पुतिन ने मॉस्को के खिलाफ अमेरिकी प्रतिबंधों को बताया- ‘प्रतिकूल प्रभाव वाला और निरर्थक’

रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने मॉस्को के खिलाफ अमेरिकी प्रतिबंधों को ‘प्रतिकूल प्रभाव वाला और निरर्थक’ करार दिया. इससे पहले वाशिंगटन ने मॉस्को को चेतावनी देते हुए कहा था कि वह और आर्थिक प्रतिबंधों के लिए तैयार रहे. पुतिन ने फिनलैंड के अपने समकक्ष साउली नीनिस्तो के साथ संवाददाता सम्मेलनमें कहा, “ये प्रतिबंध प्रतिकूल प्रभाव वाले और निरर्थक कार्रवाई है, खासकर रूस जैसे देश के लिए।” पुतिन ने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि आखिरकार वाशिंगटन को अहसास होगा कि ‘इस नीति का कोई भविष्य नहीं है.’ पुतिन ने मॉस्को के खिलाफ अमेरिकी प्रतिबंधों को बताया- 'प्रतिकूल प्रभाव वाला और निरर्थक'

रूस ने प्रतिबंध बढ़ाने पर अमेरिका को दी चेतावनी, कहा- मॉस्को इसका जवाब देगा
रूस के प्रधानमंत्री ने अमेरिका को प्रतिबंध बढ़ाने पर कड़ी चेतावनी जारी करते हुए कहा कि मॉस्को आर्थिक, राजनीतिक और ‘‘अन्य’’ अज्ञात माध्यमों से इसका जवाब देगा. दमित्री मेदवेदेव का कड़ा संदेश अमेरिका के नये प्रतिबंधों का संकेत दिए जाने के बाद जारी हुआ जिसे क्रेमलिन रेड लाइन के तौर पर देखता है. अमेरिकी प्रतिबंधों के कारण रूस की मुद्रा रूबल दो वर्षों में सबसे निचले स्तर पर चली गई है. अमेरिकी विदेश विभाग ने कल कहा कि वॉशिंगटन ने इस हफ्ते कहा था कि मॉस्को ने नोविचोक नर्व एजेंट जहर का इस्तेमाल रूस के पूर्व जासूस सर्गेई स्क्रीपल और उनकी बेटी पर ब्रिटेन के सैलिसबरी शहर में किया था और इस महीने के अंत तक प्रतिबंध लगाए जाएंगे.

जहर देने के मामले में संलिप्तता से रूस ने पूरी तरह इंकार किया है. विदेश विभाग के मुताबिक प्रतिबंधों में रूस को कई सामान खरीदने के लिए निर्यात लाइसेंस नहीं दिया जाएगा. कुछ खबरों में संकेत दिया गया कि संभावित प्रतिबंधों में रूस के सरकार नियंत्रित बैंकों को निशाना बनाया जा सकता है और डॉलर में उनके लेन-देन पर रोक लगाई जा सकती है जिससे रूस की अर्थव्यवस्था को गहरा झटका लग सकता है

मेदवेदेव ने अमेरिका को चेतावनी दी कि इस तरह की पहल से वह खतरे की सीमा रेखा को पार कर जाएगा. उन्होंने कहा, ‘‘अगर बैंक के कामकाज या मुद्रा के प्रयोग जैसे प्रतिबंध लगाए जाते हैं तो इसे आर्थिक युद्ध की घोषणा माना जाएगा. और इसका आर्थिक तरीके से, राजनीतिक तरीके से और जरूरत पड़ी तो दूसरे माध्यमों से जवाब दिया जाएगा. हमारे अमेरिकी दोस्तों को इसे समझना चाहिए.

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