूरी कोशिश करेंगे.

म्मू-कश्मीर के गवर्नर बनाए जाने की अटकलों पर बोले कि मैं जयपुर जा रहा हूं. रिटायरमेंट प्लान के बारे में जब पूछा गया तो राजीव महर्षि ने कहा कि वह यहां से जयपुर जा रहे हैं.

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