फ्लैगशिप योजनाओं का कितना असर, फीडबैक जुटा रहे सीएम

मध्यप्रदेश में किसान, मजदूर और महिलाओं के लिए लागू फ्लैगशिप योजनाओं का मैदानी असर कितना हो रहा है, इसका फीडबैक मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान जुटा रहे हैं। इसके लिए उन्होंने अपने भरोसेमंद अफसरों को जमीनी हकीकत पता करने का जिम्मा सौंपा है। इसमें मुख्यमंत्री फेलो, जन अभियान परिषद, शिवराज के सिपाही और सोशल मीडिया नेटवर्क का इस्तेमाल किया जा रहा है। बताया जा रहा है कि फीडबैक के आधार पर अगले माह मुख्यमंत्री वरिष्ठ अधिकारियों के साथ एक बार फिर बैठक करेंगे।

सूत्रों के मुताबिक प्रोत्साहन राशि, कृषण ऋण समृद्धि, मुख्यमंत्री जन कल्याण योजना, प्रसूति सहायता, बकाया बिजली बिल माफी और सरल बिजली बिल योजना भले ही चुनावी न हो पर इनका निश्चित असर चुनाव के नतीजों पर पड़ेगा। यही वजह है कि मुख्यमंत्री खुद इन सभी योजनाओं की निगरानी स्वयं कर रहे हैं। भोपाल में रहने के दौरान इनकी नियमित समीक्षा हो रही है और मैदानी अफसरों से भी सीधा संवाद कर क्रियान्वयन पर जोर दिया जा रहा है।

अब इन योजनाओं के असर को जानने के लिए गैर सरकारी लोगों से फीडबैक जुटाया जा रहा है, ताकि वास्तविकता सामने आ सके। दरअसल, सरकार तक संगठन की ओर से यह संदेश पहुंच रहा है कि कुछ लोग अभी भी ऐसे हैं, जिन्हें जटिल प्रक्रिया के चक्कर में लाभ नहीं मिल पा रहा है। मुख्यमंत्री कार्यालय के एक अधिकारी के मुताबिक सीएम ने साफ कर दिया है कि इन योजना को लेकर किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। योजना लोगों के लिए हैं और उन्हें इसका फायदा मिलना ही चाहिए। अफसर व्यावहारिक और सकारात्मक नजरिया रखें।

लगातार फीडबैक जुटा रहे हैं सीएम फेला

मध्यप्रदेश में करीब 30 हजार सीएम फेलो हैं। ये सभी मैदानी स्तर से फीडबैक जुटाकर सीधे मुख्यमंत्री कार्यालय को रिपोर्ट करते हैं। कई योजनाओं में इन्होंने काम करके सरकार को अपनी रिपोर्ट दी है, जिसके आधार पर बदलाव भी किए गए हैं। वहीं, जन अभियान परिषद का भी प्रदेशव्यापी नेटवर्क है। इनके जरिए सरकार की बात बहुत तेजी से नीचे तक पहुंचती और फीडबैक भी मिलता है। सोशल मीडिया टीम का नेटवर्क भी पूरे प्रदेश में फैल चुका है। वहीं लगभग 10 हजार शिवराज के सिपाही भी इस मुहिम में जुटे हैं।

शिवराज के ब्रांड एंबेसडर बने संबल के हितग्राही

जस तरह से मजदूरों के लिए मुख्यमंत्री ने जनकल्याण योजना ‘संबल’ शुरू की गई है, उसके प्रारंभिक नतीजों से मंत्री और अफसर गदगद हैं। बीती कैबिनेट बैठक में ज्यादातर मंत्रियों ने फीडबैक दिया कि उनके क्षेत्र में बकाया बिजली बिल माफी योजना का जबरदस्त असर है। सूत्रों का कहना है कि तीन माह पहले तक सरकार के प्रति जो एंटी इनकमबेंसी नजर भी आ रही थी, वो अब ठंडी पड़ चुकी है। जिनके बकाया बिजली बिल माफ हुए हैं वे शिवराज सिंह चौहान के ब्रांड एंबेसडर बनकर प्रचार कर रहे हैं। अब तक की सभी योजनाओं पर यह भारी पड़ रही है और टॉकिंग पाइंट भी बन गई है।

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