ये सवाल पूछे तो जाना होगा जेल

जब भी आप वोट देते हैं तो किसी को ये नहीं बताते कि उन्होंने किसको वोट दिया है. ये पूछना गैरकानूनी भी होता है, साथ ही ये ना तो पूछा जाता है ना ही किसी को बताया जाता है. इस पर एक कानून भी बना है कि अगर आप किसी ये पूछते हैं तो आपको इसके लिए जेल भी हो सकती है. जी हाँ, आज हम आपको इसी के बारे में कुछ बताने जा रहे हैं जिसके बारे में आप भी नहीं जानते होंगे.जब भी आप वोट देते हैं तो किसी को ये नहीं बताते कि उन्होंने किसको वोट दिया है. ये पूछना गैरकानूनी भी होता है, साथ ही ये ना तो पूछा जाता है ना ही किसी को बताया जाता है. इस पर एक कानून भी बना है कि अगर आप किसी ये पूछते हैं तो आपको इसके लिए जेल भी हो सकती है. जी हाँ, आज हम आपको इसी के बारे में कुछ बताने जा रहे हैं जिसके बारे में आप भी नहीं जानते होंगे.  दरअसल, क़ानूनी तौर पर ये गलत कि आप किसी से पूछें कि उसने किसको वोट दिया है. ये कानून पाकिस्तान में है, अगर अापने किसी से भी ये पूछा तो आपको जेल हो सकती है साथ ही एक लाख तक का जुर्माना भी हो सकता है. पाकिस्तानी अंग्रेजी दैनिक के अनुसार पाकिस्तान के चुनाव आयोग की तरफ से जारी अधिसूचना में ऐसे कई कार्य हैं जिन पर प्रतिबंध लगाया गया है. इतना ही नहीं अगर आप इसे नहीं मानते हैं तो ये अाचार संहिता का उल्लंघन माना जायेगा.      आपको बता दें प्रतिबंधित कामों में यह पूछना शामिल है कि उसने चुनाव में किसे वोट दिया? और मतपत्र की तस्वीर लेना भी अपराध माना जाएगा. इन्ही अपराधों के तहत आपको जेल के साथ जुर्माना भुगतना पड़ सकता है. कई बार ऐसा भी होता है कि लोग मतदाता को डरा कर भगा देते हैं, ये वोट बदली करने को कहते हैं या वोट न देने के लिए धमकाने का काम करते हैं. ऐसे लोगों को सज़ा के तौर पर ये सब भुगतना होगा. इन सभी काम के लिए अधिसूचना के अनुसार जिला चुनाव अधिकारी या सत्र न्यायाधीश इस तरह के अपराध करने वालों को 3 वर्ष तक की सजा या एक लाख रुपए का जुर्माना या फिर दोनों ही दे सकती है.

दरअसल, क़ानूनी तौर पर ये गलत कि आप किसी से पूछें कि उसने किसको वोट दिया है. ये कानून पाकिस्तान में है, अगर अापने किसी से भी ये पूछा तो आपको जेल हो सकती है साथ ही एक लाख तक का जुर्माना भी हो सकता है. पाकिस्तानी अंग्रेजी दैनिक के अनुसार पाकिस्तान के चुनाव आयोग की तरफ से जारी अधिसूचना में ऐसे कई कार्य हैं जिन पर प्रतिबंध लगाया गया है. इतना ही नहीं अगर आप इसे नहीं मानते हैं तो ये अाचार संहिता का उल्लंघन माना जायेगा. 

आपको बता दें प्रतिबंधित कामों में यह पूछना शामिल है कि उसने चुनाव में किसे वोट दिया? और मतपत्र की तस्वीर लेना भी अपराध माना जाएगा. इन्ही अपराधों के तहत आपको जेल के साथ जुर्माना भुगतना पड़ सकता है. कई बार ऐसा भी होता है कि लोग मतदाता को डरा कर भगा देते हैं, ये वोट बदली करने को कहते हैं या वोट न देने के लिए धमकाने का काम करते हैं. ऐसे लोगों को सज़ा के तौर पर ये सब भुगतना होगा. इन सभी काम के लिए अधिसूचना के अनुसार जिला चुनाव अधिकारी या सत्र न्यायाधीश इस तरह के अपराध करने वालों को 3 वर्ष तक की सजा या एक लाख रुपए का जुर्माना या फिर दोनों ही दे सकती है.

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