महिलाओं के लिए नरक है पाकिस्तान, महिला विरोधी सोच का ‘LIVE प्रसारण’!

पाकिस्तान का एक मशहूर टीवी एंकर महिलाओं पर अत्याचार के खिलाफ आवाज़ को दबाने के लिए मोहम्मद अली जिन्ना को मोहरा बना लिया. एक लाइव टीवी शो के दौरान एक लड़की पाकिस्तान में महिलाओं की हालत बयां कर रही है और लोगों से पूछ रही है कि पाकिस्तान में औरतों को बराबरी का हक कब मिलेगा?

महिलाओं के लिए नरक है पाकिस्तान, महिला विरोधी सोच का 'LIVE प्रसारण'!लड़की पाकिस्तानी समाज को आइना दिखा रही है जिसमें पैसों के लिए लड़कियों की शादी बूढ़ों से करवा दी जाती है. पसंद की शादी करने पर तेजाब फेंक दिया जाता है. पाकिस्तानी लड़की की बातों में महिलाओँ की असली तस्वीर दिखती है. लेकिन जब लड़की मोहम्मद अली जिन्ना को याद करते हुए कहती है कि वो आकर देखें कि पाकिस्तान में महिलाओं की हालत कितनी खराब हो गई है तो अचानक शो को होस्ट कर रहे पाकिस्तान के मशहूर टीवी एंकर और एक्टर साहिर लोधी की देशभक्ति उफान मारने लगती है और फिर वो पूरी बहस को दूसरा ही रूप दे देते हैं.

एंकर साहिर लोधी ये पूरा ड्रामा पाकिस्तान के एक न्यूज़ चैनल पर लाइव प्रसारित हुआ था, जिसके बाद से एंकर साहिर लोधी की समझदारी पर सवाल उठने शुरू हो गये हैं.

दरअसल कार्यक्रम में लड़की ने कहा- ‘मैं उस मुल्क में रहती हूं जहां औरतों की आवाज़ दबा दी जाती है. इस मुल्क में औरतों को इंसाफ नहीं मिलता. हमें कभी ज़िंदा दफ़्न कर दिया गया तो कभी क़ुरान से शादी करा दी गई. कभी दो चार क़िताबें पढ़ने पर ज़ुल्मों सितम सहना पड़ा.’

पाकिस्तान की एक बेटी लाइव कार्यक्रम के दौरान पाकिस्तान की मर्द जात को आइना दिखा रही है. पाकिस्तान में महिलाओं की दुर्दशा को बयान कर रही है. लड़की की स्पीच- ‘लोग कहते हैं कि बराबरी का ज़माना है. अरे, कैसी बराबरी! कहां की बरारबरी? मैं आज नौकरी करना चाहूं तो दरिंदगी की भेंट चढ़ना पड़ता है. मैं इस क़ौम की हर वो बेटी हूं जो चंद पैसे कमाने के लिए घर से निकलती हूं तो उसकी इज्ज़तों हुर्मतों का सौदा होता है. यहां पसंद की शादी करने पर तेजाब फेंक दिया जाता है. यहां चंद पैसों के लिए 80 साल के बूढ़े से शादी करनी पड़ती है.’

लड़की पाकिस्तान में महिलाओं पर होने वाले जुल्मों सितम के खिलाफ आवाज़ बुलंद कर रही है. लाइव शो के सेट पर औरतों को पैर की जूती समझने वालों की बोलती बंद कर रही है. लेकिन तभी कुछ ऐसा होता है जिससे हर कोई हैरान रह जाता है.

आगे लड़की की स्पीच, ‘ऐसे में दिल से एक ही शख़्स को पुकारने का मन करता है कि चोर-लुटेरे क़ातिल सारे शहर के चौकीदार हुए हैं, हिर्सो हवस के मतवाले भी धरती के हक़दार हुए हैं, कोई नहीं ये देखने वाला, कोई नहीं ये पूछने वाला कि किन हाथों सौंप गए तुम दिल से प्यारा पाकिस्तान, क़ायदे आज़म आओ ज़रा तुम देखो अपना पाकिस्तान. इस मुल्क में कभी औरतों का कत्ल कर दिया जाता है तो कभी उसकी इज्ज़त से खेला जाता है.’

लड़की की बात पर तालियां बजने लगती हैं. अचानक माहौल नाटकीय हो जाता है. लड़की चुप हो जाती है, लाइव कार्यक्रम में खामोशी छा जाती है और फिर एंकर साहिर लोधी बोलना शुरू करते हैं. ‘आपकी मेरी जंग हो जाएगी. अब रुक जाइए. आपलोगों ने किस बात पर ताली बजाई? आप हमें बताइए कि किस बात पर ताली बजाई?’ लाइव शो में एंकर साहिर लोधी दर्शकों और लड़की दोनों को फटकार लगाते हैं और गुस्से से भरे लहजे में बोलना शुरू करते हैं.

साहिर बिना रुके बोलते रहे, ‘हम इस बात पर ताली बजा रहे हैं कि हमने उन्हें ललकारा है. अफसोस की बात है, आपमें से किसकी इतनी हिम्मत है कि जिसने आपको पाकिस्तान दिया और आप उनको ललकारें. उन्होंने आपको पाकिस्तान दिया और आज आप उन्हें ललकार रहे हैं.’ साहिर लोधी पाकिस्तान के मशहूर और अनुभवी टीवी एंकर हैं. शायद अपने अनुभव से उन्हें अंदाज़ा हो गया कि ये टीआरपी बटोरने का अच्छा मौका है, लिहाज़ा वो चूके नहीं.

‘पंक्ति नहीं बनाते तो हम नहीं बनाते, कायदे आजम को दोष देंगे हम? रिश्वत की पहल करते हैं, भाई-भाई का कत्ल करता है तो इसके लिए कायदे आजम को हम दोषी ठहराएंगे? अपने कुसूर का, गलत बयान, गलत अंदाज का इल्जाम उनपर लगाएंगे, हम इतने अहसानफरामोश हैं. सोच कर ताली बजाइए.’ मोहम्मद अली जिन्ना पर पूरे पाकिस्तान को ज्ञान देते एंकर गुस्से से लाल-पीले हुए जा रहे हैं. चेहरे पर गुस्से के आर्टिफिशियल हाव-भाव आ-जा रहे हैं.

लाइव कार्यक्रम के सेट पर गेस्ट चुपचाप बैठे हैं और एंकर साहिर लोधी अकेले दम पर टीआरपी को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाने के लिए बेताब नजर आ रहे हैं. साहिर लोधी की Unscripted स्पीच तालियों की गड़गड़ाहट के साथ खत्म होती है. लेकिन साहिर लोधी जो इतनी बातें कह गए, उनका सिर-पैर क्या था. ये शायद वो खुद नहीं जानते होंगे. लेकिन बेसिरपैर की बातें करते एंकर साहिर लोधी इतना भड़क गए कि लड़की भी सहम गई, उसने अपनी बात समझाने की कोशिश की.

एंकर साहिर लोधी अगर लड़की की बात पूरी तरह सुन लेते, उसे बीच में ना रोकते तो शायद अच्छा होता. बाद में मंच पर बैठे एक गेस्ट ने एंकर साहिर लोधी को उनकी गलती का अहसास करवाने की कोशिश की. यानी एंकर साहिर लोधी या तो लड़की की बात को समझ ही नहीं पाए. या शायद उन्हें अपनी टीआरपी बढ़ाने का मौका मिल गया, क्योंकि लड़की की बातों में मोहम्मद अली जिन्ना के लिए कोई चुनौती या ललकार जैसी कोई बात तो थी नहीं.

लड़की की स्पीच- ‘कोई नहीं ये देखने वाला, कोई नहीं ये पूछने वाला कि किन हाथों सौंप गए तुम दिल से प्यारा पाकिस्तान, क़ायदे आज़म आओ ज़रा तुम देखो अपना पाकिस्तान. इस मुल्क में कभी औरतों का कत्ल कर दिया जाता है तो कभी उसकी इज्ज़त से खेला जाता है.’ अब ना जाने एंकर को लड़की की स्पीच में कायदे आजम की बेइज्जती कैसे महसूस हो गई. लेकिन हद ये कि बाद में एंकर ने लड़की से माफी भी मांगी तो उसमें भी उनकी नासमझी झलक रही थी.

बाद में एंकर ने कहा- ‘आई एम सॉरी, मैंने गलती की. कई चीजें पेश करेंगे जो सही नहीं होगी. कायदे आजम को ब्लेम मत करना. मैं काबू नहीं रख सकता.’ इस पूरे लाइव एपिसोड में एक बात तो साफ है कि एंकर साहिर ने खुद को ज्यादा देशभक्त दिखाने की कोशिश की है. लेकिन उनकी बेवकूफी ही सामने आ गई, क्योंकि पाकिस्तान में महिलाओं की दुर्दशा की बात करते हुए लड़की ने कायदे आजम का अपमान नहीं किया था, बल्कि पाकिस्तान में रोज अपमान सहती महिलाओं की आवाज़ उठाई थी.

लाइव टीवी शो के दौरान पाकिस्तान के मशहूर एंकर साहिर लोधी ने जिस तरह मोहम्मद अली जिन्ना के बहाने पाकिस्तानी महिलाओं की आवाज़ दबाने का नाटक किया, उसके बाद उनके शो की टीआरपी कितनी बढ़ी. ये तो पता नहीं. लेकिन इससे एक बात तो अच्छी हुई है कि पाकिस्तान में महिलाओं की दुर्दशा पर बहस शुरू हो गई है. ये अच्छी बात है क्योंकि पाकिस्तान के ज्यादातर इलाकों में आज भी महिलाएं पाषाण युग में रहने को मजबूर हैं. आंकड़े भी चीख-चीखकर इसकी गवाही देते हैं.

अंतर्राष्ट्रीय संस्था Thomson Reuters Foundation की रिपोर्ट के मुताबिक पाकिस्तान महिलाओँ के लिए दुनिया का तीसरा सबसे खतरनाक देश है. पाकिस्तान मानवाधिकार आयोग के मुताबिक पाकिस्तान में हर साल 1000 से ज्यादा लड़कियों और महिलाओं को इज्जत के नाम पर मार डाला जाता है. पाकिस्तान में हर साल साढ़े सात सौ महिलाओं पर एसिड अटैक फेंकने की घटनाएं होती हैं. पाकिस्तान में हर रोज 4 महिलाएं रेप और गैंगरेप का शिकार बनती हैं. पाकिस्तान में हर साल गैंगरेप, किडनेपिंग, एसिड अटैक जैसी घटनाओं की शिकार 800 महिलाएं या तो खुदकुशी कर लेती हैं या खुदकुशी की कोशिश करती हैं. और पाकिस्तान की 90 फीसदी महिलाएं घरेलू हिंसा की शिकार बनती हैं.
 
ये तो महज वो आंकड़े हैं जो सरकारी रिकॉर्ड में दर्ज होते हैं. हकीकत तो ये है कि पाकिस्तान में महिलाओं को कदम-कदम पर जुल्मो-सितम, अत्याचार और अपमान के घूंट पीने पड़ते हैं. ये वही पाकिस्तान है जहां कि धार्मिक संस्थाएं सरकार को सिफारिश देती हैं कि अगर महिलाएं अपने पति की बात ना मानें तो पति को उसे पीटने का संवैधानिक हक देने के लिए कानून बनना चाहिए. हद तो ये है कि साहिर लोधी जैसे पढ़े-लिखे मशहूर टीवी एंकर भी कट्टर मुल्ला-मौलवियों की तरह बर्ताव करने लगते हैं और बेसिरपैर की बातें करके महिलाओं को उनकी हद में रहने की हिदायत तक दे डालते हैं. पाकिस्तान के इन हालातों को देखकर तो कोई भी कहेगा. पाकिस्तान के कायदे आजम आओ जरा तुम देखो अपना पाकिस्तान.

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