विश्व प्राथमिक चिकित्सा दिवस: आपातकाल में जीवन का आधार प्राथमिक उपचार

प्राथमिक उपचार की महत्ता सिर्फ इतने से समझी जा सकती है कि हर वर्ष दुनिया में तकरीबन 13.4 लाख लोग सड़क दुर्घटनाओं में समय पर प्राथमिक उपचार न मिल पाने की वजह से अपनी जिंदगी गवां देते हैं। ऐसे ही तमाम तरह के स्वास्थ्य से जुड़ी आपात स्थितियों में हम बड़ी संख्या में महज समय से प्राथमिक उपचार न मिल पाने से अनमोल मानव संसाधन खो रहे हैं। लोगों के बीच प्राथमिक उपचार का महत्व समझाने और जागरुकता लाने के लिए हर वर्ष सितंबर के दूसरे शनिवार को विश्व प्राथमिक चिकित्सा दिवस मनाया जाता है। इंटरनेशनल फेडरेशन ऑफ रेडक्रास क्रिसेंट सोसायटीज ने 2000 में इसकी शुरुआत की। इसकी थीम सड़क दुर्घटना में पहला कदम है।

ऑक्सीजन के अभाव में मौतें

दुनिया में होने वाली मौतों में सड़क दुर्घटना नौवां प्रमुख कारण है। हर वर्ष 13.4 लाख लोग दुनिया की सड़क दुर्घटनाओं में प्राथमिक उपचार के अभाव में मारे जाते हैं। इनमें ज्यादातर मौतें ऑक्सीजन न मिल पाने की वजह से होती हैं।

जागरूक नहीं हैं लोग

भी मेडिकल आपात स्थिति में लोग पीड़ित को सीधे अस्पताल लेकर भागते हैं। कई मामलों में तब तक बहुत देर हो जाती है। मौके पर ही प्राथमिक चिकित्सा से ऐसी जिंदगियां बचाई जा सकती है। भारत सहित तमाम देशों में इसको लेकर लोग जागरूक ही नहीं हैं।

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