बगीचा है या घर फर्क करना होगा मुश्किल, प्रदूषण से दूर गर्मियों में कराता है ठंडक का एहसास

  • आगरा के चंद्रशेखर को बागवानी का शौक है. उन्होंने घर पर ही बगीचे को इस तरह तैयार किया कि भीषण गर्मी में भी ये कूल कूल रहता है.
आगरा. घर में बगीचा या बगीचे में घर. देश में प्रदूषण बहुत बड़ी समस्या बन चुकी है. आगरा में भी प्रदूषण खतरनाक स्तर तक पहुंच गया है. ऐसे में आगरा के शाहगंज निवासी चंद्रशेखर शर्मा के इस मॉडल को हुक्मरान थोड़ा प्रोत्साहित कर दें तो हर तरह के प्रदूषण से काफी निजात मिल सकती है. चंद्रशेखर शर्मा के मुताबिक उनके घर का तापमान औसत तापमान से करीब 5 डिग्री सेल्सियस कम रहता है.

घर में रहती है ठंडक-

45-46 डिग्री सेल्सियस तापमान के बीच जब आसमान से अंगारे बरस रहे होते हैं और तपती गर्मी से बचने के सारे उपाय फेल नज़र आते हैं तब आगरा के शाहगंज के भोगीपुरा कॉलोनी के रहने वाले चंद्रशेखर जो रिटायर्ड बैंक ऑफिसर हैं अपने घर में ठंडा-ठंडा कूल-कूल महसूस कर रहे होते हैं. चंद्रशेखर ने अपने घर को ग्रीन हाउस में तब्दील कर लिया है और घर का नाम भी यही है. इस घर में बगीचा नहीं है बल्कि बगीचे में घर ज्यादा नजर आता है.

बनाया आदर्श घर-

चंद्रशेखर ने अपने घर में वर्टिकल गार्डन का ऐसा कांसेप्ट तैयार किया है जो भी इस घर को देखता है तो उसे ड्रीम हाउस ही कहता है. एक तरफ बढ़ते प्रदूषण वहीं दूसरी तरफ बढ़ते तापमान के बीच यह घर एक आदर्श घर की संज्ञा में ज्यादा नजर आता है. घर की शुरुआत से लेकर अंदर की दीवारें तक एक बगीचे से ज्यादा काफी खूबसूरत नजर आती हैं. यहां तक की छत भी एक शानदार गार्डन का रूप ले रखी हुई है इसको लेकर चन्द्रशेखर कहते हैं कि वह पिछले 40 सालों से बागवानी का शौक रखे हुए हैं. जब वह बैंक ऑफिसर थे तब भी समय निकाल कर अपने घर में इसी तरह पेड़ पौधों की सेवा करते रहते थे और अब रिटायर होने के बाद पूरा समय अपने घर को सजाने संवारने में बिताते हैं. पूरा घर हरियाली से भरा हुआ है इसलिए उन्होंने अपने घर का नाम भी ग्रीन हाउस ही दिया है.

इस तरह बना कॉन्सेपट-

चंद्र शेखर के मुताबिक वर्टिकल गार्डन बनाना ज्यादा मुश्किल काम नहीं है घर की दीवारों पर बेल पौधे लगाकर आप एक तरफ आबोहवा को शुद्ध रख सकते हैं, वहीं, दूसरी तरफ घर के तापमान में भी गिरावट लाई जा सकती है. ग्रीनहाउस उनका घर है जो गर्मी में ठंडक का अहसास कराता है. उनके घर में बोगनवेलिया, चंपा, चमेली, कनेर से लेकर विदेशों की कई प्रजातियों के पौधे लगे हुए हैं. यहां तक की कई तरह के फूल उनके घर में नजर आते हैं, तो वहीं कई तरह के फलों के पेड़ भी लगे हुए हैं. उन्होंने घर में पत्थर का फर्श लगाने की वजह घास लगाई है. केवल 3 फुट जगह में ही पत्थर लगाए हैं ताकि बारिश हो छत का पानी रिचार्ज हो सके घर पर रूफटॉप गार्डन और गमलों को इस तरह से सजाया है खूबसूरत बगीचे से कम नजर नहीं आता है.

घंटों काम करते हैं चंद्रशेखर-

घर को ग्रीन हाउस बनाने के लिए हर दिन चंद्र शेखर जी के कई घंटे खर्च होते हैं. उन्होंने घर की ऐसी दीवारों पर भी हैंगिंग गार्डन बनाए हैं, जहां बिल्कुल भी धूप नहीं आती लेकिन उनको पता है कौन से पौधे बिना धूप के भी सरवाइव करते हैं. चंद्रशेखर आगे कहते हैं कि जिस तरह से प्रदूषण से लगातार बीमारियां पनप रही हैं और लोग बाजार से आकर घरों में घुसकर बीमारियां लेकर घर आ रहे हैं अगर मेरे जैसे कांसेप्ट को घरों में गलियों में और सड़कों पर अपनाया जाए तो प्रदूषण की समस्या से काफी हद तक निजात मिल सकती है और मैं इसके लिए सरकार प्रशासन और आगरा की आम जनता की मदद करने के लिए हर समय तैयार हूं. कुल मिलाकर चंद्रशेखर शर्मा का पर्यावरण के प्रति और बागवानी के प्रति जो प्रेम नजर आता है उनका समाज में एक अलग ही स्थान दिखाता है.
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