बैसाखी के मेलों में मिलता है जीवन के गीतों का आनन्द

नई दिल्ली : आज पूरे देश में बैसाखी का पर्व मनाया जा रहा है। पंजाब ही नहीं समूचे देश में वैशाख मास के कृष्ण पक्ष की पूर्णिमा को उत्सवी वातावरण होता है। देशभर में लोग सूर्य की स्थिति में परिवर्तन के इस पर्व को मनाते हैं। दरअसल इस पर्व के अवसर पर सूर्य मेष राशि में होते हैं और इस दिन से वातावरण में गर्मी अधिक होती है। वैसे यह मूल रूप से भारत के पंजाब प्रांत का पर्व है जो कि फसल कटने के बाद मनाया जाता है।

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उनकी रबी की फसल पक जाती है और इसी प्रसन्नता में वे वैशाखी का पर्व मनाते हैं। इस दिन लोग गिद्द्धा करते हैं तो दूसरी ओर किसान प्रसन्न हो उठते हैं। हर कहीं ढोल, नगाड़ों से वातावरण गूंज उठता है। हमारा देश कृषि प्रधान देश है और बैसाखी के पर्व पर किसान सबसे अधिक प्रसन्न होते हैं।

वैशाखी के पर्व के मौके पर बंगाल में पैला नामक उत्सव मनाया जाता है। इसे दक्षिण भारत में बिशु पर्व कहा जाता है तो दूसरी ओर केरल, तमिलनाडु, असम में बिहू के नाम से जाना जाता है। इस दिन विशेष व्यंजन बनाए जाते हैं। श्रद्धालु पवित्र तीर्थों, नदियों में स्नान कर गुरूद्वारों में मत्था टेकते हैं।

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